पूनम यादव का जीवन परिचय

पूनम यादव का जीवन परिचय (Weightlifter Punam Yadav Biography in Hindi) (Gold Medal In Commonwealth Games)

पूनम यादव एक भारतीय वेटलिफ्टर हैं, जिन्होंने कई सारी प्रतियोगिता में भाग लिया हुआ है और कई सारे मेडल भी भारत के लिए जीते हुए हैं. वहीं इस वक्त चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भी इन्होंने अपना अच्छा प्रदर्शन करते हुए एक गोल्ड पदक जीत लिया है.

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पूनम यादव का जीवन परिचय

नाम (Name) पूनम यादव
पूरा नाम (Full Name)जानकारी नहीं
जन्म तारीक (Date of Birth)25 जुलाई 1995
उम्र (Age)22 साल
माता का नाम
पिता का नाम
कुल भाई बहनतीन
निवासी  (Residence) उत्तर प्रदेश
नागरिकता (Nationality) भारतीय
पेशा (Occuption) खिलाड़ी
किस खेल से हैं संबंध (Game) वेट लिफ्टिंग
वर्ग (Category)69 किलोग्राम
शारीरिक बनावट Physical Status 
लम्बाई Height
वजन Weight
आंखों का रंग (Eyes Colour)काला
बालों का रंग (Hair Color)काला
कुल मैडल Total Medal
गोल्ड Gold 1 ( 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स )
सिल्वर Silver
ब्रोंज Bronze1  (2014 कॉमनवेल्थ गेम्स)

पूनम यादव का जन्म और शिक्षा (Punam Yadav Birth And Education)

पूनम यादव का जन्म साल 1995 में भारत के वाराणसी शहर के चंद्रमारी इलाके में हुआ था. पूनम ने अपने राज्य यानी उत्तर प्रदेश के काशी विद्यापीठ से शिक्षा हासिल कर रखी है. ये विद्यापीठ  वाराणसी में ही स्थित है. वहीं पूनम ने किस विषय में शिक्षा हासिल कर रखी है इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है.

पूनम यादव का परिवार (Punam Yadav Fmaily)

पूनम यादव बेहद ही गरीब परिवार से नाता रखती हैं. इनके परिवार में इनके माता और पिता के अलावा दो बहनें और एक भाई है. पूनम की बड़ी बहन का नाम शशि हैं और वो भी एक वेटलिफ्टर हैं. इतना ही नहीं पूनम की छोटी बहन पूजा भी वेटलिफ्टंग में अपना करियर बना रही हैं.

पूनम यादव का करियर (Punam Yadav  Career )

पूनम यादव ने वाराणसी के एसएआई प्रशिक्षण केंद्र से वेटलिफ्टंग की ट्रनिंग ली है. कहा जाता है कि इसी केंद्र से इनकी बड़ी बहन ने भी ट्रेनिंग ली थी. जब इनकी बहन ने इस केंद्र में दाखिला लिया था, तो उसके कुछ ही सालों बाद पूनम ने भी इसी केंद्र में दाखिला ले लिया था. पूनम के बाद इनकी छोटी बहन पूजा ने भी इस केंद्र से वेटलिफ्टंग की ट्रनिंग लेना शुरू कर दिया था.

पूनम यादव द्वारा जीते गए अवार्ड  ( Medals)

  • पूनम ने साल 2004 में एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में भाग लिया था और अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पदक जीता था.
  • साल 2004 में एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में पदक जीतने के बाद, पूनम को ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेने का मौका मिला. इन्होंने इस मौका को गंवाया नहीं और अपना पहला सीडब्ल्यूजी पदक जीता. पूनम तीसरे स्थान में आई थी और इन्हें कांस्य पदक मिला था, ये पद इन्होंने 63 किलो के वर्ग में जीता था.
  • साल 2015 में कॉमनवेल्थ युवा खेलों के महिला की जूनियर और सीनियर श्रेणियों में भी ये स्वर्ण पदक जीता चुकी हैं. पूनम ने 63 किग्रा के वर्ग में ये पदक जीता था.
  • साल 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भी पूनम ने पदक जीतने के अपने सफर को कायम रखा और इस गेम्स के चौथे दिन सोना का पदक जीत लिया. वेटलिफ्टर पूनम यादव ने 69 किग्रा कैटेगरी में हिस्सा लिया था और 222 किलोग्राम का वजन उठाकर ये गोल्ड मेडल जीता है.

अपने जीवन में किया है काफी संघर्ष

  • पूनम की कामयाबी के पीछे इनकी बड़ी बहन का काफी योगदान है. पूनम को आगे बढ़ाने के लिए, इनकी बहन ने अपने करियर के साथ समझौता किया था और आर्थिक तंगी के कारण अपनी ट्रेनिंग को बीच में छोड़ दिया था.
  • इतना ही नहीं पूनम के परिवार वालों के पास इतने पैसे नहीं थे कि वो अपनी बेटी की ट्रेनिंग में आने वाले खर्चे को उठा सकें. लेकिन इनके परिवार वालों ने अपनी बेटी को फिर भी ट्रेनिंग लेने दी और ट्रेनिंग का खर्चा उठाने के लिए अपने घर का सामान बेच दिया.
  • गोल्ड पदक जीतकर पूनम ने अपने परिवार वालों के साथ साथ अपने देश का नाम काफी ऊंचा कर दिया है. वहीं जिस तरह से पूनम का अभी तक का प्रदर्शन रहा है उसको देखकर लगता है कि ये भारत के लिए अभी और भी पदक जीतेंगी.

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Karnika
कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं | यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं

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