हिलेरी क्लिंटन जीवन परिचय| Hillary Clinton Biography in Hindi

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Hillary Clinton Biography in Hindi हिलेरी क्लिंटन वर्ष 2001 में एक सीनेटर (वरिष्ठ सभा सदस्य) चुनी गई थी उस समय यह ऐसी पहली अमेरिकी महिला थी . इसके बाद वर्ष 2009 में यह पहली महिला सेक्रेट्री ऑफ़ स्टेट चुनी गई जिसमे वह 2013 तक अपनी सेवाये देती रही. 2015 में इन्होने पब्लिकली अनाउन्स किया कि वे अब आने वाले प्रेसिडेंट इलेक्शन में हिस्सा लेंगी. डोनाल्ड ट्रम्प को कड़ी टक्कर देते हुए, हिलेरी को हार का सामना करना पड़ा.

Hillary Clinton

Hillary Clinton Biography in Hindi
हिलेरी क्लिंटन जीवन परिचय

संक्षिप्त परिचय :

हिलेरी क्लिंटन का जन्म 26 अक्टूबर 1947 शिकागो, इलिनोइस में हुआ . इन्होने अपनी लॉ की डिग्री याले यूनिवर्सिटी से पूरी की .इन्होने 1975 में अपने लॉ सहपाठी बिल क्लिंटन से शादी की . वर्ष 1993 से 2001 तक बिल क्लिंटन अमेरिका के प्रेसिडेंट रहे . और हिलेरी क्लिंटन अमेरिका की प्रथम महिला कहलायी . 2007 में हिलेरी क्लिंटन ने प्रेसिडेंट इलेक्शन में हिस्सा लेने की योजना बनाई . 2008 में इन्हें स्पष्ट हो गया था कि बहुमत बराक ओबामा के पास हैं . ओबामा ने अपनी जीत के बाद हिलेरी क्लिंटन को राज्य सचिव (सेक्रेट्री ऑफ़ स्टेट ) नियुक्त किया . इस तरह इन्होने 2009 से 13 तक अपनी सेवाये दी और अब वे अगले प्रेसिडेंट की दौड़ में शामिल हैं .

1पूरा नामहिलेरी डायने रोधम क्लिंटन
2जन्म26 अक्टूबर 1947
3एजुकेशनयेल चाइल्ड स्टडी सेण्टर, वेल्लेस्ले कॉलेज, येल लॉ स्कूल
4कामअमेरिकी प्रथम महिला, सोशल एक्तिविट्स, महिला अधिकार सामाजिक कार्यकर्ता
5हसबेंडबिल क्लिंटन
6पेरेंट्सह्यूग रोधमडोरोथी हॉवेल एम्मा रोधम
7डॉटरचेल्सी विक्टोरिया

पारिवारिक परिचय :

हिलेरी क्लिंटन का पूरा नाम, हिलेरी रोधम डायने हैं यह ह्यूग रोधम और डोरोथी हॉवेल एम्मा रोधम की सबसे बड़ी बेटी हैं इनके दो छोटे भाई ह्यूग जूनियर और एंथोनी हैं . इनके पिता एक समृद्ध कपड़े की दुकान के मालिक थे . यह शुरू से ही सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करती आई हैं .

एक युवा महिला के रूप में हिलेरी  रिपब्लिकन समूहों में बहुत सक्रिय कार्यकर्ता थी . उनके जीवन को दिशा जब मिली जब उन्होंने रेवरेंड मार्टिन लूथर किंग जूनियर के शिकागो के भाषण को सुना . उससे सुनने के बाद 1964 में वह सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रेरित हुई जिसके बाद उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के प्रेसिडेंट पद के उम्मीदवार बैरी गोल्डवाटर के लिए अभियान चलाया है, और 1968 में एक डेमोक्रेट बन गई .

एजुकेशन एंड करियर

हिलेरी ने वेल्लेस्ली कॉलेज में दाखिला लिया वही से उनकी लीडरशिप क्वालिटी सामने आने लगी 1969 में अपने ग्रेजुएशन के पहले ही इन्होने सीनियर क्लास प्रेसिडेंट का इलेक्शन लड़ा . लॉ के लिए येल यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया और 1973 में अपनी लॉ की डिग्री कम्पलीट की . इसके बाद इन्होने येल चाइल्ड सेण्टर में दाखिला लिया और अपना पोस्ट ग्रेजुएशन चाइल्ड एंड मेडिसिन में कम्पलीट किया .

हिलेरी ने एक कॉलेज के छात्र के रूप  में कई जॉब किये. 1971 में वह पहली बार प्रवासी मजदूरों पर अमेरिकी सीनेटर वाल्टर मोंडेल के उप-समिति पर काम करने के लिए वाशिंगटन डीसी गई. 1972 में इन्होने डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रेसिडेंट पद के उम्मीदवार जॉर्ज मेकगवर्न के अभियान के लिए पश्चिमी राज्यों में काम किया.

रिचर्ड एम निक्सन के इस्तीफा देने के बाद ये येल लॉ यूनिवर्सिटी में फेकल्टी के तौर पर कार्यरत रही . जहाँ बिल क्लिंटन जो कि हिलेरी के बॉय फ्रेंड थे वो भी पढ़ा रहे थे .

मैरिज :

हिलेरी और बिल ने 11 अक्टूबर 1975 फयेत्टविल में एक दुसरे से शादी की . बिल ने हिलेरी को प्रपोज करने से पहले ही एक घर खरीद लिया था ताकि वे हिलेरी को तौहफा दे सके . हिलेरी भी बिल से बहुत प्यार करती थी इसलिए उनके शादी के पूछते ही दोनों से शादी कर ली . वर्ष 27 फरवरी  1980 में इनके यहाँ बेटी चेल्सी विक्टोरिया ने जन्म लिया .

1976 में हिलेरी ने राष्ट्रपति पद के लिए जिमी कार्टर के सफल अभियान पर काम किया, उस वक्त पति बिल अटार्नी जनरल के पद पर नियुक्त थे. बिल क्लिंटन 32 की आयु में 1978 में गवर्नर चुने गए थे. 1980 में इन्होने चुनाव हारा लेकिन फिर से जीत कर 1982 से 90 तक पद संभाला.

1977 में हिलेरी ने रोज लॉ फर्म ज्वाइन किया. इसके साथ ही वह प्रेसिडेंट जिमी के द्वारा विधिक सेवा निगम आंशिक अध्यक्ष बनाई गई. राज्य की प्रथम महिला के रूप में इन्होने 1979-1981, 1983-1992 में बच्चो और परिवारों के लिए एक संस्था अर्कांसस एजुकेशनल स्टैंडर्ड्स कमिटी की स्थापना की और इसके कई महत्वपूर्ण पदों को संभाला.

1988 में इन्हें अमेरिका के सो सफल एडवोकेट के रूप में पहचान मिली.

देश की प्रथम महिला के रूप में ;

1992 में बिल क्लिंटन के प्रेसिडेंट पद के उम्मीदवार के रूप में हिलेरी ने उनका बहुत साथ दिया. बिल क्लिंटन ने प्रेसिडेंट के रूप में 1993 में हिलेरी को नेशनल हेल्थ रिफार्म का मुखिया बनाने के लिए नाम दिया. इस अवधि के दौरान हिलेरी और क्लिंटन ने व्हाइटवॉटर अचल संपत्ति परियोजना में निवेश किया जो कि 73,000,000 की लागत से असफल रहा, बाद में  व्हाइटवॉटर कांग्रेस की सुनवाई एवम एक स्वतंत्र वकील जांच का विषय बन गया .

आरोपों का दौर

1998 में वाइटहाउस पर कई संगीन आरोप लगे. पति क्लिंटन देश विदेश में सुर्ख़ियों में छाये रहे, उन पर मोनिका लेविंस्की सेक्स स्कैंडल का आरोप था. लेकिन ऐसे गंभीर समय में भी हिलेरी ने अपने पति का साथ दिया. कहा जाता हैं उस समय उन्होंने तलाक का मन बना लिया था, फिर भी विकट समय से पति को बाहर निकाला .

खुद का राजनैतिक सफ़र ;

हिलेरी ने अपने पति पर गंभीर आरोपों के बावजूद वर्ष 2006 में अमेरिकी सीनेट के लिये निर्वाचित हुई और पहली महिला निर्वाचित सदस्य बनी. 2007 में पहली बार इन्होने प्रेसिडेंट पद के लिए लड़ने की घोषणा की लेकिन 2008 में यह स्पष्ट हो गया कि बहुमत बराक ओमाबा के हिस्से में हैं.

अमेरिकी राज्य सचिव

प्रसीडेंट इलेक्शन जीतने के बाद बराक ओबामा ने हिलेरी को अमेरिकी राज्य सचिव के रूप में नियुक्त किया, जिसके लिए इन्होने 21 जनवरी 2009 में शपथ ली. इस पद पर भी हिलेरी ने काबिले तारीफ कार्य किये. अपने कार्यकाल के दौरान यह हमेशा महिलाओं के अधिकारों और मानवाधिकारों को लेकर चर्चा में बनी रही. यह सबसे अधिक घुमने वाले अमेरिकी सीनेटर बनी, इन्होने देश की स्थिती को स्पष्ट करने के लिए सोशल मिडिया का उपयोग किया . इन्होने लीबिया और अरब स्प्रिंग के संबंधो के बीच कूटनीतिज्ञ बातचीत का नेतृत्व भी किया .

हिलेरी की लीडरशिप में 11 सितम्बर 2012 को बांघज़ी लीबिया ने  अमेरिका के राजदूत क्रिस्टोफर स्टीवंस और तीन अन्य लोगों को मार डाला . इस मामले में जाँच की गई और लीडरशिप की कमी को जिम्मेदार ठहराया गया . इस सभी आरोपों को लेकर हिलेरी ने अपने आपको इस हमले के लिए जिम्मेदार पाया और इसकी भारी दिल से जिम्मेदारी भी ली और अमेरिकी जनता के सामने 1 फरवरी 2013 को इस्तीफा दे दिया .

2016 राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार के रूप में :

बहुत सारी परेशानियों के बाद स्वयं को हर एक आरोपों से बरी करवाने के बाद हिलेरी क्लिंटन ने 12 अप्रैल 2015 में अपने आपको 2016 के प्रेसिडेंट इलेक्शन की दौड़ में शामिल किया . क्लिंटन के अभियान अध्यक्ष जॉन डी ने अधिकारिक तौर पर इमेल के जरिये यह घोषणा की .

हिलेरी क्लिंटन ने अपने शुरुवाती जीवन से आज तक अपने देश के लिए बहुत कुछ किया इनमे बहुत अच्छी लीडरशिप क्वालिटी हैं.

हिलेरी के अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव हारने का कारण – 

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए जब से हिलेरी का नाम सामने आया था, तब से वे सुर्ख़ियों में रहीं है. उन्हें डोनाल्ड से ज्यादा प्रसिध्य माना जा रहा था. अभी भी वोटों की बात की जाये तो हिलेरी को डोनाल्ड के मुकाबले अधिक पोपुलर वोट मिले है. दोनों के बीच में लगभग 2 लाख 19 हजार के आस पास का अंतर था. अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार को 270 इलेक्टोरल वोट्स चाहिए होते है. डोनाल्ड ने 290 इलेक्टोरल वोट्स हासिल किये जबकि हिलेरी को 228 ही मिले. हिलेरी को अमेरिका की जनता ने तो वोट देकर चुना, लेकिन इलेक्टोरल वोट्स देने वाले ऊँचे पद पर बैठे लोगों ने हिलेरी की जगह डोनाल्ड को चुना. अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है? ये जानने के लिए यहाँ पढ़ें. इसके पीछे कुछ कारण बताये जा रहे है –

  • कुछ लोगों का मानना है कि हिलेरी एक औरत है, यह एक बड़ी वजह है कि लोग नहीं चाहते थे हिलेरी सत्ता में आये. एक सर्वे के अनुसार अमेरिका में बहुत सा पुरुष वर्ग ऐसा है जो एक महिला की सत्ता के अंदर रहकर काम नहीं करना चाहता है. ये उनकी हार की एक बड़ी वजह मानी जा रही है.
  • हिलेरी का चुनाव प्रचार, डोनाल्ड के मुकाबले फीका रहा. डोनाल्ड ने चुनाव के समय स्लोगन दिया था ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’. ये उनकी जीत की बहुत बड़ी वजह बनी. चुनाव जीतने के लिए, सही चुनाव प्रचार बहुत जरुरी होता है. हिलेरी ने ऐसा कोई स्लोगन नहीं दिया था, जो उनकी हार की वजह बनी.
  • हिलेरी का पूरा चुनाव प्रचार पुराने तरीके का था. ट्रम्प ने आधुनिक प्रचार का सहारा लिया, उन्होंने इसके लिए सोशल मीडिया को चुना. ट्रम्प ट्विटर पर काफी एक्टिव रहे, लोगों से डायरेक्ट बात करते नजर आये. जिससे कुछ ही समय में उनके बहुत से अनुयायी हो गए. डोनाल्ड प्रचार के समय अपने बारे में बड़े अच्छे ढंग से बताते थे, वे अपनी कमियों को भी बताते और उसे पीछे छोड़ नए तरीके से काम करने का वादा करते. इसके विपरीत हिलेरी अपने भाषण में अपने आपको बचाते हुए चलती, ताकि कोई उनके खिलाफ कुछ बोल न सके.
  • कहते है हिलेरी ओबामा की तरह ही है. हिलेरी अगर जीत जाती तो एक ही पार्टी लगातर तीन बार जीत जाती. अमेरिका में ऐसे कईलोग है जो इस बार ओबामा से हट कर नया नेता लाना चाहते थे. डोनाल्ड के जीतने के बाद उम्मीद लगाई जा रही है कि वे ओबामा के बहुत फैसले बदल सकते है.
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