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28 फरवरी, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस भाषण | 28th Feb, National Science Day Speech in Hindi

जानिए क्यों मनाया जाता है 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस भाषण  (Why do We Celebrate 28th Feb as National Science Day Speech in Hindi)

विज्ञान की मदद से इंसानों ने कई तरह की खोज कर, अपने जीवन को ओर बेहतर बना लिया है. विज्ञान के जरिए ही आज हम लोगों ने नई तरह की तकनीकों का आविष्कार किया है. वहीं हर रोज ना जाने हम विज्ञान की मदद से बनाई गई कितनी तकनीकों और चीजों का इस्तेमाल करते हैं. इतना हीं नहीं इसके जरिए ही हम लोग नामुकिन चीजों को मुमकिन बनाने में कामयाबी भी रहे हैं. विज्ञान की मदद से ही हम अंतरिक्ष में पहुंचने से लेकर रोबोट, कंप्यूटर जैसी चीजे बनाने में सफल हो पाए हैं. ऐसे में विज्ञान हमारे जीवन में काफी महत्व रखता है और हर स्कूल में इस विषय को बच्चों को पढ़ाया जाता है. वहीं भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में काफी योगदान दिया है. भारत की धरती पर कई महान वैज्ञानिकों ने जन्म लिया है और इन महान वैज्ञानिकों की बदलौत ही भारत ने विश्व भर में विज्ञान के क्षेत्र में अपना एक अलग ही औदा बनाया हुआ है. वहीं हर साल भारत में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है.  वहीं इस दिवस को कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है इसकी जानकारी आप लोगों को नीचे दी गई है.

National Science Day

कब मनाया जाता है राष्ट्रीय विज्ञान दिवस और इसके उद्देश्य (When We Celebrate National Science Day And Its Objectives)

भारत में हर साल 28 फरवरी के दिन इस दिवस को मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच में विज्ञान के प्रति ओर जागरूकता पैदा करना है. इतना ही नहीं इस दिवस के जरिए बच्चों को विज्ञान को बतौर अपने करियर को चुनने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है. ताकि हमारे देश की आनेवाली पीढ़ी विज्ञान के क्षेत्र में अपना योगदान दे सके और हमारे देश की ओर तरक्की हो सके.

क्यों चुना गया 28 फरवरी का दिन-

वहीं आप लोग सोच रहे होंगे की क्यों इस दिवस को मनाने के लिए भारत सरकार द्वारा 28 फरवरी का दिन चुना गया है. दरअसल इस दिन हमारे देश के महान वैज्ञानिक सीवी रमन द्वारा एक खोज की गई थी. उनके द्वारा की गई प्रकाश के प्रकीर्णन की खोज ने भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान दिया थी. उन्होंने ये खोज सन् 1928 में कोलकाता में की थी. वहीं इस खोज को ‘रमन प्रभाव’ के नाम से भी जाना जाता है. वहीं बच्चों के लिए सीवी रमन एक रॉल मॉडल की तरह हैं. जिनके जीवन से बच्चे कई तरह की प्रेरणा ले सकते हैं.

कौन थे सीवी रमन (Who is CV Raman in Hindi)

सीवी रमन का पूरा नाम चंद्रशेखर वेंकट रमन था. वहीं इनका जन्म सात नंवबर के दिन हुआ था. साल 1888 में तमिलनाडु में जन्म इस भौतिक विज्ञानी ने प्रकाश के विवर्तन की खोजकर भारत का नाम विश्व भर में प्रसिद्ध किया था. वहीं इनको इस खोज के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था. उन्हें साल 1930 में ये पुरस्कार मिला था. इसके साथ ही वो पहले भारतीय भी बन गए थे जिन्हें विज्ञान के क्षेत्र ये पुरस्कार मिला था. इतना ही नहीं उनसे पहले एशियाई में किसी भी व्यक्ति को विज्ञान के क्षेत्र में ये पुरस्कार नहीं मिला था. इसके अलावा भारत सरकार ने भी इस महान वैज्ञानिक को साल 1954 में हमारे देश के सबसे बड़े सम्मान से यानी भारत रत्न से सम्मानित किया था.

कैसे की रमन प्रभाव की खोज’-

रमन जी ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में एक सरकारी नौकरी की थी. हालांकि उन्होंने ये नौकरी कुछ समय तक ही की थी. जिसके बाद साल 1971 में उन्होंनें कोलकाता यूनिवर्सिटी में बतौर एक प्रोफेसर कार्य करना शुरू किया था. इस दौरान उन्होंने अपना शोध जारी रखा और उनकी कड़ी मेहनत के चलते उन्होंने 28 फरवरी के दिन रमन प्रभाव की खोज कर भौतिक विज्ञान के क्षेत्र एक बहुत बड़ा योगदान दिया था. उनकी इसी खोज की मदद से ही अन्य वैज्ञानिकों को कई तरह की खोज करने में सफलता मिली थी.

भारत के जाने-माने वैज्ञानिकों के नाम-

विज्ञान के क्षेत्र में कई सारी चीजों की खोज भारतीयों के द्वारा ही की गई है और इन्हीं खोज के दम पर अन्य वैज्ञानिकों ने अन्य चीजों को खोज है. आर्यभट्ट, वेंकट रमन, चंद्रशेखर जैसे अन्य वैज्ञानिकों के दम पर ही भारत का विज्ञान के क्षेत्र में शुरू से दबदबा रहा है.

किस तरह से मनाया जाता है ये दिवस (National Science Day Activities)

भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा इस दिन को विशेष बनाने के लिए कई तरह की तैयारियां की जाती हैं. वहीं भारत के स्कूलों और कॉलेजों में इस दिन पर कई तरह के कार्यक्रमों, बच्चों द्वारा विज्ञान प्रोजेक्ट, प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है और इन कार्यक्रमों में बच्चे बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हैं. इतना ही नहीं बच्चों को विज्ञान विषय को लेकर जानकारी दी जाती है ताकि बच्चे इस विषय में अपना करियर बना सकें. वहीं रेडियो और टीवी पर इस दिन कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. इन कार्यक्रमों में विज्ञान को लेकर चर्चा की जाती है. इसके अलावा विज्ञान से जुड़े कॉलेजों में वैज्ञानिकों को भी बुलाया जाता है ताकि वो कॉलेज के छात्रों के साथ अपना अनुभाव साझा कर सकें.

वर्ल्ड साइंस डे फॉर पीस एंड डेवलपमेंट (World Science Day for Peace and Development in Hindi)

10 नवंबर के दिन पूरी दुनिया में वर्ल्ड साइंस डे फॉर पीस एंड डेवलपमेंट मनाया जाता है. इस दिन पूरी दुनिया में विज्ञान को लेकर कई तरह के सैमीनारों का आयोजन होता है. इतना ही नहीं इस दिन विज्ञान से जुड़े फायदों के बारे में भी लोगों को बताया जाता है. साल 2002 में सबसे पहले इस दिवस को मनाया गया था. वहीं जब से लेकर अभी तक इस दिवस को हर साल इस दिन मनाया जाता है.

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाने की आवश्यकत-

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के जरिए ही हम विज्ञान से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचा सकते हैं. इतना ही नहीं लोगों को प्रोत्साहित करने के साथ ही विज्ञान और प्रौद्योगिकी को लोकप्रिय बनाने के लिए भी ये दिन मनाना जाता है.

साल 2018 के लिए राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का विषय-

इस साल के लिए चुना गया विषय ‘राष्ट्र के विकास के लिए वैज्ञानिक मुद्दों’ है. इस विषय को लेकर ही इस साल देश भर में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा.

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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