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भाग्यलक्ष्मी योजना 2017| Uttar Pradesh Bhagyalakshmi Scheme 2017 in hindi

Bhagyalakshmi scheme (UP) 2017 in hindi हालही में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यह घोषणा की गई है कि उत्तरप्रदेश में भाग्यलक्ष्मी योजना की शुरुआत की जा रही है. सन 2006- 2007 के दौरान ये योजना ग़रीबी रेखा के नीचे के परिवारों के लिए लागू की गयी थी, जिससे इन ग़रीब परिवारों में भी लड़कियों का जन्म हो सके. कई परिवारों में ये पूर्वाग्रह आज भी है कि लड़कियों के जन्म से घर में परेशानी बढ़ जाती है, परिवार वाले जन्म के समय से ही इन बच्चियों के ब्याहने की बात सोचने लगते हैं. और इसी डर की वजह से कई बार कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराध को अंजाम दे जाते हैं. अतः 2006- 2007 की तात्कालिक सरकार ने इस अनर्थ को रोकने के लिए इस योजना की शुरुआत की. ये योजना महिला कल्याण विभाग की तरफ से अमल में लाई गई है.

Uttar-Pradesh-Bhagyalakshmi-Scheme

भाग्यलक्ष्मी योजना 2017

Bhagyalakshmi scheme 2017in hindi

भाग्यलक्ष्मी योजना की कुछ जानकारी (Bhagyalakshmi scheme details)

भाग्यलक्ष्मी योजना के लिए आवेदन बहुत ही सरल है, जिसके लिए ग़रीबी रेखा के नीचे के लोग आवेदन दे सकते हैं,

  • ग़रीबी रेखा से नीचे के परिवार में जन्मी बच्चियों के माता- पिता इस योजना के तहत अपनी बच्चियों का नामांकन करा सकते हैं. इसके लिए अभिभावक को बच्ची का जन्म पत्री तैयार करना आवश्यक है.
  • ग़रीबी रेखा के नीचे के किसी एक परिवार की दो बच्चियों को ही इस जोयना का लाभ मिल सकता है, तथा बच्चियों के माता पिता को परिवार नियोजन योजना की शर्त माननी होगी कि कुल बच्चों की संख्या तीन से अधिक न हो.
  • शुरूआती दौर में सभी तरह की औपचारिकता के पूरे हो जाने के बाद बच्ची के नाम किसी चयनित आर्थिक संसथान से 10000 रूपए जमा हो जाते थे. सन 2017 में ये राशि बढ़ कर 50,000 हो गयी है, जिसे नवजात शिशु के नाम किया जाएगा.
  • ये आर्थिक संस्थान इस दस हज़ार रूपए पर ब्याज देता रहेगा, जिसे लाभार्थी बच्ची अपने 18 वर्ष के पूरे होने के बाद उठा पायेगी. किसी परिवार की पहली बच्ची को 34,751 रूपए और दूसरी बच्ची को 40,918 रूपए प्राप्त होते है.
  • इस योजना के तहत बच्ची की योज्यताओं के अनुसार समय समय पर उसे सरकार के द्वारा स्कालरशिप तथा बीमा का लाभ मिलता रहेगा.
  • यदि किसी कारण वश लड़की की तबियत खराब होती है और उसे धन की आवश्यकता होती है तो सरकार की तरफ से 25000 रूपए तक की सहायता मेडिकल इन्सौरेंस क्लेम के अंतर्गत दी जायेगी.
  • यदि दुर्भाग्य वश लड़की की स्वाभाविक मृत्यु हो जाती है तो उसके नाम पर सरकार की तरफ से 42,500 रूपए दिए जाते हैं
  • यदि लाभार्थी की मृत्यु किसी वाहन दुर्घटना में होती है, तो एक लाख रूपए की सहयोग राशि सरकार की तरफ से दी जाती है.

भाग्यलक्ष्मी योजना के लिए योग्यता (Bhagyalakshmi scheme eligibility)

भाग्यलक्ष्मी योजना सही लोगों तक पहुँच पाए, इस वजह से सरकार ने कुछ नियम लागू किये हैं, जिसे इस योजना का लाभ उठाने वाले को पूरा करना होगा.

  • बच्ची की जन्मपत्री (Birth certificate) का होना अतिआवश्यक है .
  • बच्चे को :
  • स्वास्थ विभाग से रोग प्रतिरक्षित करा आवश्यक है .
  • आँगनबाड़ी में दाख़िला दिलवाना भी अतिआवश्यक है.
  • किसी सरकारी शिक्षण संसथान में दाख़िला दिलवाना आवश्यक है.
  • चाइल्ड लेबर नहीं होना चाहिए.
  • 18 वर्ष से कम की उम्रवास्था में शादी नहीं होनी चाहिए.
  • इस योजना के साथ भारतीय जीवन बीमा निगम के साथ भी जोड़ना आवश्यक है.

भाग्यलक्ष्मी योजना के नामांकन के लिये आवेदन कैसे दें (How to apply for Bhagyalakshmi scheme)

इसमें आवेदन देने के साथ ही बच्चे के नाम 50,000 रूपये बैंक में जमा करा दिए जाते हैं. आवेदन देने की आवश्यक शर्तों को नीचे दिया जा रहा है.

  • आवेदक का अपना और मुमकिन हो तो लाभार्थी का भी आधार होना आवश्यक है.
  • जिस अस्पताल में बच्ची का जन्म हुआ है, उस अस्पताल से जारी की गयी जन्मपत्री अति आवश्यक है.
  • परिवार का सालाना आय 2 लाख से कम होना चाहिए.
  • आवेदक और लाभार्थी का राशन कार्ड होना ज़रूरी है.
  • भाग्यलक्ष्मी योजना का आवेदन फॉर्म यहाँ से डाउनलोड किया जा सकता है : http://www.regional-commissioner-belgaum.gov.in/PDF%20files/BHAGALAXMI_SCHEME.pdf

भाग्यलक्ष्मी योजना के लिए स्कालरशिप (Bhagyalakshmi scheme scholarship)

लड़कियों के बीच शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इस योजना के साथ ही कुछ स्कालरशिप को भी जोड़ दिया है, जिसके विषय में नीचे आवश्यक जानकारियां दी जा रही हैं.

  • जब लड़की का दाखिला कक्षा छः में होगा तो उसे 3,000 रूपए की सहयोग राशि दी जायेगी.
  • आठवीं कक्षा में पहुँचने पर ये सहयोग राशि 5000 की हो जायेगी.
  • छात्रा के दसवीं कक्षा में पहुँचने पर 7000 रूपए का स्कालरशिप प्राप्त होता है.
  • बारहवीं में उसे 8000 रूपए की छात्रवृत्ति प्राप्त होती है.

भाग्यलक्ष्मी योजना का लाभ (Bhagyalakshmi scheme benefits)

ये योजना यदि सुचारू रूप से चल सके तो कई ग़रीब लोगों के लिए बहुत फायदेमंद हो सकती है. नीचे इसके कुछ प्रमुख लाभ दिए जा रहे हैं.

  • लिंग अनुपात का संतुलन : लिंग अनुपात हमारे देश में एक लम्बे समय से समस्या का रूप लिए बैठा है. भारत में प्रति 1000 लड़कों की संख्या के अनुपात में लड़कियों की संख्या मात्र 918 है. लिंग अनुपात के गिरते इस आंकड़े को सँभालने के लिए ये योजना काफ़ी सही साबित हो सकती है. वैसे परिवारों में जहाँ लड़कियों को बोझ के रूप में देखा जाता है, ये योजना उनकी चिंताएं कम करेंगी.
  • शिक्षा में बढ़ोत्तरी : लड़कियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढाने के लिए ये योजना काफ़ी महत्वपूर्ण है. इस योजना के अंतर्गत बालिकाओं को समय समय पर शिक्षा की छात्रवृत्ति दी जाती है, जिससे वो आगे पढाई करने के लिए प्रोत्साहित हो. इन छात्रवृत्तियों का लाभ उठाने के लिए उन्हें निरंतर पढाई करते रहना अनिवार्य होगा.
  • बाल श्रम में कमी : इस योजना के तहत उन लोगों को ही लाभ प्राप्त होगा, जो अपनी बच्ची को किसी भी तरह के बाल श्रम में नहीं लगायेंगे. भारत में बालश्रम एक जुर्म है, जिसके लिए श्रम कराने वालों के लिए सजा का भी प्रावधान है, किन्तु फिर भी कई जगह पर बालश्रम देखा जाता है. अतः इस योजना का लाभ उठाने के लिए अभिभावक को अपने बच्चो को किसी भी बाल श्रम में नहीं डालना होगा. इससे बाल श्रम में कमी आएगी.
  • परिवार नियोजन योजना: ये योजना परिवार नियोजन के तहत भी आती है. इसमें बच्चे के अभिभावक को तीन बच्चों से अधिक की अनुमति नहीं होती है, जो कि परिवार नियोजन का ही नियम है. अतः इस योजना का लाभ उठाने के लिए परिवार नियोजन के नियम मानने होंगे, जिससे बढती आबादी पर भी एक हद तक रोक लगेगी.  

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विभूति दीपावली वेबसाइट की एक अच्छी लेखिका है| जिनकी विशेष रूचि मनोरंजन, सेहत और सुन्दरता के बारे मे लिखने मे है| परन्तु साईट के लिए वे सभी विषयों मे लिखती है|
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