कोरोना वायरस वैक्सीन : जल्द ही पूरा देश होगा कोरोना वायरस से मुक्त, जानें इसकी ताजा खबरें

सारे विश्व में कोरोनावायरस की महामारी फैली हुई है जिसकी वजह से सभी बहुत परेशान हैं क्योंकि इसके कारण लोगों की काफी जानें चली गई हैं. इस वायरस से छुटकारा पाने के लिए काफी समय से विभिन्न प्रकार की वैक्सीन और इलाज खोजें जा रहें हैं. लेकिन सफलता किसी भी देश को नहीं मिल पा रही थी, परंतु आप सभी लोगों के लिए एक खुशखबरी है क्योंकि अब कोरोनावायरस महामारी को फैलने और उसे समाप्त करने के लिए वैक्सीन मिल गया है जिससे कि ऐसी उम्मीद है कि इस बीमारी पर कंट्रोल किया जा सकेगा. आपको जानकारी के लिए बता दें कि फाइजर इंडिया कंपनी ने कोरोनावायरस ड्रग्स कंट्रोल ऑफ इंडिया से वैक्सीन के आपातकाल में प्रयोग करने के लिए अनुमति मांगी है.

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कोरोनावायरस वैक्सीन टीकाकरण कार्यक्रम   

यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोनावायरस के टीकाकरण का कार्य रूस की राजधानी मॉस्को में शुरू हो चुका है. ऐसे में भारत में भी दवा निर्माता कंपनी फाइजर ने ड्रग्स कंट्रोल ऑफ इंडिया को वैक्सीन को भारत में प्रयोग करने के लिए अपना आवेदन दिया है. आपको यह भी बता दें कि अभी तक फाइजर कंपनी को ब्रिटेन और बहरीन में भी वैक्सीन का प्रयोग करने के लिए अनुमति मिल गई है.

कोविड-19 वैक्सीन के लिए मंजूरी

बता दें कि हमारे देश भारत में फाइजर कंपनी ने दिसंबर 2020 को कोविड-19 वैक्सीन का उपयोग आपातकालीन स्थिति में प्रयोग करने के लिए अपना आवेदन दिया है. इसके अलावा आपको यहां यह भी बता दें कि अभी तक ब्रिटेन के बाद बहरीन ऐसा दूसरा देश बन गया है जहां पर आपातकालीन स्थिति में कोरोनावायरस वैक्सीन का उपयोग किया जाएगा. साथ ही आपको यह जानकारी भी दे दें कि यह दवा कंपनी अमेरिका में भी कोविड-19 के टीके की औपचारिक मंजूरी के लिए अपना आवेदन पहले ही सबमिट कर चुकी है.

फाइजर दवा कंपनी वैक्सीन कितनी है कारगर

यहां आपको बता दें कि फाइजर कंपनी द्वारा बनाई गई कोविड-19 वैक्सीन 95% तक कोरोनावायरस से लोगों का बचाव कर सकती है और यह दवा इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरह से सुरक्षित भी है. तो कंपनी का यह दावा कितना कारगर साबित होगा यह तो दवा का उपयोग करने के बाद ही पता चल सकेगा.

भारत के सामने फाइजर कंपनी की वैक्सीन के लिए सबसे बड़ी दिक्कत

फाइजर कंपनी यह चाहती है कि उसे कोरोनावायरस वैक्सीन को भारत में उपयोग करने के लिए मंजूरी मिल जाए ताकि कंपनी भारत में दवा का वितरण और बिक्री कर सकें. लेकिन भारत के सामने इस दवा के वितरण को लेकर कुछ समस्याएं हैं जैसे कि इस दवा को माइनस 70 डिग्री पर स्टोर करना होगा. लेकिन भारत के छोटे कस्बों, गांवों और जो इलाके शहर से दूर हैं उनको इस टीके को माइनस 70 डिग्री पर रखना एक बहुत ही बड़ी चुनौती होगी.

रूस में कोविड-19 टीके का वैक्सीनेशन आरंभ

आपको बता दें कि फाइजर दवा निर्माता कंपनी के द्वारा रूस की राजधानी मास्को में कोविड-19 वैक्सीनेशन की शुरुआत कर दी गई है. यहां आपको जानकारी के लिए बता दें कि सबसे पहले वैक्सीन उन लोगों को दिया जा रहा है जिन्हें कोरोनावायरस से संक्रमित होने का सबसे ज्यादा खतरा है. साथ ही आपको बता दें कि रूस में जो वैक्सीनेशन का कार्यक्रम शुरू हुआ है उसके लिए जो दवा उपयोग की जा रही है उसका नाम स्पूतनिक वी है और उसको रूस ने अपने देश में ही बनाया है.‌

चीन में भी वैक्सीन कार्यक्रम हो रहा है बहुत तेजी के साथ

कोरोनावायरस जैसी घातक और महामारी चीन से ही दुनिया भर में फैली थी और अब ऐसे में चीन भी कोविड-19 वैक्सीन बनाने की लगातार कोशिश कर रहा है. यहां बता दें कि चीन की सरकार स्वनिर्मित दवा बनाने के लिए ऑर्डर भी दे रही है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी तक चीन ने इस बात की जानकारी नहीं दी है कि यह स्वनिर्मित दवा कितनी ज्यादा कारगर साबित हो सकेगी. साथ ही यह भी जानकारी दे दें कि अभी तक चीन में वैक्सीन के ट्रायल का अंतिम चरण पूरा नहीं हो सका है. यहां आपको बता दें कि चार दवा निर्माता कंपनियों द्वारा लगभग 12 देशों में परीक्षण कार्य बहुत तेजी के साथ चल रहा है. इसके अलावा आपको यह भी बता दें कि चीन में लगभग 10 लाख लोगों पर सिनोफार्म कंपनी द्वारा निर्मित कोरोना वैक्सीन का प्रयोग किया जा चुका है और लोगों पर उसके अभी तक किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट्स भी देखने को नहीं मिले हैं.

Karnika

कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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