Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
ताज़ा खबर

बुराड़ी काण्ड क्या हैं ? | Burari [Murder Suicide] Case Latest News In Hindi

बुराड़ी काण्ड क्या हैं ? ह्त्या या आत्महत्या  (Burari case latest news In Hindi) [Murder Or Suicide]

देश में तंत्र-मन्त्र के गलत प्रभाव का विषय लम्बे समय से चर्चा का विषय रहा हैं. लेकिन पिछले दिनों दिल्ली के बुराड़ी  में  सामूहिक रूप से एक ही परिवार के मृत पाए जाने पर तंत्र-मन्त्र विद्या और इसके प्रभाव ने एक नई बहस छेड़ दी थी,और ये एक अंतर-राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बन गया. हालांकि अब दिल्ली पुलिस ने इस रहस्य को काफी हद तक सुलझा दिया हैं.लेकिन इससे जुड़े कुछ सवाल अब भी जवाब की प्रतीक्षा में हैं.

Burari Case

केस का नाम (Case) बुराड़ी  काण्ड
वारदात (What happened) एक ही परिवार के 11 लोगों ने सामूहिक आत्म हत्या की या फिर मर्डर हुआ.
मृतकों के नाम और उम्र (Age and Name of the victims) नारायण देवी (77) भवनेश(50) ललित (45)सविता (48)टीना(42) प्रतिभा (57 वर्ष) प्रियंका (33 वर्ष) नीतू (25 वर्ष),मोनू (23) ध्रुव (15), शिवम् (15).

 

काण्ड का दिन (Day ) 1 जुलाई 2018
रहस्यमयी होने का कारण (Reason behind  suicidal mystery) घर में एक डायरी और कुछ हस्त-लिखित पत्र मिलना जिसमें एक अनुष्ठान के बाद इस तरह आत्म-हत्या की प्लानिंग का लिखा होना
मर्डर होने के शक का कारण (Reasons behind murder mystery) परिवार का खुशहाल,समृद्ध और शिक्षित होना,साथ ही समाजिक भी होना.

 क्या हैं बुराड़ी  काण्ड?? (What is Burari Case)

राजस्थान के नारायण कौर का संयुक्त परिवार पिछले 20 वर्षों से  दिल्ली में बुराड़ी  के संत नगर इलाके में रहता था. इनमें बड़े भाई की  किराने की दूकान जबकि छोटे भाई के प्लाईवुड का बिजनेस था. 1 जुलाई 2018 को इस परिवार के 11 लोग ने सामूहिक आत्महत्या कर ली थी.जिनमें से 10 लोगों की लाश तो घर के पहले मंझिल पर लटकी मिली, वही एक 77 वर्षीय महिला की लाश  पास के एक कमरे में मिली.कुछ लाशों के चेहरे ढंके हुए और हाथ बंधे हुए थे. जिनमें 2 नाबालिगों को मिलाकर 7 महिलाएं और 4 पुरुष थे.पुलिस को शुरू से ही इस केस में मर्डर का शक था.इस कारण क्राइम ब्रांच को इन्वेस्टीगेशन की जिम्मेदारी दी गई. 

बुराड़ी  काण्ड का पूरा घटनाक्रम (Burari case Chronology)

17 जून को नारायणी के पोते की सगाई के लिए पूरा परिवार इकठ्ठा हुआ था.30 जून को रात को 8 बजे भवनेश ने प्लाईवुड की दूकान बंद की और घर पहुँचा. 10 बजे दूसरा लड़का ललित भी अपनी दूकान बंद करके घर पहुँचा 11 बजे ललित ने अपनी बहिन सुजाता को कॉल किया.

30 जून की रात को घर के बच्चे और कुछ बड़े मिलकर काले स्टूल खरीदकर लाये थे जो कि सीसीटीवी में दिखा था और इन्ही का उपयोग आत्म-हत्या में किया गया.

1 जुलाई को सुबह दूकान ना खुलने के कारण पड़ोसी उनके घर पहुँचे और उन्होंने सबकी डेड बॉडी लटकी देखी. 7.30 बजे पुलिस को फ़ोन आया और टीम जगह पर पहुँची जिनमें इंस्पेक्टर एमपी भरद्वाज,मनोज कुमार और एसीपी थे. 12 बजे मुख्यमंत्री के मौका मुआयने के बाद 1 बजे तक सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.

आत्महत्या या मर्डर?? (Suicide or Murder)

परिवार से सम्बन्ध रखने वाले लोगों ने पुलिस के दावे का खंडन किया था. केतन नागपाल की नानी भी मृतकों में शामिल थी. उनके अनुसार परिवार शिक्षित था और उन्होंने कुछ समय पहले ही अपने घर को रिनोवेट करवाया था. उन्होंने कोई लोन तक नहीं लिया था मतलब वो किसी भी आर्थिक समस्या या दबाव से नहीं गुजर रहे थे. इस कारण उनके आत्म हत्या करने का तो कोई कारण ही नहीं बनता. उनकी हत्या हुयी हैं,नागपाल का ये भी कहना था कि यदि ये आत्म-हत्या होती तो उनका चेहरा ढंका हुआ नही होता.

पड़ोसियों ने ये भी बतया कि दोनों भाइयों में दोस्ताना व्यवहार था. वो कभी आत्म-हत्या नहीं कर सकते. एक अन्य पड़ोसी ने मीडिया को बताया कि ये परिवार संतुष्ट और खुश था उन्हें कोई आर्थिक समस्या नहीं थी. बच्चो की स्कूल फीस की भी कोई समस्या नहीं थी. अब तक उनका किसी से भी कोई झगड़ा नहीं हुआ था.

क्यों हुआ पुलिस को तंत्र विद्या का शक?? (Why did Police suspect about Tantra-mantra)

पुलिस को एक हाथ से लिखा हुआ पत्र मिला था जिसके अनुसार यह धार्मिक या किसी आत्मा के बुलावे पर किया गया था. उस वक्त तो  पुलिस अफसर ने कहा कि इस बारे में खोज की जायेगी कि परिवार किसी तांत्रिक के वश में था या फिर किसी का उन पर गलत प्रभाव रहा है या नहीं, लेकिन बाद में इस दिशा में पुलिस को सबूत पर सबूत मिलते गए.

परिवार की बुराड़ी  में एक ही बिल्डिंग में घर और किराने की दूकान हैं. पुलिस के अनुसार हर सुबह उनकी दूकान 6 बजे खुल जाती थी लेकिन उस दिन ऐसा ना होने पर उनकी दूकान पर दूध देने वाला  पड़ोसी के साथ उनके घर पर गया उन्होने सभी को लटका देखा और पुलिस को सुचना दी थी.

पुलिस के अनुसार घर में किसी तरह की चोरी या लूट के चिन्ह नहीं मिले,ना कोई कीमती सामान चोरी हुआ हैं ना किसी भी लाश के साथ जबरदस्ती के कोई निशान दिखे. हाथ से लिखे पत्र और डायरी के कारण ही पुलिस को लगा कि परिवार कोई तांत्रिक क्रिया करता था या तंत्र-मन्त्र के प्रभाव में था.

वास्तव में प्रारम्भिक जांच में ही इस बात की पुष्टि हो गयी थी कि ललित में उनके पिता की आत्मा आती हैं. ये बात रिश्तेदारों और कुछ पड़ोसियों ने भी मानी. ललित अपने पिता के आदेश के अनुसार ही सारा काम किया करता था. उसकी आवाज़ चली गयी थी जो कि वापिस किसी चमत्कार से ही लौटी थी. उसके घर-परिवार की तरक्की भी पिता की कृपा से ही हुयी थी. प्रियंका की सगाई नहीं हो रही थी,वो भी ललित के पिता की दिशा निर्देश से ही हुयी थी.  इनमे से कुछ बातें ललित की डायरी में भी लिखी गयी थी.

क्या लिखा था रहस्यमयी डायरी में? (What was written in Diary?)

ललित  एक डायरी मेंटेन करता था जिसमें उस दिन पिता और भगवान को धन्यवाद देने के लिए एक अनुष्ठान का आयोजन करने का लिखा गया था. इस अनुष्ठान के बाद सबको अपने हाथ बांधकर लटकना था. ये भी लिखा था कि इसकी तैयारी पूरे परिवार ने मिलकर की थी जिसे पुलिस ने सीसीटीवी के फूटेज में देखा हैं. ललित का दावा था कि आखरी वक्त पर पिता आकर उन्हें बचा लेंगे. सबने एक दुसरे के हाथ बांधे थे और नारायनदेवी ने इससे पहले पूरे परिवार को खाना भी खिलाया था.

प्रियंका की सगाई सफलता पूर्व सम्पन्न होने के बाद ललित के शरीर में उनके पिता आए और उन्होंने बरगद की पूजा करने को कहा 7 दिन तक चलने वाले अनुष्ठान को 24 जून से शुरू किया गया था. परिवार रोज रात को ये पूजा करता था. पूजा के अंतिम रात को सबको बरगद की शाखाओं जैसे खड़े होना था. किसको कहा और कैसे खड़ा होना ये भी डायरी में लिखा मिला हैं. आखिरी बार 30 जून को ये डायरी लिखी गयी थी.

मर्डर का क्यों है शक? 

ललित के भाई दिनेश का कहना हैं कि उनकी भतीजी प्रियंका बहुत बोल्ड थी यदि ऐसा कुछ होता तो वो अपने चाचा और पिता का सामना कर सकती थी वो कभी आत्म-हत्या करने को राजी नहीं होती.

दिनेश ने जहाँ ये मानने से मना किया कि डायरी में सुसाइड के बारे में कुछ लिखा था वही पुलिस का कहना हैं कि उन्होंने दिनेश को ये पढ़ाया था. दिनेश ने बताया कि ललित सबसे समझदार भाई था उसे कोई मानसिक बिमारी नही थी. ना उनकी माँ कोई धार्मिक महिला थी. दिनेश ने कहा कि वो खुद एक सिविल कांट्रेकटर हैं उनका घर बहुत अँधेरे में था इसलिए उन्होंने ही ललित को ये सुझाव दिया था कि वो दीवार पर होल्स करवा ले जब तक की पास वाले प्लाट खाली हैं हम कम से कम कुछ वर्षो तक लाईट और हवा ले सकेंगे.ये कैसे सम्भव हैं कि आत्मा उन्ही होल्स में से आती थी?? और वही लगे पाइप्स से वो सब लटके मिले हैं.

मामले को एक तांत्रिक गीता देवी से जोड़कर भी देखा गया था लेकिन पुलिस को इस दिशा में कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी और ललित के बड़े भाई दिनेश की बेटी ने भी कहा कि वो लोग गीता देवी को नही जानते थे.

ललित की भतीजी ने पुलिस को बताया कि उनका परिवार भाटिया नहीं सिंह चंडावत था सिर्फ ललित की पत्नी प्रतिभा और बेटी प्रियंका भाटिया लगाती थी.

उसने ये भी कहा कि प्रियंका की शादी के लिए विशेष उत्साह बना हुआ था आम परिवारों की तरह उसके सभी भाई-बहिनों ने मिलकर एक व्हाटसएप ग्रुप भी बनाया था. और घर में कोई भी मोक्ष वाली डायरी नहीं थी उनके घर में सिर्फ भगवद गीता और रामायण थी.

विशाखा ने पुलिस को ये भी कहा कि वो अपने भाई के साथ दादी के घर पर 11 जून से 19 जून तक रुकी थी और कई बार वहाँ जाती रहती थी. उसने कभी नहीं सुना ना देखा कि ललित के पिता की आत्मा उनमें आती हो . यदि ऐसा होता तो वो एक बार तो देखती या सुनती इसके बारे में

प्रियंका ने स्टूल खरीदने की बात पर भी कहा कि उनकी काकी ट्यूशन पढ़ाती थी  सम्भव हैं कि उन्होंने बच्चो के लिए स्टूल खरीदे हो.प्रियंका ने अपने चाचा की आवाज लौटने पर बताया कि प्लाईवूड की दूकान  में आग लगने के कारण उनकी आवाज़ चली गयी थी जो कि काफी इलाज के बाद लौटी थी.

दिल्ली पुलिस परिवार का मानसिक टेस्ट करवाना चाहती हैं इसके लिए उन्होंने दिल्ली सरकार से अनुमति मांगी हैं.

सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रिया  (Action taken by government and other Political leaders)

मौके का मुआयना करने को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल भी पहुँचे थे. उन्होंने कहा कि ये एक दुखद स्थिति हैं मैंने पुलिस से बात की हैं हमें इन्वेस्टीगेशन के परिणाम आने का इन्तजार करना चाहिए. इसके अलावा बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी और कांग्रेस के नेता भी पहुँचे. आम आदमी पार्टी द्वारा ज़ारी किये गये एक विडियो में परिवार के पड़ोसी अरविन्द केजरीवाल को बता रहे हैं कि भाटिया परिवार शादी की तैयारियों में व्यस्त था.

       इस पूरे प्रकरण पर जहाँ देश अचम्भित हैं वही मनोचिकित्सक भी हतप्रभ हैं. डॉक्टर्स का कहना हैं कि पूरे परिवार के आत्म-हत्या के मामलो में वो परिवार समाज से बहुत पहले ही दूरी बना लेता हैं. इनकी तरह कभी नहीं देखा गया कि कुछ भी ऐसा करने से पहले सगाई की ख़ुशी में नाच रहे हो और अपना फ्यूचर प्लान कर रहे हो. इतने शिक्षित और समझदार लोगों के परिवार का माइंड वाश कभी कोई एक आदमी नहीं कर सकता.

 

One comment

  1. rovin singh chauhan

    bahut he galat hua in logo ke sath sirf ik ki webkufi se.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *