सौभाग्य योजना (प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना) | Saubhagya Yojana (Pradhan Mantri Sahaj Bijli Har Ghar Yojana in Hindi )

सौभाग्य योजना [प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर स्कीम] ऑनलाइन पंजीयन (Pradhan Mantri Sahaj Bijli Har Ghar Yojana- Saubhagya Hindi) [Registration Process online Form Documents Eligibility Criteria] saubhagya.gov.in

नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं में से एक योजना यह भी है जोकि हालही में शुरू की गई है. सरकार ने प्रत्येक घर में बिजली को उपलब्ध कराने के अपने सपने को साकार करने के लिए सहज बिजली हर घर योजना का शुभारंभ किया है. इस योजना के अंतर्गत ट्रांसफ़ॉर्मर, मीटर, तारों तथा बिजली से सम्बंधित उपकरणों के लिए सब्सिडी उपलब्ध कराई जायेगी. इस योजना के अनुसार बिजली की उपलब्धता को पूरा करने का लक्ष्य 2019 तक रखा गया है. केन्द्रीय ऊर्जा सचिव ए. के. भल्ला के अनुसार केंद्र देश के हर घर में बिजली को पहुँचाने के लिए कटिबद्ध है. देश भर में लगभग 73.38% घरों में बिजली का कनेक्शन है.    

Saubhagya Yojana

              

प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना

योजना का नाम             प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना

 

 

किसके द्वारा शुरू की गई ये योजनाकेंद्रीय सरकार
कब लॉन्च हुई योजना25, सितंबर, 2017
योजना की अवधि31 मार्च साल 2019
योजना का लक्ष्य भारत के हर में बिजली पहुंचाना
किसको मिलेगा फायदागरीब लोगों को

  योजना का शुभारंभ (Launch)                                                            

  • इस स्कीम को प्रधानमंत्री मोदी ने लॉन्च किया है और इस स्कीम की अनाउंसमेंट पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्म दिवस के दिन की गई है. इस स्कीम के तहत सरकार गांवों के साथ- साथ सभी शहरी इलाकों में भी बिजली पहुंचाएगी.
  • इस स्कीम को सही तरह से चलाने की रिस्पांसिबिलिटी ग्रामीण विद्युतीकरण निगम को की गई गई और ये निगम इस स्कीम को सफल बनाने के लिए हर कार्य कर रहा है.  

योजना का लक्ष्य (Objective Of This New Scheme)

  • गरीब लोगों के लिए स्टार्ट की गई इस स्कीम के जरिए हर घर में 24x 7 यानी हफ्तों के सातों दिन और चौबीसों घंटे बिजली दी जाएगी.
  • इस स्कीम का लाभ डायरेक्ट तौर पर उन नागरिकों को मिलेगा जो फाइनेंसियल स्थिति अच्छी न होने के कारण बिजली कनेक्शन की सुविधा लेने में असमर्थ हैं.
  • गांवों के लोगों को बिजली मिलने के साथ ही वो भी भारत के डिजिटल मूवमेंट ऑफ़ इंडिया से जुड़ सकेंगे और एक डिजिटल इंडिया बना सकेंगे.
  • इस स्कीम का फोकस भारत के स्टेट्स के मौजूद घरों में साल 2019 के मार्च महीने के अंत तक इलेक्ट्रिसिटी पहुंचाना है. हालांकि सरकार की कोशिश है कि वो साल 2018 के आखिरी महीने तक ही अपना ये टारगेट पूरा कर ले.
  • इस स्कीम के अंदर कुल चार करोड़ परिवारों को बिजली दी जाएगी और स्कीम के जरिए रूरल एरियाज के परिवारों के साथ-साथ अर्बन एरिया के परिवारों को भी कवर किया जायेगा.
  • डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी इन इंडिया (डिस्कॉम्स) द्वारा गांवों में शिविर आयोजित किए जाएंगे. इसके जरिए लोग ऑन द स्पोर्ट बिजली कनेक्शन लेने के लिए अप्लाई कर सकेंगे. इसके अलावा लोग ऑनलाइन और मोबाइल एप के जरिए भी इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन लेने के लिए अप्लाई कर सकते हैं..

योजना का बजट (Budget)

  • इस योजना में लगभग सोलह हजार तीन सौ बीस करोड़ रुपए का खर्चा आएगा. स्पेशल कैटेगरी में रखे गए स्टेट्स को इंडिया गवर्नमेंट 85% राशि मुहैया करवाएगी. जबकि पांच प्रतिशत का कॉन्ट्रिब्यूशन स्टेट गवर्नमेंट का होगा और बाकी के बचे हुए प्रतिशत यानी 10% का कॉन्ट्रिब्यूशन अनुदान वित्तीय संस्थानों और बैंकों से कर्ज लेकर किया जाएगा.
  • जिन राज्यों को स्पेशल कैटेगरी में नहीं रखा गया है उन स्टेंट में इंडिया गवर्नमेंट का कॉन्ट्रिब्यूशन सहाठ प्रतिशत का होगा, जबकि दस प्रतिशत का कॉन्ट्रिब्यूशन स्टेट गवर्नमेंट द्वारा होगा और तीस प्रतिशत का कॉन्ट्रिब्यूशन अनुदान वित्तीय संस्थानों और बैंकों से कर्ज लेकर किया जाएगा.

योजना से जुड़े दस्तावेज (Documents)

इस स्कीम का लाभ लेने के लिए लोगों को नीचे बताए गए डॉक्यूमेंट की जरुरत पड़ेगी और इन डॉक्यूमेंट के नाम इस प्रकार हैं-

  • आधार संख्या,
  • मोबाइल नंबर,
  • बैंक खाता,
  • ड्राइविंग लाइसेंस,
  • मतदाता पहचान पत्र इत्यादि जैसे दस्तावेज.

योजना से जुड़ा वेब पोर्टल (Web Portal)

  • इस स्कीम पर निगरानी रखने के लिए, इस स्कीम की प्रोग्रेस की जानकारी हासिल करने के लिए और स्कीम के लिए खुद का रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए एक वेब पोर्टल http://saubhagya.gov.in/ भी बनाया गया है और इस पोर्टल को 16 नवंबर 2017 लॉन्च किया गया था.
  • इस वेब पोर्टल की मदद से कोई भी व्यक्ति बिजली कनेक्शन लेने के लिए अपना नाम रजिस्ट्रेशन करवा सकता है और समय समय पर इस वेब पोर्टल पर जाकर ये भी इनफार्मेशन प्राप्त कर सकता है कि उसको कब तक बिजली दी जाएगी.

वेब पोर्टल के जरिए रजिस्ट्रेशन करवाने की प्रक्रिया (Registration)

आपको ऊपर बताए गए लिंक यानी  http://saubhagya.gov.in/ पर जाना होगा और इस लिंक के सबसे ऊपर राइट साइड में आपको गेस्ट का ऑप्शन दिखेगा और उस ऑप्शन पर आपको जाना होगा. इस पेज पर जाते ही आपको एक फॉर्म फील (fill) करने के लिए कहा जाएगा और आपको उस फॉर्म को फील करना होगा जिसके बाद आपका रजिस्ट्रेशन हो जाएगा.

योजना से जुड़ी मोबाइल एप (Mobile app)

वेब पोर्टल पेज के अलावा इस स्कीम से जुड़ी एक मोबाइल एप भी हैं जिसको जरिए भी लोग इस स्कीम के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं.

मोबइल एप के जरिए कैसे करें रजिस्ट्रेशन

  • इस स्कीम के लिए अगर आप मोबाइल एप के जरिए अपना पंजीकरण करवाने की इच्छा रखते हैं तो आपको स्कीम से जुड़ी एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड करना होगा.
  • अब आपको उस एप में दिए गए एक फॉर्म को भरना होगा और फॉर्म को सबमिट करना होगा. जिसके बाद आपका रजिस्ट्रेशन इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन लेने के लिए हो जाएगा.

छह राज्यों में चलाए जाएंगे ट्रेनिंग के प्रोग्राम (Training Programme)

  • इस स्कीम के तहत नए ट्रेनिंग प्रोग्राम को भी लॉन्च किया गया है, जिनका मकसद इलेक्ट्रिसिटी को बूस्ट करने से जुड़ा हुआ है.
  • इन नए स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम को केंद्रीय मंत्री आर के सिंह द्वारा लॉन्च किया गया है और इन नए प्रोग्राम को छह स्टेट में चलाया जाएगा.
  • जिनके स्टेट में इन नए प्रोग्राम को चलाया जाएगा उन स्टेट के नाम इस प्रकार हैं बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश और असम.
  • इन नए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत तैयार किए गए टार्गेट को अचीव करने के लिए बिजली, स्किल डेवलपमेंट और उद्यमिता क्षेत्र से जुड़े मंत्रालय मिलकर काम करेंगे.
  • दरअसल इस स्कीम (सौभ्यग) के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षित व्यक्तियों की कमी हो रही थी. लेकिन अब कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय इस कमी को दूर करने के लिए अपनी मदद प्रदान करेगा और ऊपर बताए गए राज्यों को प्रशिक्षित व्यक्ति मुहैया करवाएंगे.

उत्तर प्रदेश राज्य में हुई प्रीपेड मीटर की शुरुआत  (UP, UPPCL launches pre-paid energy meters)

  • इस स्कीम के तहत उत्तर प्रदेश बिजली निगम सीमित ने अपने राज्य के एक करोड़ घरों में मीटर लगाने की तैयारी पूरी कर ली है और जल्द ही एक करोड़ मीटर इस राज्य में लगा दिए जाएंगे.
  • उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने प्रीपेड ऊर्जा मीटर भी लॉन्च किए हैं. इन मीटर को पहले रिचार्ज करवाना होगा और इनको रिचार्ज करवाने के लिए न्यूनतम राशि 50 रुपए रखी गई है.
  • प्रीपेड मीटरों की मदद से समय पर बिजली का भुगतान हो सकेगा. साथ ही इन मीटरों की रीडिंग और बिलिंग जैसे कार्य को करने के लिए किसी भी प्रकार के मैन्युअल एलिमेंट की जरूरत नहीं पड़ेगी.

अब तक हासिल किया गया लक्ष्य (Target Achived)

प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर स्कीम की तय सीमा अगले साल तक खत्म होने वाली है और इस समय तक सरकार ने 59,82,386 घरों को एलेक्ट्रिफिएड कर दिया है, जबकि 3,20,45,929 घरों को एलेक्ट्रिफिएड किया जा रहा है.

किन राज्यों में कितना हासिल किया गया लक्ष्य

नीचे कुछ राज्यों के नाम बता रखे हैं जिनमें निर्धारित किए के लक्ष्यों में से कुछ टारेगट को हासिल कर लिया गया है.

राज्य का नामटारगेटकितना हासिल हुआ टारेगट
उत्तर प्रदेश1,57,16,54716,00,113
बिहार40,75,3808,60,855
उड़ीसा35,33,3442,00,932
झारखंड32,21,8612,53,493
असम26,27,0742,44,798
मध्य प्रदेश23,05,13814,03,001

ये स्कीम पूरे भारत में सफलतापूर्वक चल रही है और आनेवाले टाइम में भारत के हर घर को रोशन करने का जो ख्वाब मोदी जी ने देखा है उसको जल्द पूरा कर लिया जाएगा.

Update

22/05/2018

सौभाग्य स्कीम के अंतर्गत 1 करोड़ इलेक्ट्रिसिटी की फिटिंग का लक्ष्य पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश कोरपोरेशन लिमिटेड (UPCCL) तैयार हैं जिससे कि हर परिवार चाहे वो ग्रामीण हो या शहरी परिवार सभी को इलेक्ट्रिसिटी मिल सकेगी. “प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना” का उद्देश्य देश के हर घर तक बिजली पहुँचाना हैं. इसका लक्ष्य लाइन डेफिसिट को कम करना और पॉवर कट के रिस्क को कम करना हैं. सरकार ने इसके लिए कुल 1375 करोड़ का खर्चा निश्चित किया है. यूपीसीसीएल ने प्रीपेड मीटर इंस्टाल कर रखे हैं, इन प्रीपेड मीटर्स को रिचार्ज करने के लिए कम से कम 50 रूपये की राशि लगेगी. इस सर्विस को उपलब्ध करवाने के लिए पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड,वोटर कार्ड, इत्यादि देने जरुरी होंगे. यह सुविधा भ्रष्टाचार को कम करने में मदद करेगी क्योंकि इसमें मीटर रीडिंग,बिलिंग और बिल रीकंस्ट्रक्शन के लिए कोई मैन्युअल एलिमेंट नहीं होगा.

23/07/2018

प्रधानमंत्री मोदी जी नमो एप या रेडियो के जरिये देश के नागरिकों से हमेशा बातचीत करते रहते हैं. गुरूवार 19 जुलाई को प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने नमो एप के माध्यम से पूरे भारत में सौभाग्य योजना के लाभार्थियों से बातचीत की. उन्होने अपने उद्द्भोदन में कहा कि दिसंबर 2018 तक देश के कम से कम 4 करोड़ परिवारों जिनके पास बिजली नहीं है उन्हें बिजली प्रदान की जाएगी. इस योजना के लिए ग्रामीण विद्युतीयकरण निगम द्वारा नोडल एजेंसी को भी नामित किया गया है.  

13/9/2018

सौभाग्य योजना के अंतर्गत सबसे अच्छा काम बिहार में हो रहा है. 93% घरों में बिजली कनेक्शन लग चुके है, सिर्फ 7 % घर बचे है राज्य में जहाँ बिजली कनेक्शन नहीं है. सरकार ने दावा किया है कि दिसम्बर 2018 तक पुरे राज्य में बिजली सेवा पहुँच जाएगी। इससे विपरीत उत्तर प्रदेश में इस योजना के अंतर्गत सबसे ख़राब प्रदर्शन हो रहा है, केंद्रीय सरकार ने राज्य सरकार को बोला है कि वो इस काम में तेजी लाये

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Ankita

अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
Ankita

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