एंटीबॉडी टेस्ट किसे कहते हैं, निर्माण, नॉर्मल रेंज | Antibody Test in Hindi

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एंटीबॉडी टेस्ट किसे कहते हैं, परिभाषा, निर्माण, नॉर्मल रेंज, बढ़ाने के उपाय, टेस्ट प्राइस [Antibody Test in Hindi] (Test Price, for Covid, Covid Normal Range, Result Range, Kit, Benefit)

कोरोना महामारी ने जिस प्रकार से तांडव मचा रखा है उसको देखे तो यह बीमारी काफी खतरनाक हो रही है जिसका अब तक कोई व्यवस्थित इलाज नही आया है। परंतु मेडिकल विभाग की मानें तो अब हमारे शरीर में ऐसे ही कुछ प्रोसेस होते है जिससे इस कोरोना मरीज का पता लगा कर उस मरीज के शरीर में विद्यमान सारी बीमारियों का इलाज किया जा सकता है। शरीर के अंदर की बीमारियों को समझने के लिए शरीर की एंटीबॉडी को समझना जरूरी है। 

antibody test kya hai in hindi

एंटीबॉडी टेस्ट क्या है

किसी भी शरीर के खून के सैंपल, एंटीबॉडी टेस्ट बड़ी महत्वपूर्ण और सबसे अहम जानकारी देता है। इस टेस्ट से आपके शरीर के अन्दर होने वाले प्रोसेस का पता चलता है, इस प्रकार के टेस्ट से पता चलता है की आप किसी वायरस के शिकार हुए है या नही।  एक सामान्य प्रकार से देखा जाए तो एंटीबॉडी दरअसल एक प्रकार का प्रोटीन हैं जो शरीर में इन्‍फेक्‍शन से लड़ने में मदद करता है। 

एंटीबॉडी टेस्ट कैसे होता है

एंटीबॉडी टेस्ट करने के लिए किसी भी मनुष्य के शरीर के रक्त का सैंपल लिया जाता है। और इसका प्रशिक्षण किया जाता है। दरअसल एंटीबॉडी टेस्ट का सैंपल लेने का तरीका RT-PCR से अलग है। जब से कोरोना का समय चालू हुआ है हमने यह तो देखा है कि RT-PCR टेस्ट के लिए सैंपल नाक या गले से लिया जाता है. किन्तु एंटीबॉडी टेस्ट के लिए ब्लड सैंपल की आवश्यकता होती है.

एंटीबॉडी टेस्ट एवं RT-PCR टेस्ट में अंतर

जब से कोरोना महामारी की शुरुआत हुई है तब से हमने RT-PCR का नाम ही सुना है, पर अप्रैल माह 2021 से हम एक और नये टेस्ट एंटीबॉडी टेस्ट के बारे में भी सुन रहे है। चलिए देखते है की एंटीबाडी टेस्ट RT-PCR से कितना अलग है। 

  • RT-PCR से टेस्ट करने का तरीका काफी आसान है, इसका सैंपल नाक से या गले से लिया जाता है। जबकि एंटीबॉडी टेस्ट करने के लिए शरीर के खून का उपयोग किया जाता है। शरीर से खून सैंपल के रूप में निकाला जाता है। 
  • RT-PCR से सैंपल लेने के बाद उसकी रिपोर्ट आने में कई दिन लग जाते है, एंटीबॉडी से सैंपल लेने के बाद उसकी रिपोर्ट आने में केवल कुछ मिनट ही लगते है।  
  • RT-PCR से मनुष्य शरीर में केवल वायरस को डिटेक्ट किया जाता है कि शरीर में कोरोना वायरस या अन्य कोई वायरस है या नही, जबकि ANTIBODY टेस्ट के माध्यम से शरीर में उस वायरस के खिलाफ लड़ने के लिए एंटीबॉडी एलिमेंट हैं या नही, इसका पता लगाया जाता है। 

एंटीबॉडी का निर्माण

किसी भी मानवीय शरीर में रक्त सबसे अहम होता है। मानव शरीर में जितना भी रक्त होता है उसमे कई तरह के अलग अलग बैक्टीरिया पाए जाते है। रक्त में पाए जाने वाले सभी प्रकार के बैक्टीरिया में से कुछ सही यानी शरीर के लिए अच्छे होते है वही दुसरे प्रकार के शरीर में कुछ ख़राब बैक्टीरिया भी पाए जाते है जो शरीर के लिए नुकसान दायक होते है। मनुष्य के शरीर में पाए जाने रक्त में कुछ antibody भी पाए जाते है। 

Antibody Test Results

हमारे शरीर में से जो खून निकाला जाता है उसे चेक करने के लिए हमारे खून को एक सफ़ेद कलर की ट्यूब में रख कर चेक किया जाता है। वैसे आप यह जानते होंगे की एंटीबॉडी टेस्ट को ब्लड टेस्ट भी कहा जाता है। शरीर में सामान्य तरीके से ब्लड की जांच को ही एंटीबॉडी CHECKUP कहा जाता है।

Antibody Test Kit

ब्लड टेस्ट checkup करने की एक किट होती है जिसमें कुछ प्लेट्स होती है जो की वाइट कलर की होती है। और इस सफ़ेद किट में कुछ इंटीगेटर होते है जिनका अलग अलग मतलब होता है।

Antibody Test Price

अगर आप सरकारी अस्पताल में यह टेस्ट करवाते हैं तो हो सकता हैं आपको इसका खर्च ज्यादा ना देना पड़े, परन्तु आप अगर इस टेस्ट को निजी लैब में करवाते हैं आपको इसके लिए करीबन 1000 से 1500 तक की राशी का भुगतान करना पड़ सकता हैं. 

एंटीबॉडी टेस्ट नॉर्मल रेंज (Antibody Test Result Range) 

C

इसमें C का मतलब होता है कनेक्शन, इस प्लेट में आपके ब्लॉग को रखा जाता है। इसमें पट्टी में एक लाल कलर की लाइन C के आगे दिखाई देती है इसका मतलब है की आपका सैंपल सही तरीके से लिया गया है, अगर C के आगे कोई पट्टी नहीं दिखाई देती है इसका मतलब आपका सैंपल सही तरीके से नहीं लिया गया है। 

M

M का मतलब होता है IGM। यदि उस सफ़ेद किट में M के सामने लाल रंग की पट्टी आती है इसका मतलब यह है की आपको पिछले ही कुछ दोनों में यानी 5 से 9 दिनों में कोरोना हुआ था, परन्तु आपको उसके कुछ लक्षण नही दिखाई दिए क्युकी आपके शरीर में एंटीबाडी मोजूद थी जिसने कोरोना के वायरस को आपके शरीर में से ख़त्म कर दिया। अगर आपके शरीर में IGM एंटीबॉडी मौजूद है तो इसका मतलब हाँ की रिजल्ट पॉजिटिव है और आपके शरीर में एंटीबॉडी मौजूद है. 

G और M

अगर यह पट्टी G और M दोनों के सामने दिखाई देती है इसका मतलब यह है की आपको हाल ही में 10 से 25 दिन पहले कोरोना वायरस हुआ था और इस एंटीबाडी की वजह से यह वायरस ख़तम हो गया। 

G

G का मतलब होता है IGG। यह भी एक प्रकार की एंटीबॉडी होती है। अगर रिजल्ट में G प्रकार की एंटीबॉडी दिखाता है तो इसका मतलब यह है की आपको पिछले 1 से 2 महीने के अन्दर कोरोना हुआ था और इस एंटीबाडी ने उस वायरस को ख़त्म कर दिया।

अगर यह पट्टी कुछ नहीं दिखाती है इसका मतलब आपके शरीर के किसी भी प्रकार की एंटीबॉडी नही है. इसका सामान्य सा मतलब यह है की आपके शरीर में इस प्रकार के वायरस से लड़ने के लिए कोई एंटीबाडी मौजूद नहीं है.  

कोरोना में एंटीबॉडी चेक क्यों करवा रहे है लोग (Antibody Test for Covid)  

एंटीबॉडी चेक करवाने पर इस बात का पता चलता है की हमारे शारीर में रोग से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता कितनी है. शरीर में एंटीबॉडी चेक करने के लिए एंटीबॉडी टेस्ट यानी ब्लड टेस्ट करवाना काफी जरूरी है. एंटीबॉडी टेस्ट डॉक्टर के कहने पर ही करवाना चाहिए. अगर आपके शरीर को किसी भी तरह के संक्रमण का खतरा है तो आपको एंटीबाडी टेस्ट करवा लेना चाहिए ताकि आपको यह पता चल सके की आपके शरीर में वायरस से लड़ने की क्षमता कितनी है. यही वजह है की लोग कोरोना के लिए एंटीबाडी checkup करवा रहे है ताकि उनको पता चल सके की उसने शरीर में इस कोरोना वायरस से लड़ने की क्षमता कितनी है.

एंटीबॉडी बढ़ाने के उपाय

अपने शरीर की एंटीबॉडी बढाने के लिए आप यह निम्न काम कर सकते हैं, हालाँकि एंटीबॉडी और इम्युनिटी बढ़ने के लिए और इससे सम्बंधित आप अपने डॉक्टर से कंसल्ट करना बेहद जरुरी है – 

  • अपने डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करें, ताकि वे आपको इम्बूयुनिटी बूस्ट करने के मेडिसिन दे सके.
  • शरीर को स्वस्थ और हेल्थी रखने के लिए आयुर्वेदिक तरीकों का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है, ऐसे में आप गिलोय की टहनी और नीम के पत्तों का जूस बनाकर पी सकते हैं, इससे आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ सकती हैं. 
  • तुलसी के पत्तों को गर्म पानी में मिलाकर और उसका जूस बनाकर पीने से भी शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति में बढ़ोतरी हो सकती हैं.
  • हमेशा पौष्टिक खाना खाएं और ज्यादा तली हुई चीजों को खाने से बचें.
  • कोरोना का टीका अवश्य लगाये, क्योकि वो भी आपके शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता हैं. 

यह सब सामान्य टिप्स हैं जिससे आप अपने शरीर को फिट रख सकते हैं और अपने शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते है. 

एंटीबॉडी टेस्ट के फायदे

समय की बचत

RT-PCR के मुकाबले इस रिपोर्ट का रिजल्ट काफी तेजी से यानी कुछ ही मिनटों में आ जाता है. 

रिजल्ट की सटीकता

इस जांच का रिजल्ट RT-PCR से थोड़ा सटीक आता है. इसलिए इस जांच को करना चाहिए. 

रोग प्रतिरोधक क्षमता का पता –

इस जांच से हमें यह पता चल जाता हैं की हमे पहले कभी कोरोना हुआ था या नहीं और हमारे शरीर में कोरोना से लड़के के लिए कितनी रोग प्रतिरोधक क्षमता है, इसका भी पता चलता है. 

एंटीबॉडी टेस्ट के नुकसान

अगर आप इस प्रकार का टेस्ट करवाते है तो इससे कोई ज्यादा नुकसान नहीं है. डॉक्टर की माने, तो किसी भी कोरोना संक्रमित को पहले यह टेस्ट ही करवाना चाहिए ताकि उसे उसके हिसाब से ही इलाज दिया जा सके. 

इस लेख में आपको हाल ही में चर्चा में आ रहे कोरोना एंटीबॉडी टेस्ट यानी ब्लड टेस्ट के बारे में बताया गया है. उम्मीद है आपको यह लेख पसंद आया होगा.

FAQ

Q : एंटीबॉडी टेस्ट का रिजल्ट कब तक आता है ? 

Ans : एंटीबॉडी टेस्ट का रिजल्ट ज्यादा से ज्यादा 15 मिनट में आ जाता है. 

Q : एंटीबॉडी टेस्ट क्या कोरोना की जांच के लिए सही है ? 

Ans : अगर डॉक्टर की माने तो यह जांच उन सबको करवानी चाहिए जिसे पूर्व में कोरोना हो चुका और वे ठीक हो गये हो. 

Q : एंटीबॉडी टेस्ट के लिए सैंपल कैसे लेते है ?

Ans : एंटीबॉडी टेस्ट का सैंपल खून से लिए जाता है. 

Q : एंटीबॉडी टेस्ट किस प्रकार का टेस्ट है ?

Ans : यह एक प्रकार का एंटीजन टेस्ट है जो की एक रैपिड टेस्ट होता है. 

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