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करीना कपूर का जीवन परिचय | Kareena Kapoor biography in hindi

Kareena Kapoor biography in hindi करीना कपूर भारतीय फ़िल्म उद्योग बॉलीवुड की एक मशहुर अभिनेत्री है. अपने अभिनय के द्वारा ये हर किरदार को बड़ी जीवंतता के साथ निभा चुकी है. इन्होने कॉमेडी, रोमांटिक, क्राइम और ड्रामा सभी तरह के किरदार निभाए है. करीना कपूर बॉलीवुड के बड़े परिवार कपूर खानदान में जन्म लेने के बावजूद भी अपनी मेहनत और अभिनय क्षमता की वजह से बॉलीवुड में एक बड़ा मुकाम हासिल कर पाई है इसके साथ ही इन्होने बहुत सारे अवार्ड भी जीते है. करीना कपूर सिर्फ़ एक अभिनेत्री ही नहीं बल्कि यह एक डिजायनर और लेखिका भी है. उनकी एक किताब आई थी जिसका नाम ‘डोंट लूज़ योर माइंड लूज़ योर वेट’ इस किताब को उन्होंने रजत कपूर के साथ मिल कर लिखा था. ये लोगों को उनके डाइट प्लान के बारे में बताते है. करीना एक बहुत ही बोल्ड हीरोइन है.   

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करीना कपूर का जीवन परिचय

Kareena Kapoor biography in hindi

करीना कपूर का जन्म और शिक्षा (Kareena Kapoor education details)

करीना कपूर का जन्म 21 सितम्बर 1980 को मुम्बई में हूआ था. करीना कपूर की शुरुआती पढाई मुम्बई के ही एक नर्सिंग स्कुल में हुई है, जिसका नाम जमनाबाई नरसी स्कूल है. फिर वह देहरादून चली गई जहा पर उन्होंने वेलहेम गर्ल्स हाई स्कूल में अपना नामांकन कराया. करीना का मन ज्यादा पढाई में नहीं लगता था, इस इंस्टिट्यूसन में वे अपनी माँ को खुश करने के लिए जाया करती थी. गणित को छोड़कर और किसी भी विषय में उनकी ज्यादा रूचि नहीं थी.

करीना ने वेलहम से अपनी स्नातक की पढाई करने के बाद विले पारले जो की मुम्बई में है के मिथिला बाई कॉलेज से कॉमर्स से स्नातक के लिए दो वर्ष की पढाई की. फिर उन्होंने यूनाइटेड स्टेट के हारवार्ड समर स्कूल में 3 महीने के ग्रीष्मकालीन सत्र में माईक्रो कम्प्यूटर की पढाई के लिए नामांकन कराया. इसके बाद उन्हें कानून के बारे में जानने की इच्छा हुई तो उन्होंने अपना नामांकन मुम्बई के ही एक लॉ कॉलेज में करा लिया जो कि गवर्मेंट लॉ कॉलेज था. पढने में उनकी रूचि तो थी इस वजह से उन्होंने कानून की पढाई में एक साल का सत्र पूरा किया, लेकिन बाद में उनकी चाहत फिल्मों में जाने की होने लगी जिस वजह से फिल्मों में अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए करीना कपूर फ़िल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ़ इण्डिया नामक संस्थान से जुड़ गई. फिर वो एफटीआईआई के सदस्य किशोर नामित से अभिनय सिखने लगी.            

करीना कपूर का पारिवारिक जीवन (Kareena Kapoor family)

करीना कपूर के परिवार में उनके माता पिता और एक बहन है, कपूर खानदान एक बहुत ही बड़ा परिवार है. इनके पिता का नाम रणधीर कपूर है जो कि फ़िल्म अभिनेता है और करीना के दादा जी का नाम राज कपूर है जो कि फ़िल्म निर्माता है. करीना कपूर के माता जी का नाम बबिता है जो कि हरी शिवदासानी की बेटी है करीना इनकी छोटी बेटी है और करिश्मा कपूर इनकी बड़ी बेटी है जो करीना की बहन है. करीना कपूर मशहुर फ़िल्म अभिनेता ऋषि कपूर की भतीजी भी है. उनके नाम के बारे में बताया गया है कि करीना उनका नाम इसलिए रखा गया क्योंकि उनकी माँ जब गर्भवती थी तब हमेशा एना करेनिना की किताब को पढ़ा करती थी. इसलिए सब ने उनको भी करीना का नाम दे दिया. वो पिता के खानदान की तरफ से पंजाबी और माँ के खानदान की तरफ से सिन्धी और ब्रिटिश खानदान की है. कपूर परिवार हमेशा हिन्दू धर्म को मानता है इस तरह से करीना कपूर हर धर्म का मिला जुला रूप है.  

करीना कपूर का व्यक्तिगत जीवन (Kareena Kapoor personal profile)

16 अक्टूबर 2012 सैफ अली खान से शादी करने के बाद इन्होने अपने नाम के आगे एक उपनाम जोड़ दिया है. अब सभी इनको करीना कपूर खान के नाम से जानते है. सैफ अली खान से शादी करने के बाद उन्होंने शादी की रिसेप्सन पार्टी मुम्बई के ताज होटल में दी. उन्होंने अपने से 10 साल बड़े सैफ से शादी की जो कि पहले से शादी शुदा थे उनकी पहली बीवी अमृता सिन्हा थी, जिससे उनके दो बच्चे है. उन्होंने अपनी शादी के बाद हिन्दू रीति रिवाज में जो पति के खानदान का उपनाम जुड़ता है उसे जारी रखा है. वह बहुत ही चुलबुली स्वभाव की बचपन से ही है. उनका एक बेटा भी है. करीना कपूर अपनी फिल्मों की व्यस्तता में भी सामाजिक कार्यों के लिए समय निकाल ही लेती है, वह कई तरह के चैरिटी शो का हिस्सा भी रही है. वह महिलाओं के लिए वीमेन सेफ्टी को बढ़ावा देती है, इसके साथ ही बच्चों के पढाई के लिए भी लोगों को प्रेरित करने का कार्य करती है. करीना कपूर ने सभी बड़े अभिनेताओं के साथ काम किया है, इन्होने बॉलीवुड के सभी खानों के साथ काम किया है.

वह अभिनय के क्षेत्र में मीना कुमारी और नर्गिस के काम से प्रभावित होकर फिल्मों में आने के लिए प्रेरित हुई. उनके पिता का फिल्मों में उनके घर की महिलाओं द्वारा काम करना पसंद नहीं था उनका मानना था की महिलाओं को परम्परागत रूप से पारिवारिक जिम्मेदारिया ही निभानी चाहिए लेकिन उनकी माँ ने उनके इस सोच का विरोध किया, इस वजह से उनके माता पिता दोनों अलग हो गए. करीना की माँ ने अपनी बेटियों के लिए बहुत संघर्ष की, उनके संघर्ष का ही परिणाम था की करिश्मा कपूर ने फिल्मों में काम किया. जिस वजह से फिल्मों में आने का रास्ता करीना के लिए आसान हो गया. अब उनके पिता ने भी फिल्मों में उन दोनों के काम को ले कर अपनी सहमती दे दी है, और अब फिर से साथ साथ रहने लगे है. करीना के बारे में कुछ व्यक्तिगत जन्काती नीचे दी जा रही है – 

नाम करीना कपूर
उपनाम बेबो
व्यवसाय अभिनेत्री
ऊँचाई 5 फीट 4 इंच
वजन 54 किलो ग्राम
आँखों का रंग हेज़ल हरा
बालों का रंग गहरा भूरा
शारीरिक बनावट 34-26-35  
राशि कन्या
नागरिकता भारतीय
धर्म हिन्दू
पसंद पढना, तैराकी करना और योगा  
पसंदीदा खाना डाल, चावल, पास्ता  
पसंदीदा अभिनेता राज कपूर और शाहरुख़ खान
पसंदीदा अभिनेत्री काजोल, नर्गिस, मीना कुमारी  
पसंदीदा रंग काला और लाल
पसंदीदा फ़ैशन डिजायनर मनीष मल्होत्रा
पसंदीदा परफ्यूम जीन पॉल गौल्तिएर्स क्लास्सिक्यु
पसंदीदा स्थान लन्दन और स्विट्ज़रलैंड
वैवाहिक स्थिति विवाहित
पति का नाम सैफ अली खान
बेटे का नाम तैमुर अली खान पटौदी
गाड़ी जो उनके पास है बीएमडब्लू 7 सीरिज, एलएक्स 470 एसयुवी    
सैलरी 8 से 10 करोड़
कुल कमाई 10 मिलियन डॉलर
बॉय फ्रेंड शाहिद कपूर, हृतिक रोशन 
पसंदीदा फ़िल्म बॉलीवुड की आवारा, कल आज और कल, संगम, बॉबी   
घर  मुम्बई महाराष्ट्र
घर का पता फार्च्यून हाइट्स पश्चमी बांद्रा, मुम्बई 
पसंदीदा हॉलीवुड फ़िल्म ब्रेक फ़ास्ट ऐट टिफ़नीज, कैट ऑन अ हॉट टिन रूफ  

करीना कपूर का फ़िल्मी करियर (Kareena Kapoor filmography)

करीना कपूर के करियर का ग्राफ फिल्मों में पदार्पण के बाद बढ़ता ही गया है जिसका वर्णन निम्न है-

  • 2000 से 2003 तक का समय :

करीना कपूर को पहले 2000 में राकेश रोशन की फ़िल्म ‘कहो न प्यार है’ मिली जिसमे उनके हीरो राकेश रोशन के बेटे ऋतिक रोशन थे. कुछ समय बाद करीना ने यह कहते हुए यह फ़िल्म छोड़ दी की इस फ़िल्म में राकेश रोशन अपने बेटे को ज्यादा अहमियत दे रहे है. करीना कपूर ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत रिफ्यूजी फ़िल्म से की थी जिसमे उनके हीरो अभिषेक बच्चन थे. यह जे पी दत्ता की फ़िल्म थी यह फ़िल्म 1971 के भारत पाकिस्तान की सीमा को रिफ्यूजी द्वारा लोगो को पार कराने पर आधारित फ़िल्म थी. इस फ़िल्म में करीना ने एक बांग्लादेशी लड़की के किरदार को निभाया था. उस किरदार का नाम नाज था. ये फ़िल्म ज्यादा नहीं चली लेकिन इसमें करीना द्वारा किये गए अभिनय की तारीफे हुई और इस फ़िल्म के लिए उन्हें पुरस्कार भी मिला.

इस साल इनकी दूसरी फ़िल्म ‘मुझे कुछ कहना है’ आई, जिसमे इनके हीरो तुषार कपूर थे यह फ़िल्म हिट रही. फिर इनकी सुभाष घई द्वारा निर्मित फ़िल्म ‘यादें’ आई, जिसमे इनके हीरो ऋतिक रोशन थे. यह फ़िल्म सफल नहीं हो पाई, फिर अब्बास मस्तान की फ़िल्म ‘अजनबी’ आई उस फ़िल्म में उनके हीरो अक्षय कुमार थे. इसके बाद ‘अशोका’ फ़िल्म आई जिसे सम्राट अशोक के काल्पनिक जीवन पर निर्मित किया गया था. इस फ़िल्म में उनके हीरो शाहरुख़ खान थे. 2001 टोरंटो इन्टर नेशनल वेनिस में अशोका फ़िल्म और उसमें उनके अभिनय को सकारात्मक समीक्षा मिली. अशोका को 47वे फ़िल्म फेयर में 5 पुरस्कारों के लिए नामांकित किया गया था जिसमे करीना कपूर को बेस्ट अभिनेत्री के लिए भी नामांकित किया गया था. शाहरुख़ खान की जीवनी यहाँ पढ़ें.

सबसे सफल रही उनकी फ़िल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ थी, जिसमे उनके किरदार का नाम पूजा था जिसको लोगों ने खूब पसंद किया. यह फ़िल्म करण जौहर द्वारा बनाई गई थी इस फ़िल्म में उनके हीरो ऋतिक रोशन थे. इसके अलावा इस फ़िल्म में और भी बड़े बड़े अभिनेता और अभिनेत्री थे जिसमे अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान और काजोल भी थे. यह फ़िल्म बहुत हिट रही इसके साथ ही यह भारत में कमाई करने वाली दूसरी सबसे बड़ी फ़िल्म बन गई. इस फ़िल्म में उनको सहायक अभिनेत्री के लिए बेस्ट अभिनेत्री का रोल मिला. इस फ़िल्म से उनका नाम सफल अभिनेत्रियों में लिया जाने लगा. इससे पहले उनके द्वारा किये गए फ़िल्म जैसे कि ‘मैं प्रेम की दीवानी हु’, ‘मुझसे दोस्ती करोगी’, ‘जीना सिर्फ़ मेरे लिए’, ‘तलास: द हंट बैगिन्स’ और ‘एलओसी’ आदि यह सब ज्यादा सफल नहीं रही, लेकिन कभी खुशी कभी गम की सफलता ने उन्हें फिल्मों में दमदार रूप से प्रतिस्थापित कर दिया. वह सबसे ज्यादा मेहनताना लेने वाली भारतीय फ़िल्म उद्द्योग की अभिनेत्री बन गई. अमिताभ बच्चन का परिवार व जीवनी यहाँ पढ़ें.

  • 2004 से 2006 तक का समय :

करीना इस समय तक अपने को स्थापित कर चुकी थी अब वो अलग अलग तरह के किरदार में अपने आपको चुनौती लेते हुए, अपनी अभिनय को और निखारने की कोशिश करना चाहती थी. 2004 में सुधीर मिश्रा के निर्देशन में उनकी एक फ़िल्म आई जिसका नाम था ‘चमेली’ इस फ़िल्म में उन्होंने एक वेश्या का रोल किया था. इस फ़िल्म में उनके हीरो राहुल बोस थे हालाँकि करीना पहले इस फ़िल्म के लिए तैयार नहीं थी. उन्होंने इसे करने से मना कर दिया था, लेकिन सुधीर मिश्रा के दूसरी बार कहने पर वह इंकार नहीं कर पाई और इस फ़िल्म के लिए हामी भर दी. इस फ़िल्म के किरदार को समझने के लिए उन्होंने कई बार रात में मुम्बई के रेड लाइट एरिया का दौरा किया. वो उनके कपडे पहनने के भाव से लेकर बोलने चलने तक को बड़े ध्यान से देखती थी और वो अपनी फिल्मों में जो भी उन्होंने देखा वो करने की कोशिश की. इस फ़िल्म को क्रिटिक्स की भी सकारात्मक समीक्षा मिली. इस फ़िल्म को विशेष जूरी ने 49वे फ़िल्म फेयर में इनको अवार्ड भी मिला और साथ ही यह भी कहा गया कि इस फ़िल्म में इनकी अभिनय ने सारे अपेक्षाओ को पार कर गई है यह बहुत ही बेहतरीन फिल्म थी.

इसके बाद करीना कपूर की फ़िल्म ‘युवा’ आई इस फ़िल्म में उनके सहयोगी कलाकार थे अजय देवगन, अभिषेक बच्चन, विवेक ओबराय, ईशा देओल और रानी मुखर्जी. करीना कपूर ने इस फ़िल्म में मीरा नामक पात्र के किरदार का रोल किया है, और उनके में रूचि रखने वाले एक हीरो के रूप में विवेक ओबरॉय को दिखाया गया है. फिर इसके बाद इनकी फ़िल्म आई ‘देव’ जो की 2002 में हुए गुजरात के हिन्दू मुस्लिम दंगे पर आधारित थी, इस फ़िल्म ने करीना कपूर ने एक मुस्लिम पीड़ित लड़की के किरदार को निभाई थी जिसका नाम आलिया था. जोकि फ़िल्म में मोड्लिंग के बाद उसका जाहीर शेख हो जाता है. इस फ़िल्म में किये गए उनके कार्य को अमिताभ बच्चन, गोविन्द निहलानी के साथ ही फ़िल्म के आलोचकों ने भी बहुत सराहा है. तरन आदर्श ने इस फ़िल्म को पहले दर्जे की फ़िल्म के रूप में व्याख्यित किया. इस फ़िल्म को कई पुरस्कार भी प्राप्त हूए.

करीना ने एक खलनायिका के रूप में एक फ़िल्म में काम की, जिसका नाम था ‘फ़िदा’. इस फ़िल्म में उनके साथी कलाकार थे सैफ अली खान और शाहिद कपूर तथा इस फ़िल्म में उनके किरदार का नाम नेहा मेहरा था. कुछ आलोचकों ने करीना के अभिनय की तारीफ की. यह फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी नहीं दिखा पाई. इसके बाद ही उनकी और फिल्मे जैसे कि ‘ऐतराज’ और कॉमेडी फ़िल्म ‘हलचल’ आई. यह फ़िल्म प्रियदर्शन ने बनाई थी यह दोनों ही फ़िल्म कामयाब रही. 2005 में करीना की फ़िल्म ‘बेवफा’ आई, इस फ़िल्म में करीना के किरदार का नाम अंजलि सहाय था. इस फ़िल्म में इनके सहयोगी कलाकार थे अनील कपूर, सुस्मिता सेन, अक्षय कुमार. इसके बाद ही फ़िल्म ‘क्योंकि’ और ‘दोस्ती: फ्रेंड फॉरएवर’ आई. यह दोनों ही फ़िल्म अच्छी रही, इसके साथ ही क्योंकि फ़िल्म में करीना कपूर के अभिनय को सराहना मिली. बीबीसी ने इस फ़िल्म की सराहना करते हुए इसको पूरी तरह से प्राकृतिक बताया है. अक्षय कुमार का जीवन परिचय यहाँ पढ़ें.

2006 में करीना कपूर की तीन फिल्मे आई, एक थी ‘36 चाइना टाउन’ जो कि एक थ्रिलर फ़िल्म थी, जिसमे उनके हीरो शाहिद कपूर थे. फिर उनकी फ़िल्म आई ‘चुप चुप के’ यह एक कॉमेडी फ़िल्म थी. इस फ़िल्म में भी उनके हीरो शाहिद कपूर ही थे. इसके साथ ही इस फ़िल्म में परेश रावल, सुनील शेट्टी और ओम पूरी जैसे भी कलाकार थे, दोनों ही फ़िल्म कुछ खास सफल नहीं हुई. फिर उनकी फ़िल्म आई ‘ओमकारा’ जोकी शेक्सपियर की ऑथेलो के एक किरदार को दिखाया गया था. यह फ़िल्म विशाल भारद्वाज जो की एक विश्व स्तर के निदेशक है उनके द्वारा निर्देशित की गई थी. यह फ़िल्म उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर बनाई गई थी. इस फ़िल्म का प्रीमियर फ़िल्म फेस्टिवल में भी दिखाया गया है. इस फ़िल्म में करीना के अभिनय की खूब तारीफ हुई आलोचकों ने भी इसे खूब सराहा और यह फ़िल्म स्क्रीन अवार्ड के पुरस्कार को प्राप्त की. इस फ़िल्म के लिए कहा गया की यह शानदार और प्रसंशा करने लायक फ़िल्म है. इस फ़िल्म में अपने सरल किरदार के माध्यम से अभिनय कर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया. ‘ओमकारा’ फ़िल्म को करने के बाद करीना कपूर ने फिल्मों से कुछ समय के लिए अवकाश ले ली.

‘द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया’ को दिए इंटरव्यू में करीना ने कहा कि शुरूआती दौर में वो फिल्मों को लेकर लालची थी. जो भी फ़िल्म उन्हें मिली वो करती गई लेकिन अब वो फिल्मे चुन कर करना चाहती है. फिर कुछ समय के बाद ही ‘डॉन’ फ़िल्म का रीमेक बना जिसको फरहान अख्तर ने बनाया था. यह फ़िल्म भी काफी हिट रही थी.

  • 2007 से 2011 तक का समय :

करीना कपूर ब्रेक के बाद फिर से फिल्मों में सक्रीय हूई और उनकी फ़िल्म ‘जब वी मेट’ आई, जिसको इम्तियाज़ अली ने निर्देशित किया था. यह एक बहूत ही जाने माने निर्देशक है यह फ़िल्म 2007 में आई थी. इस फ़िल्म में करीना के हीरो शाहिद कपूर थे. इस फ़िल्म में करीना द्वारा अभिनीत किये किरदार को लोगों ने बहुत ज्यादा पसंद किया. इस फ़िल्म में उनके किरदार का नाम गीत था यह एक चुलबुली लड़की थी और शाहिद का किरदार ठीक इसके उल्टा था. वह एक गंभीर व्यक्ति का रोल कर रहे थे. इस फ़िल्म के द्वारा यही दिखाने की कोशिश हूई थी, कि दो विपरीत स्वाभाव के लोग एक दुसरे किस तरह से एक दुसरे के प्यार में पड जाते है. यह फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत ही कामयाब हुई कमाई के मामले में भी यह फ़िल्म और फिल्मों के मुकाबले बहुत ज्यादा कमाई की. इस फ़िल्म के लिए भी करीना कपूर को बहुत से अवार्ड भी मिले. बीबीसी की तरफ जसप्रीत पन्दोहर ने कहा कि यह फ़िल्म बहुत ही सादगी भरी और सहज लगी, जोकि लोगो के दिलों में जगह बनाने के लिए काफी है. आलोचक राजीव मसंद ने करीना और इस फ़िल्म, दोनों की तारीफ करते हूए कहा कि एक महिला की बेफ़िक्री से बोले गए लाईनों को सभी के द्वारा खूब पसंद किया जायेगा.

इसके बाद ही उनकी फ़िल्म आई ‘टशन’, जिसमे उनके हीरो सैफ अली खान थे. यह फ़िल्म ज्यादा सफल नहीं रही लेकिन इसी फ़िल्म के जरिये करीना और सैफ एक दुसरे से मिले थे. उसके बाद करीना की फ़िल्म आई ‘गोलमाल’, इस फ़िल्म को रोहित सेट्टी ने निर्देशित किया था. उसी का दूसरा भाग भी आया ‘गोलमाल रिटर्न्स’ जो की बहुत ही सफल रही. आलोचक ने इसको खूब सराहा. द इंडियन एक्सप्रेस के द्वारा कहा गया कि यह फ़िल्म कुछ नया नहीं कर पाई इसके लिए मिली जुली प्रतिक्रिया मिली. 2009 में उनकी फ़िल्म आई ‘कम्बक्ख्त इश्क’, जिसमे उनके सहयोगी कलाकार अक्षय कुमार थे. यह फ़िल्म आलोचकों की नज़र में अच्छी नहीं रही लेकिन कमाई के मामले में यह फ़िल्म सफल रही. फिर उसके बाद करीना की फ़िल्म आई ‘मै और मिस्टर खन्ना’, यह बहुत ही ज्यादा फ्लॉप रही, बाद में सैफ अली खान और विवेक ओबराय के साथ आई ‘कुर्बान’. इस फिल्म में करीना कपूर के अभिनय की तारीफे हुई, इसके लिए इन्हें बेस्ट अभिनेत्री के लिए नामित भी किया गया था. गौरव मालानी ने इकोनोमिक्स टाइम्स के हवाले से कहा कि बहुत लम्बे समय के बाद इस तरह का उन्होंने रोल किया है जोकी बहूत ही दमदार है. सुभाष के झा ने इस फ़िल्म को व्याख्यित करते हुए कहा, यह बहुत ही रचनात्मक और सवेदंशील फ़िल्म रही इसमें करीना के अभिनय की भी तारीफ हूई.

उनके द्वारा सबसे ज्यादा चर्चित फ़िल्म ‘3 इडियट्स’ रही. यह फिल्म चेतन भगत द्वारा लिखी गयी किताब फाइव पॉइंट समवन पर आधारित थी. इस फ़िल्म ने कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे, इस फ़िल्म में इनके सहयोगी कलाकार थे आमिर खान, आर माधवन, सुष्मिता सेन, शर्मन जोशी. इस फ़िल्म में करीना कपूर ने जो किरदार निभाया था उसका नाम पिया था. वह एक डॉक्टर की पढाई करने वाली एक छात्रा थी. भारत में यह फ़िल्म 2.03 मिलियन की कमाई की थी और अंतराष्ट्रीय स्तर पर इस फ़िल्म ने 1.08 बिलियन की कमाई की. पुरे ओवरसीज मार्केट में यह फ़िल्म दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फ़िल्म बन गई. 2010 में करीना की फिल्म ‘मिलेंगे मिलेंगे’ आई. जो कि असफल फिल्म रही. इसके बाद उन्होंने अर्जुन रामपाल और काजोल के साथ फिल्म की जिसका नाम वी आर फैमिली था. इस फिल्म में उनके किरदार का नाम श्रेया अरोड़ा था इस फिल्म को सिद्धार्थ मल्होत्रा ने निर्देशित किया था. इस फिल्म की द टेलीग्राफ की प्रियंका रॉय ने आलोचना की, लेकिन करीना के अभिनय की तारीफ की. इस फिल्म के लिए करीना को बेस्ट सहायक कलाकार के लिए चुना गया था.

2011 में फिर उनकी फिल्म आई बॉडीगार्ड जिसमे उनके हीरो सलमान खान थे, यह फिल्म एक मलयालम फिल्म की रीमेक थी. इस फिल्म को आलोचकों ने उतना सराहा नहीं लेकिन इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर पैसों का व्यापर खूब किया फिल्म सफल रही. यह उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गयी, इस फिल्म ने 1.5 लाख मिलियन डॉलर कमाए. फिर उनकी फिल्म आई ‘रावन’, जिसके हीरो थे शाहरुख़ खान. यह फिल्म भारत में बनाई गयी सबसे महंगी फिल्म थी इस फिल्म ने अच्छी कमाई की. करीना अपनी हर एक नई फिल्म से सफलता के पथ पर बढ़ती गयी.

  • 2012 से अब तक का समय :

फिल्मों में सफलता ने उनके झोली में कई सारी फिल्में डाल दी. 2012 में उनकी फिल्म आई ‘एक मै और एक तू’, जिसका निर्देशन शकुन बत्रा ने किया था. इस फिल्म में करीना के सहयोगी कलाकार इमरान खान थे. यह फिल्म सफल रही. आलोचकों ने भी इस फिल्म को सराहा. इस फिल्म में करीना के किरदार का नाम रैना बजाज था. इसके बाद इनकी फिल्म आई ‘एजेंट विनोद’. इस फिल्म को श्री मान राघवन ने निर्देशित किया था. करीना ने इसी साल एक और फिल्म की जिसका नाम ‘तलास’ था. इस फिल्म में इनके साथी कलाकार थे आमिर खान और रानी मुखर्जी. इस फिल्म के बारे में यह कहा गया कि यह फिल्म अच्छी होने के साथ ही भावनाओं का अनूठा मिश्रित रूप है. यह फिल्म भी करीना के हिट फिल्मों में शुमार हो गई. इस फिल्म के लिए करीना कई पुरस्कार के लिए नामांकित हो गयी.

करीना के फिल्मों के कारवां में एक और फिल्म का नाम जुड़ गया वह फिल्म थी ‘सत्याग्रह’ जो कि 2013 में आई थी. इस फिल्म में उनके साथ और भी बड़े कलाकार थे जिनके नाम है- अजय देवगन, अमिताभ बच्चन, मनोज वाजपेयी और अमृता राव. यह फिल्म सामाजिक और राजनितिक कड़ियों पर बनी थी. इस फिल्म में करीना द्वारा बोले गए संवाद को लोगो ने पसंद करते हुए प्रसंशा भी की. इस फिल्म में उन्होंने एक पत्रकार का रोल किया था जिसका नाम यास्मीन अहमद था. फिर उनकी फिल्म ‘गोरी तेरे प्यार में’ आई, जोकि बहुत फ्लॉप फिल्म साबित हुई. 2014 में उनकी फिल्म आई ‘सिंघम रिटर्न’, जोकि 2011 की फिल्म ‘सिंघम’ का सिक्वेल था. फिर 2015 में इनकी फिल्म आई ‘बजरंगी भाईजान’. इस फिल्म में इनके हीरो सलमान खान थे. दोनों ही फिल्म सफल रही. बजरंगी भाईजान 3.20 अरब डॉलर की कमाई की. यह फिल्म साल की सबसे बेहतरीन फिल्म साबित हुई. इस फिल्म को सबसे ज्यादा चर्चित और मनोरंजक  होने के लिए 63वा नेशनल फिल्म अवार्ड प्रदान किया गया.                                                                                                                                                            

करीना कपूर विवादों में (Kareena Kapoor controversy)

फिल्मी दुनिया मे विवाद का पुराना रिश्ता होता है, करीना भी विवादों से नहीं बच पाई है उनसे जुड़े कुछ विवाद को नीचे दर्शित किया गया है-  

  1. सबसे ज्यादा चर्चा उनके और उनके बॉय फ्रेंड शाहिद कपूर की थी जोकि एक एमएमएस जब मीडिया में वायरल हुआ था, जिसमे उन दोनों को बहुत ही नजदीक आते हुए दिखया गया था. बाद में इन दोनों का ब्रेक अप हो गया था और करीना कपूर ने कहा था कि अब वो दोनों साथ नहीं है लेकिन भविष्य में वो फिर से एक अच्छे दोस्त बनेगें.
  2. अजनबी फ़िल्म की शूटिंग के द्वारान उनके और उस फ़िल्म की उनकी सहयोगी हिरोइन बिपासा बासु के साथ उनकी लडाई हुई थी, जिस वजह से लोगो के बीच ही करीना ने उन्हें काली बिल्ली कह कर बुलाया.
  3. फिर उनके साथ विवादों में नाम जुड़ा अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा का मजाक का. जो उन्होंने सार्वजनिक रूप से उड़ाया था. करीना ने प्रियंका के उच्चारण का मजाक उड़ाया था तब प्रियंका ने भी जवाब देते हुए कहा था कि ये मैंने वही से सीखा है जहाँ से उनके पति सैफ ने सीखा है. प्रियंका चोपड़ा का जीवन परिचय यहाँ पढ़ें.   

करीना कपूर को मिले अवार्ड और उपलब्धियां (Kareena Kapoor awards list)

करीना ने कई अवार्ड जीते है, उनकी अभिनय और सुंदरता के सभी प्रशंसक है

साल फ़िल्म अवार्ड
2004 चमेली फ़िल्म फ़ेयर स्पेशल जूरी अवार्ड, आईआईएफए अवार्ड साल की स्टाइल दिवा, बॉलीवुड फ़िल्म अवार्ड- क्रिटिक्स अवार्ड बेहतरीन महिला   
2008 जब वी मेट जी सीने पुरस्कार, गिल्ड अवार्ड बेहतरीन अभिनेत्री के लिए  
2008 जब वी मेट स्टारडस्ट अवार्ड, आईआईएफए का पुरस्कार साल की बेहतरीन अभिनेत्री लिए, फ़िल्म फेयर अवार्ड    
2010 कुर्बान स्टारडस्ट अवार्ड साल की बेहतरीन अभिनेत्री का 
2010    – आईआईएफए का पुरस्कार साल की बेहतरीन अभिनेत्री लिए    
2009    – स्टारडस्ट पुरस्कार, साल की महिला स्टाईल आइकॉन 
2011  बॉडीगार्ड ऑन स्क्रीन सबसे बेहतरीन और मनोरंजक जोड़ी का पुरस्कार
2001 रिफ्यूजी फ़िल्म फेयर अवार्ड बेहतरीन महिला डेब्यू के लिए, जी सीने अवार्ड लक्स फेस ऑफ़ द इयर 
2011 हम परिवार है फ़िल्म फेयर अवार्ड सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री 
2007, 2005  ओमकारा और देव फ़िल्म फेयर क्रिटिक्स सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए
2002    – जी सीने क्वीन का पुरस्कार,
2015   सिघम रिटर्न्स लोकप्रिय बेहतरीन अभिनेत्री 
2016 बजरंगी भाईजान,  लोकप्रिय बेहतरीन अभिनेत्री 

करीना कपूर के चर्चित वचन (Kareena Kapoor style statement)

करीना अपनी बेबाकी के लिए जानी जाती है वह हर मुद्दे पर खुल कर बोलती है उनके द्वारा कही गई कुछ बाते निम्नवत है-

  1. मेरे पास खुद की अपनी सोच है और मै पुरे विश्वास के साथ यह मानती हु और जानती हु कि मै क्या कर रही हु जो मेरे लिए ठीक है.
  2. जीवन पूरी तरह से खुशियों से भरा है और आंसू आपको पूरी तरह से जीवन की राह पर चलने के लिए दृढ बनाते है.
  3. मै सफलता और विफलता को बहुत ज्यादा गंभीरता से नहीं लेती, मै केवल एक ही काम करती हु, वो ये है कि अगर मै किसी रास्ते पर बड़ी गंभीरता के साथ चलती हु भले ही मै उस राह में गिर जाती हु, मै फिर भी उठती हु और चलने लगती हु.
  4. मै एक ऐसे आदमी को चाहती हु जो सिर्फ़ मेरा हो, मै उसे कभी भी किसी और के साथ नहीं बाँट सकती.
  5. मै खाने में केवल भारतीय खाना सब्जी, रोटी, चावल खाती हु. मै घी भी खाती हु. घी खाने के इतने सारे लाभ है कि मेरी दादी 84 साल की होने के बावजूद भी बहूत फिट और सुंदर लगती है.
  6. कुछ भी भले ही कम पढ़ा हूआ हो लेकिन यह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है की वह अच्छा से पढ़ा हूआ हो.
  7. मै शादी जैसी संस्था में विश्वास करती हु, यह एक तरह का टैग है जो कि अपने रिश्तों को परिवार और दोस्तों के लिए सार्वजनिक किया जाए.
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विभूति दीपावली वेबसाइट की एक अच्छी लेखिका है| जिनकी विशेष रूचि मनोरंजन, सेहत और सुन्दरता के बारे मे लिखने मे है| परन्तु साईट के लिए वे सभी विषयों मे लिखती है|
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