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दिवाली शुभ मुहूर्त बधाई 2016 | Diwali Puja Shubh Muhurat 2016 In Hindi

Deepawali Or Diwali Puja Shubh Muhurat 2016 In Hindi दीपावली का त्यौहार देश के बड़े त्यौहारों में से एक हैं. जीवन को अंधकार से प्रकाश में जाने का संकेत देने वाला यह त्यौहार जितने उत्साह से मनाया जाता हैं, उतने ही उत्साह से इसकी पूजा विधि संपन्न की जाती हैं . पुरे महीने लोग दीपावली के त्यौहार की तैयारी करते हैं, जिसकी शुरुवात साफ़ सफाई से की जाती हैं, क्यूंकि दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजा का महत्व होता हैं, और लक्ष्मी वहीँ निवास करती हैं जहाँ स्वच्छता होती हैं .

लक्ष्मी प्राप्ति मंत्र : ॐ हिम् महालक्ष्मै च विदमहै, विष्णु पत्नये च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात

कोई भी त्यौहार उसकी पौराणिक कथा के कारण अधिक लोक प्रिय होता हैं दीपावली वह दिन हैं. जिस दिन भगवान राम अपने घर पहुँचे थे, उस दिन अमावस्या को जगमग दीपो के द्वारा प्रकाशवान किया गया था. आज भी उसी कथा को याद करते हुए दिवाली पूजन के बाद कई सुंदर-सुंदर दीपक घरों में लगाये जाते हैं, जो मनुष्य को संकेत देते हैं तकलीफ रूपी अन्धकार को, मन में प्रकाश अर्थात उत्साह जगाकर दूर करना केवल मनुष्य के हाथ में हैं, जिस प्रकार वो घर के अंदर का अंधकार दीपक जलाकर दूर कर रहा हैं, वैसा ही वो अपने भीतर के अंधकार को स्वयं के द्वारा ही दूर कर सकता हैं .

हिन्दू संस्कृति में पंचाग का विशेष महत्व हैं बिना शुभ समय देखे कोई कार्य नहीं किये जाते हैं किसी भी पूजन का शुभ मुहूर्त देखकर ही शुभारम्भ किया जाता हैं .

सोना, चांदी, गहने खरीदने के लिए धनतेरस मुहूर्त –

27 अक्टूबर 2016 गुरुवार 16:15 से 30:34+
28 अक्टूबर 2016 शुक्रवार 06:34 से 18:20

दिवाली शुभ मुहूर्त बधाई 2016 ( Deepawali or Diwali Puja Shubh Muhurat 2016 In Hindi)

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 18:27 से  20:09  शाम
वृषभ काल 18:27 से 20:22  शाम
प्रदोष काल 17:33 से 20:09 शाम
वृश्चिक लग्न मुहूर्त 07:54 से 10:13 सुबह
कुम्भ लग्न मुहूर्त 13:59 से 15:27 दोपहर

दिवाली में लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, जो सूर्यास्त के बाद शुरू होता है. जो इस बार 1 घंटे 42 min का है. महानिशिता काल में तांत्रिक और पंडित लोग पूजा करते है, ये वे लोग होते है, जिन्हें लक्ष्मी पूजा के बारे में अच्छे से जानकारी होती है. आम इन्सान लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में ही करते है. प्रदोष काल में भी स्थिर लग्न में पूजा करना सबसे उत्तम माना जाता है. कहते है, स्थिर लग्न में पूजा करने से लक्ष्मी घर में ही स्थिर रहती है, कहीं नहीं जाती है. इसलिए ये लक्ष्मी पूजन के लिए सबसे अच्छा समय है. वृषभ काल ही स्थिर लग्न होता है, जो दिवाली के त्यौहार में प्रदोष काल में ही आता है. अगर किसी कारणवश वृषभ काल में पूजा नहीं कर पाते है, तो इस दिन के किसी भी लग्न काल में पूजा कर सकते है.

दिवाली की पूजा के लिए चार मुहूर्त होते है –

  1. वृश्चिक लग्न – यह दिवाली के दिन की सुबह का समय होता है. वृश्चिक लग्न में मंदिर, हॉस्पिटल, होटल्स, स्कूल, कॉलेज में पूजा होती है. राजनैतिक, टीवी फ़िल्मी कलाकार वृश्चिक लग्न में ही लक्ष्मी पूजा करते है.
  2. कुम्भ लग्न – यह दिवाली के दिन दोपहर का समय होता है. कुम्भ लग्न में वे लोग पूजा करते है, जो बीमार होते है, जिन पर शनि की दशा ख़राब चल रही होती है, जिनको व्यापार में बड़ी हानि होती है.
  3. वृषभ लग्न – यह दिवाली के दिन शाम का समय होता है. यह लक्ष्मी पूजा का सबसे अच्छा समय होता है.
  4. सिम्हा लग्न – यह दिवाली की मध्य रात्रि का समय होता है. संत, तांत्रिक लोग इस दौरान लक्ष्मी पूजा करते है.

दीपावली में घर के सभी सदस्य एक साथ मिलकर पूजा विधि संपन्न करते हैं उसके बाद मंदिरों में दीप दान किया जाता हैं घर के हर एक कौने को प्रकाशित किया जाता हैं . कई लोग गंगा एवम अन्य नदियों में दीप दान करते हैं . आकाश में भी दीप प्रवाह किया जाता हैं . सभी रीती रिवाज के बाद घर के बड़े अपने बच्चो एवं दोस्तों के साथ पटाखे जलाते हैं, फुलजडिया, चक्री, अनार ना जाने कितने प्रकार के पटाखों का आनंद लिया जाता हैं . पूरा आसमान आतिशबाजी से प्रकाशित हो गूंज उठता हैं . इस दिन पूरी दुनियाँ में भारत देश का मानचित्र जगमगाता दिखाई एवम गूंजता सुनाई देता हैं . कहते हैं कि अंतरिक्ष से इस दिन भारत का नक्शा दूर से ही दिखाई देने लगता हैं देश के अन्दर का उत्साह पुरे विश्व के साथ ब्रह्माण्ड में भी दिखाई देता हैं .

आज के व्यस्त समय में दीपावली का सबसे अनमोल तौहफा यह हैं कि इस दिन घर से दूर रह रहे सदस्य अपने घरों में माता पिता के साथ त्यौहार मनाने आते हैं . और कई दूर बैठे अपने दफ्तर में दीपावली की यादों के पन्ने पलटाते हुये अपनों को दिवाली की बधाई देते हैं . इंटरनेट पर दिल को लुभाने वाली शायरी अपने किसी खास को भेजते हैं यहाँ भी हैं कुछ अच्छी पंक्तियाँ :

दिवाली बधाई सन्देश (Deepawali  Wishes)

 

दूर बैठे किसी कौने से,
अपनों को याद करते हैं .
छुट्टी नहीं मिली तो क्या हुआ,
यहीं से हैप्पी दिवाली कह देते हैं .

*********

  • बचपन की उस दीवाली में
    अपनों का मैला था
    आज कैसा ये दिन आया
    मैं अकेला बैठा दिवाली मनाया

**********

  • पहली दीपावली का आनंद हैं
    मेरी प्यारी बेटी मेरे संग हैं
    उसकी किलकारी में हैं जादू
    समझ नहीं आता
    आज ज़माने से क्या कह दू

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  • यारों का यारना
    था वो दिवाली का जमाना
    आज बैठे हैं दफ्तर की कुर्सी पर
    कभी नुक्ड़ पर बैठ पटाखे फोड़ा करते थे
    माँ की बनाई गुजिया लेकर घर से भागा करते थे
    आतिशबाजी का नजारा देखने छत पर बैठा करते थे
    कैसे बीत गये वो पल एक झपक में
    जब पड़ौसी के घर बम गिराने पर वो हमे घुरा करते थे

*************

  • दिवाली की मिठाई खाये जमाना बीत गया
    माँ के साथ रंगौली बनाये जमाना बीत गया
    हर पल याद आते हैं वो लम्हे
    जब दिवाली में नये कपड़े लाती थी
    खूब सुंदर सजकर दीपक जलाती थी
    पापा के साथ फुलजड़ी जलाकर
    भाई से लड़ फोड़ना सीखती थी
    याद आती हैं वो दिवाली
    जो बरसो पहले मैं मनाया करती थी

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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One comment

  1. ।।शुभ दीपावली।।
    प्रकाश पर्व- दीपावली पर आपको और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनायें !! सम्पूर्ण जगत के लिए दीपावली मंगलमय और कल्याणकारी हो ऐसी ईश्वर से प्रार्थना है

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