ताज़ा खबर

भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक सीएजी | Comptroller and Auditor General or CAG information in hindi

Comptroller and Auditor General (CAG) information in hindi भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक सन्वैधनिक तौर पर स्थापित एक संस्था है, जो भारत सरकार, विभिन्न राज्य सरकारों तथा सरकार की तरफ से स्थापित संस्थाओं के आय और खर्च का ऑडिट करती है. इसकी स्थापना भारतीय संविधान के पांचवे पाठ के अंतर्गत हुई है. निमलेप (CAG) सरकारी कारपोरेशन के लिए भी वाह्य रूप से ऑडिटर का काम करती है. सीएजी के सभी रिपोर्ट संसद और विधानसभा के विशेष कमिटी, पब्लिक अकाउंट कमिटी को सौंपे जाते हैं. सीएजी भारत के ऑडिट और अकाउंट डिपार्टमेंट के मुख्य की तरह कार्य करता है, जिसके अंतर्गत  देश भर में 55000 कर्मचारी काम करते हैं. इस समय भारत के सीएजी विनोद राय हैं, जिन्हें 7 जनवरी 2008 को इस पद की प्राप्ति हुई. विनोद राय भारत के ग्यारहवें सीएजी हैं.

Comptroller-and-Auditor-of-General-CAG

 

भारत के नियंत्रक- महालेखा परीक्षक सीएजी

Comptroller and Auditor General (CAG) information in hindi

सीएजी की भुमिका (Comptroller and Auditor General or CAG role)

भारत के संसद और विधानसभा द्वारा संचालित आर्थिक कमिटीयों की कार्य प्रणाली में सीएजी मुख्य भूमिका निभाता है. इसके ऑडिट, कमिटी के कार्यकारिणी का आधार तय करती है. मंत्रालयों द्वारा जमा की गयी सभी नोट्स की जाँच सीएजी करता है और अपने नोट्स की जांच करवाता है. इससे सरकारी तंत्र में पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलती है. सभी आर्थिक संस्था अपने रिपोर्ट संसद अथवा विधानसभा में आवश्यकता पड़ने पर प्रदर्शित करती है. सरकार के सभी मंत्रालयों और आर्थिक संस्थाओं की जवाबदेही सीएजी के रिपोर्ट पर निर्भर है. सरकार को सदन में सीएजी के रिपोर्ट्स पर अपने पक्ष रखने पड़ते हैं.

सीएजी की नियुक्ति (Comptroller and Auditor General or CAG appointment)

देश के सीएजी की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा होती है. इस नियुक्ति में प्रधानमंत्री की राय अनिवार्य होती है. नियुक्ति के समय सीएजी को राष्ट्रपति के सामने शपथ लेना होता है.

सीएजी का कार्यभार (CAG charge)

देश के संविधान के अनुसार सीएजी के कार्यभार को अधिनियमित किया गया है. नीचे एक सीएजी समस्त कार्यभार को दिया जा रहा है.

  • भारत के संगठित कोष के प्राप्य और खर्च तथा राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से प्राप्त और खर्च की ऑडिट.
  • व्यापर, निर्माण, लाभ हानि और बैलेंस शीट तथा अन्य सब्सिडी अकाउंट, जो सरकार के अधीन हो, साथ ही सरकारी स्टोर और स्टॉक के सभी ऑडिट.
  • 1956 प्रोविसन अधिनियम के अनुसार सभी सरकारी कंपनी की ऑडिट.
  • सरकारी संस्थाओं द्वारा विभिन्न संस्थाओं को दिए जा रहे ऋण और अनुदान का ऑडिट
  • पंचायत राज संस्थाओं तथा अन्य अर्बन लोकल संस्थाओं का टीजीएस द्वारा ऑडिट.

रेगुलारिटी ऑडिट क्या है (What is Regularity Audit)

किसी प्रावधान के अंतर्गत इस्तेमाल होने वाले फण्ड की ऑडिट इसी के अंतर्गत की जाती है. किसी प्रावधान के अंतर्गत, बनने वाले सभी अकाउंट से होने वाले खर्चों का हिसाब- किताब इसके द्वारा किया जाता है.

समसामयिक उपलब्धियां

इस दौरान सीएजी ने विनोद राय के नेतृत्व में कई बड़े भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया है. इन बड़े घोटालों में टू जी स्पेक्ट्रम घोटाला तथा कॉमनवेल्थ गेम घोटाला बहुत ही महत्वपूर्ण रहा. इसके अतिरिक्त कई अन्य भ्रष्टाचारों पर भी सीएजी काम करती रहती है.

उत्तरप्रदेश सरकार ने इस दौरान निर्णय किया है कि वो सीएजी से राज्य के विकास संस्थाओं का ऑडिट करायेगी, जिसके अंतर्गत ग़ाज़ीयाबाद डेवेलोप्मेंट अथॉरिटी का भी ऑडिट किया जाएगा. अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री रहते हुए ग़ाज़ियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी के ऑडिट की अनुमति नहीं दी थी.

भारत के विभीन्न सीएजी और उनके कार्यभार का समय (List of CAG India)

भारत की आज़ादी के बाद से ही यहाँ सीएजी का गठन हुआ है. एक सीएजी को सुप्रीम कोर्ट के जज की तरह सुविधाएँ मिलती हैं. नीचे सभी सीएजी नाम उसके कार्यकाल के साथ दिया जा रहा है.

वी. नरहरी राव 1948 -1954
ए के चंदा 1954 -1960
एक के रॉय 1960 -1966
एस. रंगनाथन 1966 -1972
ए बक्षी 1972 -1978
ज्ञान प्रकाश 1978 -1984
टी एन चतुर्वेदी 1984 -1990
सी जी सोमैया 1990 -1996
वी के सुन्ग्लू 1996 -2002
वी एन कौल 2002 -2008
विनोद राय 2008 -2013
शशि कान्त शर्मा 2013 –अब तक

सीएजी का वेतन (CAG salary in India)

किसी भी सीएजी का वेतन तथा अन्य सुविधाएँ देश के संसद में सन 1971 सीएजी एक्ट के तहत तय होता है. इनका वेतन सुप्रीम कोर्ट के जज के वेतन जितना होता है. इस कार्यभार को संभालने के बाद सीएजी अन्य किसी भी सरकारी अथवा ग़ैर सरकारी कार्यों से नहीं जुड़ सकता है. फिलहाल एक सीएजी का वेतन 90,000 रूपए है.

ऑडिट कार्य क्षेत्र (Audit work)

केंद्र तथा विभिन्न राज्य सरकारों के द्वारा इस्तेमाल किये जा रहे फण्ड का ऑडिट करने का अधिकार इन्हें होता है. विशेष तरह से निम्न ऑडिट भारत के सीएजी के अधीन अंजाम पा जाता है,

  • ऋण, जमा, प्रेषित धन, व्यापार, मैन्युफैक्चारिंग आदि से सम्बंधित लेन देन का ऑडिट.
  • सभी लाभ- हानि तथा बैलेंस शीट भारत के राष्ट्रपति अथवा गवर्नर के आदेशानुसार उनके अधीन रहता है.
  • भारत के सीएजी, कंपनी एक्ट के अधीन सभी सरकारी कंपनियों के ऑडिट को अंजाम देते हैं.
  • भारत के सीएजी सरकार द्वारा चलाये जा रहे संस्थाओं के ऑडिट का कार्य करते हैं.

बहुचर्चित ऑडिट रिपोर्ट (Audit Report)

भ्रष्टाचार को मात देने के लिए सीएजी कई बार बड़े बड़े घोटालों को पकड़ने की कोशिश करता है. नीचे कुछ बहु चर्चित ऑडिट के विषय में दिया जा रहा है,

  • 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला : यूपीए सरकार के दौरान सीएजी ने 2जी के लाइसेंस और आवंटन को लेकर एक रिपोर्ट जारी किया था, जो कई दिनों तक चर्चे में रहा. इस रिपोर्ट के अनुसार इस सरकार के दौरान ये एक बहुत बड़ा घोटाला था. ये घोटाला दरअसल टेलिकॉम कंपनियों को 2 जी सब्सक्रिप्शन के लाइसेंस आवंटन से सम्बंधित था. फ़रवरी 2002 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक पीआईएल जारी किया जिसके अंतर्गत कोर्ट ने इस स्पेक्ट्रम आवंटन को असंवैधानिक बताया. साथ ही सन 2008 में जारी हुए सभी 122 लाइसेंस को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया.
  • कोल माईन आवंटन : सन 2012 में तात्कालिक सरकार की मौजूदगी में ये भी एक बहुत बड़ा भ्रष्टाचार था. इसी साल इस आवंटन को लेकर सीएजी की रिपोर्ट ने भारतीय मीडिया में हडकंप मचा दी थी. इसी साल सदन के मानसून सत्र के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने सदन में इसका विरोध किया और तात्कालिक प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े की मांग की.
  • फोडर स्कैम : सन 1995 में ये घोटाला भी सीएजी के एक रिपोर्ट की ही वजह से लोगों के बीच आया. इस रिपोर्ट के तहत सीएजी तात्कालिक सरकार पर सरकारी खजाने से लगभग 140 मिलियन डॉलर के घोटाले का आरोप लगाया. पटना हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने इस घोटाले की छान बीन की

उपरोक्त रिपोर्ट के अलावा और भी कई रिपोर्ट सीएजी द्वारा समय समय पर पारित किये गये हैं, जिसके आधार पर कई भ्रष्टाचारों का खुलासा हुआ. अतः भ्रष्टाचार को ख़त्म करने के लिए सीएजी लगातार प्रयासरत रहते हैं.

अन्य पढ़ें –

Vibhuti
Follow me

Vibhuti

विभूति दीपावली वेबसाइट की एक अच्छी लेखिका है| जिनकी विशेष रूचि मनोरंजन, सेहत और सुन्दरता के बारे मे लिखने मे है| परन्तु साईट के लिए वे सभी विषयों मे लिखती है|
Vibhuti
Follow me

One comment

  1. आपने बहुत अच्छी जानकारी दी है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *