ताज़ा खबर

संजय दत्त का जीवन परिचय | Sanjay Dutt Biography (Jivani) in hindi

संजय दत्त का जीवन परिचय | Sanjay Dutt Biography (Jivani) in hindi

संजय दत्त ने भारतीय हिंदी सिनेमा बॉलीवुड में एक अभिनेता और निर्माता के रूप में अपनी पहचान बनाई है. उन्होंने 100 से भी अधिक फिल्मों में काम करके अपने अभिनय क्षमता का परिचय दिया है. अपने 35 साल के फ़िल्मी करियर में उन्होंने कई सारे पुरस्कार जीते है. उन्हें रोमांटिक, कॉमेडी और एक्शन हर तरह के किरदार में दर्शक पसंद करते है. हाल ही में उनकी बायोग्रफ़िकल फ़िल्म बन रही है जिनमें रणबीर कपूर संजय दत्त के किरदार को निभाने वाले है.  

संजय दत्त
 संजय दत्त का जीवन परिचय

Sanjay Dutt Biography in hindi

संजय दत्त का जन्म और शिक्षा (Sanjay Dutt Birth and Education)

संजय बलराज दत्त का जन्म मुम्बई में 29 जुलाई 1959 को हुआ था. संजय दत्त की स्कूली शिक्षा- दीक्षा हिमांचल प्रदेश के कसौली नामक स्थान के नजदीक अवस्थित स्कूल द लॉरेंस, सनावर से हुई है.  

संजय दत्त का पारिवारिक जीवन (Sanjay Dutt Family)

संजय दत्त के पिता का नाम सुनील दत्त है, वे फ़िल्म अभिनेता थे साथ ही राजनीति से भी वो जुड़े हुए थे और उनकी माता जी का नाम नर्गिस दत्त है वे भी फ़िल्म अभिनेत्री थी, कैंसर की वजह से 3 मई 1981 को उनका निधन हो गया. संजय दत्त की दो छोटी बहनें हैं जिनमें से एक का नाम प्रिया दत्त है जोकि राजनीति से जुडी हुई है और दूसरी बहन का नाम नम्रता दत्त है. संजय दत्त को उनकी माँ चाँद नाम से पुकारती थी.   

संजय दत्त का व्यक्तिगत जीवन (Sanjay Dutt Personal Life)

व्यक्तिगत जीवन में उन्होंने तीन शादी की है. उनकी पहली शादी 1987 में अभिनेत्री ऋचा शर्मा से हुई थी, इस जोड़े को एक बेटी 1988 में हुई जिसका नाम त्रिशला है, जो कि अपने नाना नानी के साथ संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में रहती है. सन 1996 में ब्रेन ट्यूमर की वजह से ऋचा शर्मा की मृत्यु हो गयी थी उसके बाद संजय दत्त ने 1998 में रिया पिल्लई नाम की एक मॉडल से दूसरी शादी कर ली, लेकिन ये शादी ज्यादा समय तक नहीं चली और 2005 में उनका तलाक हो गया. उसके बाद उन्होंने 2008 में गोवा के एक निजी समारोह में मान्यता दत्त से शादी की. इस दम्पति को 21 अक्टूबर 2010 को जुड़वाँ बच्चे हुए, जिनमें से एक लड़का जिसका नाम शहरान है और एक लड़की जिसका नाम इकरा है.        

संजय दत्त का करियर (Sanjay Dutt Career)

संजय दत्त ने 1972 में फिल्म ‘रेशमा और शेरा’ में एक बाल कलाकार के रूप में काम किया था. इसके बाद उन्होंने सन 1981 में आई फ़िल्म ‘रॉकी’ से अपनी फ़िल्मी करियर की शुरुआत की थी, लेकिन 1982 में आई फ़िल्म ‘विधाता’ से उनकी अभिनेता के रूप में पहचान बनी. उसके बाद ज्यादा कमाई करने वाली उनकी हिट फ़िल्म 1983 में आई जिसका नाम ‘मै आवारा हूँ’ था. उन्होंने कई सफ़ल फ़िल्में की जिनके नाम हैं ‘जान की बाजी’, ‘जीते है शान से’, ‘इलाका और ताक़तवर’ है.1986 में उनके करियर की सबसे महत्वपूर्ण और ब्लॉकबस्टर फ़िल्म ‘नाम‘ आई जिसकी सभी ने काफ़ी प्रशंसा की. उसके बाद 1988 में उनकी फ़िल्म आई ‘कब्ज़ा’ और 1989 में जे पी दत्त के निर्देशन में बनी फ़िल्म ‘हथियार’ आई. दोनों ही फ़िल्में ने बॉक्स ऑफिस पर औसत कमाई की थी. 1990 के दशक में भी उनकी कई सारी सफ़ल फ़िल्में आई जिनके नाम हैं ‘यालगार’, ‘सड़क’. इन फ़िल्मों के लिए उन्हें फ़िल्मफेयर के सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के रूप में नामंकित भी किया गया था. संजय दत्त ने सन 1991 में फिल्म ‘साजन’ और सन 1993 में फिल्म ‘खलनायक’ में माधुरी दीक्षित के साथ काम किया. फिल्म ‘साजन’ में सलमान खान भी इनके साथ नजर आये.   

1999 का वर्ष संजय दत्त के करियर का काफ़ी महत्वपूर्ण वर्ष रहा. उन्होंने महेश भट्ट द्वारा निर्देशित फ़िल्म ‘कारतूस’ में अभिनय किया, जो बहुत ही सफ़ल फ़िल्म रही. उसके बाद ‘खुबसूरत’, ‘हसीना मान जायेगी’, ‘दाग : द फायर और वास्तव : द रियलिटी’, ‘मिशन कश्मीर’, ‘कुरुक्षेत्र’, ‘जोड़ी नंबर वन’, ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’, ‘मुसाफ़िर’, ‘प्लान’, ‘दस’ जैसी एक के बाद एक सफ़ल फ़िल्में की. उनकी ब्लॉकबस्टर हिट फ़िल्म ‘मुन्नाभाई’ का सीक्वल ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ 2006 में रिलीज हुआ. इस फ़िल्म की सभी ने सराहना की इसके लिए उन्हें कई अवार्ड भी प्राप्त हुए. इसके बाद उन्होंने एस रामचंद्रन के निर्देशन में बने एक संगीत वीडियो में आशा भोसलें और दोस्तों के साथ काम किया.

2007 में उनकी दो सफ़ल फ़िल्म ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ और ‘धमाल’ आई, 2009 में ‘आल द बेस्ट’, 2011 में ‘डबल धमाल’, 2012 में ‘सन ऑफ़ सरदार’, ‘अग्निपथ’ जैसी सफ़ल फ़िल्में की. सन 2015 में हिट फिल्म ‘पीके’ में उन्होंने सहायक अभिनेता के रूप में काम किया. विधु विनोद चोपड़ा ने 29 सितम्बर 2016 को यह घोषणा की है कि वह ‘मुन्नाभाई’ फ़िल्म के तीसरे संस्करण का निर्माण संजय दत्त के साथ करेंगें.

फ़िल्मों में काम करने के साथ ही संजय दत्त ने टेलीविजन के कलर्स चैनल पर आने वाले शो बिग बॉस के सीजन 5 को सलमान खान के साथ होस्ट किया था. साथ ही उन्होंने इन्डियन प्रीमियम लीग – क्रिकेट टीम के मालिक राज कुंद्रा के साथ मिलकर मिश्रित मार्शल आर्ट लीग- सुपर फाइट लीग को लॉन्च किया था. बिग बॉस के सभी सीजन के विजेता के बारे में यहाँ पढ़ें.

संजय दत्त का विवाद (Sanjay Dutt Controversy)

संजय दत्त अपने करियर की शुरूआती दौर से ही विवादों में रहे है. सबसे पहला विवाद 1982 में उनसे जुड़ा, जब उन्हें अवैध ड्रग्स रखने के मामले में गिरफ्तार करके 5 महीने तक कैद में रखा गया था.

दूसरा विवाद 1993 में हुए मुम्बई में सीरियल बम ब्लास्ट के द्वारान अवैध हथियार रखने के लिए टाडा के तहत गिरफ्तार होने से जुड़ा है. इसके लिए वो दो साल तक जेल में भी रहे थे, लेकिन अक्टूबर 1995 में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था. फिर एक बार दिसम्बर 1995 में उन्हें गिरफ्तार कर अप्रैल 1997 में जमानत पर रिहा कर दिया गया था.

फिर वे 2006 से 2007 में समय काल के दौरान पुणे के आर्थर रोड जेल में सात महीने तक रहे. 31 जुलाई 2007 को टाडा अदालत ने अवैध हथियार रखने के आरोप में उन्हें 6 साल की सजा सुनाई, जिसके बाद उन्हें पुणे के यरवदा जेल ले जाया गया था. 20 अगस्त 2007 को कुछ दिन के लिए जमानत पर रिहा होने के बाद उन्हें फिर से 22 अक्टूबर 2007 को जेल में वापस जाना पड़ा था. 27 नवम्बर 2007 को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें पूर्ण जमानत दे दी. 21 मार्च 2013 को भारत की सर्वोच्च न्यायलय ने उनके अच्छे व्यवहार और आचरण को देखते हुए 6 साल की सजा को कम कर 5 साल कर दिया.              

संजय दत्त के आवर्ड और उपलब्धियां (Sanjay Dutt Awards and Honors)  

  • संजय दत्त को 2004 में सेलेब्रिटी स्टाइल मेल के लिए बॉलीवुड फ़ैशन का अवार्ड मिला था.
  • इसके अलावा 2006 की उनकी फ़िल्म ‘मुन्नाभाई’ के लिए तात्कालिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के द्वारा उन्हें पुरस्कार प्राप्त हुआ. इसी वर्ष न्यूज़ चैनल एनडीटीवी ने वर्ष के भारतीय नाम से उनको संबोधित किया जो संजय दत्त की उपलब्धियां है.    
वर्ष अवार्ड फिल्म कैटेगरी
2000 फ़िल्मफेयर, स्टार स्क्रीन अवार्ड, इंटरनेशनल इंडियन फ़िल्म अकादमी अवार्ड   ‘वास्तव : द रियलिटी’ फ़िल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के रूप में 
2003  बॉलीवुड फ़िल्म अवार्ड फ़िल्म- ‘कांटे’ के लिए क्रिटिक्स अवार्ड मेल 
2004 फ़िल्मफेयर, स्टारडस्ट अवार्ड, स्टार स्क्रीन अवार्ड, बॉलीवुड फ़िल्म अवार्ड, बंगाल फ़िल्म जर्नलिस्ट एसोसिएशन अवार्ड     फ़िल्म ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ के लिए सर्वश्रेष्ठ कॉमेडियन और अभिनेता के रूप में 
2001 स्टार स्क्रीन अवार्ड, जी सीने अवार्ड  फ़िल्म ‘मिशन कश्मीर’ के लिए  सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता
2007 स्टारडस्ट अवार्ड, जी सीने अवार्ड, ग्लोबल इन्डियन फ़िल्मफेयर अवार्ड   फ़िल्म ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ के लिए सर्वश्रेष्ठ पुरुष अभिनेता
2010 इंटरनेशनल इंडियन फ़िल्म अकादमी अवार्ड   फ़िल्म ‘आल द बेस्ट’ के लिए कॉमिक रोल के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए 
2013  स्टारडस्ट अवार्ड  फ़िल्म ‘अग्निपथ’ में नेगटिव रोल के लिए 

संजय दत्त की व्यक्तिगत जानकारी (Sanjay Dutt Personal Detail)

नाम संजय दत्त
उपनाम बाबा, संजू 
व्यवसाय अभिनेता
ऊँचाई 6 फीट
शारीरिक बनावट सीना-44 इंच, कमर- 36 इंच, बाइसेप्स- 16 इंच     
आँखों का रंग गहरा भूरा
वजन 84 किलोग्राम
बालों का रंग काला
राशि सिंह
नागरिकता भारतीय
धर्म हिन्दू
पसंद गिटार बजाना, खाना बनाना, फोटोग्राफी, घुड़सवारी और वर्क आउट करना    
पसंदीदा अभिनेता अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना 
पसंदीदा अभिनेत्री शर्मिला टैगोर, नर्गिस 
पसंदीदा खाना तंदूरी चिकेन
पसंदीदा खेल क्रिकेट
पसंदीदा किताब हेरोल्ड रोब्बिंस द्वारा लिखित ए स्टोन फॉर डैनी फिशर
घर का पता 58 श्रीमती नर्गिस दत्त रोड, पाली हिल, बांद्रा, मुम्बई 400050   
वैवाहिक स्थिति विवाहित
कार का संग्रह रेड फेरारी 599 जीटीबी, पॉर्श एसयूवी, रोल्स रोयस घोस्ट, ए टू- सीटर ऑडी आर8, ऑडी क्यू7, बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज         
बाइक का संग्रह हार्ले-डेविडसन  
सैलरी 3 से 5 करोड़
कुल कमाई 10 मिलियन डॉलर

संजय दत्त के चर्चित वचन (Sanjay Dutt Quotes)

  • किसानों के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि ‘मै नहीं जानता कैसे ग़रीब किसान वास्तविक जीवन में अपनी परिस्थितियों का सामना करते है, वास्तव में उनकी ऐसी दुर्दशा दुःख देती है’.
  • मुझे अपने बुरे लड़के वाली छवि पसंद है, अगर मेरे प्रशंसक मेरी इस छवि से खुश रहते है.
  • भारतीय हिंदी फ़िल्म अपनी दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए सभी प्रकार की व्यावसायिक हिंदी फ़िल्मों का निर्माण कर रहे है.
  • मेरे परिवार से न ही मेरी बहनें फ़िल्में कर रही है और न ही मेरी भतीजी फ़िल्में करने जा रही है, जिस तरह से दत्त साहब लड़कियों को परिवार में कामयाब करने के लिए अपनी सोच रखते थे मै भी बस उनके सोच के अनुसार ही सिर्फ आगे बढ़ना चाहता हूँ.
  • मैंने अपने फ़िल्मी करियर में सभी प्रकार की भूमिका को निभाया है, लेकिन स्कारफेस में टोनी मोंटाना जैसी भूमिका मुझे बहुत अच्छी लगती है.
  • मै किसी से भी पहली बार मिल कर सहज नहीं हो पता हूँ, इसको आप चाहे तो एक शक्ति या कमज़ोरी भी कह सकते है.
  • मेरा पूरा परिवार पं. जवाहरलाल नेहरु के समय से ही कांग्रेस से जुड़ा हुआ है कांग्रेस हमारे खून में शामिल है मै पूरे वफ़ादारी के साथ हमेशा कांग्रेस के साथ जुड़ा रहूँगा.
  • मै बिग बॉस के घर में कभी भी नहीं जाना चाहूँगा, क्योकि मै एक घर तक सीमित नहीं रह सकता, मै एक जेल में रह चूका हूँ, मै दुसरे में नहीं जाऊंगा.
  • मै जानता हूँ कि मै अपने जीवन में एक समय में बहुत दुखी था, क्योकि मैंने अपनी माँ और उसके बाद अपने पिता को खो दिया. जब तक मेरे पिता थे मेरे हर संकट के समय वो चट्टान की तरह मेरा बचाव करते रहे.
  • कोलकाता एक महान शहर है यहाँ का खाना यहाँ के लोग सभी बहुत अच्छे है, कोलकाता में हम अभी भी पुरानी इमारतों को देख सकते है. शूटिंग के द्वारान भीड़ से निपटने में समस्या हुई, लेकिन कुल मिलाकर कोलकाता में शूटिंग करने में काफ़ी मजा आया और अच्छा लगा.                     

 अन्य पढ़ें –

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *