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भारत का मुख्य नदियों की जानकारी | List of All Major Rivers in India in Hindi

भारत का मुख्य नदियों की जानकारी | List of All Major Rivers in India in Hindi (Origin, State, Tributaries

भारत देश को अगर नदियों का देश कहा जाए तो इसमें कुछ गलत नहीं होगा. भारत के लगभग हर राज्य में आपको नदियां या तो झील देखने को जरूर मिलेगी. लेकिन भारत के अधिकतर लोगों को केवल हमारे देश की मुख्य नदियों के बारे में ही जानकारी है. वहीं कई लोगों को हमारे देश की अन्य नदियों के नामों तक की भी जानकारी नहीं है. वहीं आज हम अपने लेख में आपको भारत की मुख्य नदियों के साथ-साथ हमारे देश की अन्य नदियों के बारे में भी जानकारी देने जा रहे हैं. जो कि आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होगी.

भारत की प्रमुख नदियां (important rivers of India)

सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र, गोदावरी, नर्मदा हमारे देश की प्रमुख नदियों के नाम हैं. जो की हमारे देश के साथ-साथ हमारे पड़ोसी देशों में भी बहती हैं. वहीं ये नदियां कहां से शुरू होती हैं और कितनी लंबी है इसके बारे में नीचे आपको जानकारी दी गई है जो कि इस प्रकार है.

संख्या नदियों के नाम नदियों के बारे में जानकारी
1 सिंधु नदी ये नदी जम्मू-कश्मीर राज्य से हमारे देश में प्रवेश करती है. 3,180 किलोमीटर लंबी ये नदी चीन, भारत सहित पाकिस्तान देश से होकर अरब सागर में विलय हो जाती है. वहीं मानसरोवर झील के निकट तिब्बत पठार से ये नदी उत्पन्न होती है, जबकीि झेलम, सतलुज, चिनाब, रावी और इत्यादि नदियां इस नदी की सहायक नदियां हैं.

 

2 गंगा नदी गंगा नदी को भारत में सभी नदियों में पावन एवं सम्मानीय स्थान प्राप्त है. इतना ही नहीं इस नदी की पूजा लोगों द्वारा हर दिन होती है. गंगोत्री के निकट गोमुख से उत्पन्न होने वाली इस नदी का हिंदू धर्म में काफी महत्व है. 2,525 किलोमीटर लंबी ये नदी भारत के कई राज्यों से होकर गुजरती है और बंगाल की खाड़ी में जाकर विलय हो जाती है. वहीं इस नदी की कई सहायक नदियां भी हैं. ये नदी भारत के उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार से लेकर उत्तर प्रदेश के वाराणसी, कानपुर, इलाहाबाद शहरों से गुजरते हुए बिहार राज्य में प्रवेश करती है. वहीं सबसे आखिर में ये नदी भारत के कोलकाता राज्य में प्रवेश करती है. जिसके बाद बांग्लादेश देश से प्रवेश कर इस नदी का सफर खत्म हो जाता है.

 

3 नर्मदा नदी ये नदी भारत की तीसरी सबसे अहम नदी है. ये नदी अमरकंटक पठार से उत्पन्न होती है, जो कि भारत के मध्य प्रदेश राज्य में है. वहीं इस नदी को इस राज्य की लाइफ लाइन भी कहा जाता है. क्योंकि इस नदी के पानी से ही यहां का निवासी लोगों की जरूरतें पूरी हो पाती हैं. 1,312 किलोमीटर लंबी ये नदी मध्य प्रदेश के अलावा गुजरात और महाराष्ट्र से भी गुजरती है और आखिर में जाकर अरब सागर में समा जाती है.

 

4 गोदावरी नदी 1,450 किलोमीटर लंबी ये नदी नासिक के पहाड़ियों से उत्पन्न होती है. वहीं महाराष्ट्र, कर्नाटक और आन्ध्र प्रदेश राज्य से होकर बंगाल की खाड़ी में विलय हो जाती है. इतना ही नहीं ये नदी गंगा के बाद हमारे देश की दूसरी सबसे लंबी नदी है.
5 ब्रह्मपुत्र नदी

 

2,900 किलोमीटर लंबी ये नदी मानसरोवर झील के निकट से उत्पन्न होती है, जबकी भारत के अरुणाचल प्रदेश राज्य से ये नदी हमारे देश में प्रवेश करती है. वहीं इस नदी को इस राज्य में ‘सियांग’ कहा जाता है. इस राज्य के बाद ये नदी असम राज्य में प्रवेश करती है. वहीं बाग्लादेश देश में प्रवेश करने के बाद ये नदी अन्य नदियों की तरह बंगाल की खाड़ी में समा जाती है. 

 

ऊपर हमने आपको भारत की पांच जानी-मानी नदियों के बारे में जानकारी दी है. वहीं नीचे भारत की अन्य नदियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है. जो कि इस प्रकार है-

संख्या नदी का नाम नदी से जुड़ी जानकारी
1 ब्यास नदी ब्यास नदी का स्रोत व्यास कुंड में है, जो कि रोहतांग पास के पास स्थित है. यहां से उत्पन्न होने के बाद ये नदी हिमाचल प्रदेश राज्य के कुल्लू और मनाली शहर से बहते हुए सतलुज नदी से आकर मिल जाती है. वहीं 470 किलोमीटर लंबी ये नदी, पंजाब राज्य में बहने वाली की पांच नदियों में से एक है.

 

2 सतलुज नदी 1,500 किलोमीटर लंबी ये नदी पंजाब में बहने वाली अन्य नदियों में से सबसे बड़ी है. इतना ही नहीं ये नदी सिंधु नदी की सहायक नदी में से एक है, जबकी ये नदी मानसरोवर के निकट राकसताल से उत्पन्न होती है. जिसके बाद ये हिमाचल प्रदेश से होकर पंजाब राज्य में प्रवेश करती है. वहीं पंजाब में ब्यास नदी से जुड़ने के बाद ये नदी चिनाब नदी में शामिल हो जाती है. जिसके बाद ये आखिर में पाकिस्तान में बहती है और अरब सागर में गिर जाती है.

 

3 यमुना नदी 1,376 किलोमीटर लंबी ये नदी गंगा नदी की दूसरी सबसे बड़ी सहायक नदी है. वहीं यमुनोत्री ग्लेशियर से उत्पन्न होने वाली ये नदी जमुना नाम से भी काफी प्रसिद्ध है. येनदी भारत के कई राज्यों से होकर गुजरती है. जो कि इस प्रकार हैं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और दिल्ली. वहीं चम्बल, बेतवा, केन, टोंस, गिरी, सिंध और इत्यादि इस नदी इसकी साथी नदियां हैं. वहीं ये नदी इलाहाबाद में गंगा के साथ विलय हो जाती है.

 

4 कोसी नदी 720 किलोमीटर लंबी ये नदी, गंगा नदी की सहायक नदी है, जो कि नेपाल से निकलते हुए भारत के बिहार राज्य में प्रवेश करती है. वहीं बिहार के राजमहल के निकट ये नदी गंगा में मिल जाती है. वहीं हर साल इस नदी में बाढ़ आने के वजह से बिहार राज्य को काफी नुकसान भी होता है. इसलिए इस नदी को ‘सॉरो ऑफ बिहार’ के नाम से भी जाना जाता है.

 

5 कावेरी नदी 800 किलोमीटर लंबी ये नदी पश्चिमी घाट के केरकारा के निकट ब्रह्मगिरी हिल से उत्पन्न होती है. ये दक्षिणी भारत की पवित्र नदी है, जो कि कर्नाटक और तमिलनाडु राज्य में बहती है. वहीं इस नदी के पानी को लेकर इन दोनों राज्यों में कई सालों से विवाद चल रहा है. इस नदी का सफर तमिलनाडु के कुड्डालोर में आकर समाप्त हो जाता है और ये बंगाल की खाड़ी में घिर जाती है. इस नदी पर सरकार द्वारा कई सिंचाई परियोजनाओं बनाई गई हैं.

 

6 भागीरथी नदी उत्तराखंड राज्य में बहने वाली इस नदी का सफर गोमुख ग्लेशियर से शुरू होता है. वहीं 205 किलोमीटर लंबा सफर तय करने के बाद ये नदी अलकनंदा नदी से मिल जाती हैं. हिमालय से निकलने वाली इस नदी को हिंदू धर्म में पवित्र स्थान प्राप्त है. वहीं इस नदी पर कई सारे बांध भी बनाए गए हैं.

 

7 तापती नदी इस नदी को ताप्ती कहते है लेकिन दूसरे नाम तापी से भी पुकारा जाता है और ये नदी पूर्व से निकल कर पश्चिम की ओर प्रस्थान करती है. ये नदी मध्य प्रदेश राज्य के बैतूल जिले से निकलती है. 724 किलोमीटर लंबी ये नदी मध्य प्रदेश से होकर गुजरात में प्रवेश करती हैं और अरब सागर में विलय हो जाती है.
8 अलकनन्दा नदी ये नदी गंगा की सहयोगी नदी है, जो कि 190 किलोमीटर तक बहने के बाद भागीरथी नदी से आकर मिल जाती है. ये नदी शतपथ और भगीरथ खड़क, ग्लेशियर से अपना सफर शुरू करती है. वहीं इस नदी पर सरकार द्वारा कई तरह के जलविद्युत बांध बनाए गए हैं.
9 दामोदर नदी ये नदी भारत के झारखंड राज्य से निकलती है और पश्चिम बंगाल राज्य में भी बहती है. झारखंड में चांदवा, लातेहार और छोटा नागपुर पठार को इस नदी की उत्पत्ति के स्थान के रूप में मान्यता दी गई है. 592 किलोमीटर लंबी इस नदी के कारण पश्चिम बंगाल राज्य में हर साल बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं, जिस कारण से इस नदी को सॉरो ऑफ बंगाल भी कहा जाता है.
10 लोहित नदी ये नदी अरुणाचल प्रदेश और असम राज्य की एक महत्वपूर्ण नदी है. पूर्वी तिब्बत के कांगरी गरपो पर्वतश्रेणी से प्रारंभ होने वाली ये नदी भारत के असम राज्य में आकार ब्रह्मपुत्र नदी से मिल जाती है. 200 किलोमीटर की सफर तय करने के बाद ये नदी ब्रह्मपुत्र में समा जाती है. वहीं इस नदी पर हाल ही में भारत सरकार द्वारा एक पुल का निर्माण भी किया गया है. जो भारत के अरुणाचल प्रदेश और असम राज्य को आसपास में जोड़ने का काम करता है.
11 बैतरनी नदी ये नदी ओडिशा राज्य की एक महत्वपूर्ण नदी है जो कि गुप्तगंगा पहाड़ी से प्रारंभ होती है और बंगाल की खाड़ी में समा जाती है. इस नदी की कुल लंबाई 360 किलोमीटर है.
12 बनास नदी ये नदी भारत के राजस्थान राज्य में बहती है. अरावली पर्वतमाला से ये नदी अपना सफर तय करती है. वहीं 512 किलोमीटर लंबी इस नदी को ‘वन की आशा’ के नाम से भी जाना जाता है.
13 माण्डवी या मांडवी नदी हमारे देश के कर्नाटक और गोवा राज्य से बहती हुई ये नदी अरब सागर में गिरकर विलीन हो जाती है. 77 किलोमीटर लंबी ये नदी कर्नाटक में पश्चिमी घाट से शुरू होती है. जिसके बाद ये नदी 29 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद गोवा में प्रवेश करती है.
14 वैगई नदी ये नदी दक्षिण भारत की एक प्रमुख नदी है, जो कि तमिलनाडु के मदुरै नगर से निकलती है. वहीं ये नदी 258 किलोमीटर लंबी है, जो कि पाल्क स्ट्रेट पर जाकर खत्म हो जाती है.
15 कबीनी नदी ये नदी भारत की एक प्रमुख नदी है, जो कि केरल राज्य के पश्चिमी घाट से प्रारंभ होती है. 240 किलोमीटर लंबी ये नदी कर्नाटक में कावेरी नदी में शामिल हो जाती है.
16 हेमावती नदी ये नदी कर्नाटक राज्य की एक नदी है, जो कि कावेरी नदी की एक सहायक नदी भी है. 245 किलोमीटर लंबी ये नदी कर्नाटक राज्य में पश्चिमी घाट से शुरू होती है. जिसके बाद कावेरी नदी के साथ जाकर मिल जाती है.
17 बराक नदी ये नदी मणिपुर राज्य की पहाड़ी से प्रारंभ होती है. इस राज्य से बहते हुए ये नदी मिजोरम और असम से प्रवेश करती है. वहीं 564 किलोमीटर लंबी ये नदी बांग्लादेश देश में प्रवेश कर समाप्त हो जाती है.
18 मूसी नदी यह नदी हमारे देश के तेलंगाना राज्य में ही फैली हुई है. वहीं हैदराबाद शहर इसी नदी के तट के पास ही स्थित है. ये नदी कृष्णा नदी की एक सहायक नदी भी है. 240 किलोमीटर लंबी ये नदी अनंतगिरि हिल्स से प्रारंभ होती है.
19 भीम नदी ये नदी कृष्णा नदी की प्रमुख सहायक नदी है. 861 किलोमीटर लंबी ये नदी महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना राज्यों में बहती है. वहीं ये नदी पश्चिमी घाट की भीमशंकर पर्वतश्रेणी से उद्गम होती है. जिसके बाद ये नदी कर्नाटक में कृष्णा नदी में शामिल हो जाती है.
20 रामगंगा नदी ये नदी उत्तराखंड राज्य के कुमाऊं जिले के पास दूनागिरी पर्वतमाला से प्रारंभ होती है. 596 किलोमीटर लंबी इस नदी पर हर साल कई पर्यटक आते हैं. वहीं इस नदी पर हर साल दशहरे का आयोजन भी किया जाता है.

 

21 शिप्रा नदी भारत की सबसे पवित्र नदियों में इस नदी का नाम भी शामिल है. इस पवित्र नदी पर हर साल कई संख्या में लोग आते हैं. 195 किलोमीटर लंबी ये नदी विंध्य रेंज से प्रारंभ होती है, जो कि मध्य प्रदेश में है. वही ये नदी चंबल नदी में आकर मिल जाती है.
22 पेन्नार नदी ये नदी भारत की मुख्य नदियों में से एक हैं. कर्नाटक में नन्ददुर्ग पहाड़ी से निकलने वाली ये नदी कुल 597 किलोमीटर का सफर तय करती है. जिसके बाद कर्नाटक राज्य से होते हुए ये नदी आंध्र प्रदेश के माध्यम से बंगाल की खाड़ी में गिर जाती है.
23 इंद्रावती नदी ये नदी उड़ीसा के कालाहन्डी जिले के पास है उद्गम होती है. 390 किलोमीटर लंबी ये नदी छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवेश करने के बाद भद्रकाली में गोदावरी नदी से मिल जाती है.
23 दमन गंगा नदी ये नदी महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले के निकट सह्याद्री पहाड़ी से अपना सफर प्रारंभ करती है. 131 किलोमीटर लंबी ये नदी कई राज्यों से गुजरात से होते हुए अरब सागर से मिल जाती है.
25 तुंगभद्रा नदी दक्षिण भारत में प्रवाहित होने वाली नदियों में से एक नदी ये भी है, ये नदी कर्नाटक राज्य में अपना सफर तय करते हुए आन्ध्र प्रदेश राज्य में प्रवेश करती है. यहां पर आकर इस नदी का कृष्णा नदी से संगम होता है. 531 किलोमीटर लंबी ये नदी तुंग और भद्रा नदियों के संगम से बनती है.
26 सुवर्णरेखा या स्वर्णरेखा नदी ये नदी भारत के झारखंड राज्य में बहती है, इस नदी का सफर रांची में छोटा नागपुर पठार से शुरू होता है. जिसके बाद ये नदी पश्चिम बंगाल और ओडिशा राज्य में बहकर निकलती है और उसके बाद बंगाल की खाड़ी में गिर जाती है.
27 सोन नदी 784 किलोमीटर लंबी ये नदी मध्य प्रदेश राज्य में अमरकंटक जगह के निकट से उगता होती है और ये नदी गंगा की प्रमुख सहायक नदियों में से एक है.
28 केन नदी 427 किलोमीटर ये नदी यमुना की एक उपनदी नदी है. ये नदी मध्यप्रदेश के जबलपुर से निकलती हुई आगे बढ़ती है. जिसके बाद उत्तरप्रदेश के फतेहपुर में इसका यमुना से संगम हो जाता है.
29 हुगली नदी पश्चिम बंगाल की लगभग 260 किलोमीटर लंबी ये नदी गंगा नदी का वितरण : इस नदी पर हुगली नाम का एक पुल भी बना हुआ है. इतना ही नहीं ये नदी इस राज्य के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण नदी है. इस नदी पर यहां के लोगों द्वारा मछली पकड़ी जाती है, जो कि उनकी आय के एक जरिया है.                                           
30 कृष्णा नदी ये नदी हमारे देश की सबसे लंबी नदियों में से एक है. 1,300 किलोमीटर लंबी ये नदी महाराष्ट्र राज्य के महाबलेश्वर के पास पश्चिमी घाट से बहना शुरू करती है. जबकी आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में पहुंचकर बंगला की खाड़ी में समा जाती है.
31 झेलम नदी झेलम नदी कश्मीर घाटी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में पीर पंजाल के पास स्थित वर्नाग स्प्रिंग से निकलती है. 725 किलोमीटर लंबी इस नदी का असली नाम वितस्‍ता है. वहीं कश्मीर में आने वाले सालाना इस नदी का लुफ्त उठाते हैं. वहीं इस नदी की लंबाई करीब 1,080 किलोमीटर है. 
32 तीस्ता नदी ये नदी सिक्किम राज्य में हिमालय के त्सो ल्हामो झील से अपना सफर शुरू करती है. 309 किलोमीटर लंबी ये नदी पश्चिम बंगाल राज्य से होते हुए बांग्लादेश देश में घुसती है. बांग्लादेश में दाखिल होने के बाद ये नदी ब्रह्मपुत्र नदी में मिल जाती है, जिसके बाद ये नदि बंगाल की खाड़ी में गिर जाती हैं.
33 गोमती नदी इस नदी का उद्गम उत्तर प्रदेश में पीलीभीत के करीब से होता है. वहीं ये नदी इस राज्य में बहती है और गंगा नदी की सहायक नदी बन जाती है. इस नदी की कुल लंबाई 900 किलोमीटर की है और ये नदी इस राज्य की मुख्य नदियों में से एक है.
34 माही नदी ये नदी पश्चिमी भारत की नदियों में से एक है, जो कि मध्य प्रदेश राज्य से शुरू होती है. जिसके बाद ये नदी राजस्थान और गुजरात में प्रवेश करती है और अरब सागर में बह जाती है. इस नदी की लंबाई 580 किलोमीटर की है.
35 चिनाब नदी ये नदी भारत से होकर पाकिस्तान देश में प्रवेश करती है. वहीं जम्मू-कश्मीर में विश्व का सबसे अधिक ऊंचाई वाला रेलवे ब्रिज निर्माण का कार्य आरम्भ है जो कि इस नदी पर बनना है और उम्मीद है कि अगले साल ये पुल का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा. वहीं इस नदी की लंबी 960 किलोमीटर है, ये नदी हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिले में ऊपरी हिमालय से शुरू होती है और बहते हुए जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करती है. वहीं ये नदी सिंधू नदी की एक सहायक नदी भी है.

 

36 घाघरा नदी ये नदी उत्तरी भारत में बहने वाली नदियों में से एक है. इसके अलावा ये नदी गंगा नदी की सहायक नदियों में से भी एक है. ये नदी दक्षिणी तिब्बत में हिमालय से बहती है. जहां पर इसको कर्णाली के नाम से पुकारा जाता है. जिसके बाद ये नेपाल से होकर भारत में उत्तर प्रदेश राज्य से प्रवेश करती है. बिहार में प्रवेश करने के बाद ये नदी छपरा में गंगा से सम्मलित हो जाती है.

 

37 रावी नदी 725 किलोमीटर लंबी ये नदी पंजाब में प्रवाहित होने वाली पांच नदियों में से एक है. इस नदी का उद्गम स्थल हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रे के निकट है. वहीं भारत के दो राज्य से होकर ये नदी पाकिस्तान में चली जाती है.
38 लूनी नदी ये नदी अरावली पर्वत के निकट आनासागर से उत्पन्न होती है. जिसके बाद राजस्थान से होते हुए थार रेगिस्तान से गुजरती है. 495 किलोमीटर लंबा सफर तहत करते हुए ये गुजरात के कच्छ के राण की दलदली भूमि में समाप्त होता है.
39 साबरमती नदी ये नदी राजस्थान के उदयपुर जिले के अरावली रेंज में निकलती है. वहीं 371 किलोमीटर की यात्रा के बाद अरब सागर के खाड़ी से मिल जाती है. ये नदी राजस्थान में 48 किलोमीटर की दूरी तय करती है, जबकीि गुजरात में 323 किलोमीटर का सफर तय करती है.

भारतीय नदियों की प्रणाली (type of rivers system in india) –

भारतीय नदियों की प्रणाली दो तरह की होती है, जिसमें से पहली प्रणाली हिमालय नदियों की होती है और दूसरी प्रायद्वीपीय नदियों की है. वहीं इन दोनों प्रकार की नदियों में क्या अतंर है इसके बारे में नीचे जानकारी दी गई है.

प्रायद्वीपीय नदियों की प्रणाली- (what is Peninsular River Systems in hindi)

गोदावरी, कृष्णा, कावेरी जैसी नदियों को प्रायद्वीपीय नदियों की श्रेणी में रखा जाता है. वहीं प्रायद्वीपीय नदियाँ उन नदियों को कहा जाता है, जो कि ग्लेशियरों में उत्पन्न नहीं होती है और बारिश के पानी से इन नदियों के पानी का स्तर बढ़ता है.

किन नदियों को कहा जाता है हिमालय की नदियां (The Himalayan Rivers system) –

जो नदियां हिमालय के ग्‍लेशियरों से उत्पन्न होती हैं उन्हें इस प्रणाली में रखा जाता है. ये नदियां बर्फ के पिछलने से बनती हैं. वहीं सिंधु नदी से लेकर गंगा नदी जैसी नदियां इस प्रणाली की श्रेणी में आती है.

निष्कर्ष-(conclusion)

हमारे लेख को पढ़कर आपको पता ही चला गया होगा की भारत देश में कितनी सारी नदियां मौजूद हैं. वहीं इन नदियों के पानी पर भारत के साथ-साथ पड़ोसी देशों की भी कई सारी जनता का जीवन निर्भर है. इन नदियों के पानी से लोगों की जरूरते पूरी होने के साथ-साथ, इनके पानी का इस्तेमाल बिजली बनाने के लिए भी किया जाता है. वहीं इनमें से तो कुछ नदियों को हिन्दू धर्म में पवित्र स्थान भी प्राप्त है और इन नदियों की पूजा लोगों द्वारा की जाता है.

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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