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Diya Aur Bati Hum

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First scene :
suraj sandhya से कहता है pushkar का प्रसिद्ध हलवाई होते हुए जब मैं singapur में हार रहा था तब आपने ही मेरा मनोबल बढाया था | कैसे मेरा आत्मविश्वास हिल गया था और मुझे याद है कि आपने कहा था suraj जी मन के हारे हार मन के जीते जीत | और मुझे ही नहीं भावो बाबा सा को भी पूरी उम्मीद है कि सबसे अच्छी officers की ट्राफी आपको ही मिलेगी |sandhya कहती है suraj जी आप acadmy आये थे और आपने IPS singh कि सारी बातें सुन ली और इसिलए आप मुझे यहाँ coffee के लिए लेकर आये | तब suraj कहता है आप तो सचमुच की थानेदार है यह तो शुरुआत है अब आप आगे बढिए पीछे मुड कर मत देखिये |suraj कहता है जब मैंने अपने काम की शुरुआत की  थी तो यह locket मुझे भावो ने दिया था अपना locket sandhya को पहनाता है और कहता है यह आपकी रक्षा करेगा और हिम्मत भी देगा |sandhya कहती है कि मैं अपने डर को मिटा दूंगी और पूरी कोशिश करुँगी तब suraj कहता है कि अभी IPS singh आपको जानती नहीं है जब जान जायेगी तो जरुर salute करेगी |

भावो sandhya को तेल देते हुए कहती है | इसे अपने पैरों पर लगा लेना और यह अंजीर है इसे रात को भीगो कर खा लेना इससे ताकत आएगी इतनी उछल कूद जो करवाती है IPS singh | और अच्छे से रहना हिम्मत रखना |और दिखा देना कि तू मेरी बिन्दनी है | sandhya एक विश्वास के साथ एक नई शुरुआत करती है पूरी उमंग और जोश के साथ ऐसा होसला देखते ही बनता है | पूरी practise में जुट जाती है |और मन ही मन suraj कि कही बातों को याद करती है | Amly और meenakshi की बहस चलती रहती है छवि कहती है sandhya भाभी आने वाली है और इतने सारे काम है |

Second scene :

Sandhya के घर वापस लौटने कि ख़ुशी में सभी ने रंगोली बनाई और घर को खूब अच्छे से सजाया |तभी ताई सा आती है और कहती है कि sandhya बिन्दनी के लिए इतनी सजावट और फिर pushkar की सभी औरतो को लेकर घर में आ जाती है सभी sandhya के लिए तोहफे लेकर वही इंतज़ार करती है |meenakshi सभी को देख कर बहुत डरती है कि आज भावो बहुत डाटेंगी |तभी भावो आती है ताई सा कहती है आओं सभी स्वागत करते है |सभी गाना गाकर फूलो से स्वागत करते है | फिर सभी चौक जाते है sandhya को न देख कर |

Third scene :

ताई सा पूछती है sandhya बिन्दनी कहा है हम उसे आशीर्वाद देने आये कहा छिपा रखा है बुलाओ उसे हम उसके लिए उपहार भी लाये है | santosh ऐसी बातें नहीं छिपती और हम लोगो की कोई नज़र नहीं लगेगी | फिर उदास भावो सबको बताती है कि sandhya बिन्दनी नहीं आई है ता ई सा कहती है उसे jaipur उस के मायके छोड़ आई  है पर santosh जितना अनुभव तुझे है उतना उसकी भाभी को नहीं है तो santosh कहती है sandhya बिन्दनी hyderabad में ही है |Trainnig कर रही है वो माँ नहीं बनने वाली है |

Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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