DRDO की एंटी-कोविड दवा 2DG (full form) क्या है कैसे काम करती हैं

2-deoxt-D-glucose [2dg full form drdo corona medicine in hindi] कोरोना वायरस दवाई DRDO की एंटी-कोविड दवा 2DG (full form) क्या है कैसे काम करती हैं, दवा की मात्रा, कीमत, उपलब्धता (Medicine Price, for COVID, Availability)

देश में कोरोना की दूसरी लहर ने कोहराम मचाया हुआ है वही कोरोना के खिलाफ लड़ाई में एक राहत की खबर भी सामने आ रही है। शनिवार को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की तरफ से एक नए ड्रग का निर्माण करके तैयार किया गया जिसका अप्रूवल मरीजों को इमरजेंसी के तौर पर देने के लिए कर दिया गया है। इस ड्रगको नाम दिया गया है एंटी कोविड ड्रग। इसे साइंस की भाषा में 2dg के नाम से भी जाना जा रहा है। इसके लॉन्च का अप्रूवल भारत सरकार द्वारा प्राप्त हो चुका है। अब यह कैसे दिया जाएगा और किन मरीजों को दिया जाएगा और कितनी मात्रा में दिया जाएगा इन सब बातों की जानकारी आपको इस पोस्ट में मिल जाएगी।

कोरोना दवा का नाम 2DG
लॉन्च भारत सरकार द्वारा
दवा को तैयार किसने किया INMAS and CCMB
लॉन्च तारीख 1 मई 2021

फुल फॉर्म

Drug 2-deoxt-D-glucose
ड्रग बनाने की प्रक्रिया प्रारंभिक समय   अप्रैल 2020
किसे दिया जाएगा यह ड्रग आपातकालीन कोविड पॉजिटिव मरीजों  

Drug 2DG Corona Covid -19 Medicine दवा की जानकारी

कोरोना दवा का नाम

2DG

2DG ka full form

Drug 2-deoxt-D-glucose

2DG किसने बनाई

INMAS and CCMB

2DG कब लांच हुई

INMAS and CCMB

2 dg दवा क्या है (2 dg Anti Covid Medicine)

2 dg दवा का पूरा नाम Deoxt-D-Glucose है. जोकि drdo के INMAS एवंCCMB लैबोरेट्रीज में तैयार की गई है. यह लैबोरेट्रीज हैदराबाद में स्थित है. यह कोरोना की दवा है. अब यह दवाई बनाना कब से प्रारंभ किया गया और इसकी संपूर्ण प्रक्रिया क्या है इस बात पर थोड़ी रोशनी डालते हैं।

2dg किन मरीजों के लिए है (2dg Medicine for Corona)

जैसा कि आप दिन रात खबरों में यही सुन रहे हैं कि कोविड पॉजिटिव मरीजों में ऑक्सीजन की कमी से वे दम तोड़ रहे हैं। इन बातों को ध्यान रखकर ही इस दवा को तैयार किया गया है मुख्य रूप से यह दवा केवल इमरजेंसी के समय पर ही किसी मरीज को दी जाएगी। जिन व्यक्तियों में कॉमेडी बहुत बुरी तरह संक्रमित हो चुका है और उन्हें काफी हद तक नुकसान पहुंचा चुका है और उन में ऑक्सीजन की कमी भी पाई जा रही है ऐसे लोगों को आपातकालीन स्थिति में यह ड्रग दिए जाने का अप्रूवल सरकार की तरफ से मिला है। क्योंकि यह ड्रग बहुत हैवी डोज वाला है जिसे केवल इंसान की जान बचाने के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति कोरोना की प्रारंभिक और माध्यमिक स्थिति में है तो उस व्यक्ति को यह दवाई नहीं दी जाएगी।

2 dg कोरोना मरीजों को कैसे दी जाएगी

कोविड-19 को कंट्रोल करने के लिए पहले एक दवाई बनाई गई जिसे इंजेक्शन के रूप में देश के सभी लोगों को दिया जा रहा है। परंतु यह जो ड्रग तैयार किया गया है यह एक ओरल ड्रग है जो एक पाउडर के रूप में होगा जिसे पानी में घोलकर मरीज को पिलाया जाएगा। कोरोना से पीढित मरीज को यह दवा डॉक्टर द्वारा लिखे गये प्रिस्क्रिप्शन एवं मरीज के वजन के आधार पर दी जायेगी. यह दवा की 2 डोज सुबह और शाम कम से कम 5 से 7 दिन तक लेनी होगी. बिना डॉक्टर की सलाह लिए इस दवा का सेवन करना नुकसान दायक हो सकता है. इसलिए इस चीज का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है. वैज्ञानिकों ने ऐसी जानकारी दी है कि ड्रग को कैंसर की ट्रीटमेंट के लिए तैयार किया गया था परंतु इसका इस्तेमाल अब कोविड पेशेंट को बचाने के लिए किया जाएगा।

2 dg दवा की मात्रा (2 dg Drug Dose)

यह दवा एक पाउडर फॉर्म में है, जिसके 5.85 ग्राम के पाउच तैयार किये गये हैं. दिन में 2 पाउच का सेवन मरीज को करना होगा, जोकि सुबह और शाम होगा. हालांकि यह मरीज की उम्र एवं उसकी मेडिकल कंडीशन के ऊपर निर्भर करता है कि उन्हें कितनी मात्रा में मेडिसिन दी जाएगी. drdo वैज्ञानिकों ने डॉक्टर की सलाह के बिना एवं इसका ज्यादा मात्रा में सेवन न करने की चेतावनी भी दी है.

2 dg कैसे काम करेगी (2dg Medicine Work)

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह दवा ग्लूकोस का ही एक सब्सिटयूट है. जिसकी संरचना ग्लूकोस की तरह ही है. दरअसल कोरोना के वायरस शरीर में घुसने के बाद पनपने के लिए ग्लूकोस की आवश्यकता होती है, जोकि उनके उस व्यक्ति के शरीर से मिलता है. जब यह दवा उस व्यक्ति के शरीर में जाकर उसकी कोशिकाओं में मिलती है, तो कोरोना कंफ्यूज हो जाते हैं, और ग्लूकोस की जगह पर उस दवा का सेवन करने लगते हैं. जिससे ये वायरस कमजोर पड़ने लगते हैं और इससे उनका निर्माण भी बंद हो जाता है. और फिर धीरे धीरे ये खत्म हो जाते है. यह व्यक्ति के इम्यून सिस्टम को बढ़ाएगी, जिससे मरीज जल्दी ठीक होगा.  

2 dg दवा का निर्माण

2 DG का साइंटिफिक नाम Drug 2-deoxt-D-glucose है। इस ड्रग को इस्तेमाल करने का अप्रूवल केवल इमरजेंसी की स्थिति के लिए ही मिला है। डीआरडीओ के बहुत सारे लैब भारत देश में बने हुए हैं परंतु मेडिसिन एंड एलाइड साइंसेज (INMAS) लैब डॉक्टर रेड्डीज लैबोरेट्रीज जो हैदराबाद में स्थित है के साथ मिलकर इस ड्रग को तैयार किया है।  इस ड्रग को बनाने की शुरुआत कोरोना की पहली लहर के दौरान ही कर दिया गया था। पिछले साल अप्रैल के दौरान ही इसे बनाना प्रारंभ कर दिया गया था। INMAS  लेबोरेटरी में इस ड्रग के ऊपर एक्सपेरिमेंट प्रारंभ कर दिए गए थे और इसमें सेल्यूलर एंड मॉलेक्युलर बायोलॉजी (CCMB) हैदराबाद लेबोरेटरी के साइंटिस्ट को भी शामिल किया गया। 

2 dg दवा का ट्रायल (2 dg Drug Trial)

इस रिसर्च के दौरान यह जानने की कोशिश की गई कि यह ड्रग  कोविड-19 के वायरस को हराने में सक्षम है भी या नहीं।  एक्सपेरिमेंट की  बाद यह बात सामने आई कि यह ड्रग SARS-CoV-2 virus  को हराने में सक्षम है। इस ड्रग का फेस टू ट्रायल में से लेकर अक्टूबर 2020 के दौरान किया गया जिसमें पाया गया यह कोविड पेशेंट के लिए बिल्कुल सुरक्षित है और उनको बेहतर बनाने में सक्षम है। ड्रग को ट्रायल लेने की दूसरी प्रक्रिया का पहला चरण 6 हॉस्पिटलों में किया गया जिसके बाद दूसरे चरण में पूरे देश के 11 हॉस्पिटल शामिल किए गए। फेस टू का ट्रायल लगभग 110 मरीजों पर किया गया। इस पूरे ट्रायल के बाद यह बात सामने आई कि इस ड्रग में कोविड पेशेंट की जान बचाने के काफी बेहतर रिजल्ट है।

2 dg दवा के लिए सरकार की मंजूरी

अक्टूबर के महीने में यह बात सामने आई कि इस ड्रग का ट्रायल जिन पेशेंट पर किया जा रहा है वह ढाई दिन में कोरोना से ठीक हो जा रहे हैं। इस ड्रग के तीसरे ट्रायल में दिसंबर से लेकर मार्च 2021 तक 220 पेशंट पर इसको ट्राई किया जिनमें 27 कोविड हॉस्पिटल जो दिल्ली, उत्तर प्रदेश, वेस्ट बंगाल, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में स्थित हैं उन को शामिल किया गया।

यह ट्रायल मार्च में ही खत्म हुआ और यह बात सामने आई कि जिन पेशेंट को ऑक्सीजन की कमी महसूस हो रही है वह सभी इस ड्रग की मदद से 3 दिनों के अंदर स्वस्थ हो गए। उसके बाद इसका एक छोटा सा ट्रायल 65 साल से ऊपर के व्यक्तियों पर भी किया गया कि उन पर यह ड्रग असरदार है या नहीं। प्राइम की सफलता के बाद 1 मई 2021 को इस ड्रग को कोविड-19 के मरीजों को पिलाने की परमिशन सरकार की तरफ से दे दी गई लेकिन सिर्फ आपातकालीन स्थिति के लिए ही। 

2 dg दवा कहां मिलेगी

यह दवा जल्द ही बाजार में मेडिकल शॉप में मिलनी शुरू हो जाएगी. लेकिन अभी इसका उत्पादन कम मात्रा में हो रहा है इसलिए अभी बाजार में उपलब्ध होने में समय लगेगा. अभी यह अस्पतालों में ही मिलेगी.    

2 dg दवा कब से मिलेगी

रिपोर्ट के मुताबिक इस दवा को आम लोगों के लिए एवं कॉविड अस्पतालों में पहुँचाने की शुरुआत हो गई है. अभी प्रति सप्ताह लगभग 10 हजार दवा का उत्पादन किया गया है जोकि आज यानि कि सोमवार से एम्स, आर्म्स फोर्सेज मेडिकल कॉलेज और डीआरडीओ के अस्पतालों में सप्लाई की जा रही है. इसके बाद अगले चरण में अन्य राज्यों में यह उपलब्ध होनी शुरू हो जाएगी. और जून के पहले ही सप्ताह से यह दवा हर जगह मिलने लगेगी.   

2 dg दवा की कीमत (2 dg Drug Price)

अब तक सरकार एवं DRDO के प्रोजेक्ट डायरेक्टर द्वारा कोई भी ऐसी घोषणा नहीं की गई है जिसमें इसकी कीमत के बारे में कहा गया हो. हलाकि यह दवा की उत्पादन एवं डोज पर निर्भर करती है. यह दवा की कीमत बहुत जल्द निर्धारित करके बाजार में आ जाएगी. कहा जा रहा है कि जेनेरिक मोलिक्युल से बनने के कारण यह दवा ज्यादा महँगी नहीं होगी. यह दवा एक पाउडर फोम में है तो इसके एक पाउच की कीमत 500 से 600 रूपये तक हो सकती है.

2 dg दवा की उपलब्धता (2 dg Drug Availability)

इस दवा की अवैलाबिलिटी की बात करें, तो आपको बता दें कि यह दवा एक जेनेरिक दवा है जिनमें ब्रांडेड दवाओं जैसे भी गुण मौजूद होते हैं. लेकिन इनकी पैकेजिंग, रंग एवं तरीके में अंतर हो सकता है. ब्रांडेड दवाई बनाने वाली कंपनी से लाइसेंस लिए उस कंपनी की की मैन्युफैक्चरिंग नहीं की जा सकती है. और इसके लिए पैसा भी बहुत लगता है. किन्तु जेनेरिक दवाइयों में ऐसा नहीं है. इसलिए इसका उत्पादन कोई भी कंपनी कर सकती है. और उत्पादन अधिक होने से यह जल्द ही सब जगह उपलब्ध हो जाएगी.

यह एक ऐसे प्रकार का ड्रग है जिसे डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लिया जा सकता है और केवल डॉक्टर ही इस बात का निर्धारण करेंगे कि किस मरीज को यह दवा दी जा सकती है और किस मरीज के लिए यह सक्षम नहीं है। इसलिए इस पूरी जानकारी में हम आप को सबसे मुख्य बात यह बताना चाहते हैं कि यदि आपको इस ड्रग की उपलब्धता जानी है या फिर आपका कोई भी रिश्तेदार या दोस्त कोविड की भयानक और आपातकालीन स्थिति से गुजर रहा है तो उसे डॉक्टर के पास जाने की सलाह दें और इस ड्रग के सेवन के लिए डॉक्टर से सलाह लें। 

FAQ

Q : कोरोना महामारी से निजात पाने वाले ड्रग का क्या नाम है?

Ans : 2 DG का साइंटिफिक नाम Drug 2-deoxt-D-glucose है।

Q : यह ड्रग्स इन मरीजों को दिया जाएगा?

Ans : कोविड-19 आपातकालीन स्थिति से गुजर रहे मरीजों को.


Q : क्या यह ड्रग आम दवाई की दुकान पर उपलब्ध होगा?

Ans : फिलहाल इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है.

Q : क्या कोई व्यक्ति जो कोरोना संक्रमित हो इस ड्रग का सेवन कर सकता है?

Ans : डॉक्टर की सलाह के बिना इस ड्रग का सेवन किसी भी व्यक्ति के लिए निषेध है. 

Q : 2 dg दवा कब से मिलनी शुरू होगी ?

Ans : मई 2021 से यह चूर्ण मरीजों को देनी शुरू हो सकती है.

Q :  2 dg दवाई बनाने का सामान भारत में उपलब्ध है या इसे विदेश से आयात करना होगा ?

Ans : ग्लूकोज ऐनेलॉग दवा होने के कारण इसमें उपयोग होने वाला सारा कच्चा माल भारत में उपलब्ध है.

Q : 2 dg दवा क्या गभीर मरीजों के लिए कारीगर होगी ?

Ans : यह दवा का ट्रायल हल्के मध्यम और गंभीर सभी पर किया गया है. इसलिए यह सभी के लिए कारीगर होगी.

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