अध्यात्म गुरु बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित की कहानी | Baba Virendra Dev Dixit Scandal and Controversy in Hindi

अध्यात्म गुरु बाबा वीरेंद्र देव  दीक्षित की कहानी | Baba Virendra Dev Dixit Scandal and Controversy in Hindi (News) कैसे हुआ अध्यात्म गुरु बाबा वीरेंद्र देव का खुलासा? (Aadhytmik Vishvavidyalya)

अध्यात्म गुरु बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित की कहानी

राजस्थान राज्य में झुंझुनू इलाके की एक लड़की 3 दिन से गायब थी, जिसके परिवार वालों ने जाकर आश्रम के बाबा के खिलाफ पुलिस थाने में रिपोर्ट लिखाई. दरअसल उस गायब लड़की के परिवार वालों को आश्रम के अंदर ही नहीं जाने दिया जा रहा था. जब पुलिस वहां पहुंची तो पुलिस को भी अन्दर नहीं घुसने दिया, जिस वजह से शक और भी गहरा हो गया और पुलिस ने आश्रम छापा मार दिया. जब पुलिस पहुंची तो एक लड़की सामने आई जिसने बताया कि भगवान शिव उसे खुद पढ़ाने आते है. कभी-कभी कृष्ण भी आते हैं. बस फिर क्या था पुलिस का शक सच में तक्दील हो गया.

Baba Virendra Dev Dixit Scandal

राम रहीम के आश्रम से समानता

आश्रम के पहरे और नियमों के मिलते जुलते पाए जाने के कारण बाबा वीरेंद्र को दूसरा राम रहीम माना जा रहा है. क्योंकि जिस तरह से इस आश्रम को तालों एवं लोहे की जंजीरों की मदद से बंद किया गया है उसका स्ट्रक्चर सच्चा डेरा के हूवहु है. इतना ही नहीं दोनों अपने आपको भगवान का रूप बताते है, और सजा भी एक जैसी है यौन शोषण करने की. बस नाम अलग है, जैसे राम रहीम के द्वारा इसे ‘पापा जी की माफी’ बोला जाता था वहीं वीरेंद्र इसे भट्टी में तपना बोलता है.अपने आपको को स्वयं कृष्ण बताकर सभी शिष्याओं को 16000 गोपिकाओं का स्वरूप बताता है. इन दोनों के गुप्त दरवाजे भी एक ही जैसे है ताले के भीतर ताला.

अध्यात्म गुरु बाबा वीरेंद्र देव का वायरल सच

बाबा राम रहीम के बाद अब दिल्ली में भी एक नए बाबा का सच सामने आया है, जिसने अध्यात्म की शिक्षा को सहारा बनाकर अपने ही विद्यालय की छात्राओं का यौन शोषण किया है. इस कुकर्मी बाबा को वीरेंद्र देव दीक्षित के नाम से जाना जाता है. अभी हाल में बाबा के आश्रम में पुलिस ने तहकीकात की है, जिसमें बाबा का आश्रम राम रहीम के डेरों जैसी बनावट का पाया गया. इस समय यह आश्रम आध्यात्मिक विश्व आश्रम नाम से प्रसिद्ध है, जो कि दिल्ली के विजय विहार, रोहणी नगर में स्थित है. यह खुलासा इसी आश्रम की लड़की द्वारा किया गया कि यह कोई आश्रम नहीं है ये एक यौन शोषण केंद्र जो यहां के मालिक एवं ढोंगी बाबा देवेंद्र के इशारों पर चलता है. आश्चर्य वाली बात है की यह बाबा अपने आप को कृष्ण का अवतार बताता है, और वहां रहने वाली छात्राओं को गोपिका. इतना ही नहीं इस बाबा ने यौन शोषण को लीला करने का नाम दे दिया है, और इस घिनौने पाप को छुपाने के लिए भगवान कृष्ण का सहारा लिया है.

पुलिस की जांच में सामने आये तथ्य

इसके अलावा बाबा पर सन् 1998 में एक छेड़छाड़ करने का भी केस दर्ज है. बाबा की ही एक अज्ञात शिष्या के द्वारा यौन शोषण का संगीन आरोप लगने बाद 19 दिसंबर 2017 को पुलिस की छापामारी के दौरान वहां बहुत से लड़कों एवं पुरुषों के अलावा लड़कियों एवं महिलाओं को भी पाया गया. पुलिस ने जब छानबीन की तो इस आश्रम से काफी सारी दवाओं के अलावा नशीले इंजेक्शन एवं पदार्थ पाए गए. इसके साथ ही कई गुप्त कमरे भी पाए गए जो कि बाबा राम रहीम के मामले में भी पाया गया था.

सीबीआई करेगी जांच

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर ने इस मामले की जाँच करने के लिए स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम यानि विशेष जांच समिति को जिम्मेदारी सौंपी है. अब इस मामले की जांच करना पूरी तरह से सीबीआई के पास चला गया है.

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Pavan Agrawal
मेरा नाम पवन अग्रवाल हैं और मैं मध्यप्रदेश के छोटे से शहर Gadarwara का रहने वाला हूँ । मैंने Maulana Azad National Institute of Technology [MNIT Bhopal] से इंजीन्यरिंग किया हैं । मैंने अपनी सबसे पहली जॉब Tata Consultancy Services से शुरू की मुझे आज भी अपनी पहली जॉब से बहुत प्यार हैं।

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