भारत के प्रमुख व्रत पर्व और त्यौहार | Indian Festival 2019, 2020, 20121 Dates In Hindi

भारत के प्रमुख व्रत पर्व और त्यौहार ( Indian Festival 2019, 2020, 20121 Dates  In Hindi)

त्यौहार हर एक देश में मनाये जाते हैं, लेकिन भारत देश में त्यौहारों का अपना ही अलग अंदाज हैं. पारिवारिक प्रेम, आपसी भाई चारा एवम सामाजिक व्यवस्था आदि ही त्यौहारों के मुख्य बिंदु हैं. हिन्दू संस्कृति में हर एक दिन की अपनी एक विशेषता होती हैं, जिससे जुड़ी मान्यताओ के आधार पर सांस्कृतिक त्यौहार मनाये जाते हैं. हिंदी पंचांग की व्यवस्था सामाजिक परिपेक्ष से नही बल्कि प्राकृतिक परिपेक्ष के आधार पर की गई हैं. ऋतुओ के बदलने के साथ-साथ त्यौहारों का आगमन होता हैं और वातावरण के अनुकूल ही उस त्यौहार के नियम होते हैं .

indian Festival

भारत के प्रमुख व्रत पर्व और त्यौहार ( Indian Festival 2019, 2020, 20121 Dates List  )

भारत में कई संस्कृतियों का समावेश हैं, ऐसे में कई विचारधाराओं एवम मान्यताओं के आधार पर भिन्न- भिन्न त्यौहार मनाये जाते हैं . ऐसे ही कुछ सांस्कृतिक त्यौहारों का विवरण किया गया हैं :

  • भारत के महत्वपूर्ण सांकृतिक त्यौहार  ( Indian Cultural Festival Dates)
त्यौहार का नाम201920202021
दिवाली27 अक्टूबर14 नवंबर4 नवंबर
दशहरा8 अक्टूबर25 अक्टूबर14 अक्टूबर
होली21 मार्च10 मार्च29 मार्च
जन्माष्टमी24 अगस्त11 अगस्त30 अगस्त
गणेश चतुर्थी2 सितम्बर22 अगस्त10 सितम्बर
रक्षाबंधन15 अगस्त3 अगस्त21 अगस्त
ईद5 जून24 मई13 मई
क्रिसमस25 दिसंबर25 दिसंबर25 दिसंबर
गुरु नानक जयंती12 नवंबर30 नवंबर19 नवंबर

भारत के अन्य धार्मिक त्यौहार (Indian religious festivals)-

त्यौहारों का नाम201920202021
महाशिव रात्रि4 मार्च21 फरवरी11 मार्च
फुलेरा दूज8 मार्च25 फरवरी15 मार्च
गुड फ्राइडे19 अप्रैल10 अप्रैल2 अप्रैल
ईस्टर 21 अप्रैल12 अप्रैल4 अप्रैल
रंग पंचमी25 मार्च13 मार्च2 अप्रैल
गुड़ी पड़वा6 अप्रैल25 मार्च13 अप्रैल
राम नवमी14 अप्रैल2 अप्रैल21 अप्रैल
गणगौर8 अप्रैल27 मार्च15 अप्रैल
अक्षय तृतीया7 मई26 अप्रैल14 मई
बुद्ध पूर्णिमा18 मई30 अप्रैल8 अप्रैल
गंगा दशहरा12 जून1 जून20 जून
मिथुना संक्राती15 जून14 जून15 जून
जगन्नाथ रथ यात्रा4 जून23 जून12 जुलाई
जयापार्वती व्रत14 जुलाई2 जुलाई21 जुलाई
हरियाली तीज3 अगस्त23 जुलाई11 अगस्त
नाग पंचमी5 अगस्त25 जुलाई13 अगस्त
उपाकर्म15 अगस्त3 अगस्त22 अगस्त
कजरी तीज18 अगस्त6 अगस्त25 अगस्त
बहुला चौथ19 अगस्त7 अगस्त25 अगस्त
हर छठ21 अगस्त9 अगस्त28 अगस्त
पर्युषण27 अगस्त – 3 सितंबर16 अगस्त – 23 अगस्त4 सितंबर
हरतालिका तीज1 सितंबर23 जुलाई9 सितंबर
ऋषि पंचमी3 सितंबर23 अगस्त11 सितंबर
संतान सप्तमी22 अगस्त10 अगस्त28 अगस्त
राधा अष्टमी/ महालक्ष्मी व्रत6 सितंबर25 अगस्त13 सितंबर
अनंत चतुर्दशी12 सितंबर31 अगस्त19 सितंबर
श्राद्ध13-27 सितंबर1-16 सितंबर20 सितंबर – 5 अक्टूबर
जीवित्पुत्रिका21 सितंबर10 सितंबर28 सितंबर
नवरात्री29 सितंबर17 अक्टूबर6 अक्टूबर
बठुकम्मा महोत्सव28 सितंबर – 6 अक्टूबर15 अक्टूबर – 23 अक्टूबर
नवपत्रिका पूजा4 अक्टूबर22 अक्टूबर12 अक्टूबर
सरस्वती पूजा9 फरवरी29 फरवरी16 फरवरी
शरद पूर्णिमा / कोजागरी व्रत13 अक्टूबर30 अक्टूबर19 अक्टूबर
करवाचौथ17 अक्टूबर4 नवंबर23 अक्टूबर
अहौई अष्टमी21 अक्टूबर8 नवंबर28 अक्टूबर
धनतेरस25 अक्टूबर13 नवंबर2 नवंबर
नरक चतुर्दशी26 अक्टूबर14 नवंबर3 नवंबर
आद्य काली पूजा22 अगस्त10 अगस्त29 अगस्त
गोवर्धन पूजा/ अन्नकूट28 अक्टूबर15 नवंबर5 नवंबर
भैया दूज/ यम द्वितीया29 अक्टूबर16 नवंबर6 नवंबर
छठ पूजा2 नवंबर20 नवंबर9 नवंबर
गोपाष्टमी4 नवंबर22 नवंबर11 नवंबर
अक्षय आँवला नवमी5 नवंबर23 नवंबर12 नवंबर
जगद्धात्री पूजा5 नवंबर23 नवंबर12 नवंबर
तुलसी विवाह8 नवंबर26 नवंबर15 नवंबर
वैकुण्ठ चतुर्दशी10 नवंबर28 नवंबर16 नवंबर
मणि कर्णिका स्नान10 नवंबर28 नवंबर16 नवंबर
विवाह पंचमी30 नवंबर18 दिसंबर8 दिसंबर
मंडला पूजा26 दिसंबर26 दिसंबर26 दिसंबर
  • ग्यारस या एकादशी व्रत तिथी  ( Ekadashi vrat dates):

हिन्दू पंचांग की प्रत्येक ग्यारहवी तिथी को एकादशी/ ग्यारस व्रत का पालन किया जाता हैं . वर्ष के प्रत्येक माह में ग्यारस की दो तिथियाँ आती हैं एक शुक्ल पक्ष एवम एक कृष्ण पक्ष. एकादशी के स्वामी भगवान विष्णु कहे जाते हैं. भक्त जन अपने मनोरथ के लिए एकादशी व्रत का पालन करते हैं . हिन्दू संस्कृति में एकादशी का महत्व सर्वाधिक होता हैं. मनुष्य अपने दुखो को दूर करने के उद्देश्य से इस व्रत का पालन करता हैं. वर्ष में 26 एकादशी व्रत का पालन किया जाता हैं. सभी एकादशी व्रत के पीछे एक पौराणिक कथा हैं, जिसमे एकादशी का उद्देश्य एवम भाव निहित हैं, जिन्हें आप नीचे दी गई लिंक से पढ़ सकते हैं.

क्र.एकादशी नामपक्ष201920202021
1सफलाकृष्ण1 जनवरी21 दिसंबर 20198 जनवरी
2पौष पुत्रदाशुक्ल17 जनवरी6 जनवरी24 जनवरी
3षष्ठीलाकृष्ण30 जनवरी20 जनवरी7 फरवरी
4जयाशुक्ल15 फरवरी5 फरवरी22 फरवरी
5विजयाकृष्ण1 मार्च18 फरवरी8 मार्च
6आमलकीशुक्ल16 मार्च5 मार्च24 मार्च
7पापमोचिनीकृष्ण31 मार्च19 मार्च7 अप्रैल
8कामदाशुक्ल15 अप्रैल4 अप्रैल23 अप्रैल
9वरुठिनीकृष्ण30 अप्रैल18 अप्रैल6 मई
10मोहिनीशुक्ल14 मई3 मई22 मई
11अपराकृष्ण29 मई17 मई5 जून
12निर्जलाशुक्ल12 जून1 जून22 जून
13योगिनीकृष्ण28 जून16 जून5 जुलाई
14देव शयनीशुक्ल12 जुलाई30 जून19 जुलाई
15कामिकाकृष्ण27 जुलाई16 जुलाई3 अगस्त
16पुत्रदाशुक्ल10 अगस्त30 जुलाई18 अगस्त
17अजाकृष्ण26 अगस्त14 अगस्त2 सितम्बर
18परिवर्तिनी/ डोल ग्यारसशुक्ल9 सितम्बर28 अगस्त16 सितम्बर
19इंदिराकृष्ण24 सितम्बर13 सितम्बर2 अक्टूबर
20पापांकुशाशुक्ल9 अक्टूबर26 अक्टूबर15 अक्टूबर
21रमाकृष्ण23 अक्टूबर12 अक्टूबर31 अक्टूबर
22प्रबोधिनी/ देव उठनीशुक्ल7 नवंबर25 नवंबर14 नवंबर
23उत्पन्नाकृष्ण22 नवंबर10 दिसंबर30 नवंबर
24मोक्षदाशुक्ल7 दिसंबर25 दिसंबर14 दिसंबर
25पद्मिनी (अधिक मास)कृष्ण27 सितम्बर
26परमा (अधिक मास)शुक्ल12 अक्टूबर
  • पूर्णिमा व्रत ( Purnima Vrat Date):

हिन्दू पंचांग के अनुसार एक माह में दो पक्ष (शुक्ल कृष्ण) होते हैं, जो कि अमावस से पूर्णिमा एवं पूर्णिमा से अमावस के बीच होते हैं . इस तरह प्रति वर्ष 12 पूर्णिमा आती हैं . पूर्णिमा के दिन अथवा एक दिन पूर्व सत्यनारायण भगवान की कथा एवम पूजा का महत्व होता हैं . पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा अपने पूर्ण रूप में होता हैं इस दिन उपवास का महत्व होता हैं जिसे हिन्दू धर्म में बड़े नियमो द्वारा निभाया जाता हैं .

निम्न सारणी में पुरे वर्ष में आने वाली पूर्णिमा का महत्व बताया गया हैं :

क्र.मासिक पूर्णिमामहत्व201920202021
1चैत्रहनुमान जयंती18 अप्रैल7 अप्रैल26 अप्रैल
2वैशाखबुद्ध जयंती18 मई6 मई25 मई
3ज्येष्ठवट सावित्री16 जून5 जून24 जून
4आषाढ़गुरू पूर्णिमा16 जुलाई4 जुलाई23 जुलाई
5श्रावण पूर्णिमा रक्षाबंधन14 अगस्त3 अगस्त21 अगस्त
6भाद्रपद पूर्णिमाश्राद्ध/ पितृ13 सितम्बर1 सितम्बर20  सितम्बर
7आश्विनशरद पूर्णिमा13 अक्टूबर1 अक्टूबर19 अक्टूबर
8कार्तिक पूर्णिमा11 नवंबर29 नवंबर18 नवंबर
9अग्रहण्य पूर्णिमा11 दिसंबर29 दिसंबर18 दिसंबर
10पौष पूर्णिमा20 जनवरी10 जनवरी28 जनवरी
11माघमाघ मेला19 फरवरी8 फरवरी26 फरवरी
12फाल्गुनहोली20 मार्च9 मार्च28 मार्च

मासिक अमावस्या व्रत

क्र.मासिक पूर्णिमामहत्व201920202021
1चैत्रचैत्र अमावस्या4 अप्रैल23 मार्च11 अप्रैल
2वैशाखबैसाख अमावस्या4 मई22 अप्रैल11 मई
3ज्येष्ठशनि जयंती2 जून22 मई9 जून
4आषाढ़सोमवती अमावस्या2 जुलाई20 जून9 जुलाई
5श्रावणश्रावण अमावस्या31 जुलाई20 जुलाई8 अगस्त
6भाद्रपदपिठोरी अमावस्या, चन्द्र ग्रहण29 अगस्त18 अगस्त6 सितम्बर
7आश्विनसर्व पितृ अमावस्या28 सितम्बर16 सितम्बर5 अक्टूबर
8कार्तिकदीवाली27 अक्टूबर16 अक्टूबर4 नवंबर
9अग्रहण्यमार्गशीर्ष अमावस्या26 नवंबर14 नवंबर3 दिसंबर
10पौषपौष अमावस्या25 दिसंबर
11पौष5 जनवरी12 जनवरी
12माघमौनी अमावस्या4 फरवरी24 जनवरी11 फरवरी
13फाल्गुनसूर्य ग्रहण5 मार्च22 फरवरी12 मार्च

किसान के कटाई त्यौहार (Seasonal and Harvesting festivals) –

त्यौहार का नाम201920202021
लोहड़ी13 जनवरी13 जनवरी13 जनवरी
मकर संक्रांति15 जनवरी15 जनवरी14 जनवरी
बसंत पंचमी10 फरवरी29 जनवरी16 फरवरी
बैसाखी14 अप्रैल13 अप्रैल13 अप्रैल
ओणम13 सितम्बर2 सितम्बर21 अगस्त
पोला1 अगस्त20 जुलाई

अन्य महत्वपूर्ण मासिक त्यौहार एवम पवित्र माह :

हिन्दू पंचांग में सभी तिथियों का विशेष महत्व होता हैं प्रति माह कई विशेष तिथियों पर भक्त जन पूजा एवम उपवास करते हैं . इसके अलावा कई माह भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं. आगे की तालिका में इन्ही महत्वपूर्ण मासिक त्यौहारों एवम माह का महत्व बताया गया हैं :

नामविवरण
कालाष्टमीकृष्ण पक्ष अष्टमी
प्रदोषप्रति हिंदी माह त्रयोदशी
मासिक शिव रात्रिप्रति हिंदी माह चतुर्दशी
संकष्टी चतुर्थीहर माह कृष्ण पक्ष के चौथे दिन संकष्टी चतुर्थी आती है|
भानु सप्तमीजब सप्तमी के दिन रविवार होता हैं
स्कन्दा षष्ठीशुक्ल पक्ष पंचमी और षष्ठी एक साथ आये तब मनाई जाती हैं
रोहिणी व्रतजब रोहिणी नक्षत्र सूर्योदय के बाद प्रबल होता हैं
सत्य नारायण पूजापूर्णिमा एवं उसके एक दिन पूर्व/ प्रति माह संक्रांति
मंगला गौरी / गौरी पूजा सावन माह के हर मंगलवार को मंगला गौरी व्रत होता है
धनुर्मास
श्रावण/ सावन महत्वपवित्र माह
अधिक मास महत्वपवित्र माह जो तीन वर्ष में आता हैं
कोकिला व्रतजब अधिक मास आषाढ़ में आता हैं यह योग 19 वर्षो में बनता हैं
कार्तिक माह महत्वपवित्र माह
चातुर्मास/ चौमासाअर्ध अषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, अश्विन एवं अर्ध कार्तिक
महाकुम्भ नासिकसूर्य,वृहस्पति जब सिंह राशि में प्रवेश करते हैं
महाकुम्भ उज्जैनजब सूर्य एवम वृहस्पति वृश्चिक राशि में प्रवेश करता हैं |

इस्लामिक त्यौहार ( Islamik Festival Dates):

भारत में कई धर्मो का समावेश हैं | यह एक अकेला राष्ट्र हैं जहाँ सभी धर्मो के लोग अपने- अपने धर्मानुसार स्वतंत्रता के साथ अपना- अपना त्यौहार मना सकते हैं . यहाँ विचारों की पूर्ण स्वतंत्रता हैं इसी तरह इस्लामिक त्यौहारों को भी उत्साह से भारत में मनाया जाता हैं जिनका महत्व एवम उद्देश्य भी प्रेम और शांति ही हैं ऐसे ही कुछ त्यौहारों का विवरण निम्न तालिका में किया गया हैं :

नाम2019
ईद5 जून
रमजान4 मई पाक महिना
बकरीद12 अगस्त
अल हिजरा इस्लामिक न्यू इयर30 अगस्त
मुहर्रम/ आशुरा10 सितम्बर

भारत देश की पहचान हैं उसके अनेक धर्मो का एक सुन्दर स्वरूप.  प्रेम, एकता, आपसी भाई चारा ही त्यौहारो का मुख्य उद्देश्य हैं. सामाजिक व्यवस्था की दृष्टि से भी त्यौहार बहुत महत्वपूर्ण हैं.

हमारे इस पेज में उन्ही त्यौहारों का विवरण किया किया हैं अगर आप इससे भिन्न कुछ जानते हैं तब अपनी राय कमेंट बॉक्स में दे सकते हैं.