डॉ मीनल भोसले ने बनाई भारत की पहली कोरोना टेस्ट किट- जाने पूरी जानकारी | India’s first Covid 19 testing kit in hindi

डॉ मीनल भोसले ने बनाई भारत की पहली कोरोना टेस्ट किट- जाने पूरी जानकारी (India’s first Covid 19 testing kit made by Minal Dakhave Bhosale in hindi)

पूरे विश्व में दिन प्रतिदिन बढ़ते कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या ने दुनिया के सभी वैज्ञानिकों को पूरी तरह चकरा रखा है कि वे ना तो इसका इलाज ढूंढ पा रहे हैं और ना ही इस वायरस को रोकने के लिए सफलता प्राप्त कर पा रहे हैं। ऐसे में दुनिया में कोरोना वायरस में मरीजों के आंकड़े यदि देखे जाए तो की अब तक की गणना के अनुसार 14 लाख 31 हजार 706 तक पहुंच गई है। 82080 लोग अब तक कोरोना संक्रमण की वजह से मृत घोषित किए जा चुके हैं। इन सबके बीच सबसे बड़ी राहत भारत के पुणे शहर से आ रही है जहां पर एक महिला वैज्ञानिक ने कोविड-19 का टेस्ट करने वाली एक किट का निर्माण कर दिखाया है। आइए जानते हैं संपूर्ण विवरण इस खोज के बारे में:-

India first Covid 19 testing kit Minal Dakhave Bhosale

कोविड-19 टेस्ट किट का निर्माण

भारत में काफी लोगों का अपना कोरोनावायरस किया जा चुका है और सरकार के नियमों के अनुसार यह कोरोना टेस्ट चाहे प्राइवेट लैब में हो या सरकारी लैब में 4500 की कीमत में यह टेस्ट प्रत्येक व्यक्ति का किया जा रहा था। यह टेस्ट कुछ व्यक्तियों के लिए तो महंगा नहीं था परंतु गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों के लिए यह टेस्ट बहुत ज्यादा महंगा था और लॉक डाउन की परिस्थिति में जब कमाई बिल्कुल ना हो और ऐसे में कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो जाए तो वह इतना महंगा टेस्ट कैसे कराएं, यह सबसे बड़ी दुविधा सरकार और नागरिकों के बीच आई हुई थी। ऐसे में सबसे महत्वपूर्ण और बड़ा काम मीनल भोसले ने कर दिखाया है।

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मीनल भोसले मुम्बई के पुणे शहर में स्थित जानी मानी और मशहूर टेस्टिंग लैब जिसका नाम माइ लैब में वर्तमान रिसर्च एंड डेवलपमेंट चीफ़ के तौर पर विद्यमान है। उन्होंने अपनी गर्भावस्था के दौरान कोविड-19 से जुड़ी इस किट का निर्माण किया जो सबसे चौंका देने वाला तथ्य है। कोविड-19 की यह एक ऐसे किट उन्होंने बनाई है जो मात्र 1200 रुपए में कोविड-19 का टेस्ट कराने में मदद कर सकती है। उस महिला ने एक प्रेरणादायक और प्रोत्साहित करने वाला तथ्य भारत की जनता के सामने प्रस्तुत किया है जहां वह एक तरफ गर्भवती थी इस किट के निर्माण के अगले ही दिन उन्होंने एक सुंदर सी बेटी को जन्म दिया।

एक महिला अपने गर्भ के आखिरी महीने में जहां किसी काम को करने की सोच भी नहीं सकती वहां उन्होंने, देश पर आए संकट को कम करने के लिए इतना बड़ा काम कर दिखाया और 1200 रुपए में टेस्ट करने वाली एक ऐसी किट बना दी जिससे बहुत ही आसानी से कई लोगों का टेस्ट किया जा सकता है। उसके बाद भी उनका यही कहना था कि  मुझसे ज्यादा मुश्किल में तो मेरा देश था और उसके लिए सेवा करना मेरा प्रथम कर्तव्य था। भारत देश के कुछ ऐसे वीर देश में है जो  देश के प्रति सदैव सजग और  कार्यरत रहते हुए देश की सेवा में लगे हुए हैं जिन पर देश के प्रत्येक व्यक्ति को गर्व और सम्मान होना चाहिए।

कोविड-19 के टेस्ट के लिए हालांकि सरकार ने फ्री टेस्ट करने का आदेश तो दे दिया था परंतु सरकार के पास कोविड-19 से जुड़े महत्वपूर्ण उपकरण पर्याप्त मात्रा में मौजूद नहीं थे। भारत में अब तक मात्र 90 हजार टेस्ट किए गए हैं और वही अमेरिका में अब तक 17 लाख टेस्ट को अंजाम दे दिया गया है। 90000 टेस्ट किए गए हैं इसका मतलब 90000 लोगों के टेस्ट नहीं किए गए हैं जैसे कि आपको पता है कि किसी एक व्यक्ति को जब तक आइसोलेशन या क्वॉरेंटाइन में रखा जाता है और यदि वह कोविड-19 से संक्रमित है तो उसके लगातार दो, तीन, चार, या पांच टेस्ट से भी ज्यादा किए जाते हैं ताकि पता लगाया जा सके कि वह अब तक कोरोना पॉज़िटिव है या नहीं।

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ऐसे में उपकरणों की कमी की वजह से अब तक सभी लोगों के टेस्ट नहीं हो पाए हैं परंतु यह किट बनने के बाद भारत देश को बहुत बड़ी राहत मिलने वाली है जिससे कई सारे लोगों के टेस्ट एक ही समय पर किए जा सकते हैं।

प्रत्येक राज्य द्वारा कोविड-19 से जुड़े उपकरणों की मांग लगातार केंद्र सरकार से की जा रही थी। परंतु केंद्र सरकार भी पर्याप्त उपकरण ना होने की वजह से मजबूर थी और राज्यों को पर्याप्त उपकरण उपलब्ध नहीं करा पा रही थी। हालांकि मीनल द्वारा किए गए इस नए निर्माण से देश के सभी राज्यों को मुख्य रूप से हॉटस्पॉट बने देश के 271 राज्यों तक पहुंचाने बेहद आवश्यक है। आप तो जानते ही हैं भारत में 700 से ज्यादा डिस्ट्रिक्ट है जिनमें से मुख्य मुंबई, नोएडा, दिल्ली, केरल आदि हॉटस्पॉट के बड़े क्षेत्र हैं जहां पर यह किट पहुंचाना बेहद जरूरी है।

कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकार द्वारा अभी यही निर्णय लिया जा रहा है कि यह लोग डाउन लगभग 30 अप्रैल या 1 मई तक और बढ़ाया जाएगा ताकि सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन रखते हुए कोविड-19 को फैलने से काफी हद तक रोकने में सहायता मिल सके। कोविड-19 के टेस्ट किट के साथ-साथ राज्यों में PPE की भी बहुत ज्यादा जरूरत है। आइए जानते हैं आखिर PPE किट होती क्या है?

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PPE किट क्या होती है?

आपने देखा होगा जो डॉक्टर कोविड-19 का टेस्ट करने के लिए मरीज के पास जाते हैं वह एस्ट्रोनॉट जैसा एक बड़ा सा सूट पहनकर और खुद को पूरा कवर करने के बाद ही जाते हैं। वे ऐसा सूट इसलिए पहनते हैं ताकि कोरोना पॉजिटिव मरीज से उन्हें कोविड-19 का संक्रमण ना हो। कुछ संपूर्ण किट को ही PPE का नाम दिया जाता है जिसे संपूर्ण रूप में पर्सनल प्रोटक्शन इक्विपमेंट के नाम से जाना जाता है। ऐसे में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जाएगी तो इन किट की भी आवश्यकता उतनी ज्यादा बढ़ेगी क्योंकि डॉक्टर जब मरीज को जांच में जाएगा तो ऐसे में उन्हें पर्सनल प्रोटक्शन इक्विपमेंट की आवश्यकता अवश्य होगी।

VTM किट भी है जरूरी?

एक कोरोनावायरस व्यक्ति से जितना खतरा एक स्वस्थ व्यक्ति और डॉक्टर्स को है उससे भी ज्यादा खतरा उनसे प्राप्त जांच करने वाले सैंपल से होता है। एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति से कई सारे सैंपल इकट्ठे किए जाते हैं ताकि उनकी जांच करके पता लगाया जा सके कि वह व्यक्ति को रोना संक्रमित है या नहीं? उन सभी सैंपल को रखने के लिए भी एक सुरक्षित जगह की आवश्यकता होती है जिसे VTM कहा जाता है। VTM को वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया कहा जाता है।

कोरोना को नियंत्रण में रखने के लिए इन सभी वस्तुओं की बेहद ज्यादा आवश्यकता है और सभी राज्यों में अभी तक यह सभी वस्तुएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। सबसे बड़ा कारण यही है कि केंद्र सरकार अब तक संपूर्ण लॉक डाउन के बावजूद भी कोरोनावायरस को संक्रमित होने से नहीं रोक पा रहे हैं। आइए अब जानते हैं कोरोनावायरस से संक्रमित व्यक्ति को किस टेस्ट प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है और उसके कितने प्रकार के टेस्ट किए जाते हैं।

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कोविड-19 पॉजिटिव व्यक्ति के संभावित टेस्ट

वर्तमान समय में जिस टेस्ट किट का निर्माण किया गया है वह संपूर्ण उपाय नहीं है क्योंकि यदि उस टेस्ट किट से मान लीजिए 5 संक्रमित व्यक्तियों के टेस्ट किए गए हैं जिनमें से चार का ही अनुमान सही पता लगाया जा सकता है उसमें से एक व्यक्ति का अनुमान सही है या नहीं इस बात की पुष्टि नहीं की जा सकती है। हालांकि जहां टिकट की कमी है वहां पर एक नई टेस्ट किट का आना काफी राहत पहुंचाने वाला काम तो है ही। हालांकि अब भी विशेषज्ञों और डॉक्टर्स का यही कहना है कोरोना संक्रमित व्यक्ति का पता लगाने के लिए  सबसे अधिक कारगर पीसीआर टेस्ट ही है। तो चलिए जान लेते हैं आखिर एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति को किन टेस्ट से गुजरना पड़ता है।

कुछ आधिकारिक लैब को ही इस टेस्ट को करने की अनुमति दी गई है जिसमें बहुत सारी सरकारी और प्राइवेट लैब सम्मिलित है।

  • स्वाब टेस्ट:- यदि ऐसा प्रतीत होता है कि कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित है तो सबसे पहले उसका स्वाब टेस्ट किया जाता है। जैसा कि आपको पता है कि कोरोनावायरस सबसे पहले आपके श्वसन तंत्र में प्रवेश करता है तो हमारा स्वसन तंत्र नाक और मुंह से होकर गुजरता है तो इस टेस्ट में एक स्वैप कॉटन लिया जाता है और उसे मरीज के नाक या गले में डाल कर वहां से उसका सेंपल लिया जाता है।
  • नेसल एसपीरेट टेस्ट:– इस टेस्ट के अंदर एक्सोल्यूशन में थोड़ी मात्रा में नमक मिलाकर आपकी नाक में डालकर फिर उसका टेस्ट किया जाता है।
  • ट्रकाईल एसपीरेट टेस्ट:- इस टेस्ट के दौरान संक्रमित मरीज में प्रोम्परस्कोपी नामक एक ट्यूब उसके लङ्गस तक डाली जाती है और लङ्गस के पास का सैंपल इकट्ठा किया जाता है।
  • स्प्यूटम टेस्ट:- म्यूकस का ही दूसरा भाग स्प्यूटम टेस्ट कहा जाता है। लङ्गस से निकलने वाले म्यूकस का टेस्ट करने के लिए यह टेस्ट उपयोग में लाया जाता है।
  • ब्लड टेस्ट:- उसके बाद मरीज का एक ब्लड टेस्ट भी किया जाता है जिसमें उसकी नसों से शरीर में बहने वाला रक्त लिया जाता है।

एक व्यक्ति जब संदिग्ध होता है तो सबसे पहले उसकी स्क्रीनिंग की जाती है उसके बाद ऊपर बताए गए सभी टेस्ट यदि ऐसा प्रतीत हो कि संक्रमित व्यक्ति वास्तव में कोरोना से पीड़ित है तो किए जाते हैं। यदि किसी संदिग्ध को बुखार की शिकायत है तो तुरंत उसे क्वॉरेंटाइन कर दिया जाता है या आइसोलेशन वार्ड में डाल दिया जाता है। आज के समय में बहुत सारे ऐसे लोग हैं जिनके कोराना संदिग्ध होने की आशंका होने के बाद भी वे खुलेआम अपने स्थानों पर घूम कर रहे हैं ऐसे में उनकी समय पर जांच ना होने की वजह से उनकी वजह से काफी लोग संक्रमित हो जाते हैं। ऐसी परिस्थिति में मीनल भोंसले द्वारा बनाई गई यह किट बहुत ज्यादा सहायक सिद्ध होने वाली है। किट तो तैयार हो गई है परंतु अब आने वाले समय में देखना यह है कि मीनल भोसले का देश के प्रति समर्पण देश के नागरिकों के बीच किस प्रकार सही उपयोग करके कोरोना जैसे भयावह संक्रमण को रोकने में कारगर हो सकता है।

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Director at AK Online Services Pvt Ltd
मेरा नाम पवन अग्रवाल हैं और मैं मध्यप्रदेश के छोटे से शहर Gadarwara का रहने वाला हूँ । मैंने Maulana Azad National Institute of Technology [MNIT Bhopal] से इंजीन्यरिंग किया हैं । मैंने अपनी सबसे पहली जॉब Tata Consultancy Services से शुरू की मुझे आज भी अपनी पहली जॉब से बहुत प्यार हैं।

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