भारत के प्रमुख व्रत पर्व और त्यौहारों की सूची| Indian Festival 2022, 2023 Dates In Hindi

भारत के प्रमुख व्रत पर्व और त्यौहारों की सूची, इंडियन फेस्टिवल लिस्ट 2022 (Indian Festival, 2022- 2023 Dates In Hindi)

त्यौहार हर एक देश में मनाये जाते हैं, लेकिन भारत देश में त्यौहारों का अपना ही अलग अंदाज हैं. पारिवारिक प्रेम, आपसी भाई चारा एवम सामाजिक व्यवस्था आदि ही त्यौहारों के मुख्य बिंदु हैं. हिन्दू संस्कृति में हर एक दिन की अपनी एक विशेषता होती हैं, जिससे जुड़ी मान्यताओ के आधार पर सांस्कृतिक त्यौहार मनाये जाते हैं. हिंदी पंचांग की व्यवस्था सामाजिक परिपेक्ष से नही बल्कि प्राकृतिक परिपेक्ष के आधार पर की गई हैं. ऋतुओ के बदलने के साथ-साथ त्यौहारों का आगमन होता हैं और वातावरण के अनुकूल ही उस त्यौहार के नियम होते हैं .

indian Festival

भारत के प्रमुख व्रत पर्व और त्यौहार (Indian Festival 2022 Dates List )

भारत में कई संस्कृतियों का समावेश हैं, ऐसे में कई विचारधाराओं एवम मान्यताओं के आधार पर भिन्न- भिन्न त्यौहार मनाये जाते हैं . ऐसे ही कुछ सांस्कृतिक त्यौहारों का विवरण किया गया हैं :

भारत के महत्वपूर्ण सांकृतिक त्यौहार  (Indian Cultural Festival Dates)

त्यौहार का नाम20222023
दिवाली24अक्टूबर 12 नवम्बर
दशहरा5 अक्टूबर 24 अक्टूबर
होली18 मार्च8 मार्च
जन्माष्टमी18 अगस्त 7 सितंबर
गणेश चतुर्थी31 अगस्त 19 सितंबर
रक्षाबंधन11 अगस्त 30 अगस्त
ईद3 मई 22 अप्रैल
क्रिसमस25 दिसंबर 25 दिसंबर
गुरु नानक जयंती8 नवंबर 27 नवम्बर

भारत के अन्य धार्मिक त्यौहार (Indian religious festivals)-

त्यौहारों का नाम20222023
महाशिव रात्रि1 मार्च 18 फरवरी
फुलेरा दूज4 मार्च 21 फरवरी
गुड फ्राइडे15 अप्रैल7 अप्रैल
ईस्टर 17 अप्रैल 9 अप्रैल
रंग पंचमी22 मार्च 12 मार्च
गुड़ी पड़वा2 अप्रैल 22 मार्च
राम नवमी10 अप्रैल 30 मार्च
गणगौर18 मार्च 8 मार्च
अक्षय तृतीया3 मई 22 अप्रैल
बुद्ध पूर्णिमा16 मई 5 मई
गंगा दशहरा6 जून 28 मई
मिथुना संक्राती15 जून 15 जून
जगन्नाथ रथ यात्रा1 जुलाई20 जून
जयापार्वती व्रत11 जुलाई 1 जुलाई
हरियाली तीज31 जुलाई 19 अगस्त
नाग पंचमी2 अगस्त 21 अगस्त
उपाकर्म11 अगस्त 30 अगस्त
कजरी तीज14 अगस्त2 सितंबर
बहुला चौथ14 अगस्त3 सितम्बर
हर छठ17 अगस्त 5 सितम्बर
पर्युषण
हरतालिका तीज30 अगस्त 18 सितंबर
ऋषि पंचमी1 सितंबर20 सितम्बर
संतान सप्तमी4 सितंबर24 सितम्बर
राधा अष्टमी/ महालक्ष्मी व्रत17 सितंबर 23 सितम्बर
अनंत चतुर्दशी30 अगस्त 28 अगस्त
श्राद्ध10 सितंबर – 25 सितंबर 28 सितम्बर
जीवित्पुत्रिका
नवरात्री26 सितंबर 15 अक्तूबर
बठुकम्मा महोत्सव
नवपत्रिका पूजा2 अक्टूबर 21 अक्टूबर
सरस्वती पूजा5 फरवरी 26 जनवरी
शरद पूर्णिमा / कोजागरी व्रत9 अक्टूबर 28 अक्टूबर
करवाचौथ13 अक्टूबर 1 नवम्बर
अहौई अष्टमी17 अक्टूबर 5 नवम्बर
धनतेरस23 अक्टूबर 10 नवम्बर
नरक चतुर्दशी24 अक्टूबर 12 नवम्बर
आद्य काली पूजा24 अक्टूबर
गोवर्धन पूजा/ अन्नकूट26 अक्टूबर 14 नवम्बर
भैया दूज/ यम द्वितीया26 अक्टूबर 15 नवम्बर
छठ पूजा30 अक्टूबर 19 नवम्बर
गोपाष्टमी1 नवम्बर 20 नवम्बर
अक्षय आँवला नवमी24 नवम्बर 21 नवम्बर
जगद्धात्री पूजा
तुलसी विवाह20 नवम्बर 24 नवम्बर
वैकुण्ठ चतुर्दशी27 नवम्बर25 नवम्बर
मणि कर्णिका स्नान
विवाह पंचमी28 नवम्बर17 दिसम्बर
मंडला पूजा27 दिसम्बर 27 दिसम्बर

ग्यारस या एकादशी व्रत तिथी  ( Ekadashi vrat dates):

हिन्दू पंचांग की प्रत्येक ग्यारहवी तिथी को एकादशी/ ग्यारस व्रत का पालन किया जाता हैं . वर्ष के प्रत्येक माह में ग्यारस की दो तिथियाँ आती हैं एक शुक्ल पक्ष एवम एक कृष्ण पक्ष. एकादशी के स्वामी भगवान विष्णु कहे जाते हैं. भक्त जन अपने मनोरथ के लिए एकादशी व्रत का पालन करते हैं . हिन्दू संस्कृति में एकादशी का महत्व सर्वाधिक होता हैं. मनुष्य अपने दुखो को दूर करने के उद्देश्य से इस व्रत का पालन करता हैं. वर्ष में 26 एकादशी व्रत का पालन किया जाता हैं. सभी एकादशी व्रत के पीछे एक पौराणिक कथा हैं, जिसमे एकादशी का उद्देश्य एवम भाव निहित हैं, जिन्हें आप नीचे दी गई लिंक से पढ़ सकते हैं.

एकादशी नामपक्ष20222023
सफलाकृष्ण19 दिसम्बर
पौष पुत्रदाशुक्ल13 जनवरी 2 जनवरी
षष्ठीलाकृष्ण28 जनवरी 18 जनवरी
जयाशुक्ल12 F 1 फरवरी
विजयाकृष्ण2716 फरवरी
आमलकीशुक्ल14 मार्च 2 मार्च
पापमोचिनीकृष्ण28 मार्च 18 मार्च
कामदाशुक्ल12 अप्रैल1 अप्रैल
वरुठिनीकृष्ण26 अप्रैल 16 अप्रैल
मोहिनीशुक्ल12 मई 1 मई
अपराकृष्ण26 मई 15 मई
निर्जलाशुक्ल11 जून 31 मई
योगिनीकृष्ण24 जून 13 जून
देव शयनीशुक्ल10 जुलाई 29 जुलाई
कामिकाकृष्ण24 जुलाई 11 अगस्त
पुत्रदाशुक्ल8 अगस्त 27 अगस्त
अजाकृष्ण23 अगस्त 10 सितम्बर
परिवर्तिनी/ डोल ग्यारसशुक्ल25 सितम्बर
इंदिराकृष्ण21 सितंबर10 अक्टूबर
पापांकुशाशुक्ल6 अक्टूबर 25 अक्टूबर
रमाकृष्ण21अक्टूबर 9 नवम्बर
प्रबोधिनी/ देव उठनीशुक्ल4 नवम्बर 23 नवम्बर
उत्पन्नाकृष्ण20 नवम्बर 8 दिसम्बर
मोक्षदाशुक्ल3 दिसम्बर 23 दिसम्बर
पद्मिनी (अधिक मास)कृष्ण
परमा (अधिक मास)शुक्ल

पूर्णिमा व्रत ( Purnima Vrat Date):

हिन्दू पंचांग के अनुसार एक माह में दो पक्ष (शुक्ल कृष्ण) होते हैं, जो कि अमावस से पूर्णिमा एवं पूर्णिमा से अमावस के बीच होते हैं . इस तरह प्रति वर्ष 12 पूर्णिमा आती हैं . पूर्णिमा के दिन अथवा एक दिन पूर्व सत्यनारायण भगवान की कथा एवम पूजा का महत्व होता हैं . पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा अपने पूर्ण रूप में होता हैं इस दिन उपवास का महत्व होता हैं जिसे हिन्दू धर्म में बड़े नियमो द्वारा निभाया जाता हैं .

निम्न सारणी में पुरे वर्ष में आने वाली पूर्णिमा का महत्व बताया गया हैं :

मासिक पूर्णिमामहत्व20222023
चैत्रहनुमान जयंती16 अप्रैल 6 अप्रैल
वैशाखबुद्ध जयंती16 मई 5 मई
ज्येष्ठवट सावित्री29 मई 30 मई
आषाढ़गुरू पूर्णिमा13 जुलाई 3 जुलाई
श्रावण पूर्णिमा रक्षाबंधन11 अगस्त 30 अगस्त
भाद्रपद पूर्णिमाश्राद्ध/ पितृ9 सितंबर 29 सितम्बर
आश्विनशरद पूर्णिमा9 अक्टूबर 28 अक्टूबर
कार्तिक पूर्णिमा8 नवम्बर 27 नवम्बर
अग्रहण्य पूर्णिमा
पौष पूर्णिमा17 जनवरी 6 जनवरी
माघमाघ मेला
फाल्गुनहोली18 मार्च8 मार्च

मासिक अमावस्या व्रत

मासिक पूर्णिमामहत्व20222023
चैत्रचैत्र अमावस्या31 मार्च 21 मार्च
वैशाखबैसाख अमावस्या30 अप्रैल 20 अप्रैल
ज्येष्ठशनि जयंती30 मई 19 मई
आषाढ़सोमवती अमावस्या28 जून 18 जुलाई
श्रावणश्रावण अमावस्या27 जुलाई 16 जुलाई
भाद्रपदपिठोरी अमावस्या, चन्द्र ग्रहण
आश्विनसर्व पितृ अमावस्या24 सितम्बर 14 अक्टूबर
कार्तिकदीवाली
अग्रहण्यमार्गशीर्ष अमावस्या24 नवम्बर
पौषपौष अमावस्या
पौष
माघमौनी अमावस्या12 फरवरी 21 जनवरी
फाल्गुनसूर्य ग्रहण

किसान के कटाई त्यौहार (Seasonal and Harvesting festivals) –

त्यौहार का नाम20222023
लोहड़ी5 फरवरी 14 जनवरी
मकर संक्रांति 14 जनवरी 15 जनवरी
बसंत पंचमी 5 फरवरी 25 जनवरी
बैसाखी14 अप्रैल14 अप्रैल
ओणम8 सितंबर29 अगस्त
पोला

अन्य महत्वपूर्ण मासिक त्यौहार एवम पवित्र माह :

हिन्दू पंचांग में सभी तिथियों का विशेष महत्व होता हैं प्रति माह कई विशेष तिथियों पर भक्त जन पूजा एवम उपवास करते हैं . इसके अलावा कई माह भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं. आगे की तालिका में इन्ही महत्वपूर्ण मासिक त्यौहारों एवम माह का महत्व बताया गया हैं :

नामविवरण
कालाष्टमीकृष्ण पक्ष अष्टमी
प्रदोषप्रति हिंदी माह त्रयोदशी
मासिक शिव रात्रिप्रति हिंदी माह चतुर्दशी
संकष्टी चतुर्थीहर माह कृष्ण पक्ष के चौथे दिन संकष्टी चतुर्थी आती है|
भानु सप्तमीजब सप्तमी के दिन रविवार होता हैं
स्कन्दा षष्ठीशुक्ल पक्ष पंचमी और षष्ठी एक साथ आये तब मनाई जाती हैं
रोहिणी व्रतजब रोहिणी नक्षत्र सूर्योदय के बाद प्रबल होता हैं
सत्य नारायण पूजापूर्णिमा एवं उसके एक दिन पूर्व/ प्रति माह संक्रांति
मंगला गौरी / गौरी पूजा सावन माह के हर मंगलवार को मंगला गौरी व्रत होता है
धनुर्मास 
श्रावण/ सावन महत्वपवित्र माह
अधिक मास महत्वपवित्र माह जो तीन वर्ष में आता हैं
कोकिला व्रतजब अधिक मास आषाढ़ में आता हैं यह योग 19 वर्षो में बनता हैं
कार्तिक माह महत्वपवित्र माह
चातुर्मास/ चौमासाअर्ध अषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, अश्विन एवं अर्ध कार्तिक
महाकुम्भ नासिकसूर्य,वृहस्पति जब सिंह राशि में प्रवेश करते हैं
महाकुम्भ उज्जैनजब सूर्य एवम वृहस्पति वृश्चिक राशि में प्रवेश करता हैं |

इस्लामिक त्यौहार ( Islamik Festival Dates):

भारत में कई धर्मो का समावेश हैं | यह एक अकेला राष्ट्र हैं जहाँ सभी धर्मो के लोग अपने- अपने धर्मानुसार स्वतंत्रता के साथ अपना- अपना त्यौहार मना सकते हैं . यहाँ विचारों की पूर्ण स्वतंत्रता हैं इसी तरह इस्लामिक त्यौहारों को भी उत्साह से भारत में मनाया जाता हैं जिनका महत्व एवम उद्देश्य भी प्रेम और शांति ही हैं ऐसे ही कुछ त्यौहारों का विवरण निम्न तालिका में किया गया हैं :

नाम2022
ईद3 मई
रमजानअप्रैल 2-2 मई
बकरीद10 जुलाई
अल हिजरा इस्लामिक न्यू इयर29 30 जुलाई
मुहर्रम/ आशुरा28 जुलाई

भारत देश की पहचान हैं उसके अनेक धर्मो का एक सुन्दर स्वरूप.  प्रेम, एकता, आपसी भाई चारा ही त्यौहारो का मुख्य उद्देश्य हैं. सामाजिक व्यवस्था की दृष्टि से भी त्यौहार बहुत महत्वपूर्ण हैं.

हमारे इस पेज में उन्ही त्यौहारों का विवरण किया किया हैं अगर आप इससे भिन्न कुछ जानते हैं तब अपनी राय कमेंट बॉक्स में दे सकते हैं.