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बचत बैंक खाता खोलने का तरीका, आवश्यक दस्तावेज, लाभ व ब्याज दर | Saving Account Open, required documents, types, benefits and interest rate in hindi

बचत बैंक खाता, उसे खोलने का तरीका, आवश्यक दस्तावेज, प्रकार लाभ व ब्याज दर | Saving Account information, how to open, required documents, types, benefits and interest rate in hindi

किसी भी बैंकिंग व्यवस्था में चलने वाले विभिन्न प्रकार के अकाउंट में सेविंग बैंक अकाउंट अत्यंत सरल है. यह अकाउंट अपने धारक को पूरी सुरक्षा के साथ पैसा जमा करने और उस पैसे पर ब्याज उठाने का पूरा मौक़ा देता है. किसी भी बैंक में सेविंग अकाउंट आसानी से खोला जा सकता है. यहाँ पर इस अकाउंट के तहत आने वाली सभी जानकारियों का विवरण दिया जा रहा है.

क्यों खोले बचत बैंक खाता? (Why Open Savings Bank Account)

  • अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि एक व्यक्ति को अपनी बैंकिंग की शुरूआत बचत बैंक खाते से ही क्यों करनी चाहिए किसी और खाते से क्यों नहीं?
  • इस सवाल का जवाब इस तरह दिया जाता है कि बचत बैंक के अलावा बैंकिंग में खोले जाने वाले दूसरे खातों में कम से कम बैलेंस रखी जाने वाली रकम की मात्रा ज्यादा होती है.
  • साथ ही दूसरे बैंक खातों की सुविधाएं अपेक्षाकृत बचत बैंक खाता की तुलना में कहीं ज्यादा महंगी होती है, और आर्थिक दुनिया में कदम रखने वाले नये व्यक्ति के लिए अपेक्षाकृत समझने में मुश्किल होती है.
  • बचत बैंक खाते आम तौर पर अपने ग्राहको को बेहतर ब्याज उपलब्ध करवाते हैं, ताकि वह ज्यादा से ज्यादा पैसे की बचत करे और उसे बैंक में जमा कराए.
  • साथ ही बचत बैंक खाते से एक आम आदमी की जरूरतों को जोड़ दिया गया है, ताकि वह आॅनलाइन माध्यम से अपने रोजमर्रा की जरूरतों पर खर्च कर सके.
  • चालू खाते की तरह इसमें ढेरों ट्रांजेक्शन नहीं किए जा सकते क्योंकि यह खाता बचत के लिए बनाया गया है ना कि खर्च के लिए. इससे ग्राहक के खर्चों पर एक उचित रोक लग जाती है.

सेविंग अकाउंट ऑनलाइन कैसे खोलें (How to open a Saving Account online in hindi)

सेविंग अकाउंट ऑनलाइन खोलने के लिए नीचे दिए गये निर्देशों का पालन करें.

  • सबसे पहले अपने चयनित बैंक के ऑनलाइन वेब पोर्टल पर जाएँ.
  • वेबसाइट पर लॉग इन करने के लिए एक ऑनलाइन अकाउंट बनाने की आवश्यकता पड़ सकती है. अतः वेबसाइट के लिए एक अकाउंट बना लें.
  • लॉग इन करने के बाद नए अकाउंट बनाने वाले पेज पर जाएँ. इस पेज पर ऑनलाइन आवेदन को भरें.
  • इसे भरते हुए अपना नाम, आवासीय पता आदि की जानकारी देनी होगी और साथ ही इन सबके प्रमाण भी अपलोड करने होंगे. कई बैंक इन प्रमाणों की हार्डकॉपी की भी मांग करते हैं. इसके बाद बैंक अपना प्रतिनिधि भेजता है. अतः बैंक जाने की आवश्यकता नहीं है.
  • इस औपचारिकताओं के बाद बहुत कम समय के अन्दर अकाउंट खुल जाता है.

सेविंग अकाउंट ऑफलाइन कैसे खोलें (How to open a Saving Account offline)

 सेविंग अकाउंट ऑफलाइन खोलने के लिए निम्नलिखित निर्देशों का पालन करें.

  • सबसे पहले चल रहे सभी बैंकों के ब्याज दरों को जान लें तथा अपने आवश्यकतानुरूप किसी एक बैंक का चयन कर लें. बैंक अकाउंट खुलवाने के लिए कम से कम लगने वाली राशि अपने पास रख लें.
  • बैंक अकाउंट खोलने के लिए कई तरह के आवश्यक दस्तावेज़ो की आवश्यकता पड़ती है. इन दस्तावेजों को लेकर अपने चयनित बैंक के सबसे नजदीकी ब्रांच में जाएँ और ऑफलाइन अकाउंट बनवाने का फॉर्म प्राप्त करें. इस फॉर्म के सभी आवश्यक खाके बहुत सावधानी से भरें.
  • भरे हुए फॉर्म के साथ सभी आवशयक दस्तावेजों की ज़ेरॉक्स प्रतियों को संलग्न करें तथा बैंक प्रतिनिधि के पास जमा कर दें.
  • जमा करने के 1 से 12 दिनों के अन्दर आपका बैंक अकाउंट खुल जाएगा.

saving account

सेविंग अकाउंट खुलवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज़ (Required documents for bank account opening)

किसी भी तरह से (ऑनलाइन या ऑफलाइन) बैंक अकाउंट खोलने पर कई आवश्यक दस्तावेज़ जमा करने होते हैं. यहाँ पर उन दस्तावेजों का विस्तृत वर्णन दिया जा रहा है.

  • व्यक्तित्व तथा आयु के प्रमाण : किसी सरकारी तौर पर पंजीकृत ऐसे दस्तावेज़ जिनमे ग्राहक का नाम, उम्र आदि मौजूद हो इस काम के लिए उपयोगी हो सकता है. इन प्रमाणों में ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, कोई उपयोगी बिल आदि काम आ सकता है.
  • फोटोग्राफ : आमतौर पर कोई भी बैंक कम से कम दो तात्कालिक पासपोर्ट साइज़ फोटोग्राफ जमा करने को कहता है.
  • आवासीय पते का प्रमाण पत्र : इस प्रमाण के लिए भी वोटर कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस आदि का इस्तेमाल किया जा सकता है.
  • वरिष्ठ नागरिक प्रमाण पत्र : यदि आवेदनकर्ता वरिष्ठ नागरिकता का लाभ उठाना चाहते है तो उसे अपने वरिष्ठ होने का प्रमाण देना होगा. इसके लिए सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला वरिष्ठ प्रमाण पत्र काफी उपयोगी होता है.
  • आय प्रमाण : आवश्यकता पड़ने पर अर्थात किसी विशेष स्तिथि में बैंक द्वारा मांगे जाने पर ग्राहक को अपना आय का प्रमाण देना होता है.

बचत बैंक खाता के लिए योग्यता (Saving Account eligibility)

भारत के किसी भी बैंक में सेविंग अकाउंट खोलने के लिए ग्राहक को निम्न रूप से योग्य होना होगा.

  1. आमतौर पर कोई भी बैंक 18 वर्ष से ऊपर की आयु के लोगों के लिए अकाउंट खुलवाता है. अतः ग्राहक को अकाउंट खुलवाने के लिए 18 वर्ष से अधिक का होना होगा.
  2. ग्राहक के पास भारत की नागरिकता का प्रमाण होना अतिआवश्यक है.
  3. 18 वर्ष से कम वालों के लिए भी बैंक अकाउंट खोलने का मौक़ा देता है, जिसमे खाताधारक के अभिभावक की भूमिका मौजूद होती है.

बचत बैंक खाता से होने वाले फ़ायदे (Saving Account benefits)

इस दौर में सेविंग अकाउंट खोलने के एक साथ कई फायदे होते हैं. नीचे इसके फायदों का विस्तृत वर्णन दिया जा रहा है.

  • भारत के कई इन्वेस्टमेंट फण्ड अलग से अपने रिकॉर्ड को सँभालने के लिए आदमी रखते हैं किन्तु यदि अकाउंट बैंक में हो, तो इन समस्त रिकॉर्ड की देखभाल खुद बैंक करता है.
  • इन दिनों कई तरह के लेन देन के लिए बैंक अकाउंट की आवश्यकता होने लगी है. कई ट्रांजक्शन ऐसे होने लगे हैं, जिन्हें बहुत कम समय में पूरा करना पड़ता है. सेविंग अकाउंट इस तरह की सभी सुविधायें देने में सक्षम है.
  • सेविंग अकाउंट में अन्य तरह के अकाउंट की अपेक्षा थोड़ी अधिक ब्याज दर प्राप्त होती है, अतः इसमें ब्याज की सुविधा बेहतर होती है.
  • सेविंग अकाउंट में रोज़ाना पैसे उठाने की एक सीमा तय होती है, जो बैलेंस नियमित करने में सहायक होता है.
  • कोई भी बैंक अपनी तथा अपने ग्राहकों की सुविधा के अनुसार सेविंग अकाउंट अनुकूलित कर सकता है.
  • फण्ड ट्रान्सफर सुविधा : यह एक ऑनलाइन पैसे ट्रान्सफर करने की सुविधा है, जिसमे ग्राहक ऑनलाइन पैसे ट्रान्सफर कर सकता है. इसके लिए बचत खाता पर इन्टरनेट बैंकिंग सुविधा शुरू करवाई जाती है. यह दो तरह की होती है, इंटरबैंक और इंट्रा बैंक. इंटरबैंक वह है जिसमें उसी बैंक में फण्ड ट्रान्सफर किया जाता है, और इंट्रा बैंक वह है  जिसमें दूसरे बैंक में फण्ड ट्रान्सफर कर सकते है. यह एक महत्वपूर्ण सुविधा है, जोकि महानगरो में बहुत उपयोग की जाती है.
  • कार्ड सुविधा : इसमें सभी बैंकों को बैंक द्वारा एटीएम कार्ड प्रदान कराये जाते है, जिसके माध्यम से ग्राहक हफ्ते के सातों दिन और 24 घंटे अपने पैसों को खाते से निकाल सकते है. कुछ बैंक्स ने एटीएम मशीन के जरिये ही पैसे ट्रान्सफर करने की सुविधा भी शुरू की है. यही कार्ड डेबिट कार्ड के रूप में उपयोग किये जाते है, जिसने ग्राहक आसानी से भुगतान कर सकता है.

बचत खाता की  हानि (Disadvantages of Savings Account)

  • कार्ड पर शुल्क : बैंक के ग्राहक के डेबिट कार्ड पर कुछ वार्षिक शुल्क लगाता है, जिसे रखरखाव प्रभार कहा जाता है. कई ग्राहक को इस बात की जानकारी नहीं है.
  • निम्न ब्याज : बचत खाता पर जो ब्याज मिलता है, वह बहुत ही कम होता है. लगभग न के बराबर होता है. इसकी तुलना में अन्य तय बैंक में ज्यादा ब्याज मिलता है.
  • पैसे ट्रान्सफर करने पर शुल्क : बैंक से जो पैसे ट्रान्सफर किये जाते है, अगर वह दूसरे बैंक के खाते में ट्रान्सफर की गई है तो उसका अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है.
  • न्यूनतम बैलेंस : सभी बैंक्स ने अपने नियमों के आधार पर कुछ न्यूनतम राशि तय की है, जोकि बचत खाता में होना जरुरी है. अगर ग्राहक किसी कारण से इस न्यूनतम राशि को बनाये नहीं रख पाता, तो उसे इसका अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना पड़ता है.
  • अतिरिक्त एटीएम शुल्क : ग्राहकों को यह सुविधा है कि वह अपने एटीएम से किसी भी बैंक की एटीएम मशीन से निकासी कर सकते है, लेकिन बैंक द्वारा इस पर शुल्क लगाया जाता है. तय नंबर से अधिक बार एटीएम से पैसे निकालने के लिए भी अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होता है.

बचत बैंक खाता के प्रकार (Saving Account type)

सेविंग अकाउंट विभिन्न प्रकार के होते हैं, जिनके विवरण नीचे दिए जा रहे हैं.

  • सामान्य बचत खाता: किसी भी बैंक में स्टैण्डर्ड सेविंग अकाउंट बहुत मौलिक जानकारियों के साथ खोला जा सकता है.
  • वेतन बचत खाता : ऐसे सेविंग अकाउंट कई बैंक बड़ी बड़ी कंपनियों के अनुरोध पर तैयार करते हैं. बैंक इन कंपनियों को इसके लिए एक विशिष्ट ब्याज दर देता है, जिसका फायदा बैंक के कर्मचारियों को प्राप्त होता है. कर्मचारियों के वेतन वाले दिन बैंक कंपनी के अकाउंट से इन पे अकाउंट में पैसे ट्रान्सफर कर दिए जाते हैं.
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए सेविंग अकाउंट : ये अकाउंट देश के वरिष्ठ नागरिकों के लिए होता हैं. यह आमतौर पर रेगुलर सेविंग अकाउंट की तरह ही होता है, किन्तु इसमें ब्याज दर अपेक्षाकृत अधिक प्राप्त होता है. इस तरह के अकाउंट को अन्य वरिष्ठ नागरिकों के अन्य योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है.
  • महिलाओं के लिए बचत खाता : यह सेविंग अकाउंट सिर्फ देश की स्त्रियों के लिए होता है. इस अकाउंट का एक सबसे बड़ा लाभ ये है कि जिन स्त्रियों के पास ये अकाउंट होते हैं, उन्हें बैंक से ऋण आसानी से मिल पाता है. साथ ही इस तरह के बैंक अकाउंट पर बैंक ब्याज भी रेगुलर अकाउंट की अपेक्षा अधिक देता हैं.
  • जीरो बैलेंस सेविंग अकाउंट : इस तरह के अकाउंट में सेविंग के साथ करंट अकाउंट के भी गुण पाए जाते हैं, किन्तु रोजाना अधिकतम राशि निकलने की सीमा तय रहती है. क्योंकि यह ‘जीरो बैलेंस’ होता है, अतः इसमें किसी तरह की पेनाल्टी लगने का डर नहीं होता है. आमतौर पर इस अकाउंट की सुविधा उन लोगों को दी जाती है, जो माली तौर पर कमजोर होते हैं.
  • संलग्न (लिंक्ड) सेविंग अकाउंट : कई बार लोग संलग्न सेविंग अकाउंट को पैकेज अकाउंट भी कहते हैं. इस तरह अकाउंट होल्डर को बहुत कम सर्विस चार्ज देना पड़ता है. कई बार बैंक इस तरह के अकाउंट में जमा किये पैसों पर अधिक ब्याज देता है.
  • पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट : इस तरह के सेविंग अकाउंट पोस्ट ऑफिस में खोले जाते हैं. ये अकाउंट कमोबेश किसी रेगुलर अकाउंट की ही तरह होता है. पोस्ट ऑफिस अक्सर हर छोटे बड़े शहरों और गाँव में मिल जाते हैं, किन्तु कई जगहों पर बैंक की शाखाएं नहीं होती है. अतः ऐसी जगहों पर पोस्ट ऑफिस में अकाउंट खोले जाते हैं. पोस्ट ऑफिस में पाए जाने वाली ब्याज दर बैंक के ब्याज दर जैसी ही होती हैं. ग्राहक जब चाहे अपने अकाउंट बंद कर सकता है अथवा खोल सकता है. सबसे अच्छी बात ये है कि केवल 50/- के बैलेंस के साथ ये अकाउंट खोला जा सकता है.
  • नाबालिगों के लिए सेविंग अकाउंट : कई बैंक 18 वर्ष से कम वालों के लिए भी अकाउंट खोलने का मौक़ा देता है. इस तरह से इनके अभिभावक सीधे अपने बच्चों के नाम के अकाउंट में पैसे जमा कर सकते है, ताकि उनकी शिक्षा और करियर आसानी से चल सके.

 

विभिन्न बैंकों की सेविंग अकाउंट पर ब्याज दर (Saving Account interest rate in various banks) 

बैंकों के नाम  ब्याज दर 
आरबीएल बैंक 7.1 % प्रति वर्ष (रोज़ाना शेष राशि 10 लाख)/ 6.1 % प्रति वर्ष (रोज़ाना शेष राशि 1 लाख)/ 5.1 % प्रति वर्ष (रोज़ाना शेष राशी 1 लाख से कम)
कोटक महिंद्रा बैंक 6% प्रति वर्ष   
इंडसलैंड (induslnd) बैंक                                                                                                                   4% प्रति वर्ष (रोज़ाना शेष राशि अधिकतम 1 लाख)/ 5% प्रतिवर्ष (रोज़ाना शेष राशि 1 लाख से अधिक 10 लाख से कम)/ 6% प्रति वर्ष (रोज़ाना शेष राशि 10 लाख)                                                                             
येस बैंक 6% प्रति वर्ष (1 करोड़ से नीचे)
लक्ष्मी विलास बैंक 5% प्रति वर्ष (रोज़ाना शेष राशि 5 लाख तक)/ 6% प्रति वर्ष (रोज़ाना शेष राशी 5 लाख से अधिक)
बंधन बैंक 4.25% प्रति वर्ष (रोज़ाना शेष राशि 1 लाख से कम)/ 5% (रोज़ाना शेष राशि 1 लाख से अधिक)
एचडीएफ़सी बैंक 4% प्रति वर्ष
एक्सिस बैंक 4% प्रति वर्ष
भारतीय स्टेट बैंक 4% प्रति वर्ष

क्या होता है जीरो बैलेंस बचत खाता? (What is Zero Balance Account)

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट होता है कि ऐसा खाता जिसे ग्राहक जीरो बैलेंस पर भी मेंटेन कर सकता है, और इसके लिए उसे कोई जुर्माना नहीं देना होगा. दरअसल बचत बैंक खातों में कम से कम रकम बैलेंस रखने की सीमा होती है, जो बैंक के प्रकार और क्षेत्र पर निर्धारित होती है. भारत में सार्वजनिक बैंकों में बचत खाते में बैलेंस की रकम निजी क्षेत्र के बैंकों से कम होती है. इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में खोले गए बचत खाते में बैलेंस की रकम शहरी क्षेत्र की तुलना में कम होती है. जीरो बैलेंस खाता इस तरह की शर्त से मुक्त होता है और इसमें ग्राहक अगर कोई रकम बैलेन्स नहीं रखता है तो उपयुक्त शर्तों के साथ वह जुर्माना रहित होती है, मतलब बैंक इसके लिए सामान्य बचत खाते की तरह कोई जुर्माना नहीं लगाता है.

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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