Govt Women Business Loan: महिलाएं व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं,इन लोन योजनाओं का लाभ ले सकती हैं

आज हमारे देश में उद्योग के क्षेत्र में स्टार्टअप इंडिया के आंकड़ों के हिसाब से अगर हम बात करें तो कुल मिलाकर केवल 8 मिलियन महिला उद्यमी और वहीं पर 50 मिलियन से भी ज्यादा पुरुष उद्यमी भारतीय उद्योग के क्षेत्र में अपने भविष्य को आजमा रहे हैं। उद्योग व्यापार के क्षेत्र में यह आंकड़े बहुत ही निराशाजनक है। आज हमारे देश की महिलाएं घरों की देखभाल करने के अतिरिक्त अपने स्वयं के व्यवसाय को भी चलाने के लिए सक्षम है। मगर उन्हें स्व व्यवसाय को करने के लिए या तो उनके परिवार वाले मना करते हैं या फिर उनकी आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं होती हैं , कि वह उद्योग के क्षेत्र में अपने भाग्य को आजमा सके। जिस देश में महिला पुरुष समांतर अनुपात में किसी भी कार्य को पूरा करते हैं , तो वह देश तीव्र गति के साथ विकास की ओर अग्रसर होता है। इन्हीं सभी चीजों को भारत सरकार ने ध्यान में रखकर हमारे देश की महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए नौ अलग-अलग प्रकार की व्यापारिक योजनाएं लेकर आई हैं। भारत सरकार के अलावा हमारे देश में कुछ ऐसी बैंक शाखाएं मौजूद हैं , जो महिलाओं को अपने व्यवसाय को शुरू करने के लिए कुछ आर्थिक सहायता प्रदान करती हैं। जिसका लाभ उठाकर आप सभी महिलाएं खुद को सशक्त एवं किसी भी व्यापार को करने में सक्षम हो चुकी है। यदि अभी उद्योग के क्षेत्र में अपने सपने को पूरा करना चाहती हैं , तो भारत सरकार की इन 9 व्यापारिक योजनाओं के बारे में जानने के लिए हमारे इस लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें।

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भारत सरकार की कौन-कौन सी महिला उद्यमियों के लिए योजनाएं लाभकारी है ?

1. अन्नपूर्णा योजना :-

जो महिला उद्यमी खाद्य वस्तुओं को बेचने या बनाने का उद्योग स्थापित करना चाहती हैं , ऐसी महिलाओं के लिए भारत सरकार ने अन्नपूर्णा योजना को 31 अक्टूबर वर्ष 2015 को राजस्थान के जयपुर जिले के बमोरी गांव के स्थान से इसका शुभारंभ किया है। भारत सरकार की इस योजना का लाभ स्टेट बैंक ऑफ मैसूर के माध्यम से सभी प्रकार के खाद्य उद्योग के क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के लिए महिला उद्यमियों को ₹50000 का लोन प्रदान करेगी। योजना के द्वारा प्रदान किए जा रहे इस लोन को मरने के लिए कुल 36 महीनों का समय प्रदान किया जाएगा और इस लोन पर ब्याज मार्केट के ब्याज पर निर्धारित करके लिया जाएगा। भारत सरकार की इस लाभकारी योजना का लाभ उठाने के लिए जरूरतमंद महिला उद्यमी को एक गारंटर की आवश्यकता पड़ेगी तभी जाकर वे सभी इस योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता को प्राप्त कर पाएंगे। इस योजना के माध्यम से सभी महिला उद्यमी खाद्य उद्योग के क्षेत्र में लगने वाले प्रारंभिक वस्तुओं को बड़े ही आसानी से खरीद कर अपना व्यवसाय शुरू कर सकती हैं।

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2. ओरिएंटल महिला विकास योजना :-

जो महिला उद्यमी व्यापार में अपने शेयर को 51% रखती हैं , ऐसी महिलाओं को ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की तरफ से उनके व्यवसाय को एक नए विकास की ओर ले जाने के लिए ₹10      ,00000 से लेकर ₹25,00000 तक का लोन प्रदान किया जाता है। इस लाभकारी योजना का लाभ उठाने के लिए किसी भी महिलाओं को योजना के अंतर्गत लोन को प्राप्त करने के लिए किसी भी प्रकार के गारंटर व्यक्ति की आवश्यकता नहीं पड़ती हैं। इस योजना के अंतर्गत प्राप्त लोन के भुगतान करने के लिए महिलाओं को कुल 7 वर्षों का समय दिया जाता है और सभी महिला उद्यमियों को योजना के अंतर्गत प्राप्त लोन को चुकाने के लिए लगभग 2% ब्याज दर में छूट भी प्रदान की जाती है।

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3 . मुद्रा योजना महिला उद्यमी :-

ऐसी महिलाएं जो लघु उद्योग के क्षेत्र में अपने व्यवसाय को शुरू करना चाहती हैं जैसे कि :- ट्यूशन सेंटर , सिलाई सेंटर या फिर ब्यूटी पार्लर जैसे लघु उद्योग महिलाओं के लिए इस योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता के रूप में आवश्यक लोन प्रदान किया जाता है। इस आर्थिक सहायता लोन को प्राप्त करने के लिए सभी जरूरतमंद महिलाओं को किसी भी प्रकार की गारंटर की जरूरत नहीं पड़ती है। इस योजना के अंतर्गत लोन प्रदान करते समय लाभार्थी महिला को क्रेडिट कार्ड के सामान एक मुद्रा कार्ड प्रदान किया जाता है और यह कार्ड क्रेडिट कार्ड के जैसे ही कार्य करता है।मुद्रा योजना के अंतर्गत महिलाओं को तीन भागों में आर्थिक सहायता लोन को प्रदान किए जाने का प्रावधान है , जो इस प्रकार से मिलती है –

शिशु –

इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी महिला को ₹50000 का लोन प्रदान करने का प्रावधान है।

किशोर –

इस श्रेणी के अंतर्गत लाभार्थी महिलाओं को ₹50000 से लेकर ₹500000 तक का लघु उद्योग लोन प्रदान किए जाने का प्रावधान है। इस श्रेणी के अंतर्गत प्रदान किए जाने वाले आर्थिक सहायता लोन की राशि से सभी लघु उद्योग व्यवसाय के क्षेत्र में विकास करने के लिए ऐसी महिलाओं को आवश्यक सहायता प्राप्त हो जाती है।
तरुण –
इस योजना के अंतर्गत सभी महिला उद्यमियों को उनके व्यवसाय को एक नया विकास प्रदान करने के लिए आर्थिक सहायता के रूप में ₹1000000 का लोन प्रदान किया जाता है।

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4 . भारतीय महिला बैंक व्यवसायिक ऋण :-

भारतीय महिला बैंक अपने इस लाभकारी योजना के माध्यम से सभी प्रकार की महिला उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने के लिए या अपना बिजनेस फैलाने और बिजनेस में मैन्युफैक्चरिंग इंटरप्राइजेज के लिए ₹200000000 तक का बिजनेस लोन प्रदान करने का प्रावधान जारी कर चुकी है। इस योजना के अंतर्गत सभी महिला उद्यमियों को लोन प्राप्त होने के बाद उस पर लिए जाने वाले ब्याज दर में 0.25 % सभी महिला उद्यमियों को छूट प्रदान करने का प्रावधान भी है। सबसे खास बात यह है , कि इसके अंतर्गत लघु उद्योग के लिए गारंटी फंड ट्रस्ट के अंतर्गत ₹10000000 तक के लोन में किसी भी प्रकार के गारंटर व्यक्ति की आवश्यकता नहीं पड़ती हैं।

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5 . देना शक्ति योजन :-

ऐसी उद्यमी महिलाएं जो कृषि विनिर्माण सूक्ष्म ऋण या खुदरा स्टोर या फिर सूक्ष्म उद्योग जैसे क्षेत्रों में अपने व्यवसाय को शुरू करना चाहती है ऐसी सभी महिला उद्यमियों को भारत सरकार द्वारा शुरू की गई देना शक्ति योजना के अंतर्गत सभी लाभार्थी महिला उद्यमियों को उनके व्यवसाय को शुरू करने के लिए अधिकतम 2 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता व्यवसायिक ऋण प्रदान करने का प्रावधान है। इस योजना के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली व्यावसायिक ऋण की राशि को चुकाने के लिए लाभार्थी महिला उद्यमियों को लगभग 0.2 5% के दर के हिसाब से इसकी ब्याज में छूट प्रदान करने का प्रावधान है। इस योजना के अंतर्गत सभी महिला उद्यमी इसकी किस्तों को मासिक रूप में बड़ी ही आसानी से चुका सकती हैं।

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6. उद्योगिनी योजना :-

ऐसी उद्यमी महिलाएं जो अपना व्यवसाय कृषि उतरा और छोटे उद्गम क्षेत्र में पूरी कर चुकी है और जिनकी आयु 18 वर्ष से लेकर 45 वर्ष के मध्य में है, ऐसी सभी उद्यमी महिलाओं को इस योजना के अंतर्गत आवश्यक ऋण प्रदान करने का प्रावधान सुनिश्चित किया गया है। ऐसे उद्यमी महिलाएं , जिनके कुल परिवार की वार्षिक आय ₹45000 है , ऐसी महिलाओं को इस योजना में लाभार्थी बनाया जाएगा और ₹45000 से अधिक आय वाले महिला परिवार की उद्योगिनी को इस योजना के अंतर्गत लाभ प्रदान नहीं किया जाएगा। सभी प्रकार की एससी और एसटी श्रेणियों की विधवा ,निराशत्र या विकलांग महिलाएं जो इस योजना के अंतर्गत ₹100000 का रेड लेती है तो उन्हें लगभग 30% सब्सिडी प्रदान किया जाता है ,इस योजना के ऋण में प्रदान की जा रही सब्सिडी के माध्यम से सभी महिला उद्यमी अपने व्यवसाय के स्टार्टअप को एक नया विकास प्रदान कर सकती है।

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7. सेंट कल्याण योजना :-

ऐसी महिलाएं जो इस प्रकार के व्यवसाय को शुरू कर चुकी है, जैसे कि :- लघु और मध्यम उद्योग स्वरोजगार या कृषि खुदरा व्यापार जैसी उद्योगिनी महिलाओं को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से डीएचएस योजना का लाभ प्रदान करके आवश्यक व्यापार करने के लिए ऋण प्रदान किया जाता है।इस योजना के अंतर्गत उद्यमी महिलाएं ₹100000 तक का ऋण राशि प्राप्त कर सकती हैं और उन्हें इस राशि को प्राप्त करने के लिए किसी भी प्रकार के गारंटर व्यक्ति की आवश्यकता नहीं पड़ती हैं।

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8. महिला उद्यम निधि योजना :-

ऐसी महिलाएं जो आपने लघु उद्योग के क्षेत्र में कुछ प्रमुख व्यवसाय को करना चाहती हैं , जैसे कि :- ब्यूटी पार्लर , डे केयर सेंटर , ऑटो रिक्शा , दोपहिया वाहन इत्यादि जैसे व्यवसाय को शुरू करने के लिए पंजाब नेशनल बैंक के माध्यम से महिला उद्यम निधि योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को ऋण देने का प्रावधान है। महिला उद्यम निधि योजना के अंतर्गत लाभ उठाने वाली सभी उद्यमी महिलाओं को ₹1000000 की आर्थिक सहायता की राशि प्रदान किया जाता है , और इस राशि को वे सभी उद्यमी महिलाएं बड़ी ही आसानी से 10 वर्षों के कार्यकाल में भुगतान कर सकती हैं।

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9. स्त्री शक्ति योजना :-

स्त्री शक्ति योजना के अंतर्गत जो खुद गमी महिलाएं ₹2000000 से अधिक व्यापारिक ऋण को लेती हैं उन्हें इस योजना के अंतर्गत लगभग 0.58% का ब्याज दर में छूट प्रदान किया जाता है । इसके अतिरिक्त इस योजना के अंतर्गत और भी व्यापारीक ऋण को प्राप्त करने के बाद कुछ आवश्यक छूट प्रदान किए जाने का प्रावधान भी है।इस योजना को भारत सरकार एसबीआई बैंक के अनेक शाखाओं के माध्यम से सभी जरूरतमंद उद्योगिनी महिलाओं को व्यापारीक ऋण प्रदान करती है।

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भारत सरकार एवं कुछ ऐसी बैंक शाखाएं हैं , जो इस प्रकार की योजनाओं के माध्यम से सभी महिलाओं को उद्योग के क्षेत्र में अपने सपने को पूरा करने के लिए आवश्यक व्यापारिक ऋण प्रदान करती है। ऐसी सभी योजनाओं के माध्यम से ही आज हमारे भारत में और भी उद्योगिनी महिला अपने व्यापार के सपने को पूरा करने के लिए सक्षम हो चुकी है। इन सभी योजनाओं के माध्यम से आज हमारे देश की योगिनी महिला स्वयं को सशक्त और विकासशील बनाने में सफल रही हैं।

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विभूति अग्रवाल मध्यप्रदेश के छोटे से शहर से है. ये पोस्ट ग्रेजुएट है, जिनको डांस, कुकिंग, घुमने एवम लिखने का शौक है. लिखने की कला को इन्होने अपना प्रोफेशन बनाया और घर बैठे काम करना शुरू किया. ये ज्यादातर कुकिंग, मोटिवेशनल कहानी, करंट अफेयर्स, फेमस लोगों के बारे में लिखती है.
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