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शाहबाज़ शरीफ का जीवन परिचय | Shehbaz Sharif Biography (Jivani) in hindi

शाहबाज़ शरीफ का जीवन परिचय | Shehbaz Sharif Biography (Jivani) in hindi / Urdu (नए पाकिस्तान प्रधानमंत्री )

शाहबाज़ शरीफ पाकिस्तानी राजनेता है. ये मियां मोहम्मद नवाज़ शरीफ के छोटे भाई हैं. अब तक वे पाकिस्तान के पंजाब शहर के मुख्यमंत्री थे, सन 2017 यानि इस साल ये पाकिस्तान के नामित प्रधानमंत्री है. ये शरीफ परिवार से संबंध रखते हैं. ये 3 बार पंजाब के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. उन्होंने पंजाब में मेट्रो बस परियोजना जैसे कई परियोजनाएं शुरू की. शरीफ 2016 में अपनी लैपटॉप योजना के लिए प्रसिद्ध हैं. इनके जीवन के बारे में यहाँ दर्शाया जा रहा है.

Shehbaz Sharif Biography
 शाहबाज़ शरीफ का जीवन परिचय

Shahbaz Sharif Biography in hindi

शाहबाज़ शरीफ का जन्म और शुरूआती जीवन (Shehbaz Sharif Born and Early Life)

शाहबाज़ शरीफका जन्म 23 सितम्बर 1951 को पाकिस्तान के पंजाब के लाहौर शहर में हुआ. इनके पिता मियां मोहम्मद शरीफ एक उच्चतर और माध्यम वर्ग के व्यवसायी और उद्योगपति थे, और अंततः पंजाब के अमृतसर जिले में जाति उमरा गांव में 20 वीं सदी के शुरुआत में ही बस गए थे. उनकी माँ का परिवार पुलवाना का रहने वाला था. सन 1947 में जिन्ना के नेतृत्व में आन्दोलन और पाकिस्तान बनाने के उनके संघर्ष के बाद, उनके माता – पिता अमृतसर से लाहौर आ गये.

शाहबाज़ शरीफ की शिक्षा (Shehbaz Sharif Education)

शाहबाज़ शरीफ ने लाहौर के गवर्नमेंट कॉलेज यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री प्राप्त की. स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद वे अपने परिवार के इत्तेफाक ग्रुप में शामिल हो गए सन 1985 में वे लाहौर चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष चुने गए.

शाहबाज़ शरीफ का व्यक्तिगत जीवन (Shehbaz Sharif Personal Life)

शेह्बाज शरीफ के 2 भाई है एक अब्बास शरीफ और एक नवाज़ शरीफ. नवाज़ शरीफ 3 बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद के लिए चुने गए. इनकी पहली शादी नुसरत शाहबाज़ से सन 1973 में हुई. इसके 4 बच्चे हुए जिनके नाम सलमान, हमजा, जावेऱिया, राबिया हैं. सन 2003 में उन्होंने ‘माय फ्यूडल लार्ड’ की लेखिका तहमीना दुर्रानी से शादी की. वे अपने पैतृक घर रायविंद पैलेस में रहते हैं. शाहबाज़ एक व्यवसायी है और सयुक्त रूप से ‘इत्तेफाक ग्रुप’ जोकि बहु मिलियन डॉलर के स्टील का ग्रुप है, के मालिक हैं.

शाहबाज़ शरीफ का राजनीतिक करियर (Shehbaz Sharif Political Career)

शाहबाज़ शरीफ का राजनीतिक करियर तब शुरू हुआ जब वे सन 1988 में पंजाब प्रान्तीय विधानसभा के लिए चुने गए, किन्तु सन 1990 में उनका कार्यकाल खत्म हो गया था जब उनकी विधानसभाएं खत्म हो गई थी. सन 1990 में ही उन्हें फिर से आम चुनाव में पंजाब प्रान्तीय एवं राष्ट्रीय विधानसभा के रूप में चुना गया. सन 1993 में वे तीसरी बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए और यह विपक्ष के लीडर बने. इस समय वे यूनाइटेड किंगडम में चिकित्सा उपचार के लिए गए हुए थे. उनकी अनुपस्थिति में चौधरी परवेज इलाही विपक्ष के अभिनय नेता हुए. उनका कार्यकाल सन 1996 में समाप्त हो गया जब विधानसभाएं बंद हो गईं.  

सन 1997 में चौथी बार विधानसभा में चुने गए और इस बार उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इनके इस कार्यकाल के दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और औद्धोगिक क्षेत्रों में उनके अच्छे प्रयास के चलते उनकी प्रशासन के द्वारा बहुत प्रशंसा की गई. उन्होंने कई विकास परियोजनाएं शुरू की एवं प्रान्त में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए अपराधियों पर सख्त कार्यवाही करवाई. किन्तु जब जनरल परवेज मुशर्रफ देश के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बने. तब सन 1999 में न्यायिक हत्याओं को करवाने के आदेश देने के आरोप में शाहबाज़ को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया और दोनों शरीफ भाइयों को हिरासत में लिया गया. एक गुप्त समझौते के बाद पूरे शरीफ परिवार को सऊदी अरब में स्थानान्तरित कर दिया गया. परवेज मुशर्रफ का कहना था कि इसके लिए उन्होंने खुद मांग की थी. हालाँकि शाहबाज़ इस बात का दावा करते हैं कि वे किसी सौदे का हिस्सा नहीं है. इसके बाद 2004 में उन्होंने पाकिस्तान आने की कोशिश की किन्तु इन्हें लाहौर के एअरपोर्ट से ही हटा दिया गया. इस निर्वासन के समय ही ये मुस्लिम लीग के अध्यक्ष के रूप में चुने गए, और अभी भी इस पद पर हैं.   

सन 2007 में वे नवाज़ शरीफ के साथ पाकिस्तान वापस आये. हत्या के आरोप के चलते शरीफ को 2008 के आम चुनाव में हिस्सा लेने नहीं मिला. लेकिन उन्हें 2008 में इन आरोपों से बरी कर दिया गया था. जून 2008 में हुए उपचुनाव में पंजाब प्रांतीय विधानसभा में दूसरी बार चुन लिए गये और वे सन 2008 में दूसरी बार मुख्यमंत्री बने. किन्तु इस बार भी उनका कार्यकाल सन 2009 में ही समाप्त हो गया. पाकिस्तान की सर्वोच्च न्यायालय की 3 सदस्यीय पीठ ने उन्हें इसके लिए अपात्र घोषित कर दिया, और उन्हें मुख्यमंत्री पद से एक बार फिर हटना पड़ा. किन्तु सर्वोच्च न्यायालय की फिर से हुई एक बैठक के बाद उन्होंने अपना फैसला बदल दिया और वे दोबारा मुख्यमंत्री पद पर आसीन हो गए. 

इसके बाद सन 2013 में हुए आम चुनाव में वे फिर से पंजाब प्रान्तीय विधानसभा में चुने गए और उन्हें एक बार फिर मुख्यमंत्री बनने का अवसर प्राप्त हुआ. सन 2016 में, पाकिस्तान के मुस्लिम लीग के पंजाब चैप्टर के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित होने के बाद शरीफ को इंट्रा – पार्टी चुनाव में चुना गया.

शाहबाज़ शरीफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री (Shehbaz Sharif Prime Minister)

पनामा पेपर लीक के मामले में पाकिस्तान के तत्कालिक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का नाम सामने आया जिसके चलते इन्हें इस्तीफा देना पड़ा. इसलिए इसके स्थान पर पाकिस्तान के नामित प्रधानमंत्री के रूप में शाहबाज़ शरीफ का नाम सामने आया है.

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