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सीटीसी, सकल और बुनियादी वेतन में फर्क क्या है | Difference between basic salary, take-home salary, gross salary and CTC in Hindi

सीटीसी, सकल और बुनियादी वेतन में फर्क क्या है | Difference between basic salary, take-home salary, gross salary and CTC  meaning, full form kya hai in Hindi

ऐसी कई सारी चीजें और नाम होते हैं जिनके बारे में आप लोगों ने सुना तो होता है. मगर उनका मतलब आपको पता नहीं होता है. इसी तरह आप लोगों ने बुनियादी वेतन (बेसिक सैलरी), नेट या शुद्ध वेतन, सकल वेतन (ग्रॉस सैलरी) और सीटीसी जैसे शब्दों को भी सुना ही होगा और आप जानते ही होंगे, कि ये सभी सैलरी या वेतन से जुड़े हुए शब्द हैं. मगर इन शब्दों के बीच में क्या अंतर है इसके बारे में शायद ही आपको जानकारी हो. क्या आपको पता है कि सीटीसी और सकल वेतन (ग्रॉस सैलरी) किस प्रकार के वेतन को कहते हैं? या फिर बुनियादी वेतन (बेसिक सैलरी) और नेट वेतन में क्या अंतर है? अगर आपको इन सवालों का जवाब नहीं पता है तो कोई बात नहीं, आज हम अपने इस लेख में इन सभी प्रकार की वेतन के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं. जिसके बाद आपको ये पता चल जाएगा, कि ऊपर बताई गई वेतनों में क्या अंतर है.

क्या होता है वेतन (what is salary)

बुनियादी वेतन, नेट वेतन, सकल वेतन और सीटीसी के बारे में जान ने से पहले आपको पता होना चाहिए, कि वेतन किसे कहते हैं. वेतन उस राशि को कहा जाता है जो कि किसी कंपनी द्वारा उस कंपनी में काम कर रहे लोगों को दी जाती है. हर किसी को अलग अलग तरह का वेतन मिलता है. वेतन में मिलने वाली राशि को व्यक्ति के काम के हिसाब से दिया जाता है. यानी अगर आप किसी अच्छे पद पर काम कर रहे हैं तो आपका वेतन भी अच्छा खासा होगा. वहीं अगर आपका पद छोटा है तो वेतन भी कम होगा. वेतन के अलावा कई कंपनियां कई तरह के लाभ भी अपने कर्मचारियों को देती हैं. जैसे की घर किराया भत्ता, फोन का भत्ता, आने जाने का भत्ता और इत्यादि.

basic take-home gross salary CTC

क्या होती है बुनियादी या मूल वेतन (what is Basic salary)

बुनियादी या मूल वेतन वो वेतन होता है जो कि किसी कंपनी द्वारा उसके कर्मचारियों को दिया जाता  है. किसी भी कंपनी द्वारा बुनियादी या मूल वेतन को व्यक्ति के पद के हिसाब से तय किया जाता है. बुनियादी वेतन में दी जाने वाली राशि वेतन का आधार होती है और कई अन्य प्रकार की चीजे इस राशि पर आधारित होती है. वहीं बुनियादी वेतन में कोई भी लाभ, बोनस, ओवरटाइम या किसी अन्य संभावित मुआवजे को शामिल नहीं किया जाता है. बुनियादी वेतन को कई कंपनियों द्वारा हर साल बढ़ाया भी जाता है. मगर ऐसा हर साल हो ये जरूरी नहीं होता है.

क्या होती है सकल वेतन ( what is gross salary) 

सकल वेतन में कर्मचारी का मूल वेतन (बेसिक सैलरी) और अतिरिक्त आय शामिल होती है. यानी अगर आप ओवरटाइम काम करते हैं, तो जो पैसे आपके ओवरटाइम के लिए बनते हैं, वो सकल वेतन में आपके मूल वेतन के साथ जुड़ जाते हैं. ओवरटाइम के अलावा प्रोत्साहन बोनस, लाभ साझा करने की योजना, घर किराया भत्ता और सेवानिवृत्ति योजनाएं भी सकल वेतन में शामिल किए जाते हैं. वहीं सकल वेतन में दोनों कर वेतन और बिना कर के वेतन शामिल होता हैं.

क्या होता है नेट या शुद्ध वेतन का मतलब (what is take-home salary or net salary)

नेट वेतन वो वेतन होता है जो कि आपको सभी तरह की कटौती करने के बाद दिया जाता है. यानी महीने के अंत में जो राशि आपके हाथ में दी जाती है, उसे नेट वेतन कहा जाता है. नेट वेतन में आपकी बुनियादी वेतन और अतिरिक्त वेतन, जैसे बोनस या ओवरटाइम को जोड़ दिया जाता है और फिर इसमें से कर और  सामाजिक सुरक्षा पर लगने वाले पैसों को काट लिया जाता है. उदाहरण के तौर पर यानी अगर आपकी बुनियादी वेतन 10,000 है और आपको 5,000 का बोनस मिला है, तो इन दोनों को जोड़ दिया जाएगा और आपके वेतन में लगने वाले कर 1,000 रुपए इनमें से काट लिया जाएगा. यानी आपको कंपनी द्वारा 14,000 हजार रुपए दिए जाएंगे और ये 14,000 हजार आपका नेट वेतन होगा.

सकल वेतन और नेट वेतन के बीच में अंतर (what is difference between gross salary and take-home salary)

वहीं सकल वेतन और नेट वेतन के बीच के अंतर की बात करें तो, बिना किसी कटौती से पहले की वेतन को सकल वेतन कहा जाता हैं. वहीं नेट वेतन को सभी तरह की कटौती करने के बाद कंपनी द्वारा अपने कर्मचारी को दिया जाता है.

कंपनी की लागत (सीटीसी) का मतलब (what is CTC salary meaning and full form)

सी टी सी (CTC) का पूरा नाम cost to company है. किसी कंपनी द्वारा अप्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रूप से जो भुगतान उसके कर्मचारी को किया जाता है, उसे सीटीसी कहते हैं. सीटीसी के अंदर घर किराया भत्ता, प्रोविडेंट फंड, बचत योगदान, मेडिकल इंश्योरेंस जैसी चीजें शामिल होती हैं. मूल वेतन, वाहन भत्ता, घर किराया भत्ता, संचार भत्ता जैसी चीजे प्रत्यक्ष लाभ में गिनी जाती हैं. वहीं खाद्य कूपन, आयकर बचत, आदि जैसी चीजे अप्रत्यक्ष लाभ के अंतर्गत आती हैं.

वहीं कुछ कंपनियां द्वारा सीटीसी में ग्रेच्युटी को भी शामिल भी किया जाता है. ग्रेच्युटी को एक तरह का बोनस माना जाता है, जो कि किसी कर्मचारी को उसके रिटायर होने या इस्तीफा देने के बाद कंपनी द्वारा दिया जाता है.

सीटीसी और नेट वेतन में अंतर (Difference between take-home salary and CTC in hindi)

सीटीसी की राशि में सकल वेतन (ग्रॉस सैलरी) और अन्य लाभ को जोड़ा जाता है. वहीं नेट वेतन में सकल वेतन में से कर कटौती किए जाने के बाद जो राशि बचती है वो आपको दी जाती है. अगर आपका सीटीसी कंपनी द्वारा 1,00,000 तय किया गया है, तो इसका मतलब ये नहीं है कि हर महीने आपको 1,00,000 रूपए दी जाएंगे.

निष्कर्ष (conclusion)

अगली बार जब भी आप किसी कंपनी में काम करने जाएं, तो पहले अपनी सकल वेतन, सीटीसी और बुनियादी वेतन के बारे में अच्छे से पता कर लें. क्योंकि कई लोगों को पता ही नहीं होता है कि जो उनको सीटीसी दिए जाने की बात की जा रही है, वो उनका नेट वेतन नहीं होता है. इसी तरह आपको कंपनी द्वारा कितनी बुनियादी वेतन दिया जायेगा इसके बारे में भी जानकारी अच्छे से पता कर लें.

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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