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गगन नारंग का जीवन परिचय | Gagan Narang Biography In Hindi

Gagan Narang Biography In Hindi गगन नारंग भारतीय राइफल निशानेबाज (Shooter) है. वर्तमान में पूरे विश्व में गगन नारंग सबसे अच्छे भारतीय राइफल निशानेबाजों में से एक है. ये अकेले भारतीय हैं जोकि “लन्दन ओलम्पिक” के लिए क्वालिफाइड हुए थे, और इन्होंने पुरुष 10m एयर राइफल प्रतिस्पर्धा में 701.1 के स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता. गगन जन्म से ही प्रतिभावान थे. गगन जब बहुत ही कम उम्र 2 साल के थे, तब उन्हें अपने लक्ष्य की क्षमता का पता चला. लेकिन इनके कैरियर की शुरुआत सन 2003 में हुए “एशियाई गेम्स” से हुई. गगन नारंग ने अपने अब तक के कैरियर में कई सारे पदक जीते, जिसके चलते इन्हें भारत सरकार द्वारा “पदम्श्री अवार्ड” और “राजीव गाँधी खेल रत्न अवार्ड” भी दिया गया. कई सारी प्रतिस्पर्धा में गगन नारंग ने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीत कर, विश्व के सबसे अच्छे निशानेबाजों में अपना नाम अर्जित करा लिया. सन 2016 में हुए “ग्रीष्मकालीन रियो ओलंपिक” में भी इन्होंने भाग लिया, किन्तु इसमें इनका प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा. भारत के राष्ट्रीय पुरस्कारों के बारे में जानने के लिए पढ़े.

गगन नारंग का जीवन परिचय ( Gagan Narang Biography In Hindi)

गगन नारंग के जीवन परिचय बिन्दुओं को निम्न तालिका में दर्शाया गया है –

क्र.म.      जीवन परिचय बिंदु          जीवन परिचय
1. पूरा नाम गगन भीमसेन नारंग
2. जन्म 6 मई सन 1983
3. जन्म स्थान चेन्नई, तमिलनाडू
4. निवास हैदराबाद, तेलंगाना
5. राष्ट्रीयता भारतीय
6. पिता भीमसेन नारंग
7. माता अमरजीत
8. वजन 97kg
9. कद 5 फुट 11 इंच
10. पेशा राइफल निशानेबाज(shooter)
11. प्रतिस्पर्धा
  • 10m एयर राइफल
  • 50m राइफल प्रोन
  • 50m राइफल 3 पोजीशन

गगन नारंग का सम्पूर्ण जीवन परिचय निम्न बिन्दुओं पर आधारित है –

  • गगन नारंग का जन्म और परिवार
  • गगन नारंग की शिक्षा
  • गगन नारंग का कैरियर
  • गगन नारंग की उपलब्धियाँ

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गगन नारंग का जन्म और परिवार (Gagan Narang Family History) –

गगन नारंग का जन्म 6 मई सन 1983 में तमिलनाडू राज्य के चेन्नई शहर में हुआ. इनके पिता श्री भीमसेन नारंग हैं जोकि “एयर भारत के चीफ मेनेजर” रह चुके हैं और इनकी माता गृहणी हैं. मूल रूप से ये हरियाणा के पानीपत जिले के रहने वाले है, किन्तु इनके पिता की जॉब हैदराबाद में होने के कारण, गगन के जन्म के कुछ सालों बाद ही इनका परिवार हैदराबाद में रहने लगा. गगन की माता गगन की बहुत बड़ी फैन हैं, वे अपने बेटे का प्रदर्शन लाइव देखती है और उनकी जीत के लिए प्रार्थना करती है. वे अपने बेटे का किसी भी प्रकार की परिस्थिति में साथ भी देती है. गगन के पिता गगन से बहुत प्यार करते है, उन्होंने अपने बेटे गगन की प्रतिभा 2 साल की उम्र में ही पहचान ली थी, जब गगन ने अपने लक्ष्य की क्षमता को जान कर एक खिलौने की बन्दूक से गुब्बारे पर निशाना लगाया, और उन्होंने गगन को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित भी किया. इस तरह गगन बचपन से ही बहुत ही अच्छे वातावरण में पले बढ़े हैं.

गगन नारंग की शिक्षा (Gagan Narang Education) –

गगन नारंग की शिक्षा की शुरुआत हैदराबाद के “गीतांजलि सीनियर स्कूल” से हुई, जहाँ उन्होंने अपनी स्कूल की पढ़ाई पूरी की, इसके बाद इन्होंने अपने कॉलेज की पढ़ाई “बैचलर ऑफ़ कंप्यूटर एप्लीकेशन” की “हैदराबाद ओस्मानिया यूनिवर्सिटी” से की. वे निशानेबाजी के लिए तब गए, जब उनके पिता ने उन्हें सन 1997 में एक एयर पिस्तौल उपहार में दी, तब उनकी उम्र सिर्फ 14 साल थी, और बेगुम्पेट (Begumpet) में अपने घर के पीछे ही अपने निशानेबाजी के कौशल को सिध्द किया. इस तरह इनके कैरियर की शरुआत हुई और इसके लिए इनके माता – पिता ने इनका पूरा – पूरा साथ भी दिया.

गगन नारंग का कैरियर (Gagan Narang Career) –

वैसे तो गगन नारंग के कैरियर की शरूआत तभी हो गई जब उनके पिता ने उन्हें सन 1997 में एक एयर पिस्तौल दी थी, किन्तु राष्ट्रीय क्षेत्र में खेलने के लिए इनके कैरियर की शुरुआत सन 2003 में हैदराबाद में हुए “एफ्रो एशियाई गेम्स” से हुई. यहाँ गगन ने पुरुष की 10m एयर राइफल प्रतिस्पर्धा में 26 अक्टूबर सन 2003 को स्वर्ण पदक जीता.

  • सन 2006

सन 2006 में हन्नोवर (Hannover), जर्मनी में एक पूर्व ओलंपिक स्पर्धा में गगन ने एक पेनिस (Panis) एयर राइफल से अधिक गोली मार कर एक विश्व रिकॉर्ड बना दिया. गगन ने 704.3 के अधिकतम स्कोर से सन 2006 में स्पेन के ग्रानाडा में हुए “विश्व कप” में ऑस्ट्रिया के थॉमस फार्निक द्वारा 703.1 के स्कोर से बनाया गया विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया.

इसी साल सन 2006 में ही मेलबोर्न (Melbourne) में हुए “कॉमनवेल्थ गेम्स” में गगन ने अलग – अलग प्रतिस्पर्धाओं में अपने बेहतरीन प्रदर्शन से 4 स्वर्ण पदक जीत कर अपने देश का गौरव बढ़ाया.

  • सन 2008

सन 2008 में पहले गगन ने चीन में हुए “विश्व कप” में अपना अच्छा प्रदर्शन देकर स्वर्ण पदक जीता. इसके पश्चात सन 2008 में ही “ISSF विश्व कप” फाइनल में गगन क्वालीफाई हुए. गगन ने क्वालिफिकेशन राउंड में सबसे अच्छा 600 का स्कोर बनाया. गगन ने अंतिम राउंड में 103.5 का स्कोर कर अपना कुल स्कोर 703.5 का किया और इससे पूरे ब्रम्हांड में अपना एक रिकॉर्ड बना लिया. इसी साल 4 नवंबर सन 2008 में गगन ने, सन 2006 में स्पेन के ग्रानाडा में हुए “विश्व कप” में ऑस्ट्रिया के थॉमस फार्निक द्वारा बनाये गए विश्व रिकॉर्ड को तोड़ा. गगन ने कहा कि- उनकी यह जीत बहुत ही खास है क्योंकि “बराक ओबामा”, जिन्होंने उसी दिन यूनाइटेड स्टेट्स के राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की थी, उनके लिए प्रेरणा के स्त्रोत थे. बराक ओबामा जीवन परिचय यहाँ पढ़ें.

  • सन 2010

गगन नारंग ने सन 2010 में नई दिल्ली में हुए “कॉमनवेल्थ गेम्स” में 4 स्वर्ण पदक जीते. इसके पश्चात पुरुष 10m एयर राइफल एकल प्रतिस्पर्धा में 600 का सबसे बढ़िया स्कोर किया और यह उनका एक नया रिकॉर्ड था.

गगन नारंग ने सन 2010 में ही हुए “एशियाई गेम्स” में रजत पदक भी जीता. चैंपियन चीन के पीछे टीम स्पर्धा में संजीव राजपूत और अभिनव बिंद्रा के साथ मिलकर गगन नारंग ने अपने देश को एक और रजत पदक प्रदान किया. ये दोनों ही रजत पदक उन्होंने “एशियाई गेम्स” के शुरू दिन ही जीते थे.

गगन नारंग इसी साल सन 2010 में कुछ विवादों से भी घिरे थे. गगन ने सार्वजनिक रूप से 3 बार प्रतिष्ठित “राजीव गाँधी खेल रत्न अवार्ड” के लिए नजरअंदाज किये जाने के कारण नाराजगी व्यक्त की थी और उन्होंने प्रेरणा की कमी के कारण सन 2010 “कॉमनवेल्थ गेम्स” को छोड़ने की धमकी भी दी.

  • सन 2012

सन 2012 में “लन्दन ओलंपिक” में गगन नारंग ने 10m एयर राइफल प्रतिस्पर्धा में 701.1 के स्कोर के साथ कांस्य पदक हासिल किया, और सन 2012 के खेलों में भारत के सबसे पहला पदक जितने वाले भारतीय बन गए. गगन सिर्फ रजत पदक विजेता इटली के निच्कोलो कम्प्रिअनि (Niccolo Campriani), जिन्होंने 701.5 का स्कोर किया और स्वर्ण पदक विजेता रोमानिया के एलिन जॉर्ज मोल्दोवेअनु (Alin George Moldoveanu), जिन्होंने 702.1 का स्कोर किया से पीछे रह गए थे. हालांकि गगन रॉयल आर्टिलरी बैरक में पुरुष की 50m राइफल 3 पदों वाली स्पर्धा में फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाए थे.

  • सन 2014

सन 2014 में ग्लासगो (Glasgow) में हुए “कॉमनवेल्थ गेम्स” में गगन नारंग ने 50m राइफल प्रोन स्पर्धा में एक रजत पदक तथा 50m राइफल 3 पदों वाली स्पर्धा में एक कांस्य पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया.

  • सन 2016

सन 2016 में हुए “ग्रीष्मकालीन रियो ओलंपिक” में गगन ने कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया. गगन नारंग 10m एयर राइफल स्पर्धा में 23वीं और 50m राइफल 3 पदों वाली स्पर्धा में 33वीं रैंक पर थे एवं गगन नारंग 50m राइफल प्रोन प्रतिस्पर्धा में 13वीं रैंक में पहुँचकर क्वालीफाई न हो सके, जिससे वे सन 2016 “रियो ओलंपिक” से बाहर हो गये. अन्तराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस का इतिहास यहाँ पढ़ें.

गगन नारंग की उपलब्धियाँ (Gagan Narang Achievements) –

गगन नारंग ने अपने कैरियर में बहुत सी उपलब्धियां हासिल की जोकि इस प्रकार है –

  • ISSF विश्व पदक
क्र.म.   प्रतिस्पर्धा   चैंपियनशिप साल      स्थान पदक
1. 10m एयर राइफल ISSF विश्व निशानेबाज़ी चैंपियनशिप 2010 म्युनिक (Munich) 3 कांस्य
2. 50m राइफल 3 पदों वाली ISSF विश्व कप 2009 चन्गवोन (Changwon) 1 स्वर्ण
3. 10m एयर राइफल ISSF विश्व कप 2009 चन्गवोन (Changwon) 3 कांस्य
4. 10m एयर राइफल ISSF विश्व कप 2008 बैंकाक (Bangkok) 1 स्वर्ण
5. 10m एयर राइफल ISSF विश्व कप फाइनल 2008 बेइजिंग (Beijing) 3 कांस्य
6. 10m एयर राइफल ISSF विश्व कप 2006 गुंग्ज़्हो (Guangzhou) 1 स्वर्ण
  • ग्रीष्मकालीन ओलंपिक
क्र.म.       प्रतिस्पर्धा    साल     स्थान    पदक
1. 10m एयर राइफल 2012 लन्दन कांस्य
  •  कॉमनवेल्थ गेम्स
क्र.म.       प्रतिस्पर्धा साल        स्थान पदक
1. 10m एयर राइफल एकल 2006 मेलबोर्न(Melbourne) स्वर्ण
2. 10 m एयर युगल(pairs) 2006 मेलबोर्न(Melbourne) स्वर्ण
3. 50m राइफल 3 पदों वाली एकल 2006 मेलबोर्न(Melbourne) स्वर्ण
4. 50m राइफल 3 पदों वाली युगल 2006 मेलबोर्न(Melbourne) स्वर्ण
5. 10m एयर राइफल एकल 2010 नई दिल्ली स्वर्ण
6. 10 m एयर युगल(pairs) 2010 नई दिल्ली स्वर्ण
7. 50m राइफल 3 पदों वाली एकल 2010 नई दिल्ली स्वर्ण
8. 50m राइफल 3 पदों वाली युगल 2010 नई दिल्ली स्वर्ण
9. 50m राइफल प्रोन 2014 ग्लासगो(Glasgow) रजत
10. 50m राइफल 3 पदों वाली 2014 ग्लासगो(Glasgow) कांस्य
  • एशियाई गेम्स
क्र.म.         प्रतिस्पर्धा साल       स्थान पदक
1. 10m एयर राइफल एकल 2010 गुंग्ज़्हो(Guangzhou) रजत
2. 10m एयर राइफल युगल(pairs) 2010 गुंग्ज़्हो(Guangzhou) रजत
3. 10m एयर राइफल युगल 2006 दोहा(Doha) कांस्य
4. 50m राइफल 3 पदों वाली एकल 2006 दोहा(Doha) कांस्य
5. 50m राइफल 3 पदों वाली युगल 2006 दोहा(Doha) कांस्य

गगन नारंग को ये सारे पदक जीतने और बेहतर प्रदर्शन देने के लिए भारत सरकार द्वारा सन 2011 में “पदम्श्री अवार्ड” और 2010 में “राजीव गाँधी खेल रत्न अवार्ड” भी दिया गया. इसके पश्चात गगन नारंग को सन 2012 में “लन्दन ओलंपिक” में कांस्य पदक जीतने के उपलक्ष्य में कुछ और पुरस्कारों से भी नवाजा गया जोकि इस प्रकार है –

  • हरियाणा की राज्य सरकार द्वारा 10 मिलियन नगद पुरस्कार दिया गया.
  • आंध्रप्रदेश की राज्य सरकार द्वारा 5 मिलियन नगद पुरस्कार दिया गया.
  • राजस्थान की राज्य सरकार द्वारा 5 मिलियन नगद पुरस्कार दिया गया.
  • भारत की स्टील मिनिस्ट्री द्वारा 2 मिलियन नगद पुरस्कार दिया गया.
  • सहारा भारत परिवार द्वारा 2kg का सोना दिया गया.

इस प्रकार गगन नारंग को उनके कैरियर में बहुत सारी उपलब्धियां मिली. वे आज भी भारत का गौरव बढ़ा रहे है.

Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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