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उड़ान कलर्स सिरियल की कहानी एवम किरदार

Udaan colors serial cast story in hindi  बंधुआ मजदूर के जीवन पर आधारित है उड़ान सिरियल की कहानी. इस कहानी में कर्ज न चुका पाने के कारण गरीब दंपति भुवन और कस्तुरी के अपने अजन्मे बच्चे को बंधुआ मजदूर बनाने के दर्द को उजागर किया है. यह एक टीवी ड्रामा है, जो कलर्स चैनल पर 18 अगस्त 2014 से प्रसारित होने लगा है. इसके निर्माता मशहूर बॉलीवुड फिल्म निर्माता महेश भट्ट हैं. इस सिरियल की कहानी उड़ान नामक फिल्म पर आधारित है, जो किसी कारणवश रिलीज नही हो पायी. अभी तक (26 अप्रैल तक) इसके 506 एपिसोड्स प्रसारित हो चुके हैं. यह घर घर में सबका पसंदीदा सिरियल बन गया है. हिन्दी भाषा के साथ साथ यह तमिल भाषा में “पूविजही वसलीले” के नाम से राज टीवी पर भी प्रसारित होता है.

उड़ान कलर्स सिरियल की कहानी एवम किरदार

Udaan colors serial cast story in hindi 

इस सिरियल में स्पंदन चतुर्वेदी ने बाल कलाकार चकोर की मुख्य भूमिका निभाई है. चकोर एक छोटी बच्ची, जो उड़ना चाहती है अरमानो की दुनिया में, भरना चाहती है सपनों की उड़ान जो है होसलो से भरी. चकोर नर्म दिल, निर्भय, निडर और बुद्धिमान लड़की है, जो जीवन में कुछ बड़ा हासिल करने का सपना देखती है, वह पढना चाहती है, परंतु उसके माता – पिता के कर्ज को चुकाने के लिए वह बंधुआ मजदूर बना दी जाती है.

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  • क्या कहती है उड़ान सिरियल की कहानी (Udaan colors serial story):

उड़ान की कहानी बाल कलाकार “चकोर” के इर्द गिर्द घूमती है. यह कहानी है 1996 के समय के आजादगंज गाँव की. इस सिरियल में चकोर को जन्म से पहले ही उसके माँ – बाप (भुवन और कस्तुरी) बंधुआ मजदूरी के चलते आजादगंज गाँव के रईस जमींदार कमल नारायण राजवंशी (भैयाजी) के यहाँ गिरवी रख देते हैं.

कहानी बहुत ही मार्मिक ढंग से शुरू होती है. भुवन और कस्तुरी भैयाजी के यहाँ बंधुआ मजदूरी करते हुए अपना गुजर बसर करते हैं. भुवन के पिता हरिया की मृत्यु हो जाती है, इस समय कस्तुरी गर्भवती रहती है. अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए भुवन और कस्तुरी के पास ना तो पंडित को दान देने के लिये दक्षिणा (रुपये) न ही गाय आदि कुछ रहता है. इसलिए ये दोनों भैयाजी के यहाँ उनकी हवेली में मदद मांगने जाते हैं. इस पर भैयाजी (कमल नारायण) की पत्नी तेजस्विनी मदद के बदले भुवन और कस्तुरी के अजन्मे बच्चे को हवेली में बंधुआ मजदूर के रूप में रखने की शर्त रखती है. कस्तुरी और भुवन हामी भरते हैं और भैयाजी की मदद से वे हरिया का अंतिम संस्कार करते हैं. उसी साल 1996 में पूर्णमासी की रात को कस्तुरी एक लड़की को जन्म देती है जिसका नाम “चकोर” रखा जाता है. भुवन और कस्तुरी शर्त के अनुसार बच्ची को हवेली में भैयाजी के यहाँ सौपने जाते हैं, जहाँ तेजस्विनी कहती है कि भुवन और कस्तुरी चकोर को 7 साल तक अपने पास रख के पाल सकते हैं. लेकिन 7 साल बाद उन्हें चकोर को हवेली में सौंपना होगा.

कहानी को आगे बढ़ाते हुए 2003 में चकोर 7 साल की होती है, जब वह हवेली में काम के लिए रहने लगती है. चकोर बहुत ही मासूम रहती है, वह स्कूल जाना चाहती है, पढना चाहती है ताकि बड़े हो कर वह अपने सपनों को पूरा कर सके. लेकिन भैयाजी एवं तेजस्विनी चकोर की पढ़ाई के खिलाफ रहते हैं.

चकोर को आगे बढ़ाने में आजादगंज गाँव के पास लखनऊ के कलेक्टर ईश्वर रावत मदद करते हैं. वे चकोर को अपनी लड़की जैसा मानते हैं और उसके सपने पूरे करने की कोशिश में उसकी मदद करते हैं. वे भैयाजी के सभी राज जानते हैं और इसलिए भैयाजी एवं रावत का परिवार एक दूसरे को पसंद नहीं करते हैं. रावतजी की मदद से चकोर स्कूल जाने लगती है. रावतजी उसे अपने साथ लखनऊ ले आते हैं. एक बार उसे बचपन में मेराथन दौड़ में भाग लेने का अवसर मिलता है, परंतु इमली की स्वतन्त्रता के लिए चकोर इस दौड़ में भाग नहीं ले पाती है. यह सब भैयाजी को नागवार लगता है. ईश्वर रावत के पिता, पुरुषोत्तम रावत भैयाजी की चाल तथा उनके गुस्से को जानते थे और इसीलिए वे चकोर की पढ़ाई रोक कर उसे वापस हवेली भेजना चाहते थे. एक बार रावत, भैयाजी की चाल का शिकार हो जाता है. भैयाजी ईश्वर रावत पर आरोप लगाते हैं कि वे चकोर को बेचना चाहते हैं. भैयाजी के कहने पर लखनऊ की पुलिस रावतजी को चकोर को गलत तरीके से घर में रखने के इल्ज़ाम में गिरफ्तार कर लेती है. ईश्वर रावत, जो चकोर की बहुत मदद करते हैं, उन्हें बचाने के लिए चकोर अपना सपना छोड़ देती है और फिर आगे न पढ़ने की कसम खा कर लखनऊ से हवेली में लौट जाती है. चकोर कमल नारायण की बेटी भाग्य से मिलती है.

  • 10 साल कहानी आगे बढ़ी (Udaan serial 10 year leap):

उड़ान सिरियल ने 10 साल का लीप लेते हुए कहानी को आगे बढ़ाया है. इस कहानी में 3 किरदार मुख्य भूमिका में हैं. जवान हुई चकोर, जिसका किरदार निभा रही हैं मीरा देओस्थले, आदित्य रावत (वरुण शर्मा) और विवान राजवंशी (पारस अरोड़ा). जवान हुई चकोर आजादगंज एवं भैयाजी के चंगुल से बाहर निकलने तथा अपने सपनों को पूरा करने का सोचती है. इसमें उसकी मदद उसके कोच अर्जुन खन्ना तथा उनकी पत्नी भाग्य करते हैं. विवान राजवंशी, मनोहर राजवंशी का पुत्र तथा कमल नारायण का भतीजा है तथा ईश्वर रावत का बेटा आदित्य रावत अच्छे दोस्त हैं.

कहानी में कई दिलचस्प मोड़ आते हैं. कई मुसीबतों के बाद किस्मत फिर एक बार चकोर का साथ देती है और उसे दिल्ली की मेराथन की दौड़ में भाग लेने का अवसर मिलता है. यह सुनकर रावतजी चकोर के लिए ट्रेनिंग आयोजित करते हैं तथा कोच की व्यवस्था करते हैं. अर्जुन खन्ना चकोर के कोच के रूप में चकोर के जीवन में आते हैं. लेकिन उन्हें कमल नारायण की बेटी भाग्य से प्यार हो जाता है. वे दोनों शादी कर लेते हैं एवं अर्जुन भाग्य को अपने साथ लखनऊ ले आता है, जहाँ वे दोनों खुशी खुशी रहते हैं. वे चकोर का अपनी बच्ची जैसा ध्यान रहते हैं. लेकिन भैयाजी अर्जुन को अपने दामाद के रूप में स्वीकार नहीं करते हैं और वे उसे मारना चाहते हैं. ईश्वर रावत के कारण एक बार भैयाजी को जेल जाना पड़ता है, लेकिन भैयाजी के षड्यंत्र में चकोर के शुभचिंतक रावत की बम विस्फोट में मृत्यु हो जाती है. इसके बाद भैयाजी जेल से छूट जाते हैं. रावतजी की मौत से चकोर टूट सी जाती है.

इसके बाद कहानी दिलचस्प मोड़ लेती है. चकोर मेराथन के लिए दिल्ली जाती है. कमल नारायण राजवंशी तथा उनके भाई मनोहर राजवंशी चकोर को ढूंढने दिल्ली जाते हैं, जहाँ उनकी मुलाक़ात चकोर जैसी दिखने वाली लड़की “चुन्नी” से होती है. वे उसे अपने साथ लखनऊ ले आते हैं. चुन्नी की चकोर जैसी सूरत का फायदा उठाकर भैयाजी चुन्नी को 50 लाख रुपये दे कर चकोर की एक्टिंग के लिए रख लेते हैं. कस्तुरी और हवेली के बाकी सब चकोर को देख कर खुश होते हैं. अंत में यह पता चलता है की चुन्नी, चकोर की ही जुड़वा बहन है. भैयाजी चुन्नी को मार डालते हैं.

रंजना मनोहर को मार डालती है. वह भैयाजी से शादी कर लेती है. चकोर को कुछ पता नहीं रहता है और वो इंद्रधनुष सर्कस में जाती है और अपनी बहदुरी से मनोहर के मर्डर के बारे में बताती है. भैयाजी चकोर को मारने की कोशिश करते हैं पर एक बार फिर अर्जुन खन्ना चकोर की मदद के लिए आजादगंज आते हैं चकोर को बचा लेते हैं.

  • कलर्स उड़ान टीवी  सिरियल के बारे में (Udaan colors serial Information):
निर्माता महेश भट्ट
एक्सिक्यूटिव निर्माता गुरुदेव भल्ला, धवल गड़ा
लेखक रॉबिन भट्ट, जावेद सिद्दीकी, समीर सिद्दीकी
वितरक गुरुदेव भल्ला प्रोडक्ष्न्स
एपिसोड्स की संख्या 506
  • उड़ान सिरियल के स्टार कास्ट की जानकारी (Udaan colors serial new cast Details):

                 कलर्स उड़ान सिरियल के मुख्य रोल (Udaan colors serial Main Role)

क्रमांक किरदार असली नाम
1. चकोर मीरा देओस्थाले
2. आदित्य रावत वरुण शर्मा
3. विवान रघुवंशी पारस अरोड़ा
4. अर्जुन खन्ना विनीत रैना
5. कमाल नारायण रघुवंशी साई बल्लाल
6. सूरज रघुवंशी विजयेन्द्र कुमेरिया
7. रागिनी राजवंशी (इमली) विधि पाण्ड्या
8. भाग्य शीतल पाण्ड्या

उड़ान सिरियल के सपोर्टिंग रोल (Udaan colors serial Supporting Role)

क्रमांक किरदार असली नाम
1. कस्तुरी साई देओधर
2. आभा ईश्वर रावत डॉल्फ़िन द्विवेदी
3. कबीर (दौड़ में शामिल) आरयन वैद
4. धावक विन्नी अरोड़ा
5. रंजना राजवंशी गिन्नी विरदी
6. लाखन प्रकाश रामचंदानी
7. भुवन राजीव कुमार
8. लाली निशा पारीख
9. तेजस्विनी राजवंशी प्राची पाठक
  •  10 साल पहले की कहानी में स्टार कास्ट
क्रमांक किरदार असली नाम
1. चकोर/चुन्नी स्पंदन चतुर्वेदी
2. अदित्य रावत यश मिस्त्री
3. विवान राजवंशी वाहिब कपाड़िया
4. कलेक्टर ईश्वर रावत संदीप बसवाना
5. अपूर्व ज्योतिर सूरज राजवंशी
6. इमली तशीन शाह
7. रागिनी राजवंशी वैष्णवी शुक्ला
8. ओम जीनीत रथ
9. राकेश देशमुख/ रॉकी नवीन शर्मा
10. वैभवी देशमुख रोमा बाली
11. शकुंतला राजवंशी सुहासिनी मुलाय
12. महेश खन्ना (सर्कस का मालिक) अमित डोलावत
13. मनोहर राजवंशी मोनी राय
14. स्वर्ण रावत दीप कौर
15. समरिथन प्रभाकर रावत विजय आइदासनी
16. प्रिन्सिपल निशिकांत दीक्षित
17. मंत्री शैलेश दातार

 

उड़ान की कहानी में 10 साल बाद प्यार का रंग भी जमने लगा है. विवान को चकोर से प्यार होने लगा है और चकोर से वह पूछता है कि क्या वह भी विवान के बारे में वही महसूस करती है. विवान के इस सवाल पर चकोर इंकार करते हुए कहती है कि वह विवान को एक अच्छा दोस्त मानती है और उससे ज्यादा कुछ नहीं. दिल्ली में चकोर की टीना से दोस्ती होती है, जो विवान के साथ दोस्ती करने की कोशिश करती है. विवान टीना को अपने बारे में बताते हुए कहता है कि कैसे उसकी माँ रंजना ने उसके पिताजी मनोहर को मारा तथा भैयाजी से शादी कर ली. चकोर को विवान और टीना का साथ पसंद नहीं आता है और वो विवान को टीना से दूर रहने का बोलती है. दोनों में बहस हो जाती है और विवान वहाँ से चले जाता है. विवान का पीछा करते हुए चकोर का एक्सिडेंट हो जाता है. उसे हॉस्पिटल ले जाने पर डॉक्टर चकोर के परिवार को बताते हैं कि चकोर की हालत बहुत ही नाजुक है. क्या चकोर इस एक्सिडेंट से बच पाएगी? क्या चकोर विवान को चाहने लगेगी, क्या विवान के प्रति उसका प्यार जागेगा? इन सब सवालों के जवाब जानने के लिए देखिये “उड़ान- होसलों की” सोमवार से शुक्रवार सिर्फ कलर्स टीवी पर.

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प्रेरणा दीपावली वेबसाइट की लेखिका है, जिनको लिखने का शौक है, इसलिए वे दीपावली साईट के लिए कभी कभी कुछ विषयोंपर लिखती है|
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