बॉलीवुड अभिनेता इरफान खान का निधन, 54 साल की उम्र में कैंसर के चलते तोड़ा दम

बॉलीवुड अभिनेता इरफान खान जीवनी (फिल्म सूचि, सीरियल, करियर, परिवार, अवार्ड्स) (Irfan Khan  biography in hindi) (Awards, Family, Caste, Career)

बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता इरफ़ान खान का आज सुबह दिनांक 29 अप्रैल  11:00 बजे के करीब निधन हो गया। अपनी बेहतरीन कलाकारी के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले इरफान खान ने आज बॉलीवुड के साथ-साथ अपने प्रशंसकों को भी हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। उन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए आज हम अपने श्रद्धा पूर्वक शब्दों में उनके जीवन से जुड़े कुछ अनकहे तथ्य हमारी इस पोस्ट के जरिए आप तब तक पहुंचाना चाहते हैं। उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए आइए याद करते हैं उनके जीवन के कुछ बेहतरीन पलों को:-

irfan khan jivani bio hindi

परिचय बिंदु परिचय
पूरा नाम (Full Name)  साहबजादे इरफान अली खान
अन्य नाम (Other Name)  इरफान खान
निक नाम (Nick Name) इरफान
पेशा (Profession)  अभिनेता और प्रोड्यूसर
शैली (Genre) अभिनय करना
जन्म (Birth)  7 जनवरी 1967
आयु (Age) 54 वर्ष
जन्म स्थान (Birth Place) जयपुर, राजस्थान
राष्ट्रीयता (Nationality) भारतीय
गृहनगर (Hometown) टोंक जिला, खजुरिया गाँव
जाति (Caste) पठान
खाने में पसंद (Food Habit) मुगलाई भोजन
पसंद (Hobbies) किताबे पढ़ना
शैक्षिक योग्यता (Educational Qualification)
वैवाहिक स्थिति (Marital Status) मैरिड
पिता का नाम (Father’s name) साहबजादे यासीन अली खान
प्रेरणा स्त्रोत (Role Model)
बालों का रंग (Hair Color) ब्लैक
आँखों का रंग (Eye Color) ब्लैक

जन्म और प्रारंभिक जीवन

7 जनवरी 1967 के दिन राजस्थान के गुलाबी शहर मतलब जयपुर में हुआ था। इरफान खान के पिता साहबजादे यासीन अली खान और मां सैयदा बेगम के साथ जयपुर में ही निवास किया करते थे। जयपुर में ही उनके पिता टायर व्यवसाय से जुड़े हुए थे इरफान खान अपने तीन भाई बहन के साथ एक ही साथ परिवार में रहा करते थे। बचपन से ही क्रिकेट का शौक रखने वाले इरफान खान ने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें बॉलीवुड में एंट्री मिल जाएगी। क्रिकेट खेलना इरफान खान का शौक तो था परंतु उनके परिवार वालों को उनका क्रिकेट खेलना बिल्कुल भी पसंद नहीं था. हालांकि उनकी प्रतिभा को देखते हुए नायडू ट्रॉफी में उनका सिलेक्शन भी हो गया था परंतु फिर भी वह क्रिकेटर नहीं बन पाए।

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शिक्षा

अपने स्कूल के दिनों में वे बहुत अच्छा क्रिकेट खेला करते थे जब वे अपनी उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज में दाखिल हुए तब उन दिनों M.A. की पढ़ाई करते समय उन्हें नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा की तरफ से स्कॉलरशिप प्राप्त हुई। परिवार की बात रखने के लिए उन्हें क्रिकेट छोड़कर एक्टिंग की तरफ आना पड़ा, परंतु अपने बचपन के दिनों को याद करके भी अक्सर कहा करते थे कि बचपन की यादें हमेशा साथ रहती हैं चाहे बड़े होकर तुम कुछ भी बनो।

वैवाहिक जीवन

अपने जीवन में शांति वाले स्वभाव के व्यक्ति ने प्रेम विवाह किया था उनकी प्रेमिका का नाम सूतापा सिकदर था। अब उनके परिवार में उनकी पत्नी के साथ उनके दो बेटे बाबिल और आयन है। उनकी पत्नी के साथ उनकी पहली मुलाकात ड्रामा स्कूल में ही हुई थी, जब से ही वे दोनों एक दूसरे के प्रेम जाल में थे. जिसके बाद उन्होंने एक साथ अपने जीवन को जीने की कसमें खाई और शादी कर ली।

इमरान खान के परिवार की जानकारी (Imran khan Family Details)

पिता का नाम (Father’s Name) साहबजादे यासीन अली खान
माता का नाम (Mother’s Name) सैयदा बेगम
पत्नी का नाम (Wife’s Name) सुतापा सिकदर
बच्चे (Children) 2 बेटे
भाई/ बहन (Brother/Sister) भाई-इमरान खान और सलमान खान, बहन- रुखसाना बेगम

इरफ़ान खान फिल्मी करियर

  • सबसे पहले उन्होंने अपने अभिनय का प्रदर्शन टीवी के छोटे-छोटे सीरियल से की। हाल ही के दिनों में कुछ टीवी सीरियल डीडी नेशनल पर दिखाएं भी जा रहे हैं जिनमें से कुछ प्रमुख चाणक्य है। चाणक्य में आज भी आप इरफान खान के जीवन के पहले किरदार को देख सकते हैं.
  • इनके अलावा धारावाहिक भारत एक खोज चंद्रकांता में भी उन्होंने अपना अभिनय प्रदर्शन दिखाकर लोगों की खूब प्रशंसा बटोरी थी।
  • उसके बाद फिल्मों की ओर रुख करते हुए एक छोटा-सा रोल उन्हें सलाम बॉम्बे नामक फिल्म में मिला। सलाम बॉम्बे जो 1988 के दौरान पर्दे पर रिलीज़ हुई थी उस फिल्म में एक छोटा सा किरदार इरफान खान ने निभाया था परंतु कुछ दिक्कतों की वजह से उनके इस किरदार को फिल्म से हटा दिया गया।
  • उसके बाद उन्होंने अपने जीवन में संघर्ष करना नहीं छोड़ा और छोटे-मोटे किरदारों के साथ बड़े पर्दे पर नजर आते रहे। साल 2001 के दौरान द वॉरियर फिल्म से उनकी जिंदगी में एक नया बदलाव आया उनको आशिफ़ कपाड़िया के निर्देशन में काम करने का मौका मिला। यह उनके फिल्मी करियर का एक बहुत बड़ा पड़ाव था जिसके बाद उनकी पहचान बॉलीवुड के बड़े पर्दे पर बन गई। अंतर्राष्ट्रीय समारोह में भी उस फिल्म को प्रदर्शित किया गया.
  • इसके बाद साल 2004 में एक नकारात्मक किरदार में उन्हें ‘हासिल’ में देखा गया। इस किरदार ने दर्शकों के दिल पर एक अलग छाप छोड़ी जिसके बाद वे लगातार बॉलीवुड के परदे के साथ-साथ हॉलीवुड के पर्दे पर भी अपनी पहचान दिखाने के लिए पहुंचकर।
  • साइड रोल करते-करते साल 2005 में आखिरकार उन्हें एक पल में लीड रोल करने का मौका मिला जिसमें वह एक पुलिस अफसर के रूप में प्रशंसकों के सामने दिखाई दिए इस फिल्म का नाम था ‘रोग’। हालांकि बड़े पर्दे पर इस फिल्म ने कुछ खासा असर नहीं दिखाया लेकिन फिर भी इरफान खान के किरदार ने सब के दिलों पर एक अलग छाप छोड़ने का काम जरूर किया।
  • अपने बेहतरीन अभिनय की वजह से साल 2007 में फिर से किस्मत ने उन्हें मौका दिया जब एक मल्टीस्टारर फिल्म लाइफ इन ए मेट्रो फिल्म में कई सारे अभिनेता और अभिनेत्रियों के साथ काम करने का मौका उन्हें बड़े पर्दे पर दिया गया। उनके बोलने का अंदाज और अभिनय के अंदाज में लोगों को उनका दीवाना बना दिया था जिसके बाद उन्होंने पान सिंह तोमर, पीकू, एसिड फैक्ट्री, जज्बा, तलवार, हिंदी मीडियम, हैदर, सहित कई सारी फिल्मों में बेहतरीन अदाकारी दिखाइए।
  • हॉलीवुड में बीएफ बड़ी-बड़ी फिल्मों में 1988 से ही वे अपना अभिनय प्रदर्शन दिखाते आए हैं जिनमें से कुछ मशहूर फिल्में सच अ लोंग जर्नी, द नेमसेक, दार्जिलिंग लिमिटेड, द अमेजिंग स्पाइडर मैन, और जुरासिक वर्ल्ड के साथ-साथ इनफर्नो नामक फिल्मों में भी उनके बेहतरीन किरदार के लिए उन्हें सराहा गया।
  • बीते कुछ साल में उनकी कुछ बेहतरीन बॉलीवुड फिल्मों ने भी बड़े पर्दे पर एक अलग कमाल दिखाया जिनमें से ब्लैकमेल कबीर और साथ ही अंग्रेजी मीडियम शामिल है।

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इरफान खान को मिले पुरस्कार

  • अपने बेहतरीन प्रदर्शन के चलते साल 2011 में ही सरकार से उन्हें पद्मश्री अवार्ड प्राप्त हो चुका था।
  • भले ही हासिल मूवी ने पर्दे पर कमाल ना दिखाया हो परंतु उनके नकारात्मक अभिनय ने साल 2003 में ही उन्हें बेस्ट नेगेटिव किरदार का फिल्म फेयर अवार्ड जिताया।
  • बेहतरीन कलाकारी ने प्रशंसकों के दिल पर राज करने के लिए एक अलग स्थान बनाने वाले इरफान खान ने साल 2007 में लाइफ इन मेट्रो फिल्म के लिए भी सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के रूप में फिल्म फेयर अवार्ड जीता।
  • धीरे-धीरे प्रशंसकों के दिल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता बनने वाले इरफान सिंह ने पान सिंह तोमर फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का अवार्ड अपने नाम किया।
  • दुबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में हुए एशिया प्रशांत पेन समारोह और एशियाई संत समारोह के दौरान उन्हें साल 2013 में फिल्म लंच बॉक्स के लिए भी अवार्ड प्राप्त हुए।
  • उनके बेहतरीन किरदार के रूप में आज भी देखी जाने वाली फिल्म स्लमडॉग के लिए उन्हें सेंट्रल ऑडियो फिल्म क्रिटिक्स एसोसिएशन की तरफ से सर्वश्रेष्ठ एसेंबल अवार्ड प्राप्त हो चुका है।
  • अपनी फिल्म हिंदी मीडियम के लिए भी वे बेस्ट एक्टर का खिताब अपने नाम कर चुके हैं।

बीमारी से थे ग्रस्त (Irfan Khan Health)

साल 2018 के समय मान खान को अपनी गंभीर बीमारी न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर का पता चला था। उस समय से ही वे अपनी गंभीर स्थिति से जूझते हुए लगातार अपने जीवन के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं। हालांकि वे अपने बेहतर इलाज और स्वास्थ्य को सुधारने के लिए लंदन भी गए थे जहां पर काफी समय तक उनका इलाज चला था परंतु जैसे ही उन्हें तबीयत में कुछ सुधार दिखा तो वह वापस भारत लौट आए। भारत वापस लौटने के बाद से ही वे लगातार कोकिलाबेन अस्पताल के डॉक्टर से अपने स्वास्थ्य के बारे में विचार विमर्श करते रहते थे और लगातार रुटीन चेकअप के लिए जाया करते थे।

साउथ 2019 के दौरान जब अंग्रेजी मीडियम की शूटिंग के लिए उदयपुर में थे उस समय उनकी एक कीमोथेरेपी की जानी थी। परंतु शूटिंग के दौरान अपनी व्यस्तता की वजह से उनकी कीमोथेरेपी मिस हो गई। हालाकी आंतरिक रूप से वे भले ही गंभीर रूप से बीमार थे परंतु उनके चेहरे पर उनकी बीमारी की एक भी झलक नहीं दिखाई दे रही थी इसी के चलते उन्होंने अपनी कीमो थेरेपी को अनदेखा कर दिया और फिल्म की शूटिंग पूरी करने के वे खुद को स्वस्थ महसूस करने लगे थे परंतु होली के पावन त्यौहार से लगभग 2 महीने पहले ही उनकी हालत कुछ ठीक नहीं लग रही थी।

होली का त्योहार गुजरने के बाद तक तो उनकी हालत और ज्यादा खराब होती नजर आ रही थी। लगभग 10 दिन पहले के समय के दौरान उनकी परेशानी बहुत ज्यादा बढ़ती हुई नजर आ रही थी जिसके चलते परिवार के सभी सदस्य बेहद परेशान रहने लगे थे। उनकी तबीयत में बिल्कुल भी सुधार ना देखते हुए कल इरफान खान को कोकिलाबेन अस्पताल में तुरंत एडमिट करा दिया गया। अपने कड़े संघर्ष और मजबूत इरादों के साथ कैंसर जैसी भयंकर बीमारी से लड़ते हुए आज सुबह 11:00 बजे उन्होंने कोकिलाबेन अस्पताल में ही दम तोड़ दिया। अभी कुछ दिन पहले ही उनकी मां का निधन हो गया था परंतु इस तालाबंदी के दौर की वजह से वे अपनी मां के अंतिम संस्कार के लिए भी उनके पास नहीं पहुंच पाए थे इस बात को लेकर भी वह अंदर से बहुत दुखी थे।

उनकी निधन की खबरें सुनने के बाद लगातार सभी बॉलीवुड के बड़े दिग्गज नेता उनकी आत्मा की शांति के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट भी कर रहे हैं। उनकी अदाकारी को सदैव ही पूरे बॉलीवुड के साथ-साथ हॉलीवुड भी याद रखिएगा क्योंकि वह एक ऐसे गंभीर व्यक्ति थे जो अपनी जुबान से कम और अपनी आंखों से ही शब्दों को ज्यादा समझा दिया करते थे।

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