[किसान पंजीकरण] भावांतर भरपाई योजना हरियाणा 2020

हरियाणा भावांतर भरपाई योजना क्या है? 2020 (ऑनलाइन आवेदन फॉर्म, पात्रता)  [Bhavantar Bharpayee (Bharpai) Yojana [bby] Haryana Online Registration Form Process  [ekharid.in] {hsamb.gov.in} [Eligibility Criteria, Last Date, Documents, Toll free Num]

कृषि क्षेत्र में किसानों को मेहनत के अनुरूप फायदा नहीं मिल पाता इसका मुख्य कारण हैं कि उन्हें कई बार फसलों को कम दरों पर बेचना पड़ता हैं. यह किसानों को मुनाफा कमाने से रोकता हैं, और इसी कारण किसानों को आत्महत्या तक करनी पड जाती हैं.  हरियाणा की राज्य सरकार ने नई किसान उन्नति योजना बनाई हैं. इसे भावांतर भरपाई योजना कहा गया हैं,यह किसानों को ब्याज के ऋण के नीचे दबने से बचाएगी.

Bhavantar Bharpai Yojana [Bharpayee]

लांच की विस्तृत जानकारी 

नाम भावान्तर भरपाई योजना
राज्य हरयाणा
कब लांच हुई 2018
किसने लांच की मुख्यमंत्री मनोहर खट्टर
विभाग कृषि विभाग और किसान विकास विभाग
आखिरी तारिख 31 मई 2020
पोर्टल ekharid.in/Home/

योजना की मुख्य विशेषताएं  (Key features of the scheme)

  1. कृषि में विकास योजना को किसानों के इन्वेस्टमेंट को सुरक्षित करने के लिए बनाया गया हैं.
  2. फसलों की विक्रय दर को निर्धारित करने के लिए इस कार्यक्रम के साथ राज्य का कृषि विभाग फसलों के आखिरी विक्रय दर मतलब सेलिंग प्राइस को तय करेगा. यदि किसी कारणवश किसान को कम दर पर अपनी फसल बेचनी भी पड गयी तो सरकार उस घाटे को पूरा करेगी.
  3. महत्वपूर्ण फसलें – अब से राज्य के प्राधिकरण ने कुछ फसलों को महत्वपूर्ण भी घोषित कर दिया हैं जिनमें आलू,टमाटर,फूल-गोभी और प्याज शामिल हैं, अब इस लिस्ट में कुछ और फसल को जोड़ दिया गया है, अब गाजर, मटर, जाम, शिमला मिर्च, और बैगन भी इसमें शामिल किये गए है.
  4. केवल निर्धारित समय के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरे साल के लिए नहीं खुला रहेगा. हर फसल के लिए एक निर्धारित समय होगा जिसके भीतर किसान को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को पूरा करना होगा.
  5. जे-फॉर्म जमा करवाना – क्षति-पूर्ति को प्राप्त करने के लिए किसानों को फसलें बेचनी होगी और उसकी डिटेल्स जे-फॉर्म में भरनी होगी. एक बार प्रक्रिया पूरी हो जाए तो इसे वेबसाईट के ऑफिशियल स्कीम पर अपलोड भी करना होगा.
  6. किसानों की फिक्स आय का पता लगाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि कार्मिकों की आय को सुरक्षा प्रदान करना हैं. राज्य सरकार चाहती हैं कि प्रत्येक किसान को अपनी हर जमीन के लिए मिले कम से कम 48000 रूपये से 56000 रूपये जिसका उपयोग वो इन 4 फसलों में से किसी एक फसल के उत्पादन के लिए कर सके.
  7. जमीन के अधिग्रहण के प्रकार – ऐसा कोई विशेष नियम या प्रावधान नहीं हैं कि खुदकी जमीन होने पर ही किसान को इस योजना का लाभ मिलेगा. ये बात महत्वपूर्ण नहीं है कि किसान जमीन का मालिक हैं या उसने जमीन किराए पर ले रखी हैं. कोई भी किसान जो कि अन्य आवश्यक शर्तों को पूरी करता हैं वो इस योजना के लिए एप्लाई कर सकता हैं.
  8. 15 दिनों के भीतर ही मुआवजा मिलनायोजना के ड्राफ्ट के अनुसार एक बार किसी रजिस्टर्ड किसान ने मुआवजे के लिए एप्लाई कर दिया तो राज्य का कृषि विभाग उसका आवश्यक सत्यापन करके 15 दिन के भीतर ही मुआवजा भेज देगा.
  9. बैंक अकाउंट में पेमेंट होना  – केवल वो किसान ही इस मुआवजे के लिए एप्लाई कर सकेंगे जिनके पास पहले से बैंक अकाउंट होगा,और उन्हें अपना आधार कार्ड इस अकाउंट से लिंक करवाया हुआ होगा.

भावांतर भरपाई योजना पहला चरण (Bhavantar Bharpayee Yojana 1st Phase)

मुआवजा पाने के लिए राज्य सरकार ने कुछ नियम बनाये हैं जिनकी पालना किसानों को करना होगा. योजना के पहले चरण को लागू करने के लिए राज्य के प्राधिकरण को केवल 4 फसलों के नाम मेंशन किये हैं .ये फसलें प्याज,आलू,फूल-गोभी और टमाटर की हैं. इसके लिए सहायता राशि और उत्पादन राशि भी राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से वर्गीकृत की गयी हैं.

फसल (Crop)एमएसपी (MSP)प्रति क्विंटल उत्पादन (Per Quintal Production)
फूलगोभी500100
प्याज500100
आलू400120
टमाटर400140

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करवाएं How to register online?

  1. कोई भी किसान जो इस योजना के अंतर्गत अपनी आय को सुरक्षित करना चाहता हैं उसे राज्य भावांतर भरपाई योजना हरियाणा पोर्टल पर जाकर क्लिक करना होगा. 
  2. जैसे ही पेज खुलता हैं,किसानों को भावंतर भरपाई योजना का ऑफिशियल लिंक मिल जाएगा. यह स्क्रीन पर सीधे हाथ की तरफ दिखाई देगा. स्कीम के नाम पर क्लिक करने पर प्रोग्राम का पेज खुल जाएगा.
  3. जब यह पेज खुल जाए तब किसान को एक ऑप्शन “किसान पंजीकरण” पर क्लिक करना होगा जिसका मतलब हैं “फार्मर रजिस्ट्रेशन”.
  4. एक बार जब किसान आवश्यक सूचनाओं को टाइप कर देगा और फॉर्म भर देगा तो वो इसे ऑनलाइन सबमिट करवा सकता हैं और रजिस्ट्रेशन भी पूरा हो जाएगा.
  5. यह रजिस्ट्रेशन प्रत्येक किसान को एक अलग से लॉग-इन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध करवाएगा. 
  6. एक बार जब पोर्टल खुल जाये तो आईडी और पासवर्ड आ जायेंगे जिससे लॉग इन किया जा सकेगा और शिकायत और मुआवजे की स्थिति भी देखी जा सकेगी.

सफल रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक चरण (Necessary  steps for successful registration)

  1. प्रत्येक फसल का रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए एक विशेष समय होगा. किसानों को बीजों के मौसम में ही अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. इसके लिए उन्हें हरियाणा स्टेट मार्केटिंग बोर्ड और भावांतर योजना के ऑनलाइन पोर्टल को विजिट करना होगा.
  2. सम्बन्धित क्षेत्र के फोरेस्ट ऑफिसर को फार्म के जमीन के पेपर्स को वेरीफाई करना होगा और एरिया सर्टिफिकेट डॉक्यूमेंट भी इश्यू करने होंगे.
  3. यदि कृषि कार्मिक को यदि लगता हैं कि एरिया प्रमाण-पत्र को सही तरीके से नहीं बनाया जा रहा हैं तो वो इसके लिए आधिकारिक शिकायत भी दर्ज करवा सकता हैं.
  4. फसल उत्पादक और निर्माता को रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए पैसे नहीं देने होंगे.
  5. किसान द्वारा दी गई डिटेल्स विशेष समयावधि तक ही जायज होगी.
  6. यदि किसान को ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए किसी सहयाता की जरूरत महसूस होती हैं तो वो नजदीकी सरकारी इन्टरनेट सरकारी टेलीफोन बूथ,ई-दिशा सेंटर,कॉमन सर्विस सेंटर, बागवानी विभाग और मार्केटिंग बोर्ड सेंटर जा सकते हैं.
  7. केवल वो एप्लीकेशन,सत्यापन,शिकायत और विक्रय के रिकॉर्ड ही माने जायेंगे जो कि विशेष समय अवधि के भीतर जमा करवाए गये हो.

योजना के लिए महत्वपूर्ण तारीखें (Important dates of the scheme)

फसल का नामअवधिरजिस्ट्रेशन  की अवधिवेरिफिकेशन डेटअपील या शिकायत डेटफसल का विक्रय
 दौरानशुरुआत होने की डेटखत्म होने की तिथिइस दिनाकं तकइस दिनाक तकइतने समय के भीतर
आलू10 अक्टूबर से 10 नवम्बर तक10 अक्टूबर30 नवम्बर31 दिसम्बर15 जनवरीफरवरी से मार्च
प्याज20 दिसम्बर से 31 जनवरी20 दिसम्बर28 फरवरी15 मार्च25 मार्चअप्रैल और मई
टमाटर15 दिसम्बर से 31 जनवरी15 दिसम्बर28 फरवरी15 मार्च25 मार्चअप्रैल और 15 जून
फूल-गोभी15 नवम्बर से 15 दिसम्बर15 नवम्बर31 दिसम्बर15 जनवरी25 जनवरीफरवरी और मार्च

 कांटेक्ट और हेल्पलाइन डिटेल्स (Contact and helpline details)

यदि किसी किसान को योजना सम्बन्धित कोई डाउट हो और वो रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को लेकर असमजंस में हो तो वो ऑल इंडिया टोल फ्री नम्बर 18001802060 पर कॉल करके सीधे बात करके भी हेल्प ले सकता हैं. और hsamb@hry.nic.in  आईडी पर ईमेल भेजकर भी आवश्यक जानकारी हासिल की जा सकती हैं. इस तरह की कृषि योजना ये सुनिश्चित करती हैं कि किसानों को अब से कोई आर्थिक घाटे का सामना नहीं करना होगा. वो बुवाई के मौसम से पहले फाइनेंसियल इंस्टिट्यूट से क्रेडिट भी प्राप्त कर सकते हैं. कोई भी आर्थिक नुक्सान किसानों को मुश्किल परिस्थिति में डाल सकता हैं. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन मेनुअल प्रक्रिया से ज्यादा एक्यूरेट और तेज प्रक्रिया हैं , और ये भी सुनिश्चित करती हैं कि केवल प्रॉपर डिटेल्स को ही रिकॉर्ड किया जाए.

6 सितंबर को हरियाणा सरकार ने रेली का आयोजन किया जिसमे किसानों के हीत को लेकर बातचीत की गई इस रेली मे मुख्यतः भावांतर भरपाई योजना का प्रमोशन किया गया ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इसका लाभ ले सके।

Other Yojana

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *