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विश्व पर्यावरण दिवस 2019 विषय, कविता, नारे | World Environment Day 2019 theme, slogan, Poem in hindi

विश्व पर्यावरण दिवस 2019 विषय, संरक्षण, मेजबान देश, कविता, नारे  ( World Environment Day 2019 theme, slogan, Poem, Host Country in hindi) 

मानव और पर्यावरण एक दूसरे पर पूरी तरह से निर्भर करते है. जैसे अगर हमारी जलवायु मे थोड़ा सा भी बदलाव आता है, तो इसका असर तुरंत हमारे शरीर मे देखने को मिलता है. अगर ठंड ज्यादा पड़ती है, तो हमे सर्दी हो जाती है, अगर गर्मी ज्यादा होती है तो वह भी हम सहन नहीं कर पाते. यह तो हुई सिर्फ एक इंसान की बात.

यदि हम यही चीज पूरी मानव जाती से जोडकर देखे तो नुकसान भी बड़ा होगा. कुछ समय पहले हुई त्रासदी जैसे केदार नाथ मे हुई अथाह वर्षा, आसाम की बाड़, आदि इसके उदाहरण है.

Environment day | पर्यावरण दिवस

विश्व पर्यावरण दिवस 2019 कब मनाया जाता है ? (World Environment Day 2019 Date )

हर साल 5 जून से 16 जून (5th June TO 16th June) के बीच यह मनाया जाता है. इन दिनों हर जगह पेड़ पोधे लगाये जाते हैं, और पर्यावरण से सम्बंधित बहुत से कार्य किये जाते हैं. जिसमे 5 जून का विशेष महत्त्व होता है.

सबसे जरूरी बात यह है कि आज हर मनुष्य को अपने स्तर पर पर्यावरण को संतुलित रखने के प्रयास करना चाहिए. क्योकि पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या से मुक्त होना, किसी एक समूह के बस की बात नहीं है. इस समस्या पर काबू किसी नियम या कनून को लागू करके नहीं पाया जा सकता. अगर हर कोई इसके दुषपरिणाम के बारे मे सोचे और अपनी आगे वाली पीढ़ी के बारे मे सोचे तो ही इससे निजात संभव है.

विश्व पर्यावरण दिवस 2019 का विषय (World Environment Day 2019 Theme)

हर साल के विश्व पर्यावरण दिवस को कुछ न कुछ विषय के साथ मनाया जाता है, और यह विषय विशेष रूप से पर्यावरण की किसी एक चिंता पर ध्यान आकर्षित करने के लिए होता है. साल 2019 में यह विषय ‘वायु प्रदूषण’ है. इस साल का यह विषय कारखानों में उपयोग होने वाली मशीनों से निकलने वाले धुएं, गाड़ियों से निकलने वाले धुएं जैसे विभिन्न कारणों से वायु को दूषित होने से रोकने के लिए चुना गया है. साथ ही हम अपने रोजमर्रा के जीवन को कैसे बदल सकते हैं, जिससे कि हम वायु प्रदूषण की मात्रा को कम कर सकें, और ग्लोबल वार्मिंग एवं इससे अपने स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्प्रभावों को कैसे विफल कर सकें. इस पर विशेष ध्यान दिया जायेगा. 

विश्व पर्यावरण दिवस 2018 का विषय (World Environment Day 2018 Theme)

विश्व पर्यावरण दिवस हर साल एक विषय के अनुसार आयोजित किया जाता है, जो विशेष रूप से पर्यावरणीय चिंता पर ध्यान केन्द्रित करता है. इस साल का विश्व पर्यावरण दिवस का विषय “प्लास्टिक प्रदूषण को ख़त्म करना” है. इस साल का यह विषय सरकारों, उद्योगों, समुदायों और व्यक्तियों को एक साथ आने और प्लास्टिक के खतरे से लड़ने के लिए अच्छे विकल्पों का पता लगाने का आग्रह करता है. प्लास्टिक का उपयोग स्वास्थ्य के लिए खतरों से खाली नहीं है, एवं मुख्य रूप से यह समुद्र को दूषित करता है, जोकि जल में रहने वाले जीवों के लिए हानिकारक है. इस साल के विषय को लाने का मुख्य उद्देश्य इससे फैलने वाले प्रदूषण को कम करना है.

 

विश्व पर्यावरण दिवस 2019 का मेजबान देश (World Environment Day 2019 Hosting Country)

विश्व पर्यावरण दिवस को दुनिया भर में पर्यावरण के प्रति लोगों में जगरूकता फ़ैलाने के लिए मनाया जाता है. इसलिए हर साल कोई एक देश इसकी जिम्मेदारी लेता है, और फिर वहां अधिकारिक समारोह आयोजित किया जाता है. मेजबान देश पर ध्यान केन्द्रित करने से पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलती है. इस साल यानि सन 2019 में विश्व पर्यावरण दिवस मनाने के लिए मेजबानी करने वाला देश चीन है. चीन को इस साल विश्व पर्यावरण दिवस के लिए मेजबान देश इसलिए बनाया गया है क्योंकि चीन अपने बढ़ते ग्रीन एनर्जी सेक्टर के साथ एक जलवायु लीडर के रूप में उभरा है. विश्व पर्यावरण दिवस 2019 की मेजबानी करके चीन सरकार अपने इनोवेशन और एक स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में प्रगति करने में सक्षम होगी.     

विश्व पर्यावरण दिवस 2019 को मनाने के लिए कार्यक्रम एवं मनाने का तरीका (World Environment Day 2019 Events and Celebrations)

चीन की सरकार ने मुख्य कार्यक्रम की मेजबानी करने के लिए झेजियांग प्रान्त के हैंगज्होऊ के साथ ही कई शहरों में विश्व पर्यावरण दिवस समारोह कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है. इन कार्यक्रम के माध्यम से चीन द्वारा लोगों को वायु प्रदूषण के कारण होने वाली मृत्यु दर को कम करने और उन्हें अपनी जान बचाने के लिए प्रेरित किया जायेगा.

हर साल वायु प्रदूषण के चलते लोग शुद्ध हवा नहीं ग्रहण करने की वजह से मर रहे हैं. और इस आंकडें में दिन प्रतिदिन वृद्धि होती जा रही है. ऐसे में हर साल विश्व पर्यावरण दिवस सरकारों, उद्योगों और व्यक्तियों से आग्रह करने के लिए मनाया जाता है कि नई ऊर्जा और ग्रीन टेक्नोलॉजीज का पता लगाते हुए दुनिया भर के शहरों और क्षेत्रों में वायु की गुणवत्ता में सुधार किया जायें. और यही हर साल इस दिवस को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य भी होता है.

विश्व पर्यावरण दिवस के कुछ सुविचार (World Environment Day Quotes)

  1. पानी H2O है, जिसमें हाइड्रोजन 2 भाग़ और ऑक्सीजन 1 भाग है, लेकिन इसमें एक तीसरी चीज भी है जो इसे पानी बनाती है और कोई भी नहीं जानता कि वह क्या है.
  2. पृथ्वी हमारी माँ हैं, हमारे द्वारा हमारी माँ को नुकसान पहुँचाने के बावजूद भी वह हमें हमेशा के लिए प्यार करेगी.
  3. पर्यावरणीय रूप से अनुकूल कार, जल्द ही एक विकल्प बन जाएगी और साथ ही वह एक आवश्यकता भी बन जाएगी.
  4. स्पेसशिप अर्थ पर कोई यात्री नहीं है, हम सभी चालक दल हैं.
  5. प्रकृति हमारे लिए चित्रकारी कर रही है, जोकि हर दिन बाद अनंत सौन्दर्य की तस्वीरें दिखाती है.
  6. यह प्रदूषण नहीं जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, यह हमारी हवा और पानी में अशुद्धता है जो इसे कर रही है.
  7. यह हमारा कर्तव्य है कि पर्यावरण की सुंदरता को सुक्षित रखें.
  8. पृथ्वी की एक त्वचा है जिसमे कई बीमारियाँ हैं, इन बिमारियों में से एक को मनुष्य कहा जाता है.
  9. यदि पाषाण युग से सभ्यता बढ़ी है, तो रद्दी कागज के युग से फिर से उभर सकती है.
  10. यह सूर्य नहीं है जो पौधों को मौत के लिए सुखाता है लेकिन वह आदमी है जो धीरे – धीरे पेड़ों को मार देता है.  

विश्व पर्यावरण दिवस पर नारे (World Environment Day Slogan)

  1. ग्लोबल वार्मिंग : हमारे पास एक समाधान है, प्रदूषण रोको.
  2. पर्यावरण बचाओ, जिससे आप अपने जीवन और भविष्य को बचा पाएंगे.
  3. मनुष्य की जरुरत के लिए दुनिया में क्षमता है, लेकिन मनुष्य के लालच के लिए नहीं.
  4. आज शुरू करो… कल सुरक्षित होगा. हमारी जलवायु को साफ करो.
  5. प्रदूषण रोकना सबसे अच्छा समाधान है.
  6. पर्यावरण हमारे लिए एक इनाम है, इसे साफ़ और सुरक्षित रखो.
  7. पर्यावरण सब कुछ है, इसे ख़राब मत करो.
  8. हरियाली को अपनाये, लेकिन बुरी आदतों को छोड़ दें.
  9. खुशनुमा मौसम लाने के लिए मिलकर काम करें.
  10. पौधों का नहीं खाने का उपभोग करो : पेड़ और जंगलों को मत काटो.
  11. पर्यावरण को अपना दुश्मन नहीं दोस्त बनाओं.
  12. पृथ्वी हमारा घर है, और पर्यावरण इसकी छत, दोनों को सुरक्षित रखो.
  13. हरियाली के साथ समझौता मत करो, यह पर्यावरण की आत्मा है.
  14. हरियाली एक प्राकृतिक दृश्य है, इसे हमेशा के लिए बनाये रखें.
  15. पर्यावरणीय स्वास्थ्य के खतरों को रोकने के लिए प्रतिदिन विश्व पर्यावरण दिवस मनाएं, और एक पेड़ लगायें. 

पर्यावरण की परिभाषा / पर्यावरण क्या है ? ( Environment Definition)

साधारण तौर पर सोचे तो पर्यावरण से तात्पर्य हमारे चारो ओर के वातावरण और उसमे निहित तत्वो और उसमे रहने वाले प्राणियों से है. हम अपने चारो ओर उपस्थित वायु, भूमि, जल, पशु पक्षी, पेड़ पौधे आदि को अपने पर्यावरण मे शामिल करते है.

ध्यान रखने योग्य बात यह है कि पर्यावरण (Environment) से तात्पर्य केवल हमारे आस पास के भौतिक पर्यावरण से नहीं है, बल्कि हमारा सामाजिक (social) और व्यवहारिक (cultural) वातावरण भी इसमे शामिल है. मानव के आस पास उपस्थित सोश्ल, कल्चरल, एकोनोमिकल, बायोलॉजिकल, और फ़िज़िकल आदि सभी तत्व जो मानव को प्रभावित करते है, उसके पर्यावरण मे शामिल होते है.

पर्यावरण प्रदुषण के प्रकार
  • जल प्रदुषण
  • थल प्रदुषण
  • वायु प्रदुषण
  • ध्वनी प्रदुषण
पर्यावरण प्रदुषण के कारण
  • कारखानों से निकलने वाला धुँआ
  • नदी-तालाब में गन्दा पानी डालना
  • घर-उद्योग की गन्दगी को खुले में फेंकना
  • तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाना
पर्यावरण रोकने के उपाय
  • जनसँख्या नियंत्रण
  • कारखानों का शहर से दूर होना व चिमनी की ऊंचाई बढ़ाना
  • दो पहिया वाहनों में अच्छा आयल डालें, जिससे वे काला धुँआ न छोड़े
  • वृक्षारोपण अधिक करें
  • कचरा को उसके डब्बे में ही डालें

वायु प्रदूषण क्या होता है ? एवं उसकी जानकारी (What is Air Pollution ? and its Details)

जब वातावरण में यानि वायु में विषाक्त पदार्थ मिल जाते हैं जोकि मानव स्वास्थ्य और समग्र रूप से प्लानेट के लिए हानिकारक होते है तब उसे हम वायु प्रदूषण कहते हैं.

वायु प्रदूषण के कारण (Air Pollution Causes)

वायु प्रदूषण विभिन्न कारणों से होता हैं जोकि इस प्रकार है –

  • घरेलू :- घरेलू वायु प्रदूषण का मुख्य स्त्रोत जीवाश्म ईंधन, लकड़ी और अन्य बायोमास – आधारित ईंधन के माध्यम से खाना पकाना. लगभग 3.8 मिलियन अकाल मृत्यु हर साल घरेलू वायु प्रदूषण के कारण होती है.
  • उद्योग :- कई देशों में ऊर्जा उत्पादन वायु प्रदूषण का एक प्रमुख स्त्रोत हैं. जिसमें कोयला जलाने वाले बिजली संयंत्रों का एक बड़ा योगदान होता है, ऐसे में डीजल जनरेटर जैसे उत्पाद के कारण ऑफ़ – ग्रिड क्षेत्रों में यह एक चिंता बढ़ गई है.
  • परिवहन :- ग्लोबल परिवहन क्षेत्र में लगभग एक चौथाई ऊर्जा कार्बन डाइऑक्साइड की उत्सर्जित होती है, और यह अनुपात लगातार बढ़ता जा रहा है. जिससे इससे होने वाली मृत्यु की दर भी बढ़ती जा रही है.
  • कृषि :- कृषि से संबंधित वायु प्रदूषण के दो प्रमुख स्त्रोत है, पहला पशुधन जो मीथेन और अमोनिया का उत्पादन करते हैं, और दूसरा है कृषि के अपशिष्ट को जलाना. दुनिया भर में उत्सर्जित होने वाली सभी ग्रीन हाउस गैसों का लगभग 24 प्रतिशत कृषि, वन एवं अन्य भूमि के उपयोग में आता है. जिसके कारण वायु प्रदूषण होता है.
  • अपशिष्ट :- खुले में अपशिष्ट का जलना एवं लैंडफिल में आर्गेनिक अपशिष्ट हानिकारक डाइऑक्सिन, फुरान, मीथेन और ब्लैक कार्बन वायुमंडल में उत्सर्जित करते हैं. जिसके कारण वायुमंडल में वायु में इस तरह के विषाक्त पदार्थ मिल जाते हैं. विश्व स्तर पर, अनुमानित 40 प्रतिशत अपशिष्ट खुले तौर पर जलाया जाता है.
  • अन्य स्त्रोत :- वायु प्रदूषण न केवल मानव गतिविधियों के कारण होता है बल्कि कुछ कारण जैसे ज्वालामुखी का फटना, धुल भरी आंधी एवं अन्य प्राकृतिक प्रक्रियाएं भी हैं जोकि इस समस्या का कारण बन सकती हैं. इसमें विशेष रूप से रेत और धुल के कणों का वायु में मिलना है.         

वायु प्रदूषण को कम करने के उपाय (Solutions to Reduce Air Pollution)

  • यदि हम कम गैसोलीन जलाते हैं तो इससे बेहतर वायु प्रदूषण ओर जलवायु परिवर्तन के हानिकारक प्रभावों को कम करने में मदद मिलेगी.
  • परिवहन के लिए अच्छे विकल्प बना सकते हैं जैसे यदि आप पैदल चल सकते हैं तो पैदल चलें, बाइक चलायें या सावर्जनिक परिवहन का उपयोग करें. ड्राइविंग के लिये ऐसी कारों का चयन करें जो प्रति गैलन बेहतर मिल्स प्राप्त करें या आप इलेक्ट्रिक कार का चयन करें तो और भी बेहतर होगा.
  • आप अपने बिजली प्रोवाइडर विकल्प की भी जाँच कर सकते हैं. और यह अनुरोध कर सकते हैं कि आपकी बिजली की आपूर्ति हवा या सौर द्वारा की जाएँ.
  • इसके अलावा आप अपने घर में भोजन पकाने के लिए जीवाश्म ईंधन या लड़की आदि को जलाने के बजाय एलपीजी गैस सिलिंडर या इलेक्ट्रिक गैस यानि इंडक्शन गैस का उपयोग करें जिससे वायु प्रदूषण को रोकना आसान होगा.
  • सबसे महत्वपूर्ण आपके देश में स्वच्छ वायु, पानी और जलवायु परिवर्तन पर जिम्मेदार कदम उठायें जाने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का समर्थन करें.
  • इस सब के साथ ही वायु प्रदूषण से अपने स्वास्थ्य को बचाने के लिए आप इस बात पर ध्यान दें कि जैसे जब भी आप व्यायाम करने जाते हैं तो आप भारी ट्रैफिक वाली सड़कों से दूर रहें. और यदि बाहर का मौसम खराब है तो अपने घर की खिड़कियाँ बंद रखें, और घर के अंदर रहें. सनस्क्रीन लगायें, क्योंकि जब पराबैंगनी किरणें कमजोर ओजोन परत के माध्यम से आती हैं तो यह त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं यहाँ तक कि त्वचा कैंसर का कारण भी बन सकती हैं.

इस तरह से आप वायु प्रदूषण से बचने के लिए ऊपर दिए हुए उपायों को अपना कर खुद को एवं वायुमंडल को स्वच्छ एवं स्वस्थ रख सकते हैं.     

पर्यावरण प्रदूषण के कारण ( Environment Pollution Cause)

देखा जाए तो पर्यावरण प्रदूषण के कई कारण है. हमारे द्वारा की गयी छोटी छोटी बिना सोचे समझे की जाने वाली हरकते पर्यावरण प्रदूषण का कारण हो सकती है. हम यहाँ कुछ मुख्य गतिविधियो पर प्रकाश डाल रहे है.

  • इंडस्ट्रियल एक्टिविटी : इंडस्ट्रियल एक्टिविटी मतलब मानव द्वारा निर्मित इंडस्ट्रीज़ (फैक्ट्री) से निकलने वाले अवशेष हमारे पर्यावरण को प्रदूषित करते है. परंतु यह भी संभव नहीं है कि इस विकास की दौड़ मे हम अपने पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए अपने विकास को नजर अंदाज कर दे. पर हम कुछ बातो का ध्यान रखकर अपने पर्यावरण को ज्यादा हानी से बचा सकते है. कारखानो की चिमनिया ऊची लगवाकर हम वायु प्रदूषण से भी बच कर सकते है और भी कई मानक है जो की कारखानो के लिए तय किए गए है, उन्हे फॉलो करके पर्यावरण प्रदूषण को काफी हद तक काबू किया जा सकता है. परंतु अगर कोई भी लापरवाही यदि किसी कारखाने द्वारा की जाती है तो इसके भयावह परिणाम सामने आते है, भोपाल गैस त्रासदी इसका ही उदाहरण है.
  • वाहनो के धुए से होने वाला प्रदूषण : आज कल घर मे जितने सदस्य होते है, उससे ज्यादा वाहन घर मे उपस्थित रहते है. घर का छोटा बच्चा भी साइकल के अलावा गाड़ी चलाना पसंद करता है. आज कल के जमाने मे अगर कोई पैदल चलता हुआ सड़क पर दिख जाए तो लोग आश्चर्य की दृष्टि से उसे देखते है. सेहत को सही रखने के डर से मॉर्निंग वॉक पर तो लोग जाते है परंतु अगर उन्ही लोगो को यदि पैदल ऑफिस जाने को कहे, तो वे कभी तैयार नहीं होंगे. ऐसे लोगो को मैं कहना चहुंगी कि अपनी सेहत के साथ साथ पर्यावरण की सेहत का ध्यान रखना भी आपका ही कर्तव्य है. अगर आप पैदल नहीं चल सकते तो कम से कम इस बात का तो ध्यान रखे, कि अपने वाहनो मे क्लीन ईंधन का इस्तेमाल करे ताकि कम धुआ निकले और पर्यावरण कम प्रदूषित हो.
  • शहरी कारण और आधुनिकरण : शहरीकरण और आधुनिकरण पर्यावरण प्रदूषण के मुख्य कारण है. मनुष्य का अपनी सुख सुविधाओ की होड मे पर्यावरण को नजर अंदाज करना आम हो गया है. मनुष्य बिना सोचे समझे ही पेड़ो की कटाई कर रहा है. इसका एक उदाहरण मेरे ही शहर मे देखने को मिला, जब यहा उपस्थित अधिकारियों ने शहर को सुंदर बनाने के लिए हरे भरे बगीचे उजाड़ दिये थे और शहर की पहचान बन चुके पेड़ो को बिना सोचे समझे काट दिया. परंतु वे शायद ये भूल जाते है कि हमारा जीवन जीने के लिए आवश्यक वायु इन्ही पेड़ो से मिलती है. छोटे छोटे पेड़ो के साथ साथ बड़े बड़े जंगलो का कटना भी आज कल आम बात है, परंतु जंगलो को काटने वाले भूल जाते ही की जंगलो की कटाई के साथ साथ वे कई जीवो का आवास झीन लेते है.
  • जनसंख्या घनत्व : बढती हुई आबादी भी पर्यावरण प्रदूषण का मुख्य कारण है. जिस देश मे जनसंख्या लगातार बढ रही है, वह रहने खाने की की समस्या भी लगातार बढ़ रही है. और अपनी सुख सुविधाओ के लिए मानव पर्यावरण को कोई महत्त्व नहीं देता, परंतु वह यह भूल जाता है कि बिना पर्यावरण के उसकी सुख सुविधाए कुछ समय के लिए ही है.

पर्यावरण  संरक्षण उपाय (Paryavaran sanrakshan Upay) 

वैसे तो ऐसी कोई तेज़ तकनीक नहीं है, जिससे कि पर्यावरण प्रदूषण पर तुरंत काबू पाया जा सके. परंतु मनुष्य अपने छोटे छोटे प्रयासो से इस समस्या को कम जरूर कर सकता है. यहा हम कुछ बाते बताना चाहेंगे जिनका खयाल रखकर शायद पर्यावरण प्रदूषण पर काबू पाया जा सकता है.

  • आज तक जो कारखाने स्थापित हो चुके है, उन्हे उठाकर कही और शिफ्ट करना तो संभव नहीं है, परंतु अब सरकार को यह ध्यान रखना जरूरी है कि जो नये कारखाने खुले वो शहर से दूर हो. उनके द्वारा किया गया प्रदूषण शहर की जनता को प्रभावित न करे.
  • मनुष्य को जितना हो सके अपने द्वारा किए गए प्रदूषण पर काबू पाना चाहिए, जैसे जहा संभव हो वाहनो का उपयोग कम करे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करके भी इस समस्या को कम करने मे कुछ योगदान किया जा सकता है. हमारे वैज्ञानिको को भी इस हानिकारक धुए पर कैसे काबू पाया जाए, इस दिशा मे विचार करना चाहिए.
  • जंगलो की कटाई पर कड़ी सजा दी जानी चाहिए तथा नये पेड़ो को लगाए जाने वाले व्यक्ति को रिवार्ड देना चाहिए.
  • कारखानो के हानिकारक पदार्थ को रिफ्रेश करके उसे किया जा सकता है, तो ईएसए करना चाहिए.

पर्यावरण पर कविता  (Environment Poem)

पेड़ काटने वाले काट गए
क्या सोचा था एक पल को
वो किसी ,परिंदे का घर उजाड़ गये
क्या सोचा था एक पल को
वो धरती की मजबूत पकड़ उखाड़ गये
कितने ही एकड़ को, वो बंजर बना गए
मौसम का मंजर, एक पल में हिला गये
न करो पर्यावरण का निरादर,
ये धरती का अपमान हैं
हर एक पेड़ पौधा और जिव जंतु,
इस धरती का सम्मान हैं
अगर करोगे खिलवाड़ संतुलन से,
तो भविष्य में सिर्फ गहरा अंधकार हैं

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Sneha

स्नेहा ने पुणे से एमबीए किया हुआ है. दैनिक भास्कर में कुछ समय काम करने के बाद इन्होने दीपावली के लिए फाइनेंस से जुड़े अलग-अलग विषय में लिखना शुरू किया. इसके अलावा इन्हें देश दुनिया के बारे नयी-नयी जानकारी लिखना पसंद है.
Sneha

5 comments

  1. Nice assay
    Covered all the point…

  2. पर्यावरण संबंधी विस्तारीत जानकारी के लिए आपका बहोत बहोत धन्यवाद!!.

  3. भ्रष्टाचार में डूब रहा माना घर हमार
    घाटों पर डूबा नहीं कोई भी लाचार |
    त्रिवेणी में ही दिखा भक्ति -भाव अपार
    हर-हर गंगे का उद्घोष जाये न बेकार|

  4. “पर्यावरण प्रदूषण से मुक्ति मिले”
    सभी दिवस पृथ्वी दिवस मनाएंगे
    वायुमंडल पौद्योगिकी के बारे में बताएँगे |
    समुद्र विज्ञान का इतिहास सिखाएंगे
    संगोष्ठी-काव्यगोष्ठी की कार्यशाला चलाएंगे |
    पौद्योगिकी परिषद में प्रशिक्षण हो
    भारत के इतिहास औ उपलब्धियों को दर्शाएंगे |
    जागरूकता गांव तालुका मुख्यालय पर
    भू- विज्ञान के बारे में ज्ञान और सूचना दिखलायेंगे |
    वायुमंडल शुद्ध हो अनुसंधान और विकास
    पर्यावरण प्रदूषण से मुक्ति मिले ‘मंगल ‘कह जाएंगे ||

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