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निवेश की दुनिया के बादशाह वॉरेन बफेट का जीवन परिचय | Warren Buffett Biography in hindi

Warren Buffett Biography in hindi दुनिया का सबसे अमीर आदमीयों मे एक, जिसे दुनिया का सबसे अमीर आदमी बिल गेट्स अपना सबसे बेहतरीन दोस्‍त और प्रेरक मानते है. साधारण से परिवार का एक लड़का जो दुनिया को सिखाता है कि सबसे अमीर होने से ज्‍यादा इस बात का महत्‍व है कि आप सबसे दयालू बन सकते हैं या नहीं. इतना सफल व्‍यक्ति जिसके इर्द-गिर्द पूरी दुनिया की अर्थव्‍यवस्‍था घूम‍ती है. अरबो डॉलर कमाई के बावजूद जिसकी ईमानदारी और प्रोफेशनलिज्‍म की मिसाले दी जाती है. हम यहां बर्कशायर हैथवे के मालिक वॉरेन बफेट या वारेन बफे की बात कर रहे हैं.

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निवेश की दुनिया के बादशाह: वॉरेन बफेट 

Warren Buffett biography in hindi

 

क्र. जीवन परिचय बिंदु जीवन परिचय
1. पूरा नाम वॉरेन बफेट
2. उप नाम ऑरेकल ऑफ ओमाहा
3. जन्‍म तिथि 30 अगस्‍त 1930
4. जन्‍म स्‍थान नेब्रास्‍का, ओमाहा, स. रा. अमेरिका
5. पिता हावर्ड बफेट
6. माता लीला स्‍टॉल
7. पत्‍नी सुसान थॉम्‍पसन, एस्ट्रिड मेंक्‍स
8. बच्‍चे एलिस हावर्ड तथा पीटर  
9. पेशा निवेशक
10. कंपनी बर्कशायर हैथवे

कौन है वॉरेन बफेट? (Who is Warren Buffett) –

वॉरेन बफेट बर्कशायर हैथवे को मालिक और शेयर बाजार के सबसे बेहतरीन निवेशको में से एक माने जाते हैं. फोर्ब्‍स पत्रिका द्वारा जारी की गई रैंकिंग के अनुसार वे दुनिया के सबसे अमीर व्‍यक्‍तियों में से एक हैं और 2008 में जारी की गई सूची के अनुसार उनकी नेटवर्थ 62 अरब अमरिकी डॉलर से ज्‍यादा है. वॉरेन बफेट का जन्‍म 30 अगस्‍त 1930 के ओमाहा के नेब्रास्‍का कस्‍बे में हुआ था. ओमाहा का होने की वजह से उन्‍हें ओमाहा की देववाणी या ओमाहा का ऑरेकल भी कहा जाता है. वॉरेन के पिता का नाम हावर्ड बफेट और माता का नाम लीला स्‍टॉल था. उनके पिता भी शेयर बाजार में एक निवेशक और सलाहकार के तोर पर  काम करते थे, तो ये कहना गलत नहीं होगा कि वॉरेन को निवेश करने की कला विरासत में मिली थी. उन्‍होंने ने भी अपने पिता के नक्‍शे कदम पर चलते हुए शेयर बाजार में ही अपना भविष्‍य तलाशने का फैसला लिया. उन्‍होंने वाॅशिंगटन डीसी के वुड्रो विल्‍सन हाई स्‍कूल से स्‍कूली शिक्षा पूरी की. पेंसिलवेनिया विश्‍वविद्यालय के व्‍हार्टन स्‍कूल से उपाधि लेन के बाद इन्‍होंने कोलम्बिया स्‍कूल ऑफ मैनेजमेंट से प्रबंधन की पढ़ाई की. आज भी वे ओमाहा में ही अपने छोटे से मकान में रहते हैं जो इस बेहतरीन आदमी की सादगी और उसकी उच्‍च विचारों को पूरी दुनिया के सामने रखता है.

बिजनेस की शुरुआत (Warren Buffett career) –

वॉरेन का जीवन सामान्‍य होता अगर उनकी मुलाकात बेंजामिन ग्राहम से न हुई होती. बेंजामिन वह व्‍यक्ति थे जिन्‍होंने वॉरेन के जीवन पर गहरा प्रभाव छोड़ा. बेंजामिन भी एक शेयर बाजार निवेशक और परामर्शदाता थे. जिनसे सीखे गुरों ने वॉरेन को द वॉरेन बफेट बनाया. खुद वॉरेन बफेट ने कई साक्षात्‍कारों के दौरान स्‍वीकार किया कि वे 15 प्रतिशत फिशर (वॉरेन बफेट का पुश्‍तैनी उपनाम) है और 85 प्रतिशत बेंजामिन ग्राहम. उन्‍होंने ही बताया कि शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव को किस तरह अपने फायदे का माध्‍यम बनाया जा सकता है. बेंजामिन से बहुत कुछ सीखने क बाद वॉरेन नाम का किशोर शेयर बाजार की इस दुनिया में नाम कमाने निकल पड़ा.  

बफेट ने अपने व्‍यवसाय की शुरुआत पहले पहल 13 साल की उम्र में ही कर दी थी. उन्‍होंने 1943 में अपना पहला इन्‍कम टैक्‍स रिटर्न भरा था. पूत ने पालने में पांव दिखाने शुरू कर दिए थे. 15 साल की उम्र में उन्‍होंने एक पिन बॉल खरीदा और एक सलून में हिस्‍सेदारी के साथ रख दिया और देखते ही देखते कुछ ही महीनों में वॉरेन एक से बढ़कर तीन पीनबॉल के मालिक हो गए थे. बिजनेस चल निकला था. वॉरेन के हाथ हमेशा सफलता ही लगी ऐसा भी नहीं था. उन्‍होंने हार्वर्ड बिजनेस स्‍कूल में शिक्षा के लिए आवेदन दिया लेकिन स्‍कूल ने भविष्‍य के इस सबसे महान निवेशक का आवेदन ठुकरा दिया. इसी तरह उन्‍होंने अपने शुरूआती निवेश में एक गैस स्‍टेशन खरीदा जिसमें उन्‍हें घाटा उठाना पड़ा. इसी दौर  में जब वे व्‍यवसाय के हरेक फ्रंट पर जीत रहे थे, तभी म‍हज 22 साल की उम्र में वे सुसान थॉम्‍पसन पर अपना दिल हार बैठे और 1952 में दोनों ने शादी कर ली. 1953 में वॉरेन की पहली संतान हुई, नाम रखा गया सुसन एलिस बफेट. इसके बाद उनके दो और बच्‍चे हावर्ड तथा पीटर हुए.  

सफलता की सीढि़यां

वॉरेन को सही मायनों में काम करने का अवसर तब मिला जब बेंजामिन ग्राहम ने उन्‍हें 12 हजार डॉलर वेतन पर अपनी फर्म में नौकरी पर रखा. इस नौकरी के दौरान ही उन्‍हें शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव को फायदे के लिए इस्‍तेमाल किए जाने के तरीको की समझ को विकसित करने का अवसर मिला. दो वर्ष बाद बेंजामिन ग्राहम ने सेवानिवृति ले ली. एक बार फिर बफेट ने अपना काम शुरू करने की योजना बनाई और बफेट पार्टनरशिप लिमिटेड के नाम से निवेश फर्म बनाई. इसी फर्म में हुई अपनी कमाई से बफेट ने अपना पहला और वर्तमान घर 31 हजार 500 डॉलर में खरीदा. इसके बाद तो वॉरेन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और 1962 आते-आते महज 32 साल की उम्र में अमेरिका को एक नया करोड़पति मिल चुका था-वॉरेन बफेट. उनकी साझेदारियों की नेटवर्थ  7 करोड़ 17 लाख डॉलर से ज्‍यादा हो चुकी थी और इसमे में 10 लाख 25 हजार से ज्‍यादा की रकम अकेले वॉरेन की थी. इसके बाद उनकी जिंदगी में आया बर्कशायर हैथवे. वॉरेन ने तेजी से इस कंपनी के शेयर्स को खरीदना शुरू कर दिया और 1965 तक इस कंपनी का नियंत्रण उन्‍होंने अपने हाथों में ले लिया. इस कारनामें को अंजाम देते वक्‍त उनकी उम्र महज 35 साल थी.

बर्कशायर ने सफलता की सीढि़या चढ़नी शुरू कर दी. इसी कंपनी के साथ काम करते हुए उन्होंने सभापति के तौर पर चिट्टियां लिखी, जो पूरी दुनिया में मशहूर हुईं. 1979 पहला साल था जब वॉरेन का नाम पहली बार फोर्ब्‍स की अमीरों की सूची में आया. इससे पहले कुछ शेयर्स खरीद में उन्‍हें जांच का भी सामना करना पड़ा लेकिन वॉरेन इसमें से बेदाग बाहर आए. इसके बाद तो वॉरेन ने सफलता शब्‍द को भी छोटा बना दिया. उन्‍हें सर्वकालिक महान पूंजी प्रबंधक स्‍वीकार कर लिया गया. 2008 में उन्‍होंने बिल गेट्स को पछाड़ते हुए दुनिया के सबसे अमीर आदमी होने का खिताब भी अपने नाम कर लिया. इसी बीच 75 साल की उम्र में उन्‍होंने अपने रिटायरमेंट की घोषणा करते हुए अपनी संपति का बड़ा हिस्‍सा मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन के नाम कर दिया और सिंपसन को अपना उत्‍तराधिकारी चुन लिया.
वॉरेन बफेट का निजी जीवन (Warren Buffett personal information) –

वॉरेन बफेट का निजी जीवन भी उतना ही रोमांचक है जितना उनका प्रोफेशनल जीवन. अपनी पत्‍नी सुसान थॉम्‍पसन से उनका संबंध खट्टा-मीठा कहा जा सकता है. इस जोड़े के तीन संतान हुई लेकिन शादी के कुछ साल बाद ही 1977 से दोनो ने अलग-अलग रहना शुरू कर दिया हालांकि उन्‍होंने कभी तलाक नहीं लिया. वॉरेन ने 2006 में सुसान की मृत्‍यु के दो साल बाद ही अपनी मित्र एस्ट्रिड मेंक्‍स के साथ शादी की. इन दोनों की दोस्‍ती वॉरेन की पत्‍नी सुसान ने ही करवाई थी. इसके अलावा वॉरेन बफेट को ब्रिज खेलने का बहुत शौक है और इसके लिए वे बिल गेट्स और पॉल एलन को अपना साथी बनाते थे. उन्‍होंने गोल्‍फ के लिए होने वाले रायडर कप की तर्ज पर ब्रिज के लिए एक प्रतियोगिता का आयोजन भी किया था. पूरा जीवन उन्‍होने इतनी सादगी से बिताया कि कभी-कभी इस मितव्‍ययता के लिए उनका मजाक भी उड़ाया गया लेकिन जब उन्‍होंने बताया कि उनका दिल कितना बड़ा है  और अपनी सारी संपत्ति दान कर दी, तब लोगों का मन उनके प्रति आदर भाव से झुक गया. दुनिया का यह सबसे अमीर आदमी आज भी अपनी कार खुद चलाता है, उनके पास कोई सेलफोन नहीं और उनकी मेजपर कोई कम्‍प्‍यूटर भी नहीं है.

वॉरेन बफेट ने दुनिया को सिखाया कि आखिर में यह महत्‍वपूर्ण नहीं होता है कि आपने कितना ज्‍यादा पैसा कमाया, इंर्पोटेंट यह होता है कि आपने उसे निवेशित कैसे किया. उन्‍होंने अपना पैसा दान देते हुए कहा था कि यह मेरी जिंदगी का सबसे समझदारी भरा निवेश है जो मैंने लाखों जिंदगिया बदलने के लिए किया है. वॉरेन कहते हैं कि हम सबका दायित्‍व है कि जिस दुनिया ने हमें सबकुछ दिया उसे आखिर में हम कुछ तो लौटाएं.

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