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विलियम शेक्सपियर जीवन परिचय |William Shakespeare biography in hindi

William Shakespeare biography in hindi विलियम शेक्सपियर, 16 वीं शताब्दी के एक जाने माने अंग्रेजी कवि, नाटककार और अभिनेता थे. दोस्तों आपने इतिहास में इनके बारे में जरुर सुना होगा. ये अंग्रेजी भाषा के सबसे महान लेखक और विश्व के पूर्व – प्रख्यात नाटककार के रूप में व्यापक हैं. इन्हें इंग्लैंड का राष्ट्रीय कवि भी कहा जाता था एवं इनका उपनाम “बार्ड ऑफ़ एवन” था. इन्होंने 38 नाटकों, 154 सनेट्स, 2 लंबी कथा कविता और कुछ अन्य छंद जिनमें से कुछ की औथोर्शिप अनिश्चित है के बारे में लिखा. इनके नाटकों को हर एक भाषा में अनुवाद किया गया है, एवं किसी अन्य नाटककार की तुलना में इनके नाटक अधिक बार प्रदर्शित किये गए हैं और आज भी किये जा रहे हैं. इनके काम को लोगों ने बहुत सराहा है. विलियम शेक्सपियर के बिना साहित्य, मछली के बिना एक्वेरियम की तरह है. इन्होंने लगभग 1700 अंग्रेजी के शब्दों को उत्पन्न किया. इस आर्टिकल में इनके जीवन के बारे में बताया गया है.

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विलियम शेक्सपियर का जीवन परिचय (William Shakespeare biography in hindi)

विलियम शेक्सपियर का जीवन परिचय निम्न तालिका में दर्शाया गया है-

क्र.म. जीवन परिचय बिंदु जीवन परिचय
1. पूरा नाम विलियम शेक्सपियर
2. जन्म 26 अप्रैल 1564
3. जन्म स्थान इंग्लैंड के स्ट्रेटफोर्ड – अपॉन – एवन
4. राष्ट्रीयता ब्रिटिश
5. पेशा नाटककार, अभिनेता
6. प्रसिद्धी सबसे महान लेखक
7. पिता जॉन शेक्सपियर
8. माता मैरी शेक्सपियर
9. भाई – बहन एडमंड शेक्सपियर, जोआन शेक्सपियर, गिल्बर्ट शेक्सपियर, मार्गरेट शेक्सपियर, ऐनी शेक्सपियर, रिचार्ड शेक्सपियर
10. पत्नी ऐनी हथावे
11. बच्चे सुसंना हॉल, हम्नेट शेक्सपियर, जूडिथ क़ुइनी.
12. मृत्यु 23 अप्रैल 1616

विलियम शेक्सपियर के सम्पूर्ण जीवन के बारे में निम्न बिन्दुओं के आधार पर दर्शाया गया है-

  1. विलियम शेक्सपियर का जन्म और शुरूआती जीवन
  2. विलियम शेक्सपियर का व्यक्तिगत जीवन
  3. विलियम शेक्सपियर की नाट्य शुरुआत
  4. विलियम शेक्सपियर का काव्य में कार्यकाल
  5. विलियम शेक्सपियर का काम और उनका अंदाज
  6. विलियम शेक्सपियर की मृत्यु
  7. विलियम शेक्सपियर के बारे में कुछ रोचक तथ्य
  8. विलियम शेक्सपियर के कुछ अनमोल वचन
  • विलियम शेक्सपियर का जन्म और शुरूआती जीवन (William Shakespeare early life) –

विलियम शेक्सपियर का जन्म 26 अप्रैल सन 1564 को इंग्लैंड के Warwickshire में स्ट्रेटफोर्ड – अपॉन – एवन शहर में हुआ. वैसे तो इनके जन्म की तिथि सही से पता नहीं है किन्तु चर्च के रिकॉर्ड के अनुसार इनका जन्म 26 अप्रैल सन 1564 को हुआ है. इनके पिता जॉन शेक्सपियर एक सफल लोकल व्यापारी थे, साथ ही वे स्ट्रेटफोर्ड की सरकार में जिम्मेदार पद पर आयोजित थे एवं 1569 में उन्होंने मेयर के रूप में भी कार्य किया. तथा माता मर्री शेक्सपियर एक पड़ोसी गाँव के धनी जमींदार की बेटी थीं. इनके माता पिता की 8 संतानें थी उनमें से विलियम शेक्सपियर तीसरे थे एवं वे अपने माता पिता के सबसे बड़े पुत्र थे.

हालांकि कोई व्यक्तिगत दस्तावेज़ शेक्सपियर के स्कूल के वर्षों से जीवित नहीं है. उन्होंने शायद स्ट्रेटफोर्ड ग्रामर स्कूल अटैंड किया और क्लासिक्स, लैटिन ग्रामर एवं साहित्य का अध्ययन किया. यह माना जाता है कि आर्थिक रूप से अपने पिता की मदद करने के लिए उन्होंने अपनी पढ़ाई लगभग 13 साल की उम्र में छोड़ दी थी. इस तरह इनका शुरूआती जीवन व्यतीत हुआ.

  • विलियम शेक्सपियर का व्यक्तिगत जीवन (William Shakespeare personal life) –

प्रारंभिक परम्परा के अनुसार विलियम शेक्सपियर, ऐनी हथावे के साथ परिणय सूत्र में बंध गए. विलियम महज 18 साल के थे तथा ऐनी 26 साल की थीं, जब उनकी शादी हुई. ऐनी, विलियम से 8 साल बड़ी थीं. इनकी शादी के 6 महीने बाद इनकी एक बेटी हुई सुसंना, जिसकी शादी जॉन हॉल से हुई. इसके बाद इनके 2 जुड़वाँ बच्चे हुए हम्नेट और जूडिथ. हेम्नेट की 11 साल की उम्र में मृत्यु हो गई और जूडिथ जिसकी शादी थॉमस क़ुइनी से हुई. इस तरह विलियम शेक्सपियर के तीन बच्चे हुए. शेक्सपियर की सेक्सुअलिटी के बारे में अत्यधिक बहस हुई. ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि वे बायसेक्सुअल थे. उनकी शादी के बाद उनके जीवन के बारे में जानकारी दुर्लभ हो गई, लेकिन उन्होंने अपना ज्यादातर समय लन्दन राइटिंग और अपने नाटकों के प्रदर्शन में बिताया.

  • विलियम शेक्सपियर की नाट्य शुरुआत

कुछ जानकारी के अनुसार विलियम ने अपने नाट्य कैरियर की शुरुआत सन 1585 में की, और 7 साल तक उस पर काम किया. उनके प्रदर्शन के रिकॉर्ड के अनुसार सन 1592 में उन्होंने लन्दन मंच पर अपने कैरियर की शुरुआत की. उस समय वे बहुत प्रसिद्ध हो गए. शेक्सपियर ने आलोचकों और प्रशंसकों दोनों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया. रोबर्ट ग्रीने, शेक्सपियर के पहले आलोचकों में से एक थे, जोकि विश्वविद्यालय से शिक्षित थे और शेक्सपियर के प्रयासों से खफा थे. सन 1594 के बाद से शेक्सपियर के लगभग सभी नाटक भगवान चेम्बर्लेन के आदमियों द्वारा प्रदर्शित किये गए. यह ग्रुप कुछ ही समय में सर्वोच्च स्थिति में पहुँच गया, इसे लन्दन में एक अग्रणी कंपनी प्ले कर रही थी. इतना ही नहीं विलियम शेक्सपियर ने सन 1599 में अपना स्वयं का थिएटर खरीदा और उसका नाम ग्लोब रखा.

इस बीच शेक्सपियर की प्रतिष्ठा एक नाटककार और अभिनेता के रूप में बहुत तेजी से बढ़ती चली गई, और इस हद तक बढ़ी कि उनके नाम से ही एक मजबूत सेल्लिंग पॉइंट बन गया था. कम्पनी की सफलता ने शेक्सपियर की फाइनेंसियल स्टेबिलिटी को अच्छी तरह से मजबूत किया. सन 1603 में महारानी एलिज़ाबेथ की मौत के बाद, उन्हें एक शाही पेटेंट के साथ एक कम्पनी द्वारा सम्मानित किया गया. वह ग्रुप शेक्सपियर के कई लोकप्रिय साहित्य के प्रकाशित और बेचे जाने के बाद से बहुत लोकप्रिय हो गया. शेक्सपियर ने स्वयं के तथा दूसरों के लिखे कई नाट्य में अभिनय किया. जिनमें से कुछ ‘एव्री मेन इन हिज हुमौर’, ‘सेजनस हिज फॉल’, ‘दी फर्स्ट फोलियो’, ‘एस यू लाइक इट’, ‘हैमलेट’ और ‘हेनरी 6’ शामिल हैं. 16 वीं शताब्दी के अंत और 17 वीं शताब्दी के शुरुआत में शेक्सपियर के कैरियर के ग्राफ में एक सम्रध्द वृद्धी हुई. उन्होंने लगभग 37 नाटक लिखे जिनमे से 15 प्रकाशित हुए. उन्होंने अपनी सफल आउटिंग से बहुत सा धन अर्जित किया जिससे वे स्ट्रेटफोर्ड में एक विशाल हवेली खरीद सके, जिसका नाम उन्होंने न्यू हाउस रखा. शेक्सपियर ने लेस में रियल एस्टेट खरीदना शुरू किया. इस प्रकार वे अच्छी तरह से एक इंटरप्रेंयूर में परिवर्तित हो गए. यह उनका उसमें निवेश था, और उन्होंने उससे फाइनेंसियल लाभ का आश्वासन भी दिया.  शेक्सपियर अपने नाटक में और अधिक समय के लिए ध्यान केन्द्रित करना चाहते थे. इस प्रकार विलियम शेक्सपियर का नाट्य कैरियर चला.

  • विलियम शेक्सपियर का काव्य में कार्यकाल

विलियम शेक्सपियर एक नाटककार और अभिनेता के साथ – साथ अंग्रेजी कवि भी थे. सन 1593 और 1594 में अपने नाट्य कला के साथ – साथ उन्होंने कविता लिखने की कोशिश शुरू कर दी. उन्होंने उस समय 2 कविता ‘वीनस एंड एडोनिस’ एवं ‘दी रेप ऑफ़ लूक्रेस’ लिखीं. जिनमें से दोनों कवितायें हेनरी रिओथेस्ले, साउथएम्प्टन के एर्ल को समर्पित थी. ‘वीनस एंड एडोनिस’ कविता में वीनस की यौन उन्नति तथा एडोनिस के एवेंचुअल रिजेक्शन को दर्शाया गया है. ‘दी रेप ऑफ़ लूक्रेस’ जैसा कि नाम से पता चलता है कि कविता में लूक्रेस के भावनात्मक टर्मोइल को प्रस्तुत किया है जिसका तर्क़ुइन ने रेप किया था. दोनों ही कविता बहुत ही लोकप्रिय रही और साथ ही इसे अक्सर छापा जाता था. शेक्सपियर ने ‘अ लवर्स कंप्लेंट’ और ‘दी फोनिक्स एंड दी टर्टल’ कविता भी लिखीं. इस कविता में एक महिला की संक्षिप्त कहानी बताई गई है जोकि अपने प्रेमी द्वारा प्रलोभन के प्रयासों के कारण पीढ़ा में थी, तथा फोनिक्स एवं प्रेमी की मौत के शोक को भी व्यक्त किया गया है.

सन 1609 में, शेक्सपियर ने अपने काम को ‘सनेट्स’ का नाम दिया. यह उनके काव्य की फ़ील्ड का आखिरी काम था जो प्रिंट हुआ. इनमें लगभग 154 के बारे में सनेट्स थे. हालाँकि लेखन के समय ये सनेट्स प्रश्नात्मक थे. यह माना जाता है कि उन सभी सनेट्स को शेक्सपियर ने अपने कैरियर के माध्यम से लेकिन व्यक्तिगत पाठकों के लिए लिखा था. सनेट्स उनकी खुद की एक शैली थी जोकि विशिष्ट, असामान्य और प्यार, जुनून की भावना को मनाने की थी. यह गहरा डेल्वेस है और यह प्रसव, मृत्यु और समय के बारे में जानकारी भी देता है. इस तरह इनका काव्य में कार्यकाल चला जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया.

  • विलियम शेक्सपियर का काम और उनका अंदाज

शेक्सपियर के काम करने के अंदाज के बारे में बात करें तो शेक्सपियर ने अपने काम को अपनाया था और वे बहुत ही इनोवेटिव भी थे. उनमें मेटाफोर्स और र्हेटोरिकल फ्रेसेस को जोड़ कर अपने तरीके की पारंपरिक और कन्वेंशनल शैली थी. शेक्सपियर के अधिकांश नाटकों में एक छंद पैटर्न की उपस्थिति रहती थी जोकि अनराइम्ड आयंबिक पेंटामीटर या खाली कविता की लाइनों से मिलकर बनती थी. उनके लेखन के शुरुआती साल में अर्थात् सन 1590s के दौरान, शेक्सपियर ज्यादातर इतिहास से अपने काम की थीम लेते थे, जैसे ‘रिचार्ड 2’, ‘हेनरी 5’, ‘हेनरी 6’ आदि और भी. केवल एक काम जो उस दौरान एक्सेप्शन था वह था ‘रोमियो एंड जूलिएट’. शेक्सपियर एक बहुमुखी प्रतिभावान व्यक्ति थे जिन्होंने अपने व्यापक काम के साथ विभिन्न शैलियों को छूने की कोशिश की.

शेक्सपियर के नाटकों में रोमांस के साथ – साथ कॉमेडी भी होती थी. उन्होंने कॉमेडी वाले भी बहुत से नाटक प्रस्तुत किये लोगों ने उसे बहुत पसंद भी किया. इसके बाद के वर्षों में इन्होंने ट्रेजेडी की शैली को भी छुआ. उनके चरित्र – प्रतिनिधत्व में शेक्सपियर ने मानव व्यवहार और कार्यों को भी प्रस्तुत किया. मानव में बहुत से व्यवहार होते है, जैसे विश्वासघात, प्रतिकार, अनाचार और नैतिक विफलता आदि, क्लासिकली इसके कार्यों में ‘हेमलेट’, ‘किंग लीयर’, ‘ऑथेलो’ और ‘मैकबेथ’ भी शामिल हैं.

अधिकांश इसके कार्यों में अंत दुखद होता था, और इस प्रकार वे डार्क ट्रेजेडीस की शैली के अंतर्गत आ गए. उनका यह अंतिम काम था कि शेक्सपियर ने ट्रेजेडी और कॉमेडी दोनों को मिलाकर एक ट्रेजेडिककॉमेडीस के साथ एक नाटक किया, हालांकि यह एक दुखद कहानी बताने के लिए किया था, लेकिन इस नाटक के अंत का अनुभव सुखद था. सन 1610 तक शेक्सपियर ने बहुत से नाटक लिखे. यह अनुमान लगाया जाता है कि उनके लिखित पिछले तीन नाटक जॉन फ्लेचर के साथ सहयोग में थे, जो किंग’स मेन थिएटर ग्रुप के लिए शेक्सपियर के बाद नाटककार के रूप में सफल हो गया. इस तरह का इनका कार्य और उसे करने का अंदाज था.

  • विलियम शेक्सपियर की मृत्यु (William Shakespeare death) –

सन 1613 में शेक्सपियर स्ट्रेटफोर्ड से रिटायर हो गए. विलियम शेक्सपियर की अपने जन्म दिन के 3 दिन पहले यानि 23 अप्रैल सन 1616 में मृत्यु हो गई. अपनी मृत्यु के 3 साल पहले उनके जीवन के कुछ रिकॉर्ड ही जीवित थे. चर्च के रिकॉर्ड के अनुसार, उन्होंने 5 अप्रैल सन 1616 को होली ट्रिनिटी चर्च के चांसल में प्रवेश किया. वे वहाँ अपनी पत्नी और 2 बेटियों के साथ थे. उनकी कब्र की शिला पर स्मृति लेख लिखा था कि ‘गुड फ्रेंड, फॉर जीसस’. ऐसे धनी आदमी के लिए इन पत्थरों की जरुरत नहीं पड़ती. एक फनररी स्मारक शेक्सपियर के काम को सम्मानित करने के लिए खड़ा किया गया और इसके उत्तरीय दीवार पर इनका काम था. उनके लेखन के कार्य के बारे में आधे पुतले पर लिखा था. इसके अतिरिक्त साउथवर्क कैथेड्रल में अंतिम संस्कार स्मारकें हैं, और वेस्टमिन्सटर ऐबी में उनको समर्पित करने के लिए कवियों के कॉर्नर्स हैं. इसके अलावा शेक्सपियर की याद में दुनिया भर में कई मूर्तियाँ, स्मारकें स्थापित किये गये, जोकि इस प्रोलिफिक कवि और नाटककार के काम की महिमा के लिए एक प्रशंसापत्र के रूप में खड़े किये गये.

  • विलियम शेक्सपियर के बारे में कुछ रोचक तथ्य (William Shakespeare interesting facts) –

विलियम शेक्सपियर के बारे में कुछ रोचक तथ्य इस प्रकार है-

  1. विलियम शेक्सपियर ने कॉलेज कभी अटेंड नहीं किया.
  2. शेक्सपियर के समय के दौरान, उनके नाटकों में महिलाओं को अभिनय करने की अनुमति नहीं थी, इसलिए इनके सभी नाटकों में महिलाओं के पात्र पुरुषों द्वारा ही निभाए गए.
  3. शेक्सपियर को अपने नाटकों को प्रकाशित करने में रूचि नहीं थी, वे अपने नाटकों को मंच पर प्रदर्शित करना चाहते थे.
  4. शेक्सपियर ने लगभग 1700 अंग्रेजी के शब्दों को क्रिएट किया, जिनमे से कुछ बहुत लोकप्रिय भी रहे.
  5. इन्हें इंग्लैंड का राष्ट्रीय कवि भी कहा जाता था एवं इनका उपनाम “बार्ड ऑफ़ एवन” था.
  6. शेक्सपियर की सेक्सुअलिटी के बारे में अत्यधिक बहस हुई. ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि वे बायसेक्सुअल थे.
  • विलियम शेक्सपियर के कुछ अनमोल वचन (William Shakespeare quotes in hindi) –

विलियम शेक्सपियर के कुछ अनमोल वचन इस प्रकार हैं-

  1. सबसे प्यार करो, कुछ पर भरोसा करो, किसी का भी बुरा मत करो.
  2. मूर्ख को लगता है कि वह बुद्धिमान है, किन्तु बुद्धिमान व्यक्ति जानता है कि वह मूर्ख है.
  3. महानता का डर नहीं हैं. कुछ महान पैदा ही होते है महानता प्राप्त करने के लिए.
  4. प्यार, आँखों के साथ नहीं बल्कि मन के साथ देखा जाता हैं और इसलिए पंखों का लोभ करने वालों को अँधा चित्रित किया गया है.
  5. गलतियाँ हमारे सितारों में नहीं है लेकिन अपने आप में है.
  6. मैं दिमाग की लड़ाई में आपको चुनौती देता हूँ, लेकिन मैं देख रहा हूँ कि आप निहत्थे हैं.
  7. अच्छा या बुरा कुछ नहीं होता, लेकिन सोच इसे बनाती है.
  8. हमारी नियति को पकड़ना सितारों में नहीं होता लेकिन अपने आप में होता है.
  9. नर्क खाली है और सभी शैतान यहाँ हैं.
  10. हम जानते है कि हम क्या हैं लेकिन ये नहीं जानते कि क्या हो सकते हैं.
  11. शब्द हवा की तरह आसान है; वफादार दोस्त खोजने में मुश्किल है.
  12. मेरे अंगूठे की चुभन, कुछ दुष्ट इस तरह से आते हैं.
  13. हालांकि वह हो सकती है लेकिन बहुत कम है, वह भयंकर है.
  14. हे प्रभु, क्या मुर्ख ये मनुष्य हैं.
  15. सच्चे प्यार का रास्ता कभी आसान नहीं होता.
  16. अपना प्यार किसी ऐसे पर बर्बाद मत करों, जिसे इसकी कद्र नहीं.
  17. इस तरह एक किस के साथ मैं मरता हूँ.
  18. उसके साथ विवाद मत करो, वह पागल है.
  19. मुझे यह स्थान पसंद है, और ख़ुशी इस पर मेरा समय बर्बाद कर सकती है.
  20. ख़ुशी और हँसी के साथ पुरानी झुर्रियां भी आतीं हैं.

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