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कृष्णप्पा गौतम का जीवन परिचय | Krishnappa Gautam cricketer biography in Hindi

Krishnappa Gowtham cricketer  biography in Hindi कृष्णप्पा गौतम का जन्म 20 अक्टूबर 1988 को बंगलोर, कर्नाटक में हुआ।  मध्यम वर्गीय परिवार में जन्में गौतम बचपन से क्रिकेट के प्रति अरूचि रखते थे। अक्टूबर 2008 में भारत में ऑस्ट्रेलिया की टीम खेलने आयी। इनको नेट बॉउलिंग करने के लिए बुलाया गया। उन दिनों वे हरभजन सिंह की तरह गेंदबाजी करते थे। ऑस्टेरलियन कोच इनसें काफी प्रभावित हुआ। लेकिन फिर भी ये कभी लाईमलाइट में नहीं आये। कृष्णप्पा बचपन में फुटबाल को पसन्द करते थे, उन्हें स्कूल के कोच जे रंगनाथ ने क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया।

कृष्णप्पा गौतम का जीवन परिचय

 Krishnappa Gautam cricketer biography in Hindi 

Krishnappa Gautam

कैरियर का आरंभ ( Early Career)

इस रणजी ट्राफी के आरंभिक सीजन से पहले गौतम ने अपने न भूलने वाले मैच में टीम को कुल 718 में 206 रन दिये थे। इसी मैच में 352 रन बनाकर गौतम सुर्खियों में आये और कर्नाटक क्वार्टर फाइनल से बाहर हो गया। उसके बाद कुछ समय के लिए गौतम क्रिकेट के परिदृ-श्य से गायब हो गये। लेकिन 2016-17 के प्रारंभिक सीजन में उनकी जोरदार वापसी हुई , उन्होंने तीन मैंचों में 18 विकेट लिए।

गौतम हरभजन सिंह को अपना आइडल मानते हैं। हरभजन ने जब गौतम को खेलते हुए देखा तो आश्चर्यचकित हो गये। उसके बाद हरभजन ने गौतम के साथ मिलकर उनके एक्शन पर कार्य किया। उनके एक्शन को और ज्यादा सुधारा। अब गौतम हरभजन की नकल तो नहीं करते पर उनको अपना गुरू मानते हैं। वे मानते हैं कि जिस प्रकार वे गेंदबाजी करना चाहते थे वह उस एक्शन से नहीं हो सकता था। काफी मेहनत के बाद वे हरभजन सिंह के आर्ट से मुक्ति पाये। उन्होंने घंटो देर रात तक नेट पर प्रयास किया और नये गेंद फेंकने के तरीकों को सफलतापूर्वक अपनाया। यह सब उनकी सोच और लगन का नतीजा था।

इसके बाद बंगलोर के कैंप को ज्वाइन किया जहाँ विश्व प्रसिद्ध गेंदबाज इरापल्ली प्रसन्ना ने उनके गेंदबाजी को देखा और उनके क्षमता को पहचाना।

गौतम ने उसके बाद कई मैंचों में बढिया प्रदर्शन किया और लगातार अपने फार्म को बनाये रखा जिससे चयनकर्ताओं ने बाध्य होकर उन्हें दुबारा प्रथम श्रेणी के मैंचों में खेलने का अवसर दिया। इन मैचों में गौतम ने अपने सही लाईन लेंथ का परिचय देते हुए न केवल विकेट झटका बल्कि किफायत भी रहे। खासकर महाराष्ट्र के विरुद्ध मैच खेलते हुए उन्होंने लगातार मध्यांतर पर विकेट झटका और उन्हें पस्त कर दिया।

कृष्णप्पा गौतम के महत्वपूर्ण क्षण (Krishnappa Gautam Important movement)                                                                                                  

गौतम के कैरियर की शुरूआत बंगलोर में अंडर 15 जोनल टूर्नामेंट मे हुई। वे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज थे। वहीं से इनके कैरियर का महत्वपूर्ण क्षण शुरू होता है। उनके दमदार परफार्मेस के लिए कर्नाटक क्रिकेट एसोसियेशन ने उन्हें पुरस्कृत भी किया। उन्होंने सिर्फ गेंदबाजी ही नहीं बल्कि कई मैंचों में टीम को जिताने के लिए निचले क्रम पर अच्छी बल्लेबाजी भी की. लेकिन गौतम के कैरियर का सबसे महत्वपूर्ण क्षण शुरू होता है अंडर 22 के स्तर के टूर्नामेंट से, जिसमें उन्होंने बंगाल के खिलाफ न र्सिफ चार विकेट लिए बल्कि हाफ सेंचुरी लगाकर कर्नाटक को जिताया भी।

लेकिन इन प्रदर्शन के बावजूद इनके कैरियर में सात आठ साल गैप रहा। इन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अपने फिटनेस और गेंदबाजी की ट्रेनिंग जारी रखी। वे कहते हैं कि अगर वे प्रैक्टिस नहीं करते तो लगता है कि शायद कुछ छूट गया है। यही सोच और प्रक्रिया इन्हें बड़े क्रिकेटर के साथ-साथ कर्मठ मनुष्य बनाती है। मेहनत से कोई भी इंसान अपनी इच्छित चीज प्राप्त कर सकता है। मेहनत, लगन और कठिन परिश्रम से ही गौतम ने सफलता पाई है। सौम्य और सहज गौतम ने जीवन से ज्यादा कुछ नहीं सीखा है, उनका मानना है जीवन जीना ही बहुत है सीखने के लिए बुरे अनुभवों को याद करना पड़ता है, और वे बूरे अनुभवों को उसी जगह छोड़ देते हैं जहाँ से वे सृजित होते है।

मुख्य धारा में न खेलते हुए गौतम ने अपने धैर्य का परिचय देते हुए स्थानीय क्लबों के साथ खेल को जारी रखा। उन्होंने अनुशासन को जीवन से कभी जाने नहीं दिया। रणजी मैंच के पहले गौतम ने कर्नाटका प्रीमियर लीग खेलते हुए 5.58 की औसत से 8 मैंचों में 11 विकेट लिए। और यहीं से शुरू होता है इनके जीवन का नया सफर।

सन 2016-17

2016-17 के सीजन के आरंभ में कोच मंसूर खान से मूल्यवान सहयोग पाकर अपने गेंदबाजी को नया रूख देते हुए नोएडा में झारखण्ड के खिलाफ खेलते हुए 97 रन देकर तीन विकेट लिए। गौतम ने इस नये सीजन में रनअप को थोड़ा छोटा किया ताकि वे काफी सीधी गेंद को रख सके। और वे मानते हैं कि यह प्रक्रिया इनकी गेंदबाजी के लिए काफी अच्छी सिद्ध हुई है। इससे पहले के रनअप में समस्या थी कि उनकी गेंद लेगसाईड की तऱफ ड्रिफ्ट होती थी। शांति और धैर्य की परीक्षा देते हुए वे बॉल फेंकते है, विकेट लेने के अतिरिक्त कुछ नहीं करते। वे मानते हैं कोच मंसूर खान ने पूरे टीम को एक साथ मिलाकर रखा है ताकि खिलाड़ियों का संयोजन बना रहे।

गौतम ने दिल्ली के खिलाफ खेलते हुए अपने कैरियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्होंने 7 विकेट दूसरे पारी में झटककर कर्माकर को तालिका में उपर ले आये। लगातार टीम में न रहने पर भी गौतम को टीम में वापसी करने पर सभी खिलाड़ियों ने हौसला अफजाई की। सारे खिलाड़ियों के साथ इनका अच्छा तालमेल है और इस चीज को इन्होने खेल के मैदान में भी बरकरार रखा।

आईपीएल 2017

हाल ही में आईपीएल में भी उन्हें ईशान्त शर्मा और आशीष नेहरा के ऊपर का दर्जा दिया गया। कई बड़े स्टार इस बार आई पी एल में नहीं बिके, लेकिन इस बार बोली में कुछ नये खिलाड़ी आयें है। इनमें से ही एक है कृष्णप्पा गौतम। गौतम ने अपने खेल की बदौलत यह मुकाम हासिल किया है। हालांकि इस बार नीलामी की बोली पर प्रश्नचिन्ह लगाये जा रहे हैं, पर एक बात अच्छी है कि नये खिलाड़ी इस बार बोली में पसंद किये जा रहे हैं।

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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