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भारत एचपी व इंडेन एलपीजी गैस कनेक्शन की जानकारी | Bharat HP Indane LPG Gas Connection Registration Complaint booking status check in hindi

LPG (Bharat, HP and Indane) Gas Connection Registration Complaint booking status check in hindi एलपीजी का इस्तेमाल एक प्रदुषण मुक्त समाज के लिये बहुत आवश्यक है. इस सुविधा को जन जन तक पहुँचाने और लोगों को इसके प्रयोग के लिए जागरूक करने का काम सरकार बहुत सजग रूप से कर रही है. सबसे बड़ी बात ये है कि एलपीजी, ईंधन का सबसे सस्ता प्रारूप है. इसे रखने के लिए भी बहुत अधिक जगह की आवश्यकता नहीं होती. भारत सरकार के अंतर्गत कई अलग अलग पेट्रोलियम कम्पनियां है, जो एलपीजी बनाने का काम करती है. इन कंपनियों में इंडेन गैस, एच पी गैस और भारत गैस बहुत अधिक प्रचलित है. ये तीनों कम्पनियां भारत सरकार के अधीन काम करती हैं. इन तीनों कंपनियों के बारे में नीचे पूरी जानकारी दी जा रही है.

भारत ,एचपी व इंडेन एलपीजी गैस कनेक्शन की जानकारी  

Bharat, HP, Indane LPG Gas Connection Registration Complaint booking status check in hindi

Gas Connection

 

गैस कंपनियों का संक्षिप्त इतिहास (Gas companies history)

  • इंडेन गैस (Indane Gas history): सन 1970 में इंडियन आयल ने पहली बार इंडेन के नाम से एलपीजी बनाया. ये आविष्कार एक सजग समाज की पहचान बनी और कई लोगों ने इसका इस्तेमाल करके एक समझदार नागरिक होने का प्रमाण दिया. अभी के समय इंडेन के पास लगभग 6 मिलियन ग्राहक हैं.
  • भारत पेट्रोलियम (Bharat Gas history):: सन 1928 में भारत में स्थित एशियाटिक पेट्रोलियम कंपनी ने बर्मा आयल के साथ मिलकर काम करना शुरू किया. इन दोनों कंपनियों की इस संधि से एक अन्य वितरक कंपनी का निर्माण हुआ, जिसका नाम ‘बर्मा शैल आयल स्टोरेज एंड डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड’ था. कालांतर में 24 जनवरी सन 1976 में इस कंपनी को भारत सरकार ने अपने अधीन कर लिया और भारत पेट्रोलियम की स्थापना हुई.
  • एचपी गैस (HP Gas history): : एच पी गैस का पूरा नाम हिन्दुस्तान पेट्रोलियम है. इसका मुख्यालय महाराष्ट्र के मुंबई में है. सन 1974 में ये कंपनी इ.एस.एस.ओ के साथ निगमित रूप में अस्तित्व में आई, जिसे 1976 में एचसीपीएल के नाम से भारत सरकार ने अपने अधीन कर लिया. सन 1979 में कोसान गैस कंपनी को भी हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के साथ जोड़ दिया गया.

एलपीजी गैस का पंजीकरण (LPG gas registration)

भारत में एलपीजी के सभी ग्राहकों को एलपीजी सुचारू रूप से मिल सके और किसी तरह की कालाबाजारी न हो, इसके लिए सरकार ने ग्राहको को एलपीजी कंपनियों में अपना पंजीकरण कराने की व्यवस्था लागू की. इस पंजीकरण के साथ कई फायदेमंद प्लान भी एलपीजी कंपनियों द्वारा ग्राहकों को दिए जाते है. ये तीनों कंपनिया अपने ग्राहकों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोंनो तरह की सुविधा रखती है. नीचे एक एक करके तीनों कंपनियों के पंजीकरण का विवरण दिया जा रहा है.

 

 ऑनलाइन पंजीकरण (Online gas registration)

इंडेन गैस ऑनलाइन पंजीकरण (Indane LPG gas Online registration): डिजिटल इंडिया और ग्राहकों को जागरूक करने की वजह से ये कंपनी ग्राहको को दो तरह की स्कीम देती है. ये स्कीम है e- SV और SHAHJ. इस दोनों स्कीम में से किसी एक को चुन कर ऑनलाइन आवेदन दिया जा सकता है. कनेक्शन मिल जाने पर इसकी ख़बर ईमेल के ज़रिये भेज दी जाती है. e- SV या इलेक्ट्रॉनिक सब्सक्रिप्शन वाउचर में सिलेंडर की संख्या और प्रेशर रेगुलेटर के सारे विवरण दिए होते हैं.

  • SHAHJ के लिए आवेदन : SHAHJ प्लान के तहत एलपीजी के ग्राहक बनने के लिए सबसे पहले ऑनलाइन kyc फॉर्म भरना होता है. इसके लिए ग्राहक को सबसे पहले इंडेन गैस के वेब पोर्टल के लिए अपना यूजर आई डी बनाना पड़ता है. kyc फॉर्म भरने के बाद ऑनलाइन माध्यम से ही अपने आय का और आवासीय प्रमाण पत्र जमा देना होता है. इसके बाद ईमेल की सहायता से ग्राहक को उसके आवेदन की वस्तु- अवस्था की जानकारी मिलती है.

indane gas

  • e- SV के लिए आवेदन : इसके लिए इंडेन गैस के e- SV पोर्टल पर जा कर ग्राहक को SHAHJ की ही तरह आवेदन देना होता है, और आवश्यक दस्तावेज़ ऑनलाइन अपलोड करने होते हैं.
  • अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर विजिट कर सकते हैं : https://indane.co.in/documents/esv-process.pdf

एच पी गैस ऑनलाइन पंजीकरण (HP LPG gas Online registration): जो लोग एच पी गैस के ग्राहक बनने के इच्छुक हैं, उनके लिए भी भारत सरकार ने एक ख़ास योजना बनायी है. जिसके तहत ग़रीब लोगों को एचपी गैस लेने के लिए सरकारी ऋण भी दी जाती है, ताकि ग़रीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोग भी इसका फायदा उठा सके. ये योजना है प्रधानमंत्री उज्जवला योजना.

  • इस योजना का फायदा उठाने के लिए ग्राहक ऑनलाइन उज्जवला kyc फॉर्म प्राप्त कर सकता है. इसके बाद उसे भर कर सभी kyc दस्तावेजों के साथ जमा कर देना होता है.
  • इस फॉर्म में ग्राहक का नाम, उसकी उम्र, उसका पता, बैंक अकाउंट नंबर आदि देना होता है. इस फॉर्म में ग्राहक को अपने सुविधानुसार सिलिंडर का प्रकार चुनने का विकल्प मिलता है.
  • इस योजना का लाभ 18 वर्ष से अधिक के ग़रीबी रेखा से नीचे रहने वाले भारतीय नागरिक ही उठा सकते है. इस फॉर्म को जमा करते समय ग्राहक को अपने परिवार की आमदनी का विवरण देना होता है.
  • ये योजना तीन वर्ष के लिए लागू की गयी है, जिसके अंतर्गत लगभग 5 करोड़ ग़रीबी रेखा से नीचे के परिवारों को लाभान्वित किया जाएगा. इस तीन साल की योजना के लिए सरकार ने 8000 करोड़ रुपये का बजट बनाया है.
  • उज्जवला योजना का फॉर्म यहाँ से प्राप्त किया जा सकता है : file:///D:/DOWNLOAD/ujjwala-kyc-application-form-hp-gas-in-hindi-version.pdf
  • ग़रीबी रेखा से नीचे के नागरिकों के अतिरिक्त आम नागरिक भी एच पी गैस का ग्राहक मूल औपचारिकता को पूरा करके बन सकते हैं. इस कनेक्शन के साधारण आवेदन kyc दस्तावेज़ों के साथ जमा कर देना होता है.
  • साधरण फॉर्म प्राप्त करने के लिए इस लिंक पर विजिट किया जा सकता है: https://www.hindustanpetroleum.com/documents/pdf/KYC%20pdf

HP gas

भारत गैस का पंजीकरण : भारत गैस के ग्राहक भी भारत सरकार द्वारा दी जा  रही सुविधाकों का लाभ उठा सकते हैं.

  • प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत भारत गैस भी काम करता है. अतः कोई भी नागरिक जो ग़रीबी रेखा से नीचे हो, वे भारत गैस की सुविधा का लाभ उठा सकता है.
  • इसके अतिरिक्त आम नागरिक भारत गैस के वेब पोर्टल के लिए अपना यूजर आईडी बनाकर एक नये कनेक्शन के लिए आवेदन दे सकता है. अन्य गैस कंपनियों की तरह इस गैस के कनेक्शन के लिए भी kyc फॉर्म भरने की ज़रुरत होती है.
  • भारत गैस का ग्राहक बनने के लिए ऑनलाइन kyc फॉर्म यहाँ से प्राप्त किया जा सकता है :

https://my.ebharatgas.com/ebstatic/include/KYCForm.pdf

bharat gas

ऑफलाइन एलपीजी  गैस पंजीकरण (Offline LPG gas registration)

ऑनलाइन न होने पर ग्राहक ऑफलाइन भी वितरक के शोरूम में जाकर नए कनेक्शन के लिए आवेदन दे सकता है. इसके लिए निम्न तरीक़े को अपनाया जा सकता है.

  • सबसे पहले अपने आसपास के सबसे क़रीबी एलपीजी वितरक के शोरूम का पता करें. इसके लिये इंडेन गैस, एचपी गैस या भारत गैस के वेब पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है.
  • यदि ऐसा करने में कोई कठिनाई पेश आती है, तो ग्राहक इंडेन गैस, एचपी गैस या भारत गैस के कस्टमर केयर में फ़ोन करके क़रीबी एलपीजी वितरक का पता लगा सकते है.
  • वहां से आवेदक को आवेदन फॉर्म प्राप्त करने के बाद वितरक द्वारा मांगे गये सभी kyc दस्तावेज़ों को जमा करना होता है.
  • इन दस्तावेज़ों में आवासीय पते का प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र आदि देने होते हैं, इन सबके साथ ग्राहक को अपनी दो तस्वीरें जमा करनी होती है.

एलपीजी कनेक्शन के लिए आवश्यक दस्तावेज़ (LPG connection documents required)

एलपीजी की सुविधा उठाने के लिए ग्राहक को सभी आवश्यक kyc दस्तावेज़ जमा करने होते है. ये दस्तावेज़ प्लान के साथ साथ कुछ बदलते भी हैं. आम एलपीजी कनेक्शन के लिए तीनों ही कंपनी में लगभग सामान दस्तावेज़ ही देने होते हैं. नीचे आवश्यक दस्तावेज़ योजनानुसार दिया जा रहा है.

  • किसी भी सामान्य एलपीजी कनेक्शन (इंडेन, एचपी या भारत गैस) के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, तात्कालिक टेलेफोन बिल, बिजली बिल, बैंक अकाउंट स्टेटमेंट, आवासीय पंजीकरण दस्तावेज़, पासपोर्ट कॉपी, एक सेल्फ डिक्लेरेशन भारत के राजपत्र प्राप्त अफसर से अभिपत्रित करा कर देना अनिवार्य होता है.
  • यदि लाभार्थी प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन लेना चाहता है तो उसे सबसे पहले अपने मूल प्रमाणपत्रों को इकठ्ठा करना होगा. इसके अतिरिक्त उपभोक्ता को बीपीएल राशन कार्ड और अपने परिवार के आय का प्रमाण पत्र भी जमा करना अति आवश्यक है.

उपरोक्त दस्तावेज़ के अतिरिक्त यदि किसी योजना के तहत कुछ ख़ास दस्तावेज़ों की मांग की जाए तो उसे भी उपभोक्ता को जमा करना होता है.

एलपीजी कनेक्शन के लिए पंजीकरण राशि का भुगतान (LPG connection payments)

ग्राहक अपने पंजीकरण राशि तथा कनेक्शन के समय मिल रहे सिलिंडर और रेगुलेटर की जमानत राशि का भुगतान ऑनलाइन अथवा अपने गैस कंपनी के सबसे क़रीबी वितरक के शोरूम में जाकर जमा कर सकते हैं. ऑनलाइन जमा करने के लिए ग्राहक अपनी चुनी हुई एलपीजी कंपनी के वेबपोर्टल पर लॉग इन करके डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड अथवा नेट बैंकिंग की सहायता से भुगतान कर सकते हैं.

एलपीजी कनेक्शन के आवेदन की वस्तुस्थिति की जांच (LPG connection status check)

आवेदन जमा करने के बाद विभिन्न एलपीजी कम्पनियां उसके ग्राहकों द्वारा जमा किये गये सभी दस्तावेजों और फॉर्म की जांच कर सत्यापन करती है. इस सत्यापन के दौरान उन सभी आवेदनों को ख़ारिज किया जाता है जिसे दो दो बार एक तरह के दस्तावेज़ों के इस्तेमाल से जमा किया गया है. इसके बाद सभी चुने गए ग्राहकों की फेहरिस्त तैयार की जाती है और उनके पते के अनुसार उन ग्राहकों के नाम, उनके सबसे पास के वितरक के पास पहुँचा दिये जाते है. इंडेन गैस के ग्राहकों का नाम इंडेन वितरक के पास, एचपी गैस के ग्राहकों का नाम एचपी के वितरक के पास और भारत गैस के ग्राहकों का नाम भारत गैस के वितरकों के पास जाता है. पंजीकरण पूर्ण हो जाने पर ग्राहक को उसके द्वारा जमा की गई ईमेल आईडी अथवा फोन नंबर पर सन्देश चला जाता है.

इसके अतिरिक्त ग्राहक अपने आवेदन की वस्तु स्थिति की जांच अपने गैस कंपनी के वेब पोर्टल पर जाकर अपने यूजर आईडी से लॉग इन करके पता कर सकते हैं.

भारत, एचपी व इंडेन एलपीजी गैस की बुकिंग (LPG gas booking for Bharat, HP and Indane)

भारत, इंडेन और एलपीजी तीनों कम्पनियां एलपीजी बुकिंग की चार सुविधाएँ देती हैं. ये सुविधाएँ हैं ऑनलाइन बुकिंग, एसऍमएस द्वारा बुकिंग, आईवीआरएस कॉल द्वारा बुकिंग और मोबाइल एप्लीकेशन द्वारा बुकिंग. नीचे एक एक करके चारों का विवरण दिया जा रहा है.

  • ऑनलाइन बुकिंग (Online booking): अपने गैस की ऑनलाइन बुकिंग कराने के लिए ग्राहक को सबसे पहले अपनी एलपीजी कंपनी की वेबसाइट पर अपने यूजर आईडी से लॉग इन करना होता है. लॉग इन करने के बाद रिफिल बुकिंग में जाकर एक छोटा सा फॉर्म भरना होता है, जिसमे ग्राहक को अपनी मूल जानकारियां और एलपीजी आईडी देनी होती हैं. आर्डर प्लेस हो जाने पर यूजर आईडी के लिए प्रयोग हुए ईमेल आईडी पर सन्देश मिल जाता है.
  • एसऍमएस द्वारा बुकिंग (SMS booking) : ग्राहक पंजीकरण के समय जिस मोबाइल नंबर को पंजीकृत कराता है उसकी सहायता से भी रिफिल की आर्डर दी जा सकती है. इस्तेमाल किये जा रहे एलपीजी की कंपनी द्वारा जारी क्षेत्रीय आईवीआरसी नंबर पर अपनी मूल जानकारियाँ देकर भेजनी होती है.
  • आईवीआरएस कॉल द्वारा बुकिंग (IVRS booking): आईवीआरसी नंबर पर कॉल करके भी ग्राहक अपनी बुकिंग करवा सकता है. ये सुविधा ग्राहक को तीन भाषाओं में प्राप्त होती है, जिसमे एक भाषा क्षेत्रीय होती है. ग्राहक अपनी सुविधानुसार भाषा का चयन करके कॉल के दौरान माँगी जाने वाली जानकारियां जैसे वितरक का एसटीडी कोड और उपभोक्ता संख्या आदि देना होता है. अलग अलग एलपीजी कंपनियों की आईवीआरसी नंबर अलग अलग होती हैं.
  • मोबाइल एप्लीकेशन द्वारा बुकिंग (Mobile App booking): भारत, इंडेन और एचपी तीनों कंपनियों ने अपने ग्राहकों की सुविधा के लिए मोबाइल एप्लीकेशन का निर्माण किया है, जिसकी सहायता से ग्राहक अपना रिफिल आर्डर अपने स्मार्टफ़ोन से कर सकता है. एप्लीकेशन के बुकिंग विकल्प में जाकर ग्राहक को कंज्यूमर संख्या, वितरक डिटेल और ग्राहक को अपना कांटेक्ट डिटेल देना होता है.
  • वितरक द्वारा बुकिंग (Indane gas booking distributor): ग्राहक अपने सबसे नजदीकी वितरक के पास पहुंचकर भी बुकिंग करवा सकता है. अपने सबसे क़रीबी वितरक के शोरूम में पहुँच कर, वहाँ बुकिंग के दौरान मांगे गए विवरण देने होते है. विवरण मिलने के बाद शो रूम की तरफ से बुकिंग कर दी जाती है.  

इन सब सुविधाओं के अलावा ग्राहक अपने एलपीजी कंपनी के सबसे नजदीकी वितरक के शो रूम में जाकर रिफिल आर्डर दे सकता है.

एलपीजी कनेक्शन का स्थानांतरण (LPG connection transfer process)  

भारत सरकार के अधीन तीनो बड़ी एलपीजी कम्पनियां समस्त भारत में ग्राहकों की सेवा में तत्पर रहती है. ग्राहक यदि एक स्थान को छोड़कर दुसरे स्थान पर जाता है तो कुछ औपचारिकताएं पूरी करके लगातार एलपीजी की सेवा का आनंद उठा सकता है. ग्राहक को इसके लिए इस्तेमाल किये जा रहे एलपीजी के वितरक शोरूम में जाना होता है. विभिन्न प्रकार के स्थानांतरण के लिए विभिन्न प्रकार की औपचारिकतायें हैं.

  • समान वितरक के क्षेत्र में अन्य स्थान पर जाने पर : यदि ग्राहक सामान्य वितकर के ही क्षेत्र में किसी दूसरी जगह रहने जा रहा है तो ग्राहक को वितरक के पास एक आवेदन देना होता है, जिसमे ग्राहक का वर्त्तमान पता और स्थानातरित पता का वर्णन होता है. ग्राहक को नए पते पर स्थानांतरण करवाने के लिए नये पते का आवश्यक प्रमाण पत्र देना होता है.
  • स्थान के साथ यदि वितरक का भी परिवर्तन हो तो : ग्राहक यदि एक ही क्षेत्र में अन्य वितरक के क्षेत्र में जा रहा है तो, सबसे पहले उसे अपने वितरक के शोरूम में जा कर पंजीकरण के समय मिला ‘सब्सक्रिप्शन वाउचर’ जमा करना होता है. इसके बाद एक ‘टर्मिनल वाउचर’ बनाना होता है, जिसमे ग्राहक को नया पता देना होता है. नये पते का प्रमाण पत्र और ‘डोमेस्टिक गैस कंज्यूमर कार्ड’ जमा कर देने पर ग्राहक का एलपीजी कनेक्शन स्थानांतरित हो जाता है. इसके साथ ग्राहक को एक नया ‘डोमेस्टिक गैस कंज्युमर कार्ड’ नये कंज्यूमर नंबर के साथ मिलता है.
  • शहर से बाहर एक अन्य शहर में जाने पर : ग्राहक यदि शहर से बाहर अन्य शहर में जा रहा है, तो ग्राहक को एलपीजी कनेक्शन के समय मिला सब्सक्रिप्शन वाउचर, डोमेस्टिक गैस कंज्युमर कार्ड’, ट्रान्सफर सब्सक्रिप्शन वाउचर और उपकरण जैसे रेगुलेटर, सिलिंडर आदि अपने एलपीजी कंपनी वितरक शोरूम में जमा करना होता है. वितरक इन चीज़ों के सापेक्ष में ग्राहक को एक टर्मिनल वाउचर बना के देता है. साथ ही उपकरणों को लेते समय ग्राहक को उसके द्वारा जमा की गयी जमानत राशि उसे पुनः मिल जाती है. नई जगह पर जाने पर एलपीजी कंपनी के प्रतिनिधि नये कनेक्शन लेने में सहायता करते हैं.

एक एलपीजी कंपनी से दुसरे एलपीजी कंपनी में स्थानांतरण (LPG company transfer)

किसी करणवश यदि ग्राहक अपना एलपीजी कनेक्शन एक कंपनी से दुसरे कंपनी में स्थानांतरित कराना चाहता है तो ये भी मुमकिन है. मसलन यदि ग्राहक एच पी से भारत गैस में कनेक्शन ट्रान्सफर कराना चाहता है तो इसके लिए निम्न बिन्दुओं पर ध्यान दें :

  • सर्वप्रथम भारत गैस द्वारा दिए गये सभी वितरकों में से अपने सबसे नजदीकी वितरक को चुनें.
  • एक ईमेल के ज़रिये ग्राहक को सभी औपचारिक प्रक्रियाओं को निर्देश दे दिया जाता है.
  • पुरानी गैस में इस्तेमाल हो रहे रेगुलेटर और सिलिंडर भारत गैस के नए सिलिंडर के साथ नहीं चल सकते. इस वजह से सभी पुरानी चीज़ें लौटानी होती हैं.
  • एक बार स्थानांतरण का आवेदन मिल जाने पर ग्राहक को इसकी सूचना मिल जाती है. ये सूचना ग्राहक तक एसएमएस अथवा ईमेल के ज़रिये दी जाती है.

ट्रान्सफर रिक्वेस्ट स्थापित हो जाने के जाने के बाद ग्राहक को भारत गैस की तरफ से एक नया सिलिंडर मिल जाता है. इस ट्रान्सफर के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ता.  

एलपीजी कनेक्शन के लिए शिकायतें (LPG gas connection complaint)

सभी एलपीजी कंपनियाँ अपने ग्राहकों की सुविधा के लिए वेब पोर्टल और कस्टमर केयर की सुविधा रखती है. ग्राहक एच पी, इंडेन या भारत गैस के ऑफिसियल वेबपोर्टल पर शिकायत विकल्प पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है. यदि कोई प्रश्न हो तो ग्राहक इन वेब पोर्टलों पर दिए गये ‘फ्रीक्वेंटली आस्कड क्वेश्चन में’ अपना प्रश्न दर्ज कर सकते हैं.

ग्राहक अपने एलपीजी कंपनियों के टोल फ्री नंबर पर कॉल कर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. नीचे तीनों कंपनियों के एक एक टोल फ्री नंबर दिए जा रहे हैं. हालाँकि अलग अलग क्षेत्र के अलग अलग कस्टमर केयर नंबर होते हैं.

इंडेन गैस 1800 233 3555  
भारत गैस 1800 22 4344
एच पी गैस 1800 2333 555

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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