ताज़ा खबर

दीपा करमाकर का जीवन परिचय | Dipa Karmakar Biography In Hindi

Dipa Karmakar Biography In Hindi दीपा करमाकर एक कलात्मक जिमनास्ट है, जो रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही है. ये पहली भारतीय महिला जिमनास्ट है, जो ओलंपिक में भारत की ओर से गई है. 52 सालों बाद ऐसा हुआ है कि कोई जिमनास्ट भारत की तरफ से ओलंपिक में गया है. अन्तराष्ट्रीय ओलंपिक इतिहास के में बारे में यहाँ पढ़ें. आजादी के बाद अब तक सिर्फ 11 जिमनास्ट ने ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया है, जिसमें 1952 में 2, 1956 में 3 एवं 1964 में 6 लोग थे. दीपा ने रियो ओलंपिक 2016 में महिलाओं की जिमनास्टिक्स में 15.066 के कुल स्कोर के साथ चौथा स्थान प्राप्त किया है. दीपा एक प्रतिभाशाली लड़की है, जिन्होंने अविश्वसनीय प्रसिद्धि प्राप्त की है. दीपा ने अपने शानदार प्रदर्शन से दुनिया भर में भारत का गौरव बढ़ाया है. दीपा बहुत मेहनती है, जिनका सपना दुनिया की नंबर 1 जिमनास्ट बनने का है.

करमाकर उन पांच महिलाओं में से एक है जो सफलतापूर्वक प्रोदुनोवा (Produnova) को परफॉर्म कर पाती है, ये  वर्तमान में सबसे कठिन वोल्ट महिला जिमनास्टिक प्रदर्शन में से एक है. दीपा ने अपनी मेहनत के बल पर बहुत से मैडल जीते है.

दीपा करमाकर का जीवन परिचय 

Dipa Karmakar Biography In Hindi

क्रमांक जीवन परिचय बिंदु दीपा करमाकर जीवन परिचय
1.        पूरा नाम दीपा करमाकर
2.        निक नाम गोल्डन गर्ल
3.        जन्म 9 अगस्त 1993
4.        जन्म स्थान अगरतला, त्रिपुरा
5.        माता-पिता गीता – दुलाल करमाकर
6.        बहन पूजा सहा
7.        प्रोफेशन जिमनास्ट
8.        हाईट 4 फिट 11 इंच
9.        कोच बिस्वेश्वर नंदी

दीपा का जन्म 9 अगस्त 1993 को त्रिपुरा के अगरतला में हुआ था. इनके पिता दुलाल करमाकर साईं में वेट लिफ्टिंग कोच है, जबकि माता एक गृहणी है. दीपा की एक बहन भी है पूजा जो उनकी अच्छी दोस्त भी है. दीपा के पिता भारत के सबसे अच्छे वेट लिफ्टर कोच में से एक है. दीपा और उनके पिता एक दुसरे के बहुत करीब है, वे दीपा को हर तरह से सपोर्ट करते है.  दुलाल जी ने अपनी बेटी की क्षमता और जिमनास्ट के प्रति लगाव को सबसे पहले जाना था, यही वजह है उन्होंने उसे मात्र 6 साल की उम्र से ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी थी. दीपा अपनी माँ के भी करीब है, वे अपनी माँ को अपना लकी चार्म मानती है.

Dipa Karmakar

दीपा ने जब 6 साल की उम्र में जिम्नास्टिक की ट्रेनिंग शुरू की तब कई तरह की परेशानियों का उन्हें सामना करना पड़ा. उनके पैर के तलवे एकदम समतल थे, जो जिमनास्ट के लिए अच्छे नहीं होते है. इससे उनकी परफॉरमेंस कूदना, भागना पर फर्क पड़ता है. इस बात ने दीपा के इरादों को कमजोर नहीं पड़ने दिया, वे इसके बाद और मेहनत करने लगी. व्यापक प्रशिक्षण के माध्यम से  दीपा अपने पैर को विकसित करने में सक्षम हो पाई.

दीपा की ट्रेनिंग उनके पिता ने विवेकानंद जिम से शुरू करवाई. वहां उनके कोच बिस्वेश्वर नंदी थे. यह जिम बहुत साधारण सा था, जहाँ ढंग की मशीनें भी नहीं थी, लेकिन किसी दीपा यहाँ प्रैक्टिस कर लेती थी.

दीपा जिमनास्ट करियर (Dipa Karmakar career) –

दीपा ने जिमनास्ट में अपना करियर बहुत कम उम्र में ही शुरू कर दिया था, सन 2007 तक दीपा को राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय चैम्पियनशीप में 77 मैडल मिल चुके थे, जिसमें 67 गोल्ड मैडल भी थे. सन 2010 में भारत में हुए, कॉमनवेल्थ गेम्स में दीपा भारतीय जिमनास्ट दल की सदस्य रही, इसमें भारत के ही आशीष कुमार ने भारत का पहला जिमनास्ट मैडल जीता था.

  • 2011 – फ़रवरी 2011 में दीपा ने नेशनल गेम्स ऑफ़ इंडिया में त्रिपुरा प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया था. दीपा ने चार इवेंट फ्लोर, वोल्ट, बैलेंस बीम एवं अनइवन बार में जीत हासिल कर गोल्ड मैडल जीता था.
  • 2014 – 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में दीपा ने महिला वोल्ट फाइनल में ब्रोंज मैडल जीता था. उन्हें 2-वोल्ट में 14.366 स्कोर मिला था. कॉमनवेल्थ गेम्स में जिम्नास्टिक में मैडल जीतने वाली दीपा पहली महिला थी, साथ ही आशीष कुमार के बाद भारत को ये जिमनास्ट में दूसरा पदक मिला था. 2014 के एशियन गेम्स में दीपा वोल्ट ने फाइनल में 14.200 स्कोर प्राप्त किया था.
  • 2015 – जापान के हिरोशिमा में आयोजित एशियन चैम्पियनशीप में दीपा ने महिला वोल्ट में ब्रोंज मैडल प्राप्त किया था. अक्टूबर 2015 में दीपा पहली महिला जिमनास्ट बन गई थी, जिन्होंने वर्ल्ड आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक चैम्पियनशीप की फाइनल स्टेज में क्वालीफाई किया था.
  • 2016 – रियो ओलंपिक 2016 में दीपा पहली भारत की जिमनास्ट थी, जिन्होंने इस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था. 14 अगस्त 2016 को दीपा का मैच था, जिसमें उन्हें 15.066 स्कोर मिला था, लेकिन वे ब्रोंज मैडल से बस एक कदम पीछे रह गई. ओलंपिक में महिलाओं की वोल्ट जिमनास्टिक फाइनल में वे चौथी पोजीशन पर है.

दीपा करमाकर ने अपनी करियर की शुरुआत में बहुत उतार चढ़ाव देखे, जब उन्होंने जिमनास्ट शुरू किया था, तब उनके पास जिमनास्ट में पहने जाने वाले विशेष तरह के कपड़े एवं जूते भी नहीं थे, उन्होंने अपने जिम में ही अपने से एक बड़ी लड़की के कपड़े उधार लिए, जिसे पहनकर उन्होंने अपना गेम खेला.  दीपा को एक बार गुवाहाटी में नेशनल गेम्स खेलने का मौका मिला, उन्होंने इसके लिए बहुत मेहनत की लेकिन वे हार गई. इस हार से वे बहुत निराश हुई, बहुत रोई, लेकिन फिर उन्होंने अपने माता पिता से वादा किया कि वे एक दिन जरुर बड़ा नाम कमाएंगी और बड़ी जीत हासिल करेंगीं.

दीपा करमाकर जैसी भारत की बेटी पर हर भारतवासी को गर्व है, 23 साल की छोटी सी उम्र में दीपा ने बड़ों बड़ों को अपने आगे झुका दिया. दीपा की तरह ही भारत की एक और बेटी ‘अदिति अशोक’ रियो ओलंपिक गोल्फ में अपना नाम ऊँचा कर रही है.

अन्य पढ़े:

Vibhuti
Follow me

Vibhuti

विभूति दीपावली वेबसाइट की एक अच्छी लेखिका है| जिनकी विशेष रूचि मनोरंजन, सेहत और सुन्दरता के बारे मे लिखने मे है| परन्तु साईट के लिए वे सभी विषयों मे लिखती है|
Vibhuti
Follow me

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *