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साल 2014 के लोकसभा चुनाव से जुड़ी जानकारी | 16th Lok Sabha Election 2014 in hindi

 साल 2014 के लोकसभा चुनाव से जुड़ी जानकारी ( 16th Lok Sabha Election 2014, Poem in hindi)

साल 2014 में हमारे देश में 16 वीं लोकसभा के चुनाव हुए थे और इस चुनाव में बीजेपी पार्टी ने काफी शानदार जीत दर्ज की थी. इस चुनाव के लिए मतदान 7 अप्रैल से शुरू हुए थे, जबकि इस चुनाव का नतीजा 16 मई को आया था. 16 वीं लोकसभा के चुनाव में कुल 66.48 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान में हिस्सा लिया  था और देश को चलाने के लिए सरकार चुनी थी. वहीं विभिन्न लोकसभा सीटों से कुल 8,251 उम्मीदवार ने ये चुनाव लड़ा था.

Lok Sabha Election 2014

क्या होते हैं लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election Process)             

  • लोकसभा चुनाव पांच साल के अंतराल के बाद होते हैं और ये चुनाव जीतने वाली पार्टी केंद्र में अपनी सरकार बनाती है. अभी तक हमारे देश में ये चुनाव 16 बार हो चुके हैं और साल 2019 में 17 वीं बार ये चुनाव होने वाले हैं.
  • इस चुनाव के तहत कुल 543 सीटों पर उम्मीदवारों द्वारा चुनाव लड़े जाते हैं हैं और ये चुनाव लड़ने वाली जिस पार्टी को 272 या इससे अधिक लोकसभा की सीटों पर जीत मिलती है, वो केंद्र में अपनी सरकार बनाने की दावेदारी पेश कर सकती है. इस चुनाव को गठबंधन के साथ यानी कई पार्टियां एक साथ मिलकर भी लड़ सकती है.
  • इस चुनाव में देश की आम जनता द्वारा वोट डाले जाते हैं और हर किसी व्यक्ति को अपने क्षेत्र की लोकसभा सीट से, ये चुनाव लड़ रहे नेताओं में से किसी एक नेता के लिए मतदान करने का अधिकार होता है.

साल 2014 में बीजेपी पार्टी को मिली थी जीत (Lok Sabha 2014 Result)

साल 2014 में हुए इस चुनाव में बीजेपी पार्टी विजय रही थी और इस पार्टी ने  282 सीटें अपने नाम की थी. बीजेपी पार्टी के इतिहास में इनकी ये अभी तक की सबसे बड़ी जीत थी. क्योंकि इससे पहले बीजेपी पार्टी को कभी भी इस चुनाव में इतनी सीटें प्राप्त नहीं हुई थी. वहीं बीजेपी पार्टी के गठबंधन जिसे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नाम से जाना जाता है, उसे इस चुनाव में कुल 336 सीटे मिली थी.

2014 चुनाव में किस पार्टी को मिले थे कितने वोट (Vote Share)

  • बीजेपी पार्टी को मिले वोट – बीजेपी पार्टी को इस चुनाव में कुल 171,660,230 लोगों द्वारा वोट डाला गया था, जो कि इस चुनाव में कुल डाले गए वोटों का 31.3 प्रतिशत था. 
  • कांग्रेस पार्टी को मिले वोट – चुनाव आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक 106,935,942 मतदाताओं ने कांग्रेस पार्टी को वोट दिया था, जो कि इस चुनाव में डाले गए कुल वोटों का 19.5 प्रतिशत था.
  • अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस पार्टी को मिले वोट- ममता बनर्जी की पार्टी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस को इस चुनाव में 20,378,052 लोगों ने वोट दिया था, जो कि कुल डाले गए वोटों का 3.8 प्रतिशत था.
  • अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझागम पार्टी को मिले वोट – जयललिता की पार्टी को लोकसभा के चुनाव में कुल 18,111,579 लोगों द्वारा वोट दिए गए थे और ये वोट इस चुनाव में डाले गए कुल वोटों के 3.3 प्रतिशत थे.
  • बिजू जनता दल को मिले वोट – ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की इस पार्टी को साल 2014 के लोकसभा चुनाव में  9,489,946 वोटरों से वोट मिले थे, जो कि इस चुनाव में डाले गए वोटों का 1.7 प्रतिशत था.
  • शिवसेना पार्टी को मिले वोट- शिवसेना पार्टी को इस चुनाव में कुल 10,050,652 लोगों द्वारा वोट दिया गया था, जो कि लोकसभा चुनाव में डाले गए कुल वोटों का 1. 9 प्रतिशत था.
  • तेलुगू देशम पार्टी को मिले वोट – तेलुगू देशम पार्टी को इस चुनाव में 14,099,230 वोट, वोटरों द्वारा डाले गए थे और ये वोट इस चुनाव में डाले गए कुल वोटों के 2.5 प्रतिशत थे.
  • तेलंगाना राष्ट्र समिति पार्टी को मिले वोट- इस पार्टी को 6,736,270 लोगों द्वारा वोट दिया गया था, जो कि लोकसभा में डाले गए कुल वोटों का 1.2 प्रतिशत था.

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (National Democratic Alliance) –

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के तहत बीजेपी ने देश की अन्य राजनीतिक पार्टियों के साथ मिलकर ये चुनाव लड़ा था. इस गठबंधन में बीजेपी सहित लगभग  23 पार्टियां शामिल थी. हालांकि  इस गठबंधन में शामिल 11 पार्टियां लोकसभा की एक भी सीट जीत नहीं पाई थी.

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल पार्टियों के नाम-

संख्या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल पार्टियों  के नाम किस राज्य की है पार्टी पार्टी के अध्यक्ष का नाम लोकसभा की कितनी सीटे जीतीं
1 भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेशनल पार्टी अमित शाह 282
2 शिवसेना महाराष्ट्र उद्धव ठाकरे 18
3 तेलुगू देशम पार्टी आंध्र प्रदेश एन चंद्रबाबू नायडू 16
4 लोक जनशक्ति पार्टी बिहार राम विलास पासवान 6
5 शिरोमणि अकाली दल पंजाब प्रकाश सिंह बादल 4
6 राष्ट्रीय लोक समता पार्टी बिहार उपेंद्र कुशवाह 3
7 अपना दल उत्तर प्रदेश अनुप्रिया पटेल 2
8 नागा पीपुल्स फ्रंट नगालैंड टी आर ज़ेलियांग 1
9 पट्टाली मक्कल काची तमिलनाडु जी के मनी 1
10 स्वाभिमानी पक्ष महाराष्ट्र राजू शेट्टी 1
11 अखिल भारतीय एनआर कांग्रेस पुडुचेरी एन रंगस्वामी 1
12 नेशनल पीपुल्स पार्टी तमिलनाडु कॉनराड संगमा 1

नरेंद्र मोदी को बनाया था पीएम पद का उम्मीदवार (Narendra Modi)

बीजेपी पार्टी ने इस चुनाव के लिए अपनी पार्टी की और से नरेंद्र मोदी को पीएम पद के दावेदार के रूप में चुना था. हालांकि पार्टी के इस फैसले से, इस पार्टी की कुछ सहयोगी पार्टियां खुश नहीं थी और नीतीश कुमार की पार्टी ने अपना गठबंधन बीजेपी पार्टी के साथ तोड़ दिया था और अकेले ही इस चुनाव को लड़ा था.

किसी तरह किया गया पार्टी का प्रचार (Campaign)

  • बीजेपी ने इस चुनाव से जुड़ा हुआ अपना घोषणापत्र सात अप्रैल, 2014 को जारी किया था. अपने इस पत्र में बीजेपी ने काले धन को देश में वापस लाने, देश में हाई स्पीड ट्रेन नेटवर्क बनाने सहित किसानों के हालातों को बेहतर करने से जुड़े कई वादे लोगों से किए थे.
  • इस चुनाव को जीतने के लिए मोदी ने कुल 25 राज्यों में जाकर चुनाव प्रचार किया था और उन्होंने 437 सार्वजनिक बैठक भी की थी. इतना ही नहीं अधिक से अधिक लोगों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए मोदी ने 3 डी (थ्री डायमेंशनल) रैलियों का सहारा भी लिया था.
  • सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी बीजेपी द्वारा इस चुनाव में काफी अच्छे से किया गया था और इस पार्टी ने बखूबी से सोशल मीडिया के जरिए लोगों से अपनी पार्टी के लिए वोट मांगे थे. इसके अलावा बीजेपी पार्टी द्वारा बनाया गया नारा ‘अबकी बार मोदी सरकार’ भी काफी हिट रहा था.

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में अमित शाह की भूमिका

बीजेपी पार्टी को ये चुनाव जीताने के लिए जो भी रणनीति तैयार की गई थी, वो अमित शाह द्वारा बनाई गई थी और अमित शाह की बदौलत ही बीजेपी पार्टी को उत्तर प्रदेश राज्य की 80 लोकसभा सीटों में से 71 सीटों पर जीत मिल सकी थी. इसके साथ ही बिहार राज्य में भी अपनी पार्टी को अधिक से अधिक लोकसभा सीट जीतवाने मे अमित शाह की अहम भूमिका रही थी.

दरअसल बिहार और यूपी राज्यों के वोटरों का झुकाव बीजेपी से ज्यादा यहां की स्थानीय पार्टियों की ओर था और ऐसे में इन राज्यों की लोकसभा की सीट जीतना बीजेपी के लिए काफी मुश्किल था. और इन राज्य की पार्टी को किस तरह से हराया जाए, इसकी रणनीति अमित शाह ने बनाई थी.

बिहार और यूपी राज्यों के अलावा देश के अन्य राज्यों की अधिक से अधिक लोकसभा सीट बीजेपी को जीताने में भी शाह की अहम भूमिका रही थी.

बीजेपी के जाने माने नेताओं ने किन सीट से लड़ा था चुनाव –

संख्या नेता का नाम किस सीट से लड़ा था चुनाव क्या रहा था नीतजा
1 नरेंद्र मोदी दो सीटों से लड़ा चुनाव वाराणसी और वडोदरा दोनों सीटों से जीत मिली थी
2 लाल कृष्ण आडवाणी गांधीनगर जीत
3 अरुण जेटली अमृतसर हार
4 सुषमा स्वराज विदिशा जीत
5 राजनाथ सिंह लखनऊ जीत
6 मुरली मनोहर जोशी कानपुर जीत
7 स्मृति ईरानी अमेठी हार
8 वरुण गांधी सुल्तानपुर जीत
9 मेनका संजय गांधी पीलीभीत जीत
10 शत्रुघ्न सिन्हा पटना साहिब जीत

 बीजेपी को किस राज्य में मिले कितनी सीटें –

इन चुनाव में बीजेपी पार्टी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश की सीटों से अपने प्रत्याशियों को चुनाव में खड़ा किया था. और इस पार्टी ने दिल्ली और पांच राज्यों की सभी लोकसभा सीटें जीत ली थी.

संख्या राज्य के नाम  कुल सीटें लोकसभा सीटें बीजेपी ने कितनी लोकसभा सीटें जीती थी
1 तेलंगाना 17 2 (तेदेपा पार्टी के संग मिलकर )
2 आंध्र प्रदेश 25 7 (तेदेपा पार्टी के संग मिल कर)
3 अरुणाचल प्रदेश 2 1
4 असम 14 7
5 बिहार 40 22
6 छत्तीसगढ़ 11 10
7 गोवा 2 1
8 गुजरात 26 26
9 हरियाणा 10 7
10 हिमाचल प्रदेश 4 4
11 जम्मू-कश्मीर 6 3
12 झारखंड 14 12
13 कर्नाटक 28 17
14 केरल 20
15 मध्य प्रदेश 29 27
16 महाराष्ट्र 48 23
17 मणिपुर 2
18 मेघालय 1
19 मिजोरम 1
20 नागालैंड 1
21 ओडिशा 21 1
22 पंजाब 13 2
23 राजस्थान 25
24 सिक्किम 1
25 तमिलनाडु 39 1
26 त्रिपुरा 2
27 उत्तर प्रदेश 80 71
28 उत्तराखंड 5 5
29 पश्चिम बंगाल 42 2
30 अंडमान और निकोबार द्वीप समूह 1 1
31 चंडीगढ़ 1 1
32 दादरा और नगर हवेली 1 1
33 दमन और दीव 1
34 दिल्ली 7 7
35 लक्षद्वीप 1
36 पुडुचेरी 1

 लोकसभा 2014 में कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन (Congress Party)

  • इस चुनाव मे इस पार्टी की और से किसी भी नेता को प्रधानमंत्री के दावेदार के रूप में सामने नहीं लाया गया था. इस पार्टी को ये चुनाव जीताने की जिम्मेदारी राहुल गांधी को सौंपी गई थी, जो कि इस पार्टी के अध्यक्ष हैं.
  • राहुल गांधी ने भी मोदी की तरह कई राज्यों में रैली की थी और अपनी पार्टी के लिए लोगों से वोट की मांग की थी. हालांकि इस चुनाव में लोगों ने कांग्रेस पार्टी का साथ ना देकर बीजेपी पार्टी का साथ दिया था और देश की सबसे बड़ी पार्टी कही जाने वाली, कांग्रेस को केवल 44 सीटों पर ही जीत मिल पाई थी, जबकि कांग्रेस ने कुल 462 सीटों से ये चुनाव लड़ा था.
  • ये चुनाव कांग्रेस पार्टी ने कई पार्टियों के साथ मिलकर लड़ा था, लेकिन इसके बावजूद भी कांग्रेस पार्टी ज्यादा वोट हासिल कर पाने में नाकाम रही थी.
  • जहां बीजेपी पार्टी के लगभग हर बड़े नेता ने अपनी सीट से ये चुनाव जीत लिया था. वहीं कांग्रेस के जाने माने नेता अपनी लोकसभा सीट को बचा पाने में नाकाम रहे थे और कांग्रेस के महज 44 नेता को जनता का साथ मिला था.
  • कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी ने अमेठी से ये इलेक्शन लड़ा था और ये जीत भी लिया था. सोनिया गांधी ने रायबरेली सीट से चुनाव लड़ा था और वो भी अपनी सीट बचा पाने में कामयाब रही थी. वहीं कांग्रेस के प्रसिद्ध नेता जैसे सलमान खुर्शीद, सुशील कुमार शिंदे, गुलाम नबी आजाद, और सचिन पायलट ने जिन सीट से चुनाव लड़ा था, वो उन सीट से हार गए थे.

2014 के लोकसभा चुनाव में भाग लेने वाली अन्य पार्टियां (Other Parties)

  • देश की कई अन्य पार्टी द्वारा बीजेपी को ये चुनाव हराने की काफी कोशिश की गई थी, लेकिन ये सभी पार्टियां ऐसा करने में नाकाम रही थी.
  • आप पार्टी के नेता अरविन्द केजरीवाल ने वाराणसी सीट से ये चुनाव लड़ा था और इन्होंने मोदी का सामना किया था. लेकिन वहां के लोगों ने केजरीवाल की जगह मोदी का साथ दिया था और अपने वोट मोदी के हक में डाले थे.
  • इसी तरह मायावती और अखिलेश यादव की पार्टी ने भी इस चुनाव में अधिक से अधिक सीटे जीतने की कोशिश की थी, लेकिन इन दोनों की पार्टी को भी लोगों द्वारा वोट नहीं दिए गए थे.

नौ चरणों में हुई थी लोकसभा चुनाव की वोटिंग  (Lok Sabha election 2014 date)

चुनाव आयोग द्वारा ये चुनाव नौ चरण में कराए गए थे और ये चुनाव 7 अप्रैल, 2014 से लेकर 12 मई तक चले थे.

चरण किस दिन हुआ था चुनाव किन राज्य में हुआ था चुनाव
पहले चरण के चुनाव 7 अप्रैल, 2014 असम और त्रिपुरा राज्य में हुए थे और इस चरण में कुल  6 निर्वाचन क्षेत्रों में वोटिंग हुई थी. असम की 75 प्रतिशत जनता ने अपना मत डाला था, जबकि त्रिपुरा में 84 प्रतिशत लोगों ने चुनाव में हिस्सा लिया था. 
दूसरे चरण के चुनाव 9 अप्रैल, 2014 नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर और मिजोरम के सात निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान डाले गए थे. 
तीसरे चरण के चुनाव

 

11, अप्रैल, 2014 केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, जम्मू, ओडिशा राज्य सहित तीन केंद्र शासित प्रदेश की 92 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में हुए थे.
चौथे चरण के चुनाव

 

12 अप्रैल, 2014 चौथे चरण के मतदान असम, त्रिपुरा, और सिक्किम राज्य में हुए थे और इन राज्यों की पांच लोकसभा चीटों पर वोटिंग हुई थी.
पांचवें चरण के चुनाव 17, अप्रैल, 2014 उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, झारखंड, मणिपुर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, राजस्थान और बिहार राज्य के लोगों ने मतदान किया था और ये चुनाव 122 लोकसभा सीटों पर करवाया गया था
छठे चरण के चुनाव 24 अप्रैल, 2014 ये चुनाव तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, बिहार, झारखंड, राजस्थान, पुधुचेरी, जम्मू और कश्मीर, उत्तर प्रदेश राज्य में हुए थे और इस चरण में कुल 117 सीटों पर मत डाले गए थे
सातवें चरण के चुनाव 30 अप्रैल, 2014 बिहार, आंध्र प्रदेश, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, पंजाब, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव में इस चरण के चुनाव हुए थे और इस चरण में कुल 89 निर्वाचन क्षेत्रों में वोट डाले गए थे.
आठवें चरण के चुनाव

 

7 मई, 2014 आठवें चरण की वोटिंग आंध्र प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल राज्य में हुई थी.
नौवां चरण के चुनाव 12 मई, 2014 इस चरण में तीन राज्यों की 41 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं द्वारा मत डाला गया था और जिन राज्यों में इस चरण के दौरान वोटिंग हुई थी उनके नाम इस प्रकार हैं बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल. 

सभी राज्य में मतदान होने के बाद 16 मई को इस चुनाव के नतीजे सामने आए थे और बीजेपी पार्टी ने इस चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल किया था.

निष्कर्ष                                                 

साल 2014 के चुनाव में देश की अधिकतर जनता ने मोदी पर विश्वास रखते हुए उनकी पार्टी को अपना वोट दिया था और बीजेपी पार्टी को केंद्र में सरकार बनाने के लिए चुना था. वहीं मोदी ने पीएम बनते ही हमारे देश की तरक्की और लोगों के हितों के लिए अहम कार्य करना शुरू कर दिया था.

इलेक्शन पर कविता (Election Poem)

चलों सुनाऊ एक कहानी, 
हर बार की घटना मेरी जुबानी |

बिछ गए थे धरती पर सितारें, 
ऐसे दिखाएँ सुनहरे सपनों के नज़ारे |

सपनों में था दो वक्त का खाना, 
घरों में राशन और भरपूर उजाला |

ऐसा दिखाया सुन्दर नज़ारा,
जिसमे था बैखोफ बदलता ज़माना |

मेरे ही घर में मुझे सुरक्षा का वादा, 
नयें-नयें सपनों का ठनठौक दावा |

काम हैं ऐसा जैसे बन्दर मदारी का प्रसिद्द खेल,
कभी बन्दर बने राजा कभी मदारी, ऐसा पञ्चवर्षीय मेल |

हँसकर अब हम यूँही टाल जाते हैं, 
ऐसे मदारी हर बार हमें बन्दर बनाने आते हैं|
    बन्दर बनाने आते हैं ||

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Karnika

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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