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गीता फोगाट का जीवन परिचय | Geeta Phogat biography in hindi

Geeta Phogat biography in hindi कुश्ती के क्षेत्र में गीता फोगाट आज एक जाना पहचाना नाम बन गई है. यह अपनी मेहनत और लगन से जिस मुकाम पर पहूँची है, वह लाखों लडकियों के लिए एक प्रेरणा बन गई है. गीता फोगाट फ्री स्टाइल कुश्ती कला में भारत के लिए गोल्ड जितने वाली पहली भारतीय महिला बन गई है. वो पहली ऐसी महिला है जो ओलंपिक के ग्रीष्मकालीन खेल में अपनी योग्यता को साबित की. इनके जीवन पर आधारित एक फ़िल्म भी 2016 में आई थी जिसका नाम दंगल था. इस फ़िल्म के नायक आमिर खान थे. दंगल फ़िल्म में उनके बचपन का रोल फातिमा सना शैख़ ने निभाया है और उनके युवा अवस्था को जयरा वासिम ने निभाया है.  

Geeta-Phogat

गीता फोगाट का जीवन परिचय

Geeta Phogat biography in hindi

गीता फोगाट का जन्म एवं शुरूआती जीवन (Geeta Phogat early life)  

गीता फोगाट का जन्म 15 दिसम्बर 1988 को भारत के छोटे से गावं बलाली के भिवानी जिला, हरियाणा में हुआ था. गीता का शुरूआती जीवन संघर्षो से भरा है. जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी कैसे रास्ते बनाये जाते है इसका अच्छा उदहारण गीता फोगाट है. गीता फोगाट अपनी बहनों में सबसे बड़ी है उन्होंने लड़का लडकियों के बीच हो रहे भेदभाव को मिटाने की कोशिश करते हुए पहलवानी के क्षेत्र को चुना और उसमे अच्छा मुकाम बनाया. गीता के पिता कर्णम मलेश्वरी का जीवन परिच से प्रेरित थे. उन्होंने छोटे उम्र से ही उन्हें पहलवानी के दाव पेंच सिखाने लगे और अच्छी तरह वो पहलवानी में प्रशिक्षित हो इसलिए उनके पिता ने उसका स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ़ इण्डिया में दाखिल करा दिया.

गीता फोगाट का पारिवारिक जीवन (Geeta Phogat family members)

गीता को पहलवानी के क्षेत्र में लाने के लिए उनके पिता को बहुत संघर्ष करने पड़े वो जिस गाव में रहते थे, वहा बेटियों को लोग बोझ समझते थे जब गीता के पिता अपनी बेटियों को पहलवानी का प्रशिक्षण देने लगे, तो उनके गाँव के लोगो ने उनका विरोध किया उन्हें उनके विरोध को सहना पड़ा. लेकिन उन्होंने हार न मानते हुए अपनी बेटियों को प्रशिक्षित किया. आज गीता फोगाट का परिवार फोगाट बहनों के नाम से ज्यादा चर्चा में है. वह ऐसे परिवार से है जहा से एक परिवार के 6 सदस्य कुश्ती में है. गीता फोगाट का परिवार एक हिन्दू जाट परिवार है. इनके परिवार में इनके माता पिता के अलावा इनके 6 भाई बहन है. जिसमें इनकी अपनी तीन बहन है बबिता, ऋतू और संगीता तथा प्रियंका फोगाट और विनेश फोगाट इनके चाचा के बच्चे हैं, जिनको गीता के पिता ने ही पाला है.

इनकी माता जी का नाम शोभा कौर है. गीता के पिता का नाम महावीर सिंह फोगाट बायोग्राफी व दंगल फिल्म की कहानी है. उनके पिता भी एक पहलवान थे, साथ ही वो कुश्ती का प्रशिक्षण भी देते है. उन्होंने ही अपने 6 बच्चों को प्रशिक्षण दिया है. गीता के दादा मान सिंह भी पहलवानी करते थे. गीता के पिता महावीर सिंह फोगाट ही उनके कोच भी है. गीता की बहन बबिता और उनके चचेरे भाई विनेश फोगाट भी राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता है. इन दोनों भाई बहन ने 2014 में स्वर्ण पदक जीता. इसके अलावा उनकी छोटी बहन ऋतू फोगाट ने अंतराष्ट्रीय पहलवानी चैम्पियनशिप जो की 2016 में आयोजित हुई थी उसमे स्वर्ण पदक जीता. गीता के भाई दुष्यंत भी पहलवानी करते है.             

गीता फोगाट की शिक्षा (Geeta Phogat education)

इनकी कॉलेज की पढाई एमडीयु रोहतक हरियाणा से हुई है. उनकी प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा भिवानी में ही हुई. पहलवानी में जाने के बाद उनके पास समय ही नहीं बचता था और ना ही शरीर साथ देता था वो पहलवानी से थक जाती थी, जिससे उनकी पढाई पर भी असर पड़ता था.    

गीता फोगाट का करियर (Geeta Phogat career)

इनके करियर की शुरुआत 2009 के कॉमनवेल्थ पहलवानी चैम्पियनशिप से हुई, जो पंजाब के जालंधर में 19 से 21 दिसम्बर 2009 के बीच हुई थी. इस प्रतियोगिता में उनके करियर की शुरुआत स्वर्ण जीत के साथ हुई जो कि अब तक जारी है और वह पहली पहलवान भारतीय महिला बन गई. इसके बाद उनके जीत का सिलसिला चलता ही गया उन्होंने जमाने को झूठा साबित करते हुए दिखा दिया कि लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से पीछे नहीं है. गीता ने नेताजी सुभाष चन्द्र नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्पोर्ट्स जो की पटियाला में है उसके कोच ओ पी यादव से ट्रेनिंग ली.      

गीता फोगाट अवार्ड और उपलब्धियां (Geeta Phogat awards and achievements)

गीता फोगाट ने कई सारे अवार्ड जीते है जिनमे शामिल है                              

  • 2009 का राष्ट्रमंडल कुश्ती चैम्पियनशिप, जिसमे 55 किलो ग्राम भार के पहलवानी में स्वर्ण पदक जीती. यह चैम्पियनशिप जालन्धर में हुआ था.
  • इसके बाद 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों जो दिल्ली में आयोजित हुआ था, उसमे उन्होंने 55 किलो ग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था. इसमें इन्होने ऑस्ट्रेलिया के एमिली बेन्स्तेद को हराया था.
  • 2011 में राष्ट्रमंडल कुश्ती चैम्पियनशिप हुई थी, जोकि लन्दन के मेलबर्न में हुई थी. इसमें गीता ने 56 किलो ग्राम वर्ग की प्रतियोगता में स्वर्ण पदक जीता था.
  • 2012 में विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप के 55 किलो ग्राम भार वर्ग में कास्य पदक जीता था. इसी साल गीता ने एफआईएलए (फिला एशियन ओलम्पिक क्वालिफिकेसन टूर्नामेट) में स्वर्ण पदक जीता. यह प्रतियोगिता 55 किलो ग्राम भार वर्ग की थी जिसको अस्ताना में आयोजित किया गया था. इसके साथ ही 2012 में ही गुमी में एशियन चैम्पियनशिप प्रतियोगिता जोकि 55 किलो ग्राम के भार वर्ग की थी में कास्य पदक जीता था.
  • 2013 में राष्ट्रमंडल पहलवानी चैम्पियनशिप खेलों में रजत पदक जीता था जो कि जोहान्सबर्ग में आयोजित की गई थी. इसमें गीता ने 59 किलो ग्राम भार वर्ग के प्रतियोगिता में भाग लिया था.
  • 2015 में एशियन चैम्पियनशिप प्रतियोगिता का आयोजन दोहा में हुआ था जो कि 58 किलो ग्राम भार वर्ग का था, इस प्रतियोगिता में बबिता ने कास्य पदक प्राप्त किया था. यह प्रतियोगिता लॉस वेगास में हुई थी. बबिता फोगट का जीवन परिचय यहाँ पढ़ें.                   

गीता फोगाट का विवाद (Geeta Phogat controversy with coach)

दंगल फ़िल्म में उनके कोच पी आर सोंधी की कड़ी ट्रेनिग के बारे में जो दिखाया गया है, उस पर उनके कोच ने असहमति जताई थी. उन्होंने कहा की ये सच हो सकता है कि लडकियां दोहरी ट्रेनिंग से खुश नहीं थी, जिसको गीता ने भी बताया की यह पूरी तरह सच नहीं है. उन्होंने कहा की सोंधी हमारे अच्छे कोच रहे है.   

गीता फोगाट का व्यक्तिगत जीवन (Geeta Phogat personal life)

उन्होंने 20 नवम्बर 2016 को पवन कुमार नामक पहलवान से शादी की है. पवन गीता से उम्र में पांच साल छोटे है. वो दिल्ली के पहलवान है. गीता की शादी में 5000 से ज्यादा लोगों ने शिरकत की थी, जिसमे बड़े बड़े नेता से लेकर कुश्ती और फिल्मों से भी जुड़े लोग आये थे. उनकी शादी में आमिर खान भी आये थे. आमिर खान की जीवनी एवं नई फिल्म यहाँ पढ़ें. गीता के बारे में कुछ व्यक्तिगत जानकारी इस प्रकार है-   

नाम गीता फोगाट
व्यवसाय पहलवानी
ऊँचाई 5 फीट 3.5 इंच
वजन 55 किलो ग्राम
आँखों का रंग  काला
बालों का रंग काला
राशि धनु
नागरिकता भारतीय
धर्म हिन्दू
पसंद यात्रा करना और दौड़ना
वैवाहिक स्थिति विवाहित
उम्र 29 साल
पहलवानी की श्रेणी 55 किलो ग्राम

गीता फोगाट के चर्चित बोल (Geeta Phogat statements)

गीता पहलवानी में मशहुर होने के साथ ही जब से उनके संघर्ष की कहानी दंगल द्वारा प्रदर्शित हुई है, उनकी हर एक बात को मीडिया के माध्यम से दिखाया जा रहा है, फिल्मों को लेकर या किसी भी सवाल के बारे में बोले गए वचन निम्न है –

  • हम लोग इस फ़िल्म को लेकर बहुत खुश है और इसके देखने के लिए बेचैन है. हम इस फ़िल्म से भावनात्मक लगाव महसूस कर रहे है.
  • इस फ़िल्म में 99% सच को दिखाया गया है, इस फ़िल्म में हमारे जिंदगी के हर पहलु को दिखया गया है.
  • मेरे पिता इस फ़िल्म को देखने के लिए बहुत बेचैन है वो ये देखना चाहते है कि किस तरह से और किस जूनून के साथ उन्होंने हमे प्रशिक्षित किया है और कठिन दिनचर्या में हमे वो बढ़ते हुए देखना चाहते है.
  • 2010 के नई दिल्ली के कोमन्वेल्थ गेम्स में जीत की उपलब्धि से मै काफी संतुष्ट हूँ क्योंकि यह खेल हमारे अपने लोगों के भीड़ के बीच में हुआ था.
  • यह सब मेरे लिए बहुत आसान नहीं था, मुझ पर विश्वास करे.
  • जब भी मै प्रतियोगिता में उतरती हूँ मै अपनी उँगलियों को क्रॉस्ड कर लेती हूँ, जब तक मै अपनी प्रस्तुति अच्छे से न दे दूँ.
  • जब मै 12 साल की थी तभी मेरे पिता इस खेल में हमे ट्रेनिंग देना शुरू कर दिए जिस वजह से मै अपने बचपन को नहीं जी पाई, लेकिन हम अपनी ट्रेनिग से खुश भी थे बाद में ये हमारा उदेश्य बन गया.      
Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
Ankita

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