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इलाहबाद महाकुंभ मेला 2019 में कब से कब तक होगा व शाही स्नान त‍िथ‍ियां | Allahabad Kumbh Mela 2019 Snan Dates in hindi

प्रयागराज इलाहबाद महाकुंभ (कुम्भ) मेला 2019 में कब से कब तक होगा व शाही स्नान की त‍िथ‍ियां ( Prayagraj Allahabad Kumbh Mela 2019 snan Dates, history, Online tent booking in hindi)

आध्यात्मिक देश होने के कारण भारत में कई धार्मिक यज्ञ, मेला आदि समय समय पर आयोजित होते रहते है. कुंभ  मेला ही इसी तरह का एक आध्यात्मिक मेला है, जहाँ बहुत विधि- विधान के साथ पूजा पाठ, यज्ञ आदि होता है. ऐसा माना जाता है कि कुंभ  मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और वो जीवन- मरण के चक्र से मुक्त हो जाते है. दिसम्बर 2017 में यूनेस्को ने भारत मे आयोजित इस मेले को ‘इनटैन्जिबल कल्चर हेरिटेज ऑफ़ ह्यूमैनिटी लिस्ट’ में शामिल किया है. इस तरह से यह मेला एक वैश्विक स्तर का आयोजन बन गया है.

Allahabad Kumbh Mela

कुंभ मेले का महत्व ( Kumbh Mela importance)

सनातन धर्म में कुंभ  मेले का अपना आध्यात्मिक महत्व है. सदियों से कुंभ  के मेले में स्नान की प्रथा चली आ रही है. सनातन धर्म के अनुसार मनुष्य की मृत्यु के बाद उसका पुनर्जन्म होता है. ऐसा माना जाता है कि कुंभ  मेले में स्नान करने वाले व्यक्ति जन्म बंधन से मुक्त होकर परमात्मा को प्राप्त कर लेते है. इस मेले में एक साथ असंख्य हिन्दू श्रद्धालु एक स्थान पर आ पाते हैं. विभिन्न तरह के साधु, सिद्ध पुरुष, विद्वान और पंडित इस मेले में आकर पूजा पाठ, यज्ञ आदि का आयोजन करते हैं. इस मेले में शामिल होकर आध्यात्मिक ज्ञान अर्जित किया जा सकता है.

कुंभ मेले के लिये स्थान चयन की प्रक्रिया (Where and when is the Kumbh Mela Held?)

कुंभ  मेले का आयोजन हर स्थान पर नहीं हो सकता है. इसके लिए शास्त्रों के अनुसार चार विशेष स्थान तय हैं, ये चार स्थान हैं नासिक में गोदावरी नदी के तट पर, उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर, हरिद्वार में गंगा नदी के तट पर और प्रयाग में संगम (गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम) के तट पर.  यह अदभूत मेला प्रत्येक बारह वर्षो के अंतराल में लगता है. इस बारह वर्ष के बीच छः वर्षो में इस मेले का आयोजन ‘अर्द्ध कुंभ ’ के नाम से होता है.  इसके आयोजन का सही समय और तिथि धार्मिक और ज्योतिष शास्त्र के आधार पर होता है. साथ ही ये प्रसंग ध्यान देने योग्य है कि इलाहाबाद संगम में प्रत्येक वर्ष माघ के महीने में ‘माघ मेला’ का लगता है. यही मेला छः वर्ष में ‘अर्द्ध कुंभ ’ और पूरे बारह वर्ष में ‘कुंभ  मेला’ के रूप में हमारे सामने आता है.

ग्रहों की स्थिति के अनुसार कुम्भ मेले का आयोजन (Kumbh Mela depending on position the Sun, Moon, and Jupiter)

इस धार्मिक मेले को तीन ग्रहों चन्द्र, सूर्य और बृहस्पति की स्थिति के अनुसार अलग अलग स्थानों में लगाया जाता है. यहाँ इन ग्रहों की विशेष स्थितियों का वर्णन दिया जा रहा है.

  • माघ (अंग्रेजी कैलेण्डर के अनुसार जनवरी- फरवरी) के महीने में जिस तिथि को वृहस्पति मेष अथवा वृषभ राशि में हो तथा सूर्य और चन्द्र कर्क राशि में विराजमान हों, उस तिथि पर ये मेला इलाहाबाद में लगता है.
  • चैत्र (अंग्रेजी कैलेण्डर के अनुसार मार्च- अप्रैल) के महीने में जिस तिथि के दौरान वृहस्पति कुम्भ राशि में और सूर्य मेष राशि में मौजूद होते हैं, उस तिथि को कुम्भ का मेला हरिद्वार में आयोजित किया जाता है.
  • वैशाख (अप्रैल- मई) के महीने में जब वृहस्पति का स्थान सिंह राशि हो और सूर्य मेष राशि में स्थिन हों. या ये तीनों की ग्रह तुला राशि में स्थित हों,  तो उज्जैन में इस मेले का आयोजन होता है.
  • भाद्रपद (अगस्त – सितम्बर) में सूर्य और बृहस्पति के सिंह राशि में प्रवेश करने पर यह मेला नासिक में आयोजित किया जाता है.

कुंभ  मेले की कथा व इतिहास (Kumbh Mela history and story)

कुंभ मेले का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है, इसकी कथा न सिर्फ लोगों को सद्कर्म के लिए प्रोत्साहित करती है बल्कि असत्य पर सत्य की विजय का प्रमाण भी देती है. शब्द ‘कुंभ ’ का अर्थ घड़ा होता है. शास्त्र के अनुसार एक बार स्वर्ग के सभी भगवानों की शक्ति क्षीण हो गयी. अपनी दैवीय शक्तियों को फिर से प्राप्त करने के लिए देवताओं ने असुरों को समुद्र मंथन के लिए राज़ी किया, जिससे उन्हें अमृत कलश प्राप्त हुआ. आरंभ में ये तय किया गया कि अमृत कलश को देवताओं और असुरों में बराबर हिस्सों में बाँटा जाएगा. हालाँकि समुद्र मंथन के बाद देवताओं और असुरों में युद्ध छिड़ गया, यह युद्ध बारह वर्षों तक चला. इसी समय पक्षियों में श्रेष्ठ गरुड़ यह कलश लेकर उड़ जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दौरान यह अमृत जहाँ जहाँ छलका वहाँ वहाँ कुंभ मेले के उत्सव की प्रथा बनी.  अंततः अमृत देवताओं को प्राप्त हुआ और वे अमर हो गये.

आगामी कुंभ मेले का समय और स्थान (When and where is the Next Kumbh Mela)

अगले वर्ष अर्थात वर्ष 2019 में इलाहाबाद में अर्द्ध कुंभ  मेले का आयोजन होने वाला है. इसकी तिथि 14 जनवरी से 4 मार्च तक की है. इसके बाद 3 वर्ष पश्चात मतलब 2022 में हरिद्वार में कुंभ मेला लगेगा. वर्ष 2025 में पुनः इलाहाबाद में महाकुंभ  का आयोजन होगा और वर्ष 2027 में नासिक में भी कुंभ  मेले का आयोजन किया जायेगा.

वर्ष 2019 के कुंभ  मेले की स्नान तिथि (Prayagraj Kumbh Mela 2019 Snan Date)

वर्ष 2019 में आयोजित होने वाले कुंभ  मेले के स्नान की तिथि आ चुकी है, ऐसी मान्यता है कि तय तिथि को स्नान करने से ईश्वर की असीम अनुकम्पा और आशीर्वाद की प्राप्ति होति है.

दिनांक   विशेष तिथी
15 जनवरी 2019 मकर संक्रांति (प्रथम शाही स्नान)
21 जनवरी 2019 पौष पूर्णिमा
4 फरवरी 2019 मौनी अमावस्या (द्वितीय तथा मुख्य शाही स्नान)
10 फरवरी 2019 बसंत पंचमी (तृतीय शाही स्नान)
19 फरवरी 2019 माघ पूर्णिमा
4 मार्च 2019 महा शिवरात्रि

कुंभ  मेले में होने वाले अनुष्ठान (What Rituals are Performed)

कुंभ  मेले में प्राथमिक अनुष्ठान स्नान ही है. इस स्नान का पौराणिक महत्व स्वर्ग और मुक्ति से संबंध रखता है. स्नान के लिए तय तिथि को श्रद्धालु सुबह तीन बजे से स्नान के लिए लाइन में लग जाते हैं. सूर्योदय होने के साथ ही सभी श्रद्धालु स्नान के लिए नदी में उतरने लगते हैं. समस्त साधुओं में नागा साधुओं को सर्वप्रथम स्नान का सौभाग्य प्राप्त होता है. स्नान के बाद श्रद्धालु नये और पवित्र कपडे पहन कर घाट पर पूजा करते हैं. इस मेले में विभिन्न सिद्ध पुरुष और साधुओं का आगमन होता है.

कुंभ मेले का दर्शन कैसे करें  

यदि आप एक श्रद्धालु होकर इस मेले में जाना चाहते हैं और स्नान का पुण्य उठाना चाहते हैं, तो आपको साधारण तौर से ही जाना होता है.  ये मेला जहां भी आयोजित होता है वहाँ यातायात के लिए ट्रेन और सड़क मार्गो की अच्छी व्यवस्था उपलब्ध है. इस मेले मे स्वदेशी लोगों के साथ विदेशी अतिथी भी शामिल होते है. सरकार सभी के लिए विशेष टेंट्स, बाथरूम आदि की व्यवस्था करती है.

महाकुंभ मेला 2019 प्रयागराज में ऑनलाइन टेंट बुकिंग (Online Tent Booking for Maha Kumbh Mela 2019) –

  • प्रयागराज कुम्भ मेला के लिए ऑनलाइन टेंट बुकिंग भी की जा सकती है. उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी टूरिज्म साईट में इस नए फीचर को जोड़ा है. अब शाही स्नान के लिए आप अपनी तारीख अनुसार प्रयागराज में रहने के लिए घर बैठे बुकिंग कर सकते है. कुम्भ मेला में ऐसे तम्बू बनाये जा रहे है, जहाँ आप 5 स्टार होटल जैसी सुविधाओं का लाभ ले सकते है. यूपी कुंभ मेले में विशेष आकर्षण के साथ लोग इन सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं.
  • कल्पवृक्ष, कुंभ तम्बू, कुंभ कैनवस, आगमैन, कुंभ ग्राम और इंद्रप्रस्थ सिटी इस कुम्भ मेले में  प्रमुख सहयोगी भागीदार हैं जो लोगों को रहने की सुविधा मुहैया करा रहे है. इन टेंट में लोग विभिन्न सुविधाओं का लाभ उठा सकते है. इन लक्ज़री रूम में  बाथरूम, टीवी, सोने के लिए अच्छे पलंग, ड्रेसिंग टेबल, वरांडा, इन्टरनेट एवं शाकाहारी खाना मिलेगा. इसके साथ ही 24/7 लोग होटल की सुविधा का लाभ उठा सकते है.

नीचे आपको प्रयागराज मेला में ऑनलाइन टेंट बुकिंग की सारी जानकारी दी जा रही है. टेंट की ऑनलाइन बुकिंग 15 जनवरी से शुरू हो जाएगी.

  • सबसे पहले प्रयागराज कुम्भ मेला के ऑफिसियल पोर्टल http://uptourism.gov.in/ पर क्लिक करें.
  • यहाँ होम पेज में “बुक टेंट फॉर कुम्भ 2019” पर क्लिक करें, जिससे एक न्यू पेज खुल जायेगा.
  • अब लोग सहयोगी भागीदारों की साईट में टेंट की ऑनलाइन बुकिंग कर सकते है. आप जिस भी टेंट की बुकिंग करना चाहते है, उस पर क्लिक करें.

प्रयागराज कुम्भ मेला के टेंट सिटी में लोग “दी विला” ,”सुपर डीलक्स” और “दी डीलक्स” में रहने का अनुभव कर सकते हैं.

डाउनलोड प्रागराज कुम्भ मेला मोबाइल एप्प  (Prayagraj Kumbh Mela in hindi)

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रयागराज महाकुम्भ मेला की सारी जानकारी आम जनता तक पहुंचाने के लिए मोबाइल एप्प लांच की है. कुम्भ मेला एप्प एंड्राइड उपभोक्ता एवं आईफ़ोन उपभोक्ता दोनों ही डाउनलोड कर सकते हैं.

  • प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने 2019 में होने वाले दिव्य कुम्भ मेला के लिए एप्प जारी की है, जो सभी को सही जानकारी आसानी से उपलब्ध कराएगी।
  • इस एप्प से इच्छुक लोग शाही स्नान के लिए बुकिंग भी कर सकते है.
  • महाकुम्भ एप्प में लोग अपने अनुभव को शेयर कर सकते है, एप्प के द्वारा वे प्रगराजराज कुम्भ की लाइव फ़ोटो, वीडियो भी देख सकते है.
  • डाउनलोड प्रयागराज महाकुम्भ मेला मोबाइल एप्प
  • जो भी इस एप्प को डाउनलोड करना चाहते है तो प्रयागराज महाकुम्भ मेला साइट पर क्लिक करें।
  • इस साइट पर एंड्राइड यूजर के लिए प्ले स्टोर की लिंक एवं आई फ़ोन यूजर के लिए एप्पल स्टोर लिंक उपलब्ध है.
  • यहाँ आपको नीचे डायरेक्ट लिंक दी जा रही है जहाँ से आप मोबाइल एप्प डाउनलोड कर सकते है.

प्रयागराज कुम्भ मेला एप्प 2019 (Android user)

प्रयागराज कुम्भ मेला एप्प 2019 (Iphone User)

प्रयागराज कुम्भ मेला  2019 के लिए वेबसाइट, मोबाइल एप्प और सोशल मीडिया चैनल प्रदेश सरकार द्वारा लागु किये गए है. जहाँ भक्तजन प्रयागराज कुम्भ के दर्शन घर बैठे कर सकते है.

कुम्भ मेला 2019 ऑनलाइन बुकिंग (Kumbh Mela 2019 Booking)

कुम्भ मेला के लिए ऑनलाइन बुकिंग मोबाइल एप्प और आधिकारिक साइट द्वारा भी की जा सकती है.

आधिकारिक साइट (Official site) https://kumbh.gov.in/en
कुम्भ मेला फेसबुक पेज https://www.facebook.com/PrayagrajKumbh
कुम्भ मेला ट्विटर पेज https://twitter.com/PrayagrajKumbh
कुम्भ मेला इंस्टाग्राम पेज https://www.instagram.com/kumbh.2019/
कुम्भ मेला यूट्यूब पेज https://www.youtube.com/kumbh2019
मेल आईडी (Email ID) web.kumbh-up@gov.in

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Ankita

अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
Ankita

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