गुंजन सक्सेना कारगिल गर्ल का जीवन परिचय | Gunjan Saxena in hindi

गुंजन सक्सेना का जीवन परिचय [Gunjan Saxena “The Kargil Girl” Biography in hindi] [Story, Janhvi Kapoor Biopic Movie, Pilot, Husband]

आज के समय में तो महिलाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना मर्द अपनी शान समझते हैं क्योंकि पहले की तरह नहीं जब औरतों को सिर्फ घर तक ही सीमित रखाS जाता था। खैर ज्यादा समय पुरानी बात तो नहीं है जब महिलाओं को पुरुषों से कम समझाता जाता था लेकिन उस समय में भी कुछ महिलाएं ऐसी थी जिन्होंने अपने काम से आदमियों को अपने नाम का लोहा मनवा दिया। आज हम बात कर रहे हैं गुंजन सक्सेना द कारगिल गर्ल की। शायद आपने कभी इनका नाम कहीं ना कहीं तो सुना ही होगा लेकिन इनके बारे में आप ज्यादा जानते नहीं होंगे तो चलिए आज हम आपको इनके बारे में और उनके जीवन से जुड़ी सभी बातों के बारे में विस्तार से बताते हैं।

Gunjan Saxena Biography in hindi

गुंजन सक्सेना का परिचय (Gunjan Saxena Introduction)

परिचय बिंदु परिचय
पूरा नाम (Full Name) गुंजन सक्सेना
अन्य नाम (Other Name)  कारगिल गर्ल
निक नाम (Nick Name) कारगिल गर्ल
पेशा (Profession) भारतीय विमान पायलट
शैली (Genre) विमान उड़ाना
जन्म (Birth) 4 जून 1975
जन्म स्थान (Birth Place)  भारत
राष्ट्रीयता (Nationality) भारतीय
गृहनगर (Hometown)
जाति (Caste) हिंदू
खाने में पसंद (Food Habit) पोहा
पसंद (Hobbies) जहाज उड़ाना
शैक्षिक योग्यता (Educational Qualification)  ग्रेजुएट
वैवाहिक स्थिति (Marital Status) मैरिड
पति का नाम (Husband Name) नाम ज्ञात नहीं
बेटी (Daughter) प्रज्ञा
प्रेरणा स्त्रोत (Role Model) पिता और भाई
बालों का रंग (Hair Color) गोरा
आँखों का रंग (Eye Color) ब्लैक

कौन है गुंजन सक्सेना?

गुंजन सक्सेना एक ऐसा नाम जो फ्लाइट लेफ्टिनेंट रह चुकी हैं वह भी उस समय में जब कारगिल में युद्ध हुआ था। कारगिल युद्ध की सेलिब्रिटी के नाम से गुंजन सक्सेना को जाना जाता है। उन्होंने सन 1999 में युद्ध क्षेत्र की ओर उड़ान भरने वाली पहली भारतीय महिला के रूप में अपनी पहचान बनाई।

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गुंजन सक्सेना का आरंभिक जीवन

सन 1975 में आर्मी परिवार में पैदा हुई गुंजन सक्सेना का बचपन से आर्मी के प्रति बहुत लगाव था। अपने होम टाउन में ही अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में दाखिला लिया और साथ ही सफदरजंग फ्लाइंग क्लब के साथ जुड़ गई। बचपन से ही उनका सपना वायु सेना के साथ जोड़ना था जिसके लिए उन्होंने सफदरजंग फ्लाइंग क्लब में रहकर आधारभूत बातें सीखने आरंभ कर दी थी। सशस्त्र सीमा बल की पढ़ाई सफलतापूर्वक उन्होंने उत्तरण कर ली उसके बाद एक पायलट के रूप में उन्होंने वायु सेना की ओर रुख किया।

गुंजन सक्सेना का परिवार

उनके परिवार का और उनका सदैव ही भारतीय सेना से जुड़ाव रहा है उनके पिता और उनके भाई दोनों ही भारतीय सेना के जवान रह चुके हैं। उनके जन्म स्थल के बारे में तो ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है यदि बात करो उनके वैवाहिक जीवन की तो उन्होंने एक पायलट के साथ शादी की और आज वह अपनी गृहस्थी को संभाल रही हैं जिसमें उनके पास एक बेटा और एक बेटी भी है।

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गुंजन सक्सेना का करियर

  • उस समय सन 1994 के दौरान 25 महिलाएं ऐसी थी जिन्हें वायु सेना में एक प्रशिक्षित पायलट के रूप में चुना गया था। गुंजन सक्सेना पायलट के रूप में उधमपुर जम्मू और कश्मीर की ओर तैनात थी।
  • देश के प्रति समर्पण की भावना ने उन्हें देश के प्रति कुछ करने की प्रेरणा हमेशा ही दी थी इसलिए वह एक ऐसे अवसर की प्रतीक्षा कर रही थी जहां उन्हें देश के लिए कुछ करने का मौका मिले।
  • उनको वह मौका सन 1999 में मिला जब भारत और पाकिस्तान के बीच कारगिल युद्ध आरंभ हुआ। उस समय उन्हें देश के लिए कुछ करने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ था।
  • कारगिल युद्ध के दौरान वे अकेली नहीं थी उनके साथ श्रीविद्या राजन नामक भारतीय सैनिक भी मौजूद थे, जिन्होंने इस अभियान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
  • इस ऑपरेशन के दौरान गुंजन ने घायल भारतीय सैनिकों के लिए भोजन आपूर्ति और उन्हें प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई।
  • एक महिला के लिए इतनी फुर्ती और किसी भी चीज को लेकर चीते जैसी चाल दिखाना नामुमकिन होता है लेकिन उन्होंने उस नामुमकिन काम को भी मुमकिन कर दिखाया था।
  • इन सब के अलावा भी वह पाकिस्तान की हर स्थिति पर संपूर्ण निगरानी रखा करती थी और अकेले ही वह चीता हेलीकॉप्टर उड़ाया करती थी।
  • भारतीय सैनिकों की सुरक्षा और उनकी प्राथमिक चिकित्सा उनका महत्वपूर्ण कर्तव्य था जिसे उन्होंने बखूबी निभाया।
  • उन्हें पाक पर नजर रखने के लिए जिम्मेदारी दी गई थी जिसके लिए उन्हें पाकिस्तान के बॉर्डर के पास ही अपना एरोप्लेन उठाना पड़ता था।
  • उस उस दौरान एक बार पाक सैनिकों की सतर्कता और उनकी चला कि की वजह से गुंजन पर मिसाइल विमान से उन पर प्रहार किया गया और उसमें साहिल विमान से वह बच गई और पीछे पहाड़ी पर जाकर वह विस्फोट हो गया।
  • उन्होंने इस हमले के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और अपनी उड़ान को सदैव जारी रखा। उनकी इस हिम्मत और जज्बे को भारतीय सैनिक बेहद गर्व से सम्मान करते हुए उन की शौर्य गाथा गाते हैं और उन्हें उनकी इस वीरता के लिए उन्हें शौर्य चक्र वीरता पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है।
  • भारत के इतिहास में वह पहली भारतीय पायलट महिला हैं जिन्हें शौर्य चक्र वीरता पुरस्कार प्रदान किया गया है।
  • यही नहीं उनके कारनामों की वजह से गुंजन को कारगिल गर्ल के नाम से भी जाना जाता है।
  • एक शार्ट सर्विस कमीशन अधिकारी के रूप में उनका कार्यकाल सिर्फ 7 वर्ष का ही था जिसके बाद उनका कार्यकाल समाप्त हो गया और उन्होंने अपने इस पद से सम्मान सहित विदा ली।
  • उसके कुछ समय पश्चात उन्होंने वायु सेना के mi-17 हेलीकॉप्टर पायलट के साथ शादी कर ली।
  • कारगिल के युद्ध के दौरान घायल हुए सभी सैनिकों को चिकित्सा प्रदान करना और उन्हें सही सलामत कैंप तक पहुंचाना गुंजन सक्सेना की एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी थी जो उन्होंने बखूबी निभाई थी।
  • उनके जीवन पर आधारित एक बायोपिक फिल्म जल्द ही बॉलीवुड के बड़े पर्दे पर आने वाली है। इस फिल्म को करण जौहर के निर्देशन में बनाया जाएगा और ऐसा बताया जा रहा है कि जानवी कपूर गुंजन सक्सेना के किरदार में नजर आएंगी।

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गुंजन सक्सेना के जीवन पर बन रही बायोपिक

 बॉलीवुड के बड़े पर्दे पर नवोदित कलाकार शरण शर्मा के निर्देशन में बन रही गुंजन सक्सेना के जीवन पर बायोपिक फिल्म साल 2020 में रिलीज होगी। करण जौहर द्वारा धर्मा प्रोडक्शन के अंतर्गत इस फिल्म का निर्देशन किया जा रहा है। गुंजन सक्सेना के परिणाम भरे जीवन को बड़े पर्दे पर उतारने की पूरी तैयारियां जोरों शोरों से शुरू हो गई है जिसमें जाह्नवी कपूर गुंजन सक्सेना के किरदार में नजर आएंगी और उनके अनुभवी और प्रेरणादायक जीवन को बड़े पर्दे पर बेहतर रूप से प्रदर्शित करेंगे।

 उनके बारे में कुछ रोचक तथ्य

  • कुछ नया करना और किसी नए काम की खोज करना उनका बचपन से ही शौक रहा है जिसके चलते उन्होंने भारतीय सेना के साथ जोड़ना है उचित समझा।
  • अपनी भारत भूमि के प्रति वे हमेशा से ही समर्पण भाव रखते हुए वीरता और साहस दिखाती आई हैं जिसके चलते उन्हें वीरता पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है।
  • उनके जीवन पर उनकी बायोपिक फिल्म बनाई जा रही है जो साल 2019 में ही बड़े पर्दे पर आपको देखने को मिल जाएगी।
  • वर्तमान में गुंजन सक्सेना की उम्र 46 वर्ष है उनकी बच्ची का नाम प्रज्ञा है जिसमें साल 2004 में गुजरात के जामनगर में जन्म लिया।
  • फिलहाल वह अपना साधारण जीवन जीती हैं और गुजरात के जामनगर में ही रहती हैं।
  • पलट के रूप में एक बेहतरीन जीवन बिताते हुए साल 2004 में उनका पायलट का सफर खत्म हो गया और अब वे एक साधारण और सफल ग्रहणी बन चुकी हैं।

कहते हैं महिला जो एक बार ठान लेती है उसे पूरा करके रहती है उसका सबसे बड़ा उदाहरण गुंजन सक्सेना है जिन्होंने अपने जीवन में जो सोचा वह पाया है और अपना नाम भारत देश में रोशन करके दिखाया है। उनके जीवन से हर देश की बेटी को प्रेरणा लेनी चाहिए और सीख लेनी चाहिए कि किस तरह से वे अपने माता-पिता के साथ साथ अपने देश का नाम भी रोशन करके वीरता पुरस्कार जैसे कहीं पुरस्कार प्राप्त कर सकते हैं।

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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