[आवेदन @ aim.gov.in] अटल न्यू इंडिया चैलेंज | Atal New India Challenges In Hindi Application form@ aim.gov.in

[आवेदन @ aim.gov.in]नीति आयोग ने लॉन्च की अटल न्यू इंडिया चैलेंज | Atal New India Challenges by Niti Aayog Details In Hindi Application form@ aim.gov.in

भारत के नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) के तहत अटल न्यू इंडिया चैलेंजेज नामक एक पहल को लॉन्च किया गया है, जो कि इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र से जुड़ी हुई है. अटल न्यू इंडिया चैलेंज को देश के उन लोगों के लिए लॉन्च किया गया है, जो कि अपने इनोवेशन की मदद से प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अपना योगदान देना चाहते हैं.    

Atal New India Challenges by NITI Aayog

हाल ही में लॉन्च की गई ये योजना ( Launch Details)

 अटल न्यू इंडिया चैलेंजेज योजना को हाल ही में दिल्ली में लॉन्च किया गया था और इस योजना को लॉन्च करने के मौके पर कई मंत्री मौजूद थे, जिनके नाम इस प्रकार हैं-

  • श्री नितिन गडकरी, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री,
  • श्री अमिताभ कांत, सीईओ नीति आयोग
  • डॉ राजीव कुमार, उपाध्यक्ष, नीति आयोग
  • श्री एस एस अहलूवालिया, राज्य मंत्री, पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय
  • श्री रामनाथन रमन, मिशन निदेशक, अटल इनोवेशन मिशन
योजना का नामअटल न्यू इंडिया चैलेंजेज
कब लॉन्च की गई ये योजना26 अप्रैल 2018
किसके द्वारा शुरू की गई योजनाअटल इनोवेशन मिशन (AIM)
योजना का लक्ष्यइनोवेटर्स के प्रेरित करना
योजना के लिए आवेदन करने से जुड़ा लिंकhttp://aim.gov.in/atal-new-india-challenge.php

 

योजना के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख10 जून 2018


अटल न्यू इंडिया चैलेंजेज के लक्ष्य
(Objectives)

  • नीति आयोग इस पहल की मदद से इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजीज के जरिए मुख्य क्षेत्रों की समस्याओं को हल करने का प्रयास करना चाहता है. ताकि नागरिकों के जीवन में सुधार आ सके और देश में और रोजगार भी पैदा हो सकेंगे.
  • अटल न्यू इंडिया चैलेंजेज पहल को शुरू करने का लक्ष्य नवाचार कर्ताओं (Innovators ) को प्रौद्योगिकियों के आधार पर उत्पाद बनाने में हर तरह की मदद प्रदान करवाना भी है.

अटल न्यू इंडिया चैलेंजेज के तहत दिए जाएंगे 1 करोड़

इस पहल के तहत जो भी आवेदक सही तरह से अपनी   टेक्नोलॉजीज उत्पादित की क्षमता   और पोटेंशियल दिखाने में सफल होगा. उस आवेदक को एक करोड़ रुपए तक दिए जाएंगे. एक करोड़ रुपए के अनुदान सहायता के अतिरिक्त आवदेक को सलाह, तकनीकी सहायता और अन्य समर्थन भी प्रदान किए जाएंगे. ताकि वो अच्छे से अपनी मशीन बना सके.

अटल न्यू इंडिया चैलेंज के लिए कौन आवेदन कर सकता है? (Who can apply for Atal New India Challenge?)

  • कंपनी अधिनियम 1956/2013 के तहत शामिल कोई भी भारतीय कंपनी, मुख्य रूप से एक माइक्रो, लघु और मध्यम उद्यम, जो कि एमएसएमईडी अधिनियम, 2006 में परिभाषित किए गई है. वो अटल न्यू इंडिया चैलेंजज के लिए आवेदन कर सकती है.
  • सरकारी या निजी अनुसंधान एवं विकास संगठन और अकादमिक संस्थानों भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते है.
  • इसके अलावा व्यक्तिगत नवप्रवर्तनकों (individual innovators) भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते उन्हें उपयुक्त विनिर्माण क्षमताओं वाले संस्थाओं के साथ साझेदारी करनी होगी.

अटल न्यू इंडिया चैलेंज के लिए योग्यता मानदंड (Eligibility criteria for Atal New India Challenge)

  • इस योजना की घोषणा की तारीख से पहले, इनोवेटर्स को उसके द्वारा एक प्रतिष्ठित पत्रिका में प्रकाशित किए गए उसके शोध पत्र को सबमिट या प्रदान करना होगा.
  • इनोवेटर्स को अपने शोध पत्र के विवरण, नाम और पंजीकरण संख्या का पेटेंट (Patent) भी सबमिट करवाना होगा. (पेटेंट आविष्कार पर आपका हक होने का सबूत होता है)
  • यदि आवेदक द्वारा सबमिट करवाए गए शोध का वो पेटेंट धारक नहीं है, तो आवेदक का उस शोध के पेटेंट धारक के साथ उसका क्या संबंध है इस बात की जानकारी देनी होगी.
  • इनोवेटर्स ने जिस भी निर्माता के साथ भागीदारों की होगी, उसे उस निर्माता का नाम और निर्माता से जुड़ी अन्य जानकारियां भी प्रदान करनी होगी.

कैसे करें आवेदन (How To Apply)

अटल न्यू इंडिया चैलेंज के लिए जो लोगों आवेदन करना चाहते हैं उन्हें आवेदन करने के लिए एआईएम वेबसाइट पर जाना होगा. या फिर वो सीधे  http://aim.gov.in/atal-new-india-challenge.php लिंक पर जा सकते हैं. अटल न्यू इंडिया चैलेंजज के आवेदन से जुड़े इस लिंक पर आपको इस योजना से जुड़ी सारी जानकारी मिल जाएगी.

आवेदन करने की प्रक्रिया (Application Process)

  • ऊपर अटल न्यू इंडिया चैलेंजज योजना से जुड़े बताए गए लिंक पर जाकर, जो पेज खुलेगा आपको उस पेज के सबसे ऊपर ‘अप्लाई नाउ’ लिखा हुआ दिखेगा और आप उसपर क्लिक कर दें.
  • जिसके बाद एक न्यू पेज खुलेगा. आपको उस पेज में अपनी जानकारी भरने के साथ साथ अपने व्यापार की योजना के बारे में जानकारी भरनी होगी.
  • पूछी गई जानकारी को सही तरह से भरने के बाद आप इसे फॉर्म को जमा यानी सबमिट कर दें. इस तरह से अटल न्यू इंडिया चैलेंजज के लिए आपका फॉर्म सबमिट हो जाएगा.

अटल न्यू इंडिया चैलेंज के फोकस एरिया (Focus Areas)

अटल न्यू इंडिया चैलेंज के तहत नीचे बताए गए निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा और इन 17 क्षेत्रों के नाम इस प्रकार हैं.

क्षेत्रोंतकनीक का निर्माण
जलवायु स्मार्ट कृषि (Climate-smart agriculture)जलवायु-लचीला कृषि प्रथाओं, प्रजातियों और प्रक्रियाओं और व्यावसायीकरण के लिए

उत्पादों को बढ़ावा देने  के लिए प्रौद्योगिकियों और प्रक्रियाओं को तैनात करना

सड़क एवं रेल के लिए फॉग विजन सिस्टमफॉग होने की स्थिति में होने वाली दुर्घटनाओं को नई तकनीकों की मदद से कम करना.
रेल विफलता की पहचान करनाप्रौद्योगिकियों का उपयोग कर रेल विफलता की पहचान करने के सिस्टम को तैयार करना, जैसे कि स्वचालित ट्रैक निगरानी प्रणाली और  रेल ट्रैक स्वास्थ्य तरह के सिस्टम को बनाना
रोलिंग स्टॉक का पूर्वानुमानित रखरखावकोच, फ्रेट कार, लोकोमोटिव के प्रमुख घटकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की निगरानी करने के लिए समाधान निकालना
वैकल्पिक ईंधन आधारित परिवहनकार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए बिजली के वैकल्पिक स्रोत का उपयोग करके परिवहन में प्रौद्योगिकियों / उत्पादों की तैनाती करना
स्मार्ट गतिशीलता:नए शहरीकरण क्षेत्रों / स्मार्ट शहरों के लिए वैकल्पिक परिवहन तंत्र का उपयोग करना
इलेक्ट्रिक गतिशीलता:हर प्रकार के परिवहनों में बिजली के वाहनों के हिस्से को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकियों / नवाचारों करना
सुरक्षित परिवहनदुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रौद्योगिकियों / नवाचारों का सहारा लेना.
तत्काल पोर्टेबल जल गुणवत्ता परीक्षणजल नमूने में प्रकृति, जैविक और रासायनिक प्रदूषण की एकाग्रता की पहचान करने के लिए सिस्टम, उत्पाद, प्रौद्योगिकियों या प्रोटोकॉल विकसित करना.
अपशिष्ट प्रबंधन रीसाइक्लिंग और पुन: उपयोगअपशिष्ट प्रबंधन के लिए प्रौद्योगिकियां को बनाना
अफोर्डेबल देसलिनाशन/रीसाइक्लिंग टेक्नोलॉजी

 

प्रौद्योगिकियों या उत्पादों की निर्मणा करना जिसकी मदद से घर पर और सामुदायिक स्तर पानी को रीसायकल किया जा सके.

इसी तरह कम ऊर्जा खपत विलवणीकरण के लिए उत्पाद / प्रक्रिया / प्रौद्योगिकियां बनाना

कचरा संरचना उपकरणपोर्टेबल / हैंडहेल्ड स्कैनर / डिवाइस जो घरों से एकत्रित कचरे की संरचना को गीले या सूखे के रूप में अलग कर सकता है.
खाद की गुणवत्तापोर्टेबल / हैंडहेल्ड डिवाइस जो कंपोस्ट की गुणवत्ता को जल्दी से निर्धारित कर सकता है.
विकेंद्रीकृत कंपोस्टिंगआर्थिक, कुशल, मॉड्यूलर जो कि सौंदर्य, पर्यावरण के अनुकूल हो उसको बनाना
कंपोस्टिंग के लिए मिश्रण ब्लेडछोटे पैमाने और घरेलू इस्तेमाल के लिए कंपोस्टिंग सामग्री के लिए कुशल मिश्रण ब्लेड बनाना.
सार्वजनिक स्थानों में अपशिष्टछोटी सड़कों सहित सार्वजनिक स्थानों में पड़े हुए कूड़े को साफ करने के लिए मनीश बनाना.
सार्वजनिक कूड़ेदान को दूर करना:लोगों को कूड़ेदान की पहचान करने के लिए कुशल, सरल और किफायती तरीके का निर्मण करना जिससे की लोगों को कूडेंदान के बारे में पता चल सके

Others –

Updated: May 20, 2018 — 11:26 pm

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