प्रधानमंत्री फेलोशिप योजना 2021| Prime Minister Research Fellowship (PMRF) Scheme in Hindi

जानिए क्या है प्रधानमंत्री फेलोशिप योजना  What is Prime Minister Research Fellowship (PMRF) Scholarship Scheme 2021 in Hindi (Rs 80 thousand Stipend) Eligibility Criteria, Application Form Process, Amount

दुनिया भर में प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा कई कदम उठाए जा रहे हैं. प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़ी इस योजना के जरिए सरकार हमारे देश के होशियार छात्रों की मदद करेगी और उन्हें सरकार द्वारा पीएचडी में फेलोशिप दी जाएगी. सरकार इस योजना के जरिए आईआईटी और भारतीय विज्ञान संस्थान से देश के छात्रों को पीएचडी की पढ़ाई करने का मौका देगी . वहीं इस योजना से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को नीचे बताया गया है.

Prime Minister Research Fellowship Scheme

प्रधानमंत्री फेलोशिप योजना

योजना का नाम‘प्रधानमंत्री फेलोशिप योजना’
कब हुई योजना की घोषणा1 फरवरी, 2018
कब होगी योजना शुरूसाल 2018 में
योजना का बजट1650 करोड़ रुपए
कितने छात्रों को मिलेगा लाभ1000 छात्र (एक साल के लिए)
योग्यताडिग्री होना जरूरी

क्या है प्रधानमंत्री फेलोशिप योजना (prime minister’s research fellowship scheme)

‘प्रधानमंत्री फेलोशिप योजना’ के नाम से शुरू हुई इस योजना के जरिए देश भर में से हर साल हजार छात्रों को चुना जाएगा. जिसके बाद चुने गए छात्रों को मुफ्त में पीएचडी करने का मौका मिलेगा और उन्हें सरकार द्वारा कुछ पैसा भी हर महीने दिए जाएंगे.

कब हुई प्रधानमंत्री फेलोशिप योजना की शुरुआत (Prime Minister Research Fellowship Scheme announcement)

‘प्रधानमंत्री फेलोशिप योजना’ की घोषणा सरकार द्वारा इस साल की गई है. इस योजना के बारे में हमारे देश के वित्त मंत्री ने सदन में जानकारी देते हुए कहा था कि इस साल प्रधानमंत्री अनुसंधान फेलो योजना आरम्भ की जा रही है, जिसके तहत हर वर्ष प्रमुख संस्थानों के बीटेक की पढ़ाई करने वाले सर्वश्रेष्ठ छात्रों की पहचान की जाएगी और उन्होंने सरकार द्वारा पीएचडी करना का मौका दिया जाएगा.

  प्रधानमंत्री फेलोशिप योजना का बजट-  (PM fellowship for phd budget 2020)

साल 2018-2019 के बजट को पेश करने के दौरान इस योजना की घोषणा सरकार द्वारा की गई थी.  वहीं इस योजना को चलाने के लिए सरकार को करीब 1650 करोड़ रुपए का खर्च उठाना होगा. ये रकम सात साल के लिए सरकार द्वारा तय की गई है. यानी अभी इस योजना को तीन साल के लिए तैयार किया गया है.

प्रधानमंत्री फेलोशिप योजना का लाभ-  (Prime Minister Research Fellowship Scheme benefits)

प्रधानमंत्री फेलोशिप योजना के साथ कई लाभ और उद्देश्य जुड़े हुए हैं और उन्हीं कुछ लाभों के बारे में आपको नीचे जानकारी दी गई है, जो कि इस प्रकार है

गरीब छात्रों को होगा लाभ-

हमारे देश में हर मां-बाप इतने अमीर नहीं हैं कि वो अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठा सकें. वहीं कई बार देखा गया है कि पैसों की कमी होने के कारण कई छात्र पीएचडी जैसी उच्च शिक्षा हासिल नहीं कर पाते हैं. वहीं सरकार द्वारा इस समस्या को देखते हुए ही इस योजना की शुरुआत की गई है. ताकि देश के होशियार बच्चे पैसे की कमी के कारण पीछे ना रह जाएं और उन्हें भी आगे बढ़ने का मौका मिल सके.

देश की होगी तरक्की-

हर साल देश के हजारों छात्रों को इस योजना का फायदा मिलेगा. ऐसे में देश में हर साल कई छात्र पीएचडी कर पाएंगे. जिससे की देश को और पढ़े लिखे छात्र मिलेंगे जो कि प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारत को ओर मजबूत कर सकेंगे. इसके अलावा देश के प्रमुख कॉलजों को बेहतरीन शिक्षक भी मिल पाएंगे. जिससे की देश में शिक्षकों की कमी को भी पूरा किया जा सकेगा. 

योजना का लाभ उठाने के लिए योग्यता (Eligibility criteria for Prime Minister Research Fellowship Scheme) –

इस योजना का लाभ केवल वो ही छात्र उठा सकते हैं जो कि नीचे बताए गए मापदंड को पूरा करते हैं. वहीं सरकार द्वारा तैयार किए गए ये मापदंड इस प्रकार हैं- 

  • इस योजना का फायदा केवल आईआईएससी (IISc), आईआईटी (IITs), आईआईएसईआर (IISERs), आईआईआईटी (IIITs), और एनआईटी (NITs) से डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र ही उठा सकेंगे. यानी इन कॉलेजों में पढ़ रहे छात्र ही इस योजना के लिए चुने जाएंगे.
  • जो छात्र बीटेक, एम.टेक या एमएससी के अंतिम वर्ष में हैं, वो इस योजना का लाभ उठाने के लिए हकदार होंगे. इतना ही नहीं इन छात्रों के पास कम से कम 8 संचयी ग्रेड पॉइंट औसत (CGPA) होना भी अनिवार्य है.
  • ऊपर बताई की शर्तों के अलावा वो छात्र भी इस योजना का फायदा उठा सकते हैं, जिन्होंने पिछले पांच वर्षों में ऊपर बताए गए विषयों में डिग्री प्राप्त है. यानी जिन छात्रों ने साल 2013 में अपनी डिग्री हासिल कर ली है वो भी इस योजना के हकदार हैं. 

आईआईटी / आईआईएससी से मिलेगा पीएचडी करने का मौका-

वहीं ऐसे छात्र जो पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, उन्हें निर्धारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से चुने गए हैं. जिसके बाद सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत चुने गए इन छात्रों को सीधे तौर पर ही आईआईटी / आईआईएससी में पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश करने का मौका मिल जाएगा. वहीं पीएचडी कार्यक्रम के चौथा वर्ष में चुने गए छात्रों के प्रदर्शन को देखा जाएगा. जिसके आधार पर ये फैसला लिया जाएगा कि उनकी फेलोशिप को और बढ़ाया जाए कि नहीं. इसके अलावा जिन छात्रों ने स्नातकोत्तर के बाद इस कार्यक्रम में प्रवेश लिया है. उनके लिए इस पीएचडी कार्यक्रम की सीमा 3 वर्षों तय की गई है.

योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि- (prime minister fellowship amount)

इस योजना के लिए चयनित योग्य उम्मीदवारों को हर साल फेलोशिप सरकार द्वारा दी जाएगी. पहले और दूसरे वर्ष के लिए सरकार द्वारा हर उम्मीदवार यानी छात्र को हर महीने 70,000 रुपये दिए जाएंगे. तीसरे वर्ष के लिए ये राशि 75, 000 कर दी जाएगी. वहीं चौथे और पांचवें वर्ष के लिए ये राशि 80, 000 होगा. इतना ही नहीं इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और सेमिनारों में शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए और विदेश यात्रा के खर्चें के रूप में 5 वर्ष की अवधि के लिए प्रत्येक छात्र को 2 लाख रुपये दिए जाएंगे.

सालहर महीने मिलने वाली राशि
पहले साल के लिए मिलने वाली राशि70,000 रुपये
दूसरे साल के लिए मिलने वाली राशि70,000 रुपये
तीसरे साल के लिए मिलने वाली राशि75,000 रुपये
चौथे साल के लिए मिलने वाली राशि80,000 रुपये
पांचवें साले के लिए मिलने वाली राशि80,000 रुपये

योजना से जुड़ी अन्य बातें-(all information about Prime Minister Research Fellowship Scheme)

अधिकतम 3000 छात्रों का किया जाएगा चयन-

इस योजना के तहत अधिकतम 3000 अध्येताओं (फेलोज ) का चुनाव किया जाएगा. ये चयन तीन साल की अवधि के लिए किया जाएगा. वहीं इस योजना पर सरकार ने अपना कार्य शुरू कर दिया गया है और जल्द ही इस योजना के तहत इन छात्रों को चुन लिया जाएगा.

क्षमता का होगा उपयोग

इस योजना के जरिए देश के छात्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में घरेलू स्तर पर अनुसंधान और शोध कर सकेंगे. हमारे देश की प्रतिभाओं का भी अच्छे से इस्तेमाल किया जा सकेगा.

शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी कई सारी योजनाएं इस वक्त हमारे देश में पहले से ही रही हैं. केंद्रीय सरकार और राज्य सरकार हमारे देश के शिक्षा के स्तर को बेहतर करने के लिए इन योजनाओं का सहारा ले रही हैं. वहीं इस योजना के जरिए प्रौद्योगिकी क्षेत्र को काफी फायदा होगा.

प्रधानमन्त्री रिसर्च फेलोशिप योजना, जोकि छात्रों को मासिक आधार पर 70,000 रूपये के साथ ही 2 लाख रूपये के वार्षिक रिसर्च अनुदान से सम्मानित करने की अनुमति देती हैं, इसे अब भारत के सभी विश्वविद्यालयों के छात्रों से आवेदन आमंत्रित करने की अनुमति मिल गई है. अब तक यह योजना केवल आईआईटी, आईआईएससी, एनआईटीस, आईआईएसईआरस एवं केंद्र द्वारा वित्त पोषित आईआईटीस जैसे विश्वविद्यालयों तक ही सीमित थी. किन्तु केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर की अध्यक्षता में वाईस – चांसलर के 3 दिन के राष्ट्रीय सम्मेलन में यह निर्णय लिया गया कि अब सभी भारतीय विश्वविद्यालयों के छात्र विभिन्न स्थितियों के विषय में फुल – टाइम पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के लिए पात्र होंगे.

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Ankita
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