Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
ताज़ा खबर

हिप हिप हुर्रे ज़ी टीवी सीरियल | Hip Hip Hurray Zee TV Serial in hindi

Hip Hip Hurray Zee TV Serial in hindi 90 दशक के अंत में जी टीवी पर एक ऐसी धारावाहिक या सीरियल मंज़रे-आम पर आई, जिसने स्कूल में पढने वाले बच्चों से लेकर लगभग हर उम्र के दर्शकों का मनोरंजन किया. इस सीरियल की कहानियाँ और भूखंड “टीन-ऐज” के किरदारों के इर्द-गिर्द रचे गये थे. निर्देशक ने इस सीरियल के लिए इंसान की उम्र का वह पड़ाव चुना, जहाँ पर लग-भग हर आदमी अपने आगामी जीवन के लिए उत्साहित, चिंतित और परेशान भी रहता है. इस सीरियल में कई लोगों की भूमिका थी, क्योंकि ये किसी एक चरित्र पर केन्द्रित कहानी नहीं थी. जिस वजह से इसमें कई किरदार अपनी – कहानी में अपने-अपने हिस्से लिए नज़र आते थे.

Hip hip hurray

हिप हिप हुर्रे ज़ी टीवी सीरियल

Hip Hip Hurray Zee TV Serial in hindi

हिप हिप हुर्रे सीरियल (Hip Hip Hurray serial)

नुपुर आस्थाना ने इस सीरियल में डी.नोबेली हाई स्कूल के बारहवीं के विद्यार्थियों की ज़िन्दगी के सफरनामे को दिखाने की कोशिश की . उनके डर, उनकी उमीदें, उनके रिश्ते, दोस्ती पसंद-नापसंद सब कुछ. इसके अलावा इस सीरियल में इस उम्र में होने वाले इश्क़, ड्रग्स, करियर, स्वास्थ आदि मरहलों पर भी बड़े आसान लहजे में बातें रखी गयीं. दरअसल इस उम्र में सभी लड़के-लड़कियों की ग़लतियाँ, मनोदशा, डर आदि लगभग एक सा ही होता हैं जिसके सभी पहलुओं को इस सीरियल में उजागर करते हुए उनका हल भी दिखाने की कोशिश की गयी.

शुरूआती एपिसोड्स में नयी पीढ़ी के किरदारों की स्कूली ज़िन्दगी की कहानी अधिक दिखाई गयी, जिसका एक मुख कारण चरित्र स्थापन भी हो सकता है. आगे की कहानियों मे एक युवा की ज़िन्दगी के वे सारे सवाल उठाये गए, जो दोस्तों से मिलने पर, अच्छे-बुरे संगतों से एक लड़के या लड़की के अन्दर पनपते है. इन एपिसोड्स में वे सारी घटनाएँ मौजूद थी जो अक्सर एक स्कूली जीवन में होती हैं. कैसे कोई अनजान विद्यार्थी बहुत जल्द किसी दुसरे विद्यार्थी का दोस्त बन जाता है. किस बात पर बचपन का दोस्त रूठ कर बैठता है. कैसे तरह-तरह की ग़लतफ़हमियाँ एक नए युवा या युवती के दिमाग में घर करने लगती हैं. कैसे एक लड़का अपने माता पिता से ट्यूशन के बहाने से अपने दोस्तों के साथ अपनी मन-पसंद जगहों पर जाता है.

हिप हिप हुर्रे सीरियल की कास्ट (Hip Hip Hurray serial cast)

सीरियल में मोना, बेला, राघव, मीरा, सायरस, मजहर, अलीशा, मेहुल , समंथा, किरण आदि नामों के किरदार नज़र आते हैं. इसमें मोना की भूमिका नीलांजना शर्मा, बेला की पामेला मुख़र्जी, राघव की रुषद राणा, साइरस के लिए शाहरुख़ बरुचा, मजहर के किरदार में पूरब कोहली, अलीशा – कैंडिडा फ़र्नान्डिस, समंथा त्रेमायने-समंथा और प्रिय रे चौधरी किरण के रूप में नज़र आयीं. इस सभी के अतिरिक्त भी कई किरदार उस धारावाहिक में मौजूद थे.

हिप हिप हुर्रे सीरियल के सीजन और एपिसोड्स (Hip Hip Hurray serial episodes)

 हिप हिप हुर्रे अपने आप में एक बहुत अनोखी सीरियल होने वाली थी. इसमें जीवन के उन कहानियों को दिखाया जाना था जहाँ शायद मानुष ख़ुद को हर पर नया ,साहसी और ऊर्जावान समझता है. इस दौरान कई मुश्किलें पेश आती हैं जो कोई न कोई सबक़ सिखा के जाती हैं. बात अगर शुरूआती एपिसोड्स कि की जाए तो उसमे वो कहानी बयां की गयी जो आये दिन कई लोगों की ज़िन्दगी में घटती है. पैसे के अभाव में एक बड़े स्कूल से एक मिडिल क्लास स्कूल में आने का ग़म स्कूली दिनों का सबसे बड़ा ग़म होता है. पहले एपिसोड में एक लड़की अलीशा की कहानी दिखाई जाती है जिसमे वो वाइटहॉल बोर्डिंग स्कूल से डे.नोबेली स्कूल में 12 वीं क्लास में आती है. वो अपने चाल-चलन में एक बड़प्पन का भाव रखती है जो उसे बाकियों की नज़र में घमंडी बना देता है. ये बड़प्पन उसके मन में व्हाइटहॉल की स्टूडेंट होने की वजह से होता है. स्कूल के दुसरे विद्यार्थी इस पर उसे चिढाने लगते हैं और तरह तरह के नाम देने लगते हैं. इन घटनाओं से तंग आकर वो अपनी पिता से इस बात की नाराज़गी व्यक्त करती कि उसका तबादला इस स्कूल में क्यों करा दिया गया. अंततः वह स्कूल छोड़ने का फैसला कर लेती है.

इस घटना को आगे बढ़ाते हुए वो ऐसे काम करने लगती है जिसकी वजह से उसे स्कूल से निकाल दिया जाए. वो कभी कभी केमिस्ट्री लैब में टेस्ट ट्यूब तोड़ देती है और कभी हिंदी पेपर पर निबंध की जगह बहियाद बातें लिख देती है. इसी बीच वो किरण का साइंस मॉडल तोड़ देती है. इन सब से काम न बनने पर वो मैथ्स के पेपर्स पर स्याही गिरा देती है जो उसके मैथ्स टीचर यादव सर को गुस्सा दिलाने के लिए काफ़ी होता है. इन हरक़तों से तंग आकर अलीशा के माता-पिता को स्कूल में बुलाकर स्कूल के प्रिंसिपल अलीशा की शिकायत करते हैं. जहाँ उसे व्हाइटहॉल बोर्डिंग हाई स्कूल से यहाँ आने की वजह का पता चलता है. उसके पिता बताते हैं कि आर्थिक परिस्थिति से मजबूर होकर उसके पिता ने उसे यहाँ भारती किया है. ये सुन कर अलीशा को अपने किये पर बहुत पछतावा होता है.

इस तरह इसमें कई ऐसी कहानियाँ दिखाई जाती थीं जो आम ज़िन्दगी से ही प्रभावित हो..

इसके लगभग 15 साल बाद ये सीरियल 2016 में यूट्यूब पर वेब सीरीज के रूप में मौजूद होने लगा. टीवी दुनिया के तेवर पिछले दशक से काफ़ी बदल गये हैं. भावनाओं से अधिक मिर्च मसालों पर ध्यान दिया जाने लगा है. जिस वजह से ऐसे सीधे सरल और भावनात्मक सीरियल के लिए कोई बैनर मिलना मुश्किल हो गया है. डिजिटल प्लेटफार्म एक प्राइवेट जगह है, जहाँ टेलीविज़न से कहीं अधिक आजादी मिलती हैं. मन मुताबिक़ कहानियाँ बनाने की बहुत हद तक छुट मिलती है. इस तरह लेखक को सेंसरशिप की जगह शो पर अधिक ध्यान देने का मौक़ा मिलता है. इस प्लेटफार्म का फायदा उठाते हुए पंद्रह साल बाद नये चेहरों और कहानियों के साथ फिर से एकबार 2016 में ‘हिप हिप हुर्रे’ सीरियल वेब सीरीज के रूप में मंज़रे-आम पर आया. वो लोग, जिन्होंने इसे अपने बड़े होते हुए वक़्त में देखा था उनकी बचपन की यादें अचानक ताज़ा हो गयीं. नये चेहरों में श्वेता साल्वे शब्बीर अहलुवालिया, किश्वर मर्चेंट, मिशल मल्होत्रा आदि नज़र आये. पुरानी सीरियल के पूरब कोहली भी इस सीरियल के इस नए अवतार में अपने जलवे बिखेरते नज़र आये..

हिप हिप हुर्रे टीवी सीरियल की मुख्य जानकारी (Hip Hip Hurray Indian serial)

सीरियल का नाम हिप हिप हुर्रे
भाषा हिंदी
जेनर टीन ड्रामा
रचनाकार और निर्देशक नुपुर अस्थाना
निर्देशक रोनी स्क्रूवाला ,ज़रीना मेहता, देवेन खोटे
टाइटल संगीत हेमा सरदेसाई और केके
सीजन 2
समय सीमा प्रति एपिसोड 24 मिनट
टेलीकास्ट की पहली तारीख़ 21 अगस्त 1998
टेलीकास्ट की आखिरी तारीख़ 25 मई 2008

अन्य पढ़ें –

 

Ankita

Ankita

अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
Ankita

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *