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हिंदी कविता आगई फिर से सचिन की याद

Aagai fir se Sachin Ki Yaad Hindi Kavita | आज सचिन की कमी मैच में महसूस हो रही थी | लेकिन टीम ने जीत दिलाकर कई हद तक दर्शको को दिलासा दिया | वैसे सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट छोड़े वक्त हो गया हैं लेकिन वर्ल्डकप के बाद यह पहला वर्ल्डकप हैं जब वो नहीं हैं | आज कल मैच इतने ज्यादा होते हैं की दर्शक केवल चुन्निदा कप ही देखता हैं उन में से एक हैं वर्ल्डकप | 

सचिन तेंदुलकर एक महान बल्लेबाज हैं जिन्हें कभी कोई भुला नहीं सकता | आने वाली पीढियां भी उन्हें जानेंगी इस तरह की ख्याति हैं वो | आना जाना तो स्वभाव हैं इसलिए स्वीकारना तो होगा ही | 
Sachin Tendulkar Kavita Poem In Hindi

हिंदी कविता  आगई फिर से सचिन की याद

आज जब रिमोट मैंने उठाया
वर्ल्डकप के लिए चैनल लगाया
अचानक ही मेरे ज़हन में आया 

आज वो धुरंधर पारी ना होगी 
उस जैसे रनों की बारिश ना होगी 
क्या धुआंधार होती थी वो पारियाँ
जब सचिन के हाथों में बल्ला होता था 
चौके छक्कों से वो बॉलर को धोता था 
जब सचिन पिच पर होता था 
कोई जादू की कल्पना होती थी
हारते-हारते कब जीत जाये 
ऐसी हौसलों भरी उम्मीद होती थी 
धुरंधर पारी को देखता था मौहल्ला साथ 
आज ना पाकर उसे फिर से भर आई सबकी आँख 

कर्णिका पाठक   😥 

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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One comment

  1. नमश्कार कर्णिका जी! मैं पिछले आधे घंटे से आपकी विभिन्न कविताएँ पढ़ रही हूँ और काफ़ी प्रभावित हुई हूँ| आपकी कविताओं में कुछ तो है जो दिल को छू जाता हैं| आप बस ऐसे ही लिखती रहे|

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