भारत के प्रमुख व्रत पर्व और त्यौहारों की सूची| Indian Festival 2021, 2022 Dates In Hindi

भारत के प्रमुख व्रत पर्व और त्यौहारों की सूची, इंडियन फेस्टिवल लिस्ट 2021 (Indian Festival, 2021, 2022 Dates In Hindi)

त्यौहार हर एक देश में मनाये जाते हैं, लेकिन भारत देश में त्यौहारों का अपना ही अलग अंदाज हैं. पारिवारिक प्रेम, आपसी भाई चारा एवम सामाजिक व्यवस्था आदि ही त्यौहारों के मुख्य बिंदु हैं. हिन्दू संस्कृति में हर एक दिन की अपनी एक विशेषता होती हैं, जिससे जुड़ी मान्यताओ के आधार पर सांस्कृतिक त्यौहार मनाये जाते हैं. हिंदी पंचांग की व्यवस्था सामाजिक परिपेक्ष से नही बल्कि प्राकृतिक परिपेक्ष के आधार पर की गई हैं. ऋतुओ के बदलने के साथ-साथ त्यौहारों का आगमन होता हैं और वातावरण के अनुकूल ही उस त्यौहार के नियम होते हैं .

indian Festival

भारत के प्रमुख व्रत पर्व और त्यौहार (Indian Festival 2021 Dates List )

भारत में कई संस्कृतियों का समावेश हैं, ऐसे में कई विचारधाराओं एवम मान्यताओं के आधार पर भिन्न- भिन्न त्यौहार मनाये जाते हैं . ऐसे ही कुछ सांस्कृतिक त्यौहारों का विवरण किया गया हैं :

भारत के महत्वपूर्ण सांकृतिक त्यौहार  (Indian Cultural Festival Dates)

त्यौहार का नाम20212022
दिवाली 4 नवंबर 24 अक्टूबर
दशहरा 15 अक्टूबर 5 अक्टूबर
होली 29 मार्च 18 मार्च
जन्माष्टमी 30 अगस्त 18 अगस्त
गणेश चतुर्थी 10 सितम्बर 31 अगस्त
रक्षाबंधन 22 अगस्त 11 अगस्त
ईद 13 मई 9 जुलाई
क्रिसमस 25 दिसंबर 25 दिसंबर
गुरु नानक जयंती 19 नवंबर 8 नवंबर

भारत के अन्य धार्मिक त्यौहार (Indian religious festivals)-

त्यौहारों का नाम20212022
महाशिव रात्रि 11 मार्च 1 मार्च
फुलेरा दूज 15 मार्च 4 मार्च
गुड फ्राइडे 2 अप्रैल 15 अप्रैल
ईस्टर  4 अप्रैल 17 अप्रैल
रंग पंचमी 2 अप्रैल 22 मार्च
गुड़ी पड़वा 13 अप्रैल 2 अप्रैल
राम नवमी 21 अप्रैल 10 अप्रैल
गणगौर 15 अप्रैल 18 मार्च
अक्षय तृतीया 14 मई 3 मई
बुद्ध पूर्णिमा 26 मई 16 मई
गंगा दशहरा 20 जून 6 जून
मिथुना संक्राती 15 जून 15 जून
जगन्नाथ रथ यात्रा 12 जुलाई 1 जुलाई
जयापार्वती व्रत 25 जुलाई 11 जुलाई
हरियाली तीज 11 अगस्त 31 जुलाई
नाग पंचमी 13 अगस्त 2 अगस्त
उपाकर्म 22 अगस्त
कजरी तीज 25 अगस्त 14 अगस्त
बहुला चौथ 25 अगस्त 15 अगस्त
हर छठ 28 अगस्त 17 अगस्त
पर्युषण 4 सितंबर
हरतालिका तीज 9 सितंबर 30 अगस्त
ऋषि पंचमी 11 सितंबर 1 सितंबर
संतान सप्तमी 14 सितंबर 4 सितंबर
राधा अष्टमी/ महालक्ष्मी व्रत 13 सितंबर 17 सितंबर
अनंत चतुर्दशी 19 सितंबर 30 अगस्त
श्राद्ध 20 सितंबर – 6 अक्टूबर 10 सितंबर – 25 सितंबर
जीवित्पुत्रिका 28 सितंबर
नवरात्री 7 अक्टूबर 26 सितंबर
बठुकम्मा महोत्सव6 अक्टूबर
नवपत्रिका पूजा 12 अक्टूबर 2 अक्टूबर
सरस्वती पूजा 16 फरवरी 5 फरवरी
शरद पूर्णिमा / कोजागरी व्रत 19 अक्टूबर 9 अक्टूबर
करवाचौथ 24 अक्टूबर 13 अक्टूबर
अहौई अष्टमी 28 अक्टूबर 17 अक्टूबर
धनतेरस 2 नवंबर 23 अक्टूबर
नरक चतुर्दशी 4 नवंबर 24 अक्टूबर
आद्य काली पूजा4 नवंबर 24 अक्टूबर
गोवर्धन पूजा/ अन्नकूट 5 नवंबर 26 अक्टूबर
भैया दूज/ यम द्वितीया 6 नवंबर 26 अक्टूबर
छठ पूजा 10 नवंबर 30 अक्टूबर
गोपाष्टमी 11 नवंबर 1 नवम्बर
अक्षय आँवला नवमी 12 नवंबर 24 नवम्बर
जगद्धात्री पूजा 12 नवंबर
तुलसी विवाह 15 नवंबर 20 नवम्बर
वैकुण्ठ चतुर्दशी 17 नवंबर 27 नवम्बर
मणि कर्णिका स्नान 18 नवंबर
विवाह पंचमी 8 दिसंबर 28 नवम्बर
मंडला पूजा 27 दिसंबर 27 दिसम्बर

ग्यारस या एकादशी व्रत तिथी  ( Ekadashi vrat dates):

हिन्दू पंचांग की प्रत्येक ग्यारहवी तिथी को एकादशी/ ग्यारस व्रत का पालन किया जाता हैं . वर्ष के प्रत्येक माह में ग्यारस की दो तिथियाँ आती हैं एक शुक्ल पक्ष एवम एक कृष्ण पक्ष. एकादशी के स्वामी भगवान विष्णु कहे जाते हैं. भक्त जन अपने मनोरथ के लिए एकादशी व्रत का पालन करते हैं . हिन्दू संस्कृति में एकादशी का महत्व सर्वाधिक होता हैं. मनुष्य अपने दुखो को दूर करने के उद्देश्य से इस व्रत का पालन करता हैं. वर्ष में 26 एकादशी व्रत का पालन किया जाता हैं. सभी एकादशी व्रत के पीछे एक पौराणिक कथा हैं, जिसमे एकादशी का उद्देश्य एवम भाव निहित हैं, जिन्हें आप नीचे दी गई लिंक से पढ़ सकते हैं.

एकादशी नामपक्ष20212022
सफलाकृष्ण 8 जनवरी 19 दिसम्बर
पौष पुत्रदाशुक्ल 24 जनवरी 13 जनवरी
षष्ठीलाकृष्ण 7 फरवरी 28 जनवरी
जयाशुक्ल 22 फरवरी 12 F
विजयाकृष्ण 8 मार्च 27
आमलकीशुक्ल 24 मार्च 14 मार्च
पापमोचिनीकृष्ण 7 अप्रैल 28 मार्च
कामदाशुक्ल 23 अप्रैल 12 अप्रैल
वरुठिनीकृष्ण 6 मई 26 अप्रैल
मोहिनीशुक्ल 22 मई 12 मई
अपराकृष्ण 5 जून 26 मई
निर्जलाशुक्ल 21 जून 11 जून
योगिनीकृष्ण 5 जुलाई 24 जून
देव शयनीशुक्ल 20 जुलाई 10 जुलाई
कामिकाकृष्ण 3 अगस्त 24 जुलाई
पुत्रदाशुक्ल 18 अगस्त 8 अगस्त
अजाकृष्ण 2 सितम्बर 23 अगस्त
परिवर्तिनी/ डोल ग्यारसशुक्ल 17 सितम्बर
इंदिराकृष्ण 2 अक्टूबर 21 सितंबर
पापांकुशाशुक्ल16 अक्टूबर 6 अक्टूबर
रमाकृष्ण 1 नवंबर 21अक्टूबर
प्रबोधिनी/ देव उठनीशुक्ल 14 नवंबर 4 नवम्बर
उत्पन्नाकृष्ण 30 नवंबर 20 नवम्बर
मोक्षदाशुक्ल 14 दिसंबर 3 दिसम्बर
पद्मिनी (अधिक मास)कृष्ण
परमा (अधिक मास)शुक्ल

पूर्णिमा व्रत ( Purnima Vrat Date):

हिन्दू पंचांग के अनुसार एक माह में दो पक्ष (शुक्ल कृष्ण) होते हैं, जो कि अमावस से पूर्णिमा एवं पूर्णिमा से अमावस के बीच होते हैं . इस तरह प्रति वर्ष 12 पूर्णिमा आती हैं . पूर्णिमा के दिन अथवा एक दिन पूर्व सत्यनारायण भगवान की कथा एवम पूजा का महत्व होता हैं . पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा अपने पूर्ण रूप में होता हैं इस दिन उपवास का महत्व होता हैं जिसे हिन्दू धर्म में बड़े नियमो द्वारा निभाया जाता हैं .

निम्न सारणी में पुरे वर्ष में आने वाली पूर्णिमा का महत्व बताया गया हैं :

मासिक पूर्णिमामहत्व20212022
चैत्रहनुमान जयंती 27 अप्रैल 16 अप्रैल
वैशाखबुद्ध जयंती 26 मई 16 मई
ज्येष्ठवट सावित्री 10 जून 29 मई
आषाढ़गुरू पूर्णिमा 13 अप्रैल 13 जुलाई
श्रावण पूर्णिमा रक्षाबंधन 22 अगस्त 11 अगस्त
भाद्रपद पूर्णिमाश्राद्ध/ पितृ 20  सितम्बर 9 सितंबर
आश्विनशरद पूर्णिमा 19 अक्टूबर 9 अक्टूबर
कार्तिक पूर्णिमा 18 नवंबर 8 नवम्बर
अग्रहण्य पूर्णिमा 18 दिसंबर
पौष पूर्णिमा 28 जनवरी 17 जनवरी
माघमाघ मेला 26 फरवरी
फाल्गुनहोली 29 मार्च 18 मार्च

मासिक अमावस्या व्रत

मासिक पूर्णिमामहत्व20212022
चैत्रचैत्र अमावस्या 11 अप्रैल 31 मार्च
वैशाखबैसाख अमावस्या 11 मई 30 अप्रैल
ज्येष्ठशनि जयंती 10 जून 30 मई
आषाढ़सोमवती अमावस्या 12 अप्रैल 28 जून
श्रावणश्रावण अमावस्या 8 अगस्त 27 जुलाई
भाद्रपदपिठोरी अमावस्या, चन्द्र ग्रहण 6 सितम्बर
आश्विनसर्व पितृ अमावस्या 6 अक्टूबर 24 सितम्बर
कार्तिकदीवाली 4 नवंबर
अग्रहण्यमार्गशीर्ष अमावस्या 3 दिसंबर 24 नवम्बर
पौषपौष अमावस्या
पौष 12 जनवरी
माघमौनी अमावस्या 11 फरवरी 12 फरवरी
फाल्गुनसूर्य ग्रहण 12 मार्च

किसान के कटाई त्यौहार (Seasonal and Harvesting festivals) –

त्यौहार का नाम20212022
लोहड़ी 13 जनवरी 5 फरवरी
मकर संक्रांति 14 जनवरी 14 जनवरी
बसंत पंचमी 16 फरवरी 5 फरवरी
बैसाखी 14 अप्रैल 14 अप्रैल
ओणम 12 अगस्त 8 सितंबर
पोला6 सितंबर

अन्य महत्वपूर्ण मासिक त्यौहार एवम पवित्र माह :

हिन्दू पंचांग में सभी तिथियों का विशेष महत्व होता हैं प्रति माह कई विशेष तिथियों पर भक्त जन पूजा एवम उपवास करते हैं . इसके अलावा कई माह भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं. आगे की तालिका में इन्ही महत्वपूर्ण मासिक त्यौहारों एवम माह का महत्व बताया गया हैं :

नामविवरण
कालाष्टमीकृष्ण पक्ष अष्टमी
प्रदोषप्रति हिंदी माह त्रयोदशी
मासिक शिव रात्रिप्रति हिंदी माह चतुर्दशी
संकष्टी चतुर्थीहर माह कृष्ण पक्ष के चौथे दिन संकष्टी चतुर्थी आती है|
भानु सप्तमीजब सप्तमी के दिन रविवार होता हैं
स्कन्दा षष्ठीशुक्ल पक्ष पंचमी और षष्ठी एक साथ आये तब मनाई जाती हैं
रोहिणी व्रतजब रोहिणी नक्षत्र सूर्योदय के बाद प्रबल होता हैं
सत्य नारायण पूजापूर्णिमा एवं उसके एक दिन पूर्व/ प्रति माह संक्रांति
मंगला गौरी / गौरी पूजा सावन माह के हर मंगलवार को मंगला गौरी व्रत होता है
धनुर्मास 
श्रावण/ सावन महत्वपवित्र माह
अधिक मास महत्वपवित्र माह जो तीन वर्ष में आता हैं
कोकिला व्रतजब अधिक मास आषाढ़ में आता हैं यह योग 19 वर्षो में बनता हैं
कार्तिक माह महत्वपवित्र माह
चातुर्मास/ चौमासाअर्ध अषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, अश्विन एवं अर्ध कार्तिक
महाकुम्भ नासिकसूर्य,वृहस्पति जब सिंह राशि में प्रवेश करते हैं
महाकुम्भ उज्जैनजब सूर्य एवम वृहस्पति वृश्चिक राशि में प्रवेश करता हैं |

इस्लामिक त्यौहार ( Islamik Festival Dates):

भारत में कई धर्मो का समावेश हैं | यह एक अकेला राष्ट्र हैं जहाँ सभी धर्मो के लोग अपने- अपने धर्मानुसार स्वतंत्रता के साथ अपना- अपना त्यौहार मना सकते हैं . यहाँ विचारों की पूर्ण स्वतंत्रता हैं इसी तरह इस्लामिक त्यौहारों को भी उत्साह से भारत में मनाया जाता हैं जिनका महत्व एवम उद्देश्य भी प्रेम और शांति ही हैं ऐसे ही कुछ त्यौहारों का विवरण निम्न तालिका में किया गया हैं :

नाम2021
ईद13 मई
रमजानअप्रैल 12-12 मई
बकरीद19 जुलाई
अल हिजरा इस्लामिक न्यू इयर9-10 अगस्त
मुहर्रम/ आशुरा19 अगस्त

भारत देश की पहचान हैं उसके अनेक धर्मो का एक सुन्दर स्वरूप.  प्रेम, एकता, आपसी भाई चारा ही त्यौहारो का मुख्य उद्देश्य हैं. सामाजिक व्यवस्था की दृष्टि से भी त्यौहार बहुत महत्वपूर्ण हैं.

हमारे इस पेज में उन्ही त्यौहारों का विवरण किया किया हैं अगर आप इससे भिन्न कुछ जानते हैं तब अपनी राय कमेंट बॉक्स में दे सकते हैं.