करीम लाला का जीवन परिचय | Karim Lala Biography in Hindi

करीम लाला की जीवनी, बायोग्राफी, इतिहास, कहानी, हिस्ट्री, इंदिरा गांधी (Karim Lala Biography in Hindi) (Death, Movie, Grandson, Family, Net Worth, Cause of death, Height, Daughter, Gangubai)

करीम लाला मुंबई अंडरवर्ल्ड का मशहूर नाम था, एक समय था जब करीम लाला ने पूरी भारतीय राजनीति को हिला दिया था. अगर मुंबई की बात करें तो मुंबई में किसी भी काम के लिए करीम लाला का नाम ही काफी था. 1960 से 1980 में करीम लाला का सिक्का पुरे भारत में चलता था, लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब करीम लाला अपनी गलतियों के कारण अर्श से फर्श पर आ गया था. लेकिन आज भी करीम लाला का नाम डॉन की लिस्ट में सबसे उपर आता है. आज हम इस आर्टिकल में करीम लाला के जीवन के बारें में आपको बताने वाले हैं. यहाँ आपको करीम लाला से जुड़ी अनेक बातें पता चलेगी, साथ ही गंगुबाई और करीम लाला के रिश्ते के बारें में भी हम यहाँ बतायेंगे.

karim lala biography in hindi

करीम लाला का जीवन परिचय

पूरा नाम अब्दुल करीम शेर खान
जन्म 1911
जन्मस्थान कुनर प्रांत, अफगानिस्तानी अमीरात ( अफगानिस्तान)
माता का नाम ज्ञात नहीं
पिता का नाम ज्ञात नहीं
भारत में घर पायधुनी इलाका मुंबई
व्यवसाय तस्करी, नशीले पदार्थ, जबरन वसूली, अनुबंध हत्या, अवैध जुआ, संपत्ति से जबरन बेदखल करना इत्यादि
तमका अंडरवर्ल्ड डॉन
आमतौर पर लिया जाने वाला नाम करीम लाला
गैंग का नाम पठान गैंग

करीम लाला का जन्म कुनर प्रांत, अफगानिस्तान में सन् 1911 में हुआ था, करीम लाला का पूरा नाम अब्दुल करीम शेख खान था. कुनर से करीम लाला 1931 में भारत आया था उस समय उसकी उम्र करीब 21 वर्ष थी. करीम लाला का परिवार भी उनके साथ भारत आया और मुंबई के एक मुस्लिम इलाके में रहने लगा. करीम ने करीब 3-4 साल तक मुंबई में काम किया लेकिन उसके बाद पैसा कमाने के लालच ने उसे गुनाहों के दलदल में धकेल दिया.

करीम लाला का प्रारंभिक जीवन

करीम लाला अफगानिस्तान से भारत काम की तलाश में आया लेकिन यहाँ पर उसे कोई भी काम रास नही आता था. एक मैगजीन के अनुसार ज्यादा पैसा क्माने के चक्कर में वो अपराध की दुनिया में चला गया था. उसने सबसे पहले ग्रांट रोड स्टेशन के पास एक मकान किराए पर लिया और सोशल क्लब के नाम से एक जुए का अड्डा बनाया. देखते ही देखते यह जुए का अड्डा उसकी कमाई का हिस्सा बन गया और लाखों रूपए वह हर महीने इस अड्डे से कमाने लगा.

इसी बिच उसके अड्डे पर उस समय के कुछ गुंडे-बदमाश भी आने लगे और उनसे अच्छी दोस्ती भी हो गई. करीम लाला के पास अब पैसों की कमी नहीं थी लेकिन उसे बहुत ज्यादा पैसे कमाने थे.

करीम लाला कैसे बना डॉन

जुए के अड्डे से अच्छा पैसा कमाने के बाद करीम लाला ने सोने, हथियार और शराब की तस्करी शुरू करी और अपनी एक गैंग बनाई, इस गैंग का नाम ‘पठान गैंग’ रखा. देखते ही देखते उसकी यह गैंग काफी सक्रिय हो गई और पूरी मुंबई पर इस गैंग का कब्जा हो गया. करीम लाला ने इस गैंग में लगभग सभी मुस्लिम समुदाय के लोगों को शामिल किया था. इसी कारण मुस्लिम समुदाय के लोग उसे मसीहा मानते थे.

जुआ, नशीले पदार्थ और तस्करी में अपना नाम बड़ा करने के बाद करीम लाला ने सुपारी (पैसे लेकर हत्या करना) लेने का काम शुरू किया. 1960 से 1980 तक करीम लाला का नाम भारत के अंडरवर्ल्ड डॉन की लिस्ट में सबसे उपर आ गया था. करीम लाला ने दो दशक तक पूरी मुंबई पर राज किया.

करीम लाला के राजनैतिक संबंध

करीम लाला की पहुँच इतनी थी की अगर वह हुंकार भी भरता तो पूरी भारतीय राजनीति हिल जाया करती थी. उसके अनेक बड़े नेताओं के साथ संबंध थे. उसके अनेक काम सीधे फोन पर ही हो जाया करते थे. कभी-कभी तो दो पार्टियों के निर्णयों को भी करीम लाला अपने एक फोन से बदल देता था. हालाँकि वह हमेशा कहता था की राजनीति से उसका कोई लेना देना नहीं लेकिन उसकी छाँव में अनेक नेता एंव नेत्रियाँ पनपती थी.

करीम लाला और दाऊद इब्राहिम

कहते हैं की करीम लाला और दाऊद इब्राहिम की आपस में कभी नहीं बनी, एक समय ऐसा भी आया जब दाऊद  इब्राहीम और उसका भाई शब्बीर इब्राहिम करीम लाला के इलाके में तस्करी करने लगे थे और जब करीम लाला को इसका पता चला तो उसने दाऊद इब्राहिम की इतनी पिटाई करी की दाऊद एक साल तक गायब रहा. लेकिन बाद में दाऊद के भाई शब्बीर की हत्या करीम ने 1981 में करवा दी थी. उसके बाद दाऊद ने करीम लाला के भाई रहीम खान की हत्या 1986 में करवा दी थी. दोनों में आपसी दुश्मनी शुरू हो चुकी थी.

लेकिन करीम लाला कभी दाऊद से डरा नहीं और ना ही दाऊद ने कभी हार मानी दोनों ही हमेशा मौके की तलाश करते रहते थे. करीम ने अपने इलाके बदले और दाऊद ने करीम के कुछ इलाकों पर कब्जा कर लिया था.

करीम लाला और गंगुबाई

करीम लाला और गंगुबाई के बारें में आज कौन नहीं जानता है, अगर अभी तक आपको पता नहीं है तो आपकी जानकारी के लिए बता दूँ की ‘गंगुबाई कमाठीपुरा’ करके आलिया भट्ट की एक फिल्म भी आने वाली है. कहते हैं की करीम लाला अपना दरबार लगाया करते थे, इस दरबार में वह लोगों की मदद भी किया करते थे और अनेक मामले वहीं पर निपटा देते थे. एक समय गंगुबाई भी इस दरबार में आई क्योंकि गंगुबाई का रैप करीम लाला के आदमियों ने किया था. ऐसे में करीम लाला ने गंगुबाई को अपनी बहन बनाया और उससे माफ़ी मांगी. करीम लाला ने कमाठीपुरा की पूरी बागदौड़ गंगुबाई को दे दी थी. यही वजह है की गंगुबाई के पास करीम लाला की बहन होने के कारण अनेक पॉवर आ गई थी. आगे जाकर गनुगुबाई माफिया क्विन के नाम से भी जानी गई.

करीम लाला की मृत्यु  

करीम लाला की मृत्यु 19 फरवरी 2002
मृत्यु स्थान मुंबई, महाराष्ट्र

करीम लाला ने अपने जीवन में अनेक पाप किये, उसने अनेक लोगों की हत्या करी और करवाई लेकिन आखिरी वक्त में करीम लाला एक बीमारी से ग्रसित होकर मरा था. उसकी मृत्यु 19 फरवरी 2002 में 80 वर्ष की आयु में हुई.

 करीम लाला से जुड़े विवाद

हाल ही में एक विवाद खड़ा हुआ है, उसमे आरोप लगाया गया है की इंदिरा गांधी भी करीम लाला से मिली हुई थी. यहाँ तक की वह उनसे मिलने भी जाया करती थी. यह आरोप शिवसेना के नेता संजय राउत ने लगाया है.

हालाँकि कुछ समय बाद उन्होंने अपना यह बयान यह कहकर वापस ले लिया की अगर उनके बयाना से किसी कांग्रस समर्थक या गाँधी परिवार की भावना आहत करता है तो वह अपना बयान वापस लेते हैं.

यहाँ हमने करीम लाला के जीवन के बारें में लिखा है. इसमें हमने करीम लाला के जीवन के कुछ अंश बताये है की वह कैसे मुंबई का डॉन बना. अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी है तो इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें. ताकि उन्हें भी भारत के मशहूर डॉन करीम लाला के बारें में जानकारी मिल पाए.

अन्य पढ़ें –

  1. अहिल्याबाई होलकर का जीवन परिचय
  2. गंगुबाई कठियावाड़ी कौन थी
  3. अलिया भट्ट का जीवन परिचय
  4. रावल रतन सिंह का इतिहास

More on Deepawali

Similar articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here