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अफगानिस्तान पर अमेरिका द्वारा गिराया गया बम | US Drops Non Nuclear Bomb GBU 43 in Afghanistan in hindi

US Drops Largest Non Nuclear Bomb GBU-43 in Afghanistan in hindi संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान पर ग़ैर परमाणविक बम का इस्तेमाल किया, जिसमे 36 आईएस मिलिटेंट मारे गये और उनका बेस भी पूरी तरह से तबाह हो गया. इस बम को एक टनल काम्प्लेक्स, जो आईएस द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा था, पर गिराया गया. अफगानिस्तान के गृहमंत्री का कहना है कि इस हमले में किसी आम नागरिक की जान नहीं गयी है, इससे सिर्फ और सिर्फ आतंकी बेस तबाह हुए हैं. आईएस पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में अपनी  पकड़ बना रहे थे और इसकी राजधानी काबुल में आये दिन घातक हमले किया करते थे. संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प बायोग्राफी के अनुसार ये -‘दूसरा सफ़ल कार्य’ हुआ है. अफ़ग़ानिस्तान पर छोड़े गये इस बम को ‘मदर ऑफ़ ऑल बम’ कहा जा रहा है. ये बम अमेरिका के वायुसेना द्वारा इस जगह पर गिराया गया.

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अफगानिस्तान पर अमेरिका द्वारा गिराया गया बम

US Drops Largest Non Nuclear Bomb GBU-43 in Afghanistan in hindi

एमओएबी यानि मदर ऑफ़ आल बम को अपरमाणविक बम में सबसे बड़ा बम कहा जाता है. पहली बार इसका परीक्षण सन 2003 में हुआ था, किन्तु किसी भी युद्ध में इसका प्रयोग नही हुआ था. पहली बार अब किसी युद्द में इसका प्रयोग किया गया है. अचिन के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर इस्माइल शिन्वारी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के सुरक्षा बालों के साथ मिलकर अफ़ग़ानिस्तान का सुरक्षा बल पिछले तेरह दिनों से इस क्षेत्र में आईएस के ख़िलाफ़ लड़ रहा था. गवर्नर के अनुसार पहले भी आईएस के बेस पर बमबारी की जाती रही है, किन्तु गयी रात हुआ बम विस्फोट अब तक का सबसे बड़ा बम विस्फोट था.

बम के विषय में जानकारी (GBU-43 bomb information)

ये एक अनाभिकीय बम है तथा अनाभिकीय बमों में सबसे अधिक घटक बम है. इसके पहले परिक्षण के बाद किसी भी युद्द में इसका इस्तेमाल नहीं हुआ था. अफ़ग़ानिस्तान पर हमला इसका युद्द के लिए पहला प्रयोग था. इस बम की ख़ास बात ये है कि ये बम हवा में फट जाता है और फटने के बाद अपने नीचे के वायुमंडल में वायु दबाव पैदा करता है. ये वायु दबाव नीचे स्थित सुरंगों तथा अन्य निर्मित जगहों को ध्वंश कर देता है. इस बम की डिजाईन इस तरह से बनायी गयी है कि यह ‘सोफ्ट टारगेट’ को पूरी तरह से ध्वंश करने में सक्षम है. अतः इसका इस्तेमाल सुरंगों, बेसों आदि को ध्वंश करने के लिए किया जाता है.

क्र.म. जीबीयू – 43 बम के बारे में जानकारी
1 नाम जीबीयू – 43 मैसिव आर्डिनेंस एयर ब्लास्ट
2 दूसरा नाम मदर ऑफ़ ऑल बम
3 क्लास परम्परागत हथियार
4 प्रकार वायु गैर परमाणु बम
5 मूल अमेरिका
6 सक्रीय साल 2003 से वर्तमान तक
7 स्वामित्व अमेरिकी वायुसेना
  जीबीयू – 43 बम का उत्पादन विवरण
8 विकसित एल्बर्ट एल वेइमर्ट्स जूनियर द्वारा
9 डिज़ाइन लॉकहीड सी – 130 हरक्यूलिस
10 डिज़ाइन वर्ष 2002
11 निर्माण वर्ष 2003
  जीबीयू – 43 बम का संचालन सम्बन्धी विवरण
12 पहला प्रशिक्षण 11/03/2003
13 रेंज 70
14 क्षेत्र एग्लिन वायुसेना बेस फ्लोरिडा
15 अगला प्रशिक्षण 21/11/2003
16 पहला उपयोग 13 /04/ 2017
17 क्षेत्र अफगानिस्तान
  जीबीयू – 43 बम की विशिष्टता
18 वजन 10300000 ग्राम
19 लम्बाई 918.85 सेमी
20 व्यास 103 सेमी
21 भराव एच – 6
22 भराव का वजन 8,500 किग्रा (18,700 पाउंड)
23 ब्लास्ट यील्ड 11 टन टीएनटी (46 जीजे)

बम ब्लास्ट क्षेत्र (GBU-43 blast radius)

इस बम के इस्तेमाल के पीछे मुख्य उद्देश्य अफ़ग़ानिस्तान में फैले आईएस बंकरों और सुरंगों को तबाह करना था. आईएस के आतंकी अंडर कवर होकर अपने इरादो को अंजाम देते हैं. अतः उनके खात्मे के लिए ऐसे क़दम का इस्तेमाल किया गया है.  

एमओएबी या जीबीयू- 43/बी संयुक्त राष्ट्र अमेरिका मिलिट्री का सबसे ताक़तवर बम है, जिसे जीपीएस द्वारा नियंत्रित और नियमित किया जाता है. अफ़ग़ानिस्तान में इसे एमसी- 130 एयरक्राफ्ट से गिराया गया. ये एयरक्राफ्ट अमेरिका के स्पेशल फाॅर्स के लिए इस्तेमाल किया जाता है. ये बम इस एयरक्राफ्ट में स्पेशल क्रैडल पर रखा जाता है, जिससे पैराशूट के सहारे बम गिराया जाता है. एयरक्राफ्ट ने इस बम को पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बॉर्डर के पास नंगरहार के अचिन जिले में गिराया. इसका प्राथमिक प्रभाव बहुत ही बड़ा होता है. ब्लास्ट होते ही ये एक बहुत बड़े क्षेत्र को तबाह कर देता है. एमओएबी वियतनाम युद्ध के समय इस्तेमाल होने वाले शस्त्रों का विकसित रूप है.

अमेरिका के सैन्य अधिकारियों का कथन (US military officer statement)

अमेरिका पेंटागन के प्रवक्ता ऐडम स्टंप के अनुसार – ‘इस हमले का ब्लू प्रिंट कुछ महीने पहले ही तैयार था और विभिन्न स्तरों पर इस हमले के लिए तैयारियाँ की जा रही थीं, साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि – ‘इस हमले का निर्णय बराक ओबामा के राष्ट्रपति रहते हुए हुआ था या नहीं इसका उन्हें कुछ भी आईडिया नहीं है’. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की शासन प्राणाली में अफ़ग़ानिस्तान का रुख तो है किन्तु इस दौरान बड़े बम के इस्तेमाल ने आईएस को इस बात का संकेत दे दिया है कि ट्रम्प शासन प्रणाली में आईएस इनका टॉप टारगेट है.

संयुक्त राज्य अमेरिका के जनरल जॉन डब्लू निकोलशन ने कहा है कि – ‘बम विस्फोट की इस कार्यावाही से आईएसआईएस को कई तरह से हानि हुई है, जिससे आतंकवाद का साख कमज़ोर पडा है वहीँ अमेरिकी सेना के आईएसआईएस के खात्मे के लिए चलाये जा रहे ऑपरेशन की वैसी दिक्क़तें भी कम हो गयीं हैं, जो आईएस के आतंकी बंकरों और सुरंगों के इस्तेमाल से पैदा करते हैं’. इस बम के इस्तेमाल के बाद ब्लास्ट क्षेत्र के तीन मील बाहर किसी तरह की कोई भी क्षति नही देखी गयी है. यहाँ के बाशिंदों का कहना है कि वे पहले से आईएस मिलिटेंट को पहाड़ो पर चढ़ते हुए देखते थे.

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति का कथन (Afghanistan President statement)

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामीद करज़ई ने इस ब्लास्ट का ज़ोरदार विरोध किया है, और कहा है कि – ‘ये सिर्फ आतंकवाद से युद्ध ही नहीं बल्कि बहुत अमानवीय और निर्दयी कार्य था, जिसमे अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन को अपने घातक हथियारों का ‘टेस्टिंग ग्राउंड’ बना दिया है’.

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Karnika

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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