हाइड्रोजन फ्यूल क्या है (Hydrogen Fuel Car in Hindi)

हाइड्रोजन फ्यूल क्या है, सेल, कैसे बनता है, कार, व्हीकल, वाहन, प्राइस, लाभ, हानि, क्या पेट्रोल-डीजल की जगह ले सकता है (Hydrogen Fuel Car in Hindi) (Car, Cell, Price, Vehicles, Benefit)

हमारे देश की सरकार ने साल 2021-22 के बजट के दौरान तकरीबन 800 करोड़ रुपए हाइड्रोजन एनर्जी मिशन के लिए जारी करने की घोषणा की थी। इस मिशन के तहत ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल के उत्पादन को बढ़ाना था जिससे कि सस्ता ईंधन बनाया जा सके। बता दें कि अभी हाल ही में नितिन गडकरी हाइड्रोजन फ्यूल से चलने वाली कार से संसद पहुंचे थे। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल जरूर आ रहा है कि क्या आने वाले टाइम में हाइड्रोजन फ्यूल पेट्रोल और डीजल का स्थान ले लेगा? क्या अब सभी वाहन हाइड्रोजन फ्यूल से ही चलेंगे? इन सब सवालों के जवाब पाने के लिए जरूरी है कि आप हाइड्रोजन फ्यूल से संबंधित सारी जानकारी हासिल करें। आपको यह पता होना चाहिए कि आखिर हाइड्रोजन फ्यूल क्या है और यह किस तरह काम करता है। सभी बातों को विस्तार से जानने के लिए हमारे आज के इस लेख को सारा पढ़ें और जानें सभी महत्वपूर्ण बातें।

hydrogen fuel kya hai in hindi

हाइड्रोजन फ्यूल (Hydrogen Fuel in Hindi)

नामहाइड्रोजन फ्यूल
पूरा नामग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल
कैसे बनाया जाता हैपानी से
मिशन के लिए बजट राशि800 करोड़ रुपए
फायदासस्ता और प्रदूषण रहित ईंधन
नुकसानहल्का होता है जिसकी वजह से आग बहुत तेजी से पकड़ता है
कैसे इस्तेमाल होगाईंधन के रूप में बस, कार, हवाई जहाज, ट्रेन, बड़े-बड़े प्लांट और फैक्ट्रियां

हाइड्रोजन फ्यूल क्या है (What is Hydrogen Fuel)

सबसे पहले आपको हम जानकारी के लिए बता दें कि हाइड्रोजन फ्यूल एक ऐसा एनर्जी सोर्स है जिससे सस्ता ईंधन प्राप्त किया जा सकता है। इसे ग्रीन हाइड्रोजन के नाम से भी जाना जाता है। आपको बता दें कि पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं तो ऐसे में हाइड्रोजन फ्यूल अच्छा एनर्जी सोर्स है जिसके जरिए प्लेन, कार, फैक्ट्री और बड़े-बड़े प्लांट्स चलाए जा सकते हैं।

हाइड्रोजन फ्यूल कैसे बनता है (How Hydrogen Fuel is Made)

आपको बता दें कि हाइड्रोजन हमारे वातावरण में शुद्ध रूप में उपलब्ध नहीं है। यह हमारे आसपास पानी के रूप में मौजूद है। इसलिए पानी से शुद्ध हाइड्रोजन को इलेक्ट्रोलिसिस के जरिए से निकाला जाता है। साथ ही बताते चलें कि इलेक्ट्रोलाइजर में कैथोड और ऐनोड लगाकर फिर हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को पानी से अलग करने की प्रक्रिया की जाती है। जानकारी दे दें कि इलेक्ट्रोलिसिस के दौरान इलेक्ट्रिसिटी की भी जरूरत होती है जिसके लिए रिन्यूएबल सोर्सेस जैसे कि सनलाइट, कोयला, बहती हवा, नेचुरल गैस का इस्तेमाल किया जाता है। फिर इस प्रकार से पूरी प्रक्रिया होने के बाद जो फ्यूल निकलता है उसी को ही ग्रीन हाइड्रोजन कहा जाता है। आखिर में फिर इसे स्टोर करके ईंधन की तरह उपयोग किया जाता है।

हाइड्रोजन फ्यूल कैसे और कहां काम करेगा (How and Where will Hydrogen Fuel Work)

हाइड्रोजन फ्यूल से किसी भी प्रकार का प्रदूषण नहीं निकलता है इसलिए यह हमारी इकोनॉमी के लिए भी काफी फायदेमंद है और उस पर एक सकारात्मक प्रभाव डालेगा। इसके अलावा पेट्रोल डीजल काफी महंगा होता है जिसके इंपोर्ट में ही सरकार को 160 मिलियन डॉलर खर्च करने पड़ते हैं। लेकिन ऐसी उम्मीद है कि हाइड्रोजन फ्यूल के आने के बाद काफी बड़ा अमाउंट खर्च होने से बच जाएगा। इसके अलावा आपको बता दें कि भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के और भी बहुत से देश इसे फ्यूचर एनर्जी सोर्स के रूप में देख रहे हैं जैसे कि यूरोप, सऊदी अरब, अमेरिका, ब्रिटेन, जापान इत्यादि। इसका इस्तेमाल ना केवल हवाई जहाज, कार, बस इत्यादि चलाने में किया जाएगा बल्कि फैक्ट्री और बड़े-बड़े प्लांट्स में भी इस ईंधन का उपयोग होगा।

हाइड्रोजन फ्यूल से लाभ (Hydrogen Fuel Benefit)

वैसे तो हाइड्रोजन फ्यूल के बहुत सारे लाभ हैं लेकिन इससे होने वाले कुछ महत्वपूर्ण लाभ इस प्रकार से हैं –

  • यह एक सस्ता ईंधन का विकल्प होगा।
  • हाइड्रोजन फ्यूल प्रदूषण रहित है इसलिए वातावरण स्वच्छ बनेगा।
  • पेट्रोल और डीजल के बदले एक अच्छा ऑप्शन होगा।
  • सभी वर्ग के लोगों को ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।

हाइड्रोजन फ्यूल से हानि (Hydrogen Fuel Cons)

ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल के कई लाभ हैं लेकिन इससे होने वाली कुछ हानियां भी है जो कि इस प्रकार से हैं –

  • यह बहुत ही ज्यादा तेजी के साथ आग पकड़ लेता है, इस वजह से किसी भी वाहन में काफी तेजी से आग लग सकती है इसलिए व्यक्ति की जान का खतरा है।
  • हाइड्रोजन को अलग करने और स्टोर करने की प्रक्रिया काफी मुश्किल और महंगी है। ‌
  • ट्रांसप्लांटेशन के लिए हमारे पास पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है इसलिए इसका स्टोरेज करना काफी चैलेंजिंग है। ‌

क्या हाइड्रोजन फ्यूल पेट्रोल-डीजल की जगह ले सकता है (Can Hydrogen Fuel Replace Petrol-Diesel)

ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल एक काफी सस्ता और ज़ीरो पोलूशन करने वाला ईंधन है। लेकिन इसमें अभी कुछ कमियां है जिनको पूरा करना जरूरी है। ऐसी पूरी उम्मीद है कि हमारी टेक्नोलॉजी 1 दिन इसे पेट्रोल और डीजल की जगह उपयोग करने लायक बना देगी। वैसे तो इसका इस्तेमाल अभी भी किया जा सकता है लेकिन क्योंकि यह तेजी से आग पकड़ लेता है इसलिए अभी यह पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है।

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FAQ

Q : ग्रीन हाइड्रोजन फ्यूल क्या है?

Ans : यह एक ऐसा ईंधन है जिसे पानी से अलग करके प्राप्त किया जाता है।

Q : हमारे देश की सरकार ने हाइड्रोजन फ्यूल के लिए कितना बजट रखा है?

Ans : लगभग 800 करोड़ रुपए का बजट साल 2021-22 में रखा गया है।

Q : क्या हाइड्रोजन फ्यूल एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है?

Ans : जी हां लेकिन इसमें अभी थोड़े सुधार की जरूरत है।

Q : हाइड्रोजन फ्यूल के लिए किन तरीकों से बिजली जनरेट की जाती है?

Ans : इसके लिए कोयला, नेचुरल गैस और रिन्यूएबल सोर्स जैसे कि बहती हुई हवा, सनलाइट की सहायता ली जाती है।

Q : हाइड्रोजन फ्यूल से सबसे बड़ा खतरा क्या है?

Ans : यह शीघ्रता से आग पकड़ लेती है।

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