Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
ताज़ा खबर

राष्ट्रमंडल दिवस क्या है व कब मनाया जाता है | Common wealth day, theme, game, countries in Hindi

राष्ट्रमंडल खेल दिवस क्या है व कब मनाया जाता है, महत्वपूर्ण भाषण, थीम एवं अच्छे कोट्स 2018 |  common wealth game day kya hai, speech, quotes and 2018 theme in Hindi 

राष्ट्रमंडल दिवस भारत ही नहीं बल्कि संसार के कई देशों के द्वारा साथ मिलकर मनाया जाता है. ये दिन उन देशों के मध्य मनाया जाता है जो राष्ट्रमंडल देशों की सूची में शामिल होने के लिए निर्धारित सभी शर्तों को मानकर समझौते पत्र पर हस्ताक्षर करते हैं. इस दिन को मनाने के पीछे का कारण इंसानियत और मानवता को बढ़ावा देना है. राष्ट्रमंडल दिवस के दिन सभी सदस्य एक साथ मिलजुलकर रहने एवं हर समस्या को शांति से मिलकर हल करने का रास्ता निकालते हैं.

इन 53 राष्ट्रमंडल सदस्यों में भारत एक शक्तिशाली सदस्य है, 53 सदस्यों की इस मण्डली में एशिया, अफ्रीका एवं यूरोप महाद्वीपों के देशों ने सदस्यता ली है. इस संगठन में अधिकतर वही देश शामिल है, जो कभी ना कभी ब्रिटिश शासन के गुलाम रहे हैं.

राष्ट्रमंडल खेल दिवस

राष्ट्रमंडल दिवस का इतिहास क्या है व इसकी शुरुवात कब हुई थी? (History of common wealth game day)

सन् 1901 में महारानी विक्टोरिया ने पहली बार अपने जन्म दिन पर इस तरह के संगठन में बारे में सोचा था, फिर इनकी मृत्यु के एक साल बाद सर्वप्रथम एम्पायर डे (साम्राज्य दिवस) सन् 1902 में आयोजित किया गया था. कुछ समय बाद सन् 1958 में, हेरोल्ड मैकमिलन ने एम्पायर डे का बाद में नाम बदलकर कामनवेल्थ डे (राष्ट्रमंडल दिवस) कर दिया था.

संसार में बहुत से देशों पर ब्रिटिश साम्राज्य का राज हुआ करता था, धीरे-धीरे सभी देश आजादी की ओर बड़  रहे थे. इन देशों को एकत्रित रखने के उद्देश्य से ही राष्ट्रमंडल दिवस मनाने की घोषणा की गई थी, क्योंकि एकता ही इस संसार में शांति कायम कर सकती है.

राष्ट्रमंडल दिवस कब मनाया जाता है (when do we celebrate common wealth day)

हर साल मार्च में दूसरे सोमवार के दिन राष्ट्रमंडल दिवस धूमधाम से आयोजित किया है. सन् 1931 को राष्ट्रमंडल राष्ट्र का संगठन हुआ था, सन् 1949 में ब्रिटिश शब्द को एक नया नाम दिया गया, जिसके बाद अलग हुए ब्रिटिश राष्ट्रों को राष्ट्रमंडल राष्ट्रों के नाम से जाना जाने लगा.

संगठन के कुछ समय बाद जब राष्ट्रमंडल दिवस मनाने का दिन निश्चित करने की बात आई. तब सबसे पहले सन् 1973 में रॉयल कॉमनवेल्थ सोसाइटी ने एक प्रस्ताव रखा, जिसमें राष्ट्रमंडल दिवस को मार्च महीने के दूसरे सोमवार को मनाने की बात कही गई थी. इसके बाद राष्ट्रमंडल सचिवालय ने राष्ट्रमंडल के सभी देशों को राष्ट्रमंडल दिवस मनाने के लिए हर साल मार्च महीने के दूसरे सोमवार का दिन निश्चित कर दिया. तब से सभी राष्ट्रमंडल देश हर साल मार्च महीने के दूसरे सोमवार के दिन को राष्ट्रमंडल दिवस के रूप में मनाने लगे. इसी साल इस दिन नयी सोच के साथ एक नयी थीम रखने का भी विचार सामने आया. इस थीम का चुनाव भी समाजिक मुद्दों को ध्यान में रखते हुए किया जाता है. दूसरे शब्दों में इस दिन ऐसे टॉपिक चुने जाते हैं जिससे समाज का भला हो एवं एकता बनी रहे.

राष्ट्रमंडल दिवस 2018  (common wealth day 2018 theme)

इस साल राष्ट्रमंडल दिवस मनाने की तारीख 12 मार्च है. इस बार राष्ट्रमंडल दिवस पर यानी साल 2018 की थीम ‘टुवार्ड ए कॉमन फ्यूचर’ निर्धारित की गई है. इस दिन का आयोजन रानी के द्वारा दिए जाने वाले भाषण से किया जाएगा और इस भाषण को आप इंटरनेट या टीवी के माध्यम से दुनिया के किसी भी कोने में सुन सकते हैं.

इस दिन सभी के द्वारा मानवता एवं सरकार चलाने वाले नए विचारों को अपनाया जाता है, लेकिन ये विचार समाज के लिए लाभदायक हैं. आप चाहें तो इसमें अपना आईडिया भी दे सकते हैं या फिर किसी संगठन या ग्रुप से जुड़ कर राष्ट्रमंडल राष्ट्रों के प्रयासों में अपना योगदान दे सकते हैं.

सन् 2018 में राष्ट्रमंडल दिवस पर होने वाली प्रतियोगिताएं (common wealth day activities 2018 in hindi)

इस साल लंदन में कई तरह प्रतियोगिताएं आयोजित करने का प्रावधान है, जहां पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. जिसमें सभी देशों के बच्चे अपने-अपने देश की संस्कृति एवं टैलेंट का प्रदर्शन करेंगे. मुख्य रूप से यहां संगीतकार, नृत्य करने वाले एवं अभिनय करने वाले अपना जलवा दिखते नजर आएंगे, इतना ही नहीं यह खेलों एवं नाट्य मंचन एवं नाना प्रकार की प्रतियोगिताएं का आयोजन देखने को मिलेगा.

कम शब्दों में बोला जाए तो राष्ट्रमंडल संघ की ताकत उसके सदस्य राष्ट्र है जब तक इन राष्ट्रों ने एक दूसरे की मदद करने का प्रण ले रखा है. तब तक इस राष्ट्रमंडल संसार के भले के बारे में कार्य करता रहेगा. जो भी देश इन राष्ट्रमंडल देशों के साथ सम्मलित होना चाहता हैं उसे भी शांति एवं एकता के समझौते पर हस्ताक्षर करने होंगे.

राष्ट्रमंडल दिवस का महत्व (Importance of commonwealth day)

  • ब्रिटिश शासन के गिरने के बाद इन आजाद देशों को सगठन में रखने के लिए राष्ट्रमंडल दिवस को मनाना शुरू किया गया था. और राष्ट्रमंडल दिवस के दिन इन देशों ने मानवता को ध्यान में रखते हुए, संकल्प लेकर साथ मिलकर काम करना शुरू कर दिया.
  • भारत को इस संगठन का काफी महत्वपूर्ण एवं शक्तिशाली सदस्य के रूप में देखा जाता है, इतना ही नहीं हमारा देश राष्ट्रमंडल दिवस के दिन मानवता, शांति एवं साथ मिलकर आगे बढ़ने में काफी दिलचस्पी दिखाता है.
  • इस संगठन में हर देश अपनी मर्जी से ही अपना योगदान देता है. ऊपर दिए गए सभी मुद्दों के साथ-साथ सभी राष्ट्रमंडल देश सामाजिक न्याय, सहनशीलता एवं स्वतन्त्रता के अधिकार पर भी जोर देते हैं.
  • राष्ट्रमंडल दिवस को मनाने के पीछे का एक कारण अपने पूर्वजों के बलिदान को भी याद करना है, जो उन्होंने स्वतंत्रता हासिल करने लिए दिया था. इतना ही नहीं इस दिन गुलाम बनाने की पुरानी प्रथा का भी जमकर विरोध किया जाता है.
  • हालांकि इस दिन कोई अधिकारिक तौर पर छुट्टी नहीं दी जाती है, लेकिन लोगों के द्वारा राष्ट्रमंडल दिवस को अधिक महत्त्व दिए जाने के कारण इस दिन को मनाने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकठ्ठे होते हैं.
  • इस दिन दुनिया के अरबों लोग एक साथ मिलकर सांसारिक समस्याओं से निपटने का प्रण लेते हैं. और दुनिया में ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की जाती है, जिसमें लोग भाईचारे की भावना के साथ रह सकें.
  • हालांकि कोई भी व्यक्ति राष्ट्रमंडल दिवस पर अकेले होकर भी अपना योगदान दे सकता है, इतना ही नहीं आप सभी धर्म जातियों के लिए एक ही जगह पर कार्यक्रम का आयोजन करके एकता की भावना जगा सकते हैं.
  • आप चाहें तो गरीबो या बुजुर्गों की मदद कर करके भी दुनिया को एक अच्छा मेसेज दे सकते हैं. इसके लिए आप किसी संगठन के साथ या फिर अपने दोस्तों के साथ मिलकर भी भलाई का काम कर सकते हैं. इसके साथ-साथ आप अपने नये दोस्त भी बना सकते हैं.

किन किन देशों में राष्ट्रमंडल दिवस मनाया जाता है? (common wealth day in other countries)

  1. यूनाइटेड किंगडम

राष्ट्रमंडल दिवस के दिन यूके (यूनाइटेड किंगडम) में यूनियन ध्वज फहराया जाता है, इस ध्वज को सभी सरकारी कार्यालयों एवं इमारतों पर फहराते हैं. यूनाइटेड किंगडम में इस दिन को राष्ट्रमंडल सचिवालय द्वारा तय किए गए दिन को ही मनाया जाता है, यानी कि मार्च में पड़ने वाले दूसरे सोमवार को. यूके में इस दिन किसी भी प्रकार का अवकास नहीं दिया जाता है, लेकिन यहां की अच्छी बात ये है कि रानी एवं शाही परिवार के सदस्य मिलकर यहां के लोगों का राष्ट्रमंडल दिवस पर मार्गदर्शन करते हैं.

  1. ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया इस राष्ट्रमंडल संघ में सन् 2006 में ही जुड़ा है. ऑस्ट्रेलिया में भी अन्य देशों की तरह राष्ट्रमंडल दिवस निर्धारित दिन पर मनाया जाता है, ऑस्ट्रेलिया में इस दिन राष्ट्रमंडल दिवस के साथ-साथ लेबर्स डे एवं अन्य दिवस भी मनाये जाते हैं. हालांकि ऑस्ट्रेलिया में भी राष्ट्रमंडल दिवस के दिन किसी प्रकार का अवकाश देने का प्रावधान नहीं है.  इतना ही नहीं ऑस्ट्रेलिया के लोग इस दिन को अच्छे शासन की याद में मनाते हैं.

  1. कनाडा

कनाडा ऐसा देश है जो राष्ट्रमंडल दिवस को काफी धूम धाम से मनाता है, इसके लिए यहां पर कनाडा का राष्ट्रीय ध्वज एवं राष्ट्रमंडल संघ का ध्वज एक साथ फहराया जाता है. और पूरे दिन में अनेक प्रकार के कार्यक्रमों का सञ्चालन किया जाता है.

  1. जिब्राल्टर

जिब्राल्टर में भी इस दिन का आयोजन अन्य देशों की तरह ही किया जाता है, यहाँ की खास बात है, कि राष्ट्रमंडल दिवस के दिन यहां आधिकारिक तौर पर अवकाश दिया जाता है. जिससे अधिक से अधिक लोग राष्ट्रमंडल राष्ट्रों की सोच को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे सकें.

  1. अन्य देशों में

बहामा और बेलीज जैसे देशों में राष्ट्रमंडल दिवस को काफी अच्छे स्तर पर मनाया जाता है, इसके लिए सभी सरकारी स्कूलों की छुट्टी की जाती है और तरह तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इन देशों में राष्ट्रमंडल दिवस के दिन बच्चों और लोगों को भाषण के जरिए जागरूक किया जाता है और इंसानियत की सही कीमत बताई जाती है. जिसकी वजह से आगे आने वाली पीढ़ी ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के रास्ते पर चल सके.

राष्ट्रमंडल दिवस को लेकर अनजाने तथ्य (some unknown facts about commonwealth day)

  • राष्ट्रमंडल दिवस एवं इसके कार्यों से दुनिया के लगभग 4 बिलियन लोग जुड़ चुके हैं, इसमें सम्मलित लोगों की खास बात ये है कि इसमें 30 वर्ष की उम्र वाले लोगों की संख्या लगभग 1.4 बिलियन है.
  • अभी पिछले साल सभी राष्ट्रमंडल देशों की सकल घरेलु उत्पादन क्षमता 05 ट्रिलियन रुपये दर्ज की गई थी, इतना ही नहीं आने वाले तीन सालों में उम्मीद की जा रही है, कि सकल घरेलु उत्पादन क्षमता लगभग 847.56 ट्रिलियन रुपय जाएगी.
  • राष्ट्रमंडल देशों में एकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है इनके बीच व्यापार करने का प्रतिशत गैर राष्ट्रमंडल सदस्यों के साथ व्यापार करने की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है. मतलब राष्ट्रमंडल दिवस कहीं ना कहीं राष्ट्रमंडल सदस्यों के बीच व्यापार के क्षेत्र में भी सुधार लाने का काम कर रहा है.
  • पूरे विश्व में बढ़ते व्यापार के चलते राष्ट्रमंडल देश भी इस सूची में किसी से कम नहीं हैं, यहां तक की व्यापार के क्षेत्र में 20 नामी शहरों में लगभग 50 प्रतिशत राष्ट्रमंडल सदस्यों के शहर हैं. जिनमें दिल्ली, ढाका, बैंगलोर, जोहान्सबर्ग, कोलकाता, केप टाउन, चेन्नई शामिल हैं.
  • इतना ही नहीं राष्ट्रमंडल देशों की अधिकतम जनसंख्या युवा है, जिसके अंदर 15 साल से लेकर 29 साल तक के लोग शामिल है. इन आंकड़ों से पता चलता है कि राष्ट्रमंडल देशों की तरक्की युवाओं पर बहुत निर्भर करती है. इसलिए राष्ट्रमंडल दिवस पर सभी राष्ट्रमंडल सदस्यों के युवाओं को एक साथ लाने का काम किया जाता है.
  • अफ्रीकी प्रशासन के इब्राहिम इंडेक्स के मुताबिक शीर्ष 10 देशों की सूची में राष्ट्रमंडल संघ में से 7 देश शामिल हैं. इतना ही नहीं लैंगिक समानता के लिए भी इसी तरह के रिकार्ड हैं.

कोट्स(Quotes)

  1. जो सरकार नियमों का जितना उलंघन करती हैं, उतना ही भ्रष्टाचार फैलाने का काम करती है. इसलिए खासकर ऐसी सरकारों से सावधान रहना चाहिए जो हमारे राष्ट्र के लिए दीमक की तरह नुकसान पहुंचाती हैं.
  2. हमे राष्ट्रमंडल को हमेसा ध्यान में रखना चाहिए, क्योंकि राष्ट्रमंडल हमेसा से एकता, शांति एवं इंसानियत के लिए फायदेमंद रहा है. राष्ट्रमंडल एक ऐसा नाम है जिससे कई देश एकता के बंधन में जुड़े हुए हैं.
  3. हमारे पूर्वजों ने कहा था कि एकता में बहुत शक्ति होती है, जिससे आप ब्रह्माण्ड में आने वाली किसी भी समस्या का हल निकाल सकते हैं. राष्ट्रमंडल भी हमे यही सीख देने के लिए अग्रसर है.
  4. इस संसार में भले ही ऐसे लोगों की कल्पना करना काफी मुश्किल काम है जिनके अंदर लालच न हो, लेकिन ऐसा करना संभव हो सकता है अगर हम राष्ट्रमंडल संघ की बताई हुई रह पर चले.
  5. इस समय संसार में पैसों की तुलना के आधार पर इंसानों को राजा या रंक घोषित किया जाता है. लेकिन हमे इस पृथ्वी को ही स्वर्ग बनाना है तो इसकी परिभाषा बदलनी होगी . अगर हो सके तो इस परिभाषा को लोगों की मदद के आधार पर परिभाषित करना चाहिए. उदाहरण के तौर पर जो जितने लोगों की मदद करता है वो उतना अमीर और यही राष्ट्रमंडल देशों की मुख्य धारा भी है.

अन्य पढ़े:

  1. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम
  2. विनी मंडेला जीवन परिचय
  3. कमलादेवी चट्टोपाध्याय का जीवन परिचय
Ankita

Ankita

अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
Ankita

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *