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तरुण तेजपाल का जीवन परिचय एवं कानूनी केस | Tarun Tejpal Biography and Case in hindi

तरुण तेजपाल का जीवन परिचय एवं कानूनी केस | Tarun Tejpal Biography and Case in hindi

गुरुमीत राम रहीम सिंह के बाद अब एक और जानी मानी शख्सियत सामने आ रही है, जिन पर इस समय बलात्कार का केस चल रहा है. वे हैं तरुण तेजपाल, जोकि एक पत्रकार, उपन्यासकार और सम्पादक हैं, ये तहलका पत्रिका के मुख्य संपादक के पद पर कार्य कर चुके हैं. एक सफ़ल करियर होने के बाद भी बलात्कार जैसे आरोप के बाद इनकी छवि ख़राब होती जा रही है. इन पर लगे आरोपों पर 28 सितंबर को सुनवाई होने वाली है. यहाँ पर इनके जीवन पर इन पर चल रहे केस से सम्बंधित विशेष बातों का ज़िक्र किया जा रहा है.

तरुण तेजपाल का जन्म और शिक्षा (Tarun Tejpal Birth and Education)

इनका जन्म 15 मार्च 1963 में जालंधर, पंजाब में हुआ था. इनके पिता भारतीय सेना में कार्यरत थे, जिस वजह से बड़े होते हुए इन्हें देश के कई हिस्सों में रहना पड़ा. इन्होने पंजाब विश्व विद्यालय से इकोनॉमिक्स से ग्रेजुएशन पूरी की. भारतीय सेना द्वारा हुई सर्जिकल स्ट्राइक यहाँ पढ़ें.

तरुण तेजपाल का करियर (Tarun Tejpal Carrer)

इनका करियर वर्ष 1980 से आरम्भ होता है. इन्होने अपना करियर ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से शुरू किया था. इस अखबार के साथ काम करते हुए ये दिल्ली चले आए और एक नयी पत्रिका इंडिया 2000 के साथ कार्य करना आरम्भ किया. वर्ष 1984 के दौरान इन्होने इंडिया टुडे मैगज़ीन ज्वाइन किया और यहाँ पर एक लम्बे समय तक कार्य करते रहे. वर्ष 1994 के दौरान इन्होने ‘द फाइनेंसियल एक्सप्रेस’ के लिए कार्य करना आरम्भ किया. इसके उपरान्त इन्होने आउटलुक के लिए भी कार्य करना आरम्भ किया. इस समय इन्होने ‘इंडिया इंक’ नाम का एक प्रकाशन आरम्भ किया. इनके इस प्रकाशन से ही अरुंधती रॉय की बुकर प्राइज जीतने वाली नावेल ‘द गॉड ऑफ़ स्माल थिंग्स’ का प्रकाशन हुआ. यह नॉवेल वर्ष 1998 में प्रकाशित हुई थी.

Tarun Tejpal

वर्ष 2000 के दौरान इन्होने आउटलुक में कार्य करना छोड़ दिया और अपना ब्रांड तहलका.कॉम आरम्भ किया. यह एक ऑनलाइन न्यूज़ वेबसाइट थी. इसके बाद इसी नाम से वे मैगज़ीन भी निकालने के लिए कार्य करने लगे. इस ब्रांड ने बहुत ही जल्द बहुत अधिक नाम कमाया. तहलका का नाम ‘ऑपरेशन वेस्ट एंड’ जैसे स्टिंग की वजह से पत्रकारिता की दुनिया में काफ़ी मशहूर हुआ. यह वेबसाइट वर्ष 2007 के जनवरी में पुनः एक साप्ताहिक पत्रिका के रूप में लॉन्च की गई. यह काफ़ी पसंद की गई थी.

तरुण तेजपाल का व्यक्तिगत जीवन (Tarun Tejpal Personal Life)

ये अपने कॉलेज के दौरान गीतन बत्रा से वर्ष 1984 में मिले और वर्ष 1985 में इन्होने इन्ही से विवाह कर लिया. इन दोनों को इस विवाह से दो पुत्रियाँ प्राप्त हुईं, जिनके नाम टीया और सारा है.

तरुण तेजपाल के अवार्ड (Tarun Tejpal Awards)

वर्ष 2010 में इन्हें इंटरनेशनल प्रेस इंस्टिट्यूशन की तरफ से इनके कार्य को देखते हुए ‘अवार्ड ऑफ़ एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म’ प्राप्त हुआ था. वर्ष 2001 में बिज़नस वीक की तरफ से एशिया के मुख्य 50 व्यक्तित्वों के लिए चुना गया. इसके उपरान्त ‘द गार्डियन’ ने उनका नाम ‘इंडियन इलीट’ की फेहरिस्त में शामिल किया.

तरुण तेजपाल केस (Tarun Tejpal Case in hindi)

इन पर यौन शोषण का आरोप है. इस आरोप की वजह से इन्हें नवम्बर 2013 में तहलका के मुख्य सम्पादक के पद से छः महीने के लिए हटा दिया गया. तहलका की एक महिला कार्यकर्ता ने इन पर गोवा के एक पांच सितारा होटल में लिफ्ट के अन्दर यौन शोषण का आरोप लगाया था. इस आरोप के साथ ही यह लोगों की नज़रों में आ गये, जिसकी एक वजह ये थी कि इस घटना के कुछ समय पहले इनकी पत्रिका ने ख़ुद ही भारत में होने वाले यौन शोषण की घटनाओं का पर्दाफाश किया था. इन पर आरोप का एफ़आईआर गोवा पुलिस में दर्ज कराया गया, जिसके अंतर्गत बलात्कार के साथ ही अन्य कई आरोप थे. इसके बाद इनके विरूद्ध गोवा पुलिस ने एक ग़ैर जमानती वारंट ज़ारी किया और 30 नवम्बर 2013 को पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया. 1 जुलाई सन 2014 को सुप्रीमकोर्ट ने उन्हें जमानत के आदेश दिए और उन्हें उनका पासपोर्ट कोर्ट में जमा करने को कहा.

तरुण तेजपाल पर तात्कालिक समाचार (Tarun Tejpal Case Latest News)

4 वर्ष पुराने तरुण तेजपाल केस में तत्कालिक समाचार यह है कि 28 सितम्बर को इन पर चार्जेस तय किये जायेंगे. इस समय तरुण तेजपाल पर सीआरपीसी सेक्शन 327(2) के अंतर्गत मुक़द्दमा चल रहा है. इन्हें इस मामले मे कोर्ट ने जमानत दे रखी है. इस केस में पिछले 3 वर्षों से सुनवाई चल रही है. 28 सितम्बर को इन पर इंडियन पीनल कोड के अधीन धारा 341, 342, 350 (आपराधिक बल), 354 ए और बी (महिला पर यौन प्रवृत्ति की टिप्पणियां और उस पर आपराधिक बल का प्रयोग) और 376 (बलात्कार) के तहत आरोप तय होंगे. इस कार्यवाही से मीडिया को कोर्ट से दूर रखा है. समाचार पत्र का महत्व यहाँ पढ़ें.

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Karnika

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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