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कृषोन्‍नति योजना | Krishonnati Yojana (Farmers) In Hindi

कृषोन्‍नति योजना [हरित क्रांति] किसानों के विकास के लिये शुरू की गई  Krishonnati Yojana For Farmers In Hindi [Umbrella Scheme ‘Green Revolution] 2018

सरकार ने देश में चल रही ‘हरित क्रांति-कृषोन्नति योजना’ की समय सीमा को और बढ़ा दिया है और अब ये योजना साल 2020 तक हमारे देश में जारी रहेगी. छतरी योजना यानी ‘अम्ब्रेला स्कीम’‘ हरित क्रांति-कृषोन्नति योजना’  के अंदर ग्यारह योजनाओं को शामिल किया गया है और ये सभी योजनाएं हमारे देश के किसानों के विकास और उनकी इनकम में वृद्धि से जुड़ी हुई हैं.

Krishonnati Yojana For Farmers

छतरी योजना ‘हरित क्रांति-कृषोन्‍नति योजना’ से जुड़ी जानकारी-

योजना का नाम छतरी योजना ‘हरित क्रांति-कृषोन्‍नति योजना’
किसके द्वारा चलाई गई ये योजना केन्द्र सरकार
योजना के अंतर्गत आने वाली कुल योजनाएं 11 योजनाएं
योजना की अवधि साल 2020 तक
किस क्षेत्र से जुड़ी है ये योजना कृषि क्षेत्र
योजना का बजट 33,26 9.9 76 करोड़

 छतरी योजना ‘हरित क्रांति-कृषोन्‍नति योजना’ के लक्ष्य (Umbrella Scheme ‘Green Revolution — Krishonnati Yojana’ Aims)

  • छतरी योजना- ‘हरित क्रांति-कृषोन्‍नति योजना’ की मदद से सरकार किसानों की हर संभव मदद करना चाहती है ताकि किसान फसलों का उत्पादन अच्छे से कर सकें और इनकी इनकम में बढ़ोतरी हो सके.                                                                                            
  • इन योजना की मदद से सरकार कृषि क्षेत्र में नई वैज्ञानिक तरीकों के इस्तेमाल को भी बढ़ावा देने चाहती है.
  • ये सभी योजनाएं (11 योजनाएं) कृषि क्षेत्र की अलग अलग समस्याओं जैसे कि कपास की खेती में होने वाली परेशानी और पौधों में कीड़े लगने सहित अन्य समस्याओं को हल करने की कोशिश करेंगी. क्योंकि किसानों की समस्याओं के हल होने से उनकी फसलों का उत्‍पादन और बढ़ सकेगा, जिससे की किसानों को बेहतर लाभ मिलना सुनिश्‍चत हो सकेगा.                                           

योजना का बजट (Budget)

इन सभी स्कीमों (11 योजनाओं) को जारी रखने के लिए सरकार को तीन वित्तीय वर्षों के लिए 33,26 9.9 76 करोड़ का खर्चा आएगा, जो कि साल 2017-18 से लेकर साल 2019-20 तक के लिए होगा.

छतरी योजना के अंतर्गत आने वाली सभी 11 योजनाओं की जानकारी (The Schemes That Are Part Of The Umbrella Schemes)

नीचे बताई गई सभी योजनाओं को पहले सरकार द्वारा स्वतंत्र रूप से चलाया जा रहा था लेकिन साल 2017-18 में, इन सभी योजनाओं को क्लब करने का फैसला लिया गया है. जिसके बाद से ये सब योजनाएं  छतरी योजना- ‘हरित क्रांति-कृषोन्‍नति योजना’ के तहत जानी जाएंगी.

1.बागवानी के एकीकृ‍त विकास का मिशन (एमआईडीएच) (Mission for Integrated Development of Horticulture (MIDH))

योजना का लक्ष्य- बागवानी क्षेत्र से जुड़ी इस योजना का लक्ष्य इस क्षेत्र का विकास करने के साथ-साथ बागबानी उत्‍पादन को बढ़ावा देना है, किसानों को बागबानी क्षेत्र से जोड़ना है और उनको आय समर्थन देना है.

योजना का बजट- कुल 33,26 9.9 76 करोड़ रुपए के बजट में से सरकार इस योजना पर 7533.04 करोड़ रुपए खर्च करेगी.

2.राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम), तेल बीज और तेल पाम राष्‍ट्रीय मिशन (एनएमओयूपी) (National Food Security Mission (NFSM), including National Mission on Oil Seeds and Oil Palm (NMOOP))

योजना का लक्ष्य-

  • इस योजना की मदद से सरकार हमारे देश में चावल, गेहूं, दाल, अनाज और अन्य तरह की फसलों के उत्पादन को बढ़ाना चाहती है और अपना ये लक्ष्य सरकार उपयुक्त तरीके से क्षेत्र विस्तार और उत्पादकता वृद्धि के माध्यम से करेगी.
  • इसके अलावा सरकार इस योजना की मदद से देश में तेल के बीजों की खेती में वृद्धि करना चाहती है ताकि हमारे देश को अन्य देशों से तेल का आयात नहीं करवाना पड़े.

योजना का बजट –  इस योजना को सही तरह से चलाने के लिए सरकार ने 6893.38 करोड़ रुपए का बजट इस योजना के लिए निर्धारित किया है.

  1. स्थिर कृषि के लिए राष्ट्रीय मिशन (एनएमएसए) National Mission for Sustainable Agriculture (NMSA)

योजना का लक्ष्य-

स्थिर कृषि के लिए राष्ट्रीय मिशन का लक्ष्य उपयुक्त मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन, संसाधन संरक्षण प्रौद्योगिकी और टिकाऊ कृषि तकनीक की मदद से स्थिर कृषि को हमारे देश में बढ़ावा देना है.

योजना का बजट – इस योजना के लिए सरकार 33,269.976 करोड़ रुपए में से 3980.82 करोड़ रुपये आवंटित करेंगी.

  1. कृषि विस्‍तार के लिए उप मिशन (एसएमएई) (Submission on Agriculture Extension (SMAE)

योजना का लक्ष्य-

इस योजना का लक्ष्य खाद्य और पोषण सुरक्षा प्राप्त करना, किसानों का सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण करना, राज्‍य सरकारों और स्‍थानीय निकायों की व्‍यवस्‍था को और मजबूत करना, स्टेकहोल्डर्स के बीच संपर्क कायम करना, मानव संसाधन विकास को समर्थन देना और इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट मीडिया , इंटरपर्सनल कम्युनिकेशन, आईसीटी  उपकरण को इनॉवेटिव बनाना है.

योजना का बजट – इस योजना को कामयाब बनाने के लिए सरकार को 2961.26 करोड़ रुपए का खर्चा आएगा.

5.बीज और रोपण सामग्री के लिए उप-मिशन (एसएमएसपी) Sub-Mission on Seeds and Planting Material (SMSP)

योजना का लक्ष्य-

इस योजना की मदद से सरकार निम्मलिखित लक्ष्यों को हासिल करना चाहती है.

  • इस योजना की सहायता से सरकार सर्टिफाइड और क्वालिटी सीड के उत्पाद को देश में बढ़ाना चाहती है और खेती करने के लिए बचाए गए बीजों की क्वालिटी को अपग्रेड करना चाहती है.
  • बीज उत्पादन, प्रोसेसिंग, परीक्षण जैसी चीजों से जुड़ी नई प्रौद्योगिकियों और पद्धतियों (technologies and methodologies) को बढ़ावा देना.
  • बीज उत्पादन, भंडारण, सर्टिफिकेशन और क्वालिटी आदि के लिए बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर और सही करना चाहती है.

योजना का बजट- बीज और रोपण सामग्री के लिए उप-मिशन (एसएमएसपी) योजना के लिए सरकार ने  920.6 करोड़ रुपए का बजट तय किया है.

6.कृषि मशीनीकरण के लिए उप मिशन (एसएमएएम) Sub-Mission on Agricultural Mechanisation (SMAM)

योजना का लक्ष्य

  • इस योजना का उद्देश्य छोटे और मार्जिनल किसानों तक फार्म मशीनीकरण -(farm mechanization) को पहुंचाना है ताकि इसके इस्तेमाल से कृषि कार्यकर्ता प्रोडक्टिविटी को बढ़ाया जा सके. इसके अलावा फार्म मशीनीकरण को उन क्षेत्रों तक भी पहुंचाना है जहां कृषि शक्ति की उपलब्धता कम है.
  • इस योजना से सरकार व्यक्तिगत स्वामित्व (Individual Ownership) की उच्च लागत में कमी लाने के लिए कस्टम भर्ती केंद्रों का प्रचार और हाई-टेक और उच्च मूल्य वाले कृषि उपकरणों के लिए केंद्रों का निर्माण करेगी. और स्टेकहोल्डर्स के बीच अवेयरनेस पैदा करने के लिए विभिन्न नामित परीक्षण केंद्रों पर प्रदर्शन परीक्षण और सर्टिफिकेशन सुनिश्चित करेगी.

योजना का बजट- केंद्रीय सरकार कृषि मशीनीकरण के लिए उप मिशन (एसएमएएम) पर 3250 करोड़ रुपए खर्च करेगी.

  1. पौध संरक्षण और पौधों के अलगाव पर उपमिशन (एसएमपीपीक्‍यू) (Sub Mission on Plant Protection and Plan Quarantine (SMPPQ)

योजना का लक्ष्य-

  • इस योजना की मदद से सरकार फसलों पर कीड़े और अन्‍य कीटाणु लग जाने से होने वाले नुकसानों को कम करना चाहती है और इन कीड़े और अनचाहे पौधों, की वजह से फसलों की गुणवत्‍ता को भी होने वाले नुकसान को खत्म करना चाहती है ताकि फसलों की पैदावार अधिक हो सके.
  • इस योजना का अगला लक्ष्य पौधों की सुरक्षा रणनीतियों के संबंध में विशेष रूप से अच्छे कृषि तकनीक को बढ़ावा देना है. ताकि किसान अपनी फसल को कीड़ों से बचा सके.
  • इस योजना की मदद से सरकार वैश्विक बाजारों में भारतीय कृषि वस्तुओं के निर्यात को सुविधा जनक बनाना चाहती है ताकि कृषि वस्तुओं का आसानी से निर्यात किया जा सके.

योजना का बजट- पौध संरक्षण और पौधों के अलगाव के उपमिशन (एसएमपीपीक्‍यू) के लिए सरकार ने 1022.67 करोड़ रुपए का बजट तय किया है

  1.  कृषि गणना, अर्थव्‍यवस्‍थाएं तथा सांख्यिकी पर एकीकृत योजना (आईएसएसीईएस) (Integrated Scheme on Agriculture Census, Economics and Statistics (ISACES)

योजना का उद्देश्य (Object)-

  • इस योजना का उद्देश्य कृषि जनगणना और प्रमुख फसलों की खेती की लागत का अध्ययन करना है और देश की कृषि-आर्थिक समस्याओं पर शोध, फसल को बोने से लेकर उनको काटने तक की पदानुक्रमित सूचना प्रणाली (hierarchical information system) और कृषि स्टेटिस्टिक्स कार्यप्रणाली में सुधार करना भी है.
  • इस योजना के तहत अर्थशास्त्री, कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों द्वारा किए जाने वाले सम्मेलनों, सेमिनार, और कार्यशालाओं के आयोजन के लिए फंड देना भी है.

योजना का बजट – कृषि गणना, अर्थव्‍यवस्‍थाएं तथा सांख्यिकी पर एकीकृत योजना के लिए कुल 33,26 9.9 76 करोड़ रुपए में से 730.58 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है.

9.कृषि सहयोग के लिए एकीकृत योजना (आईएसएसी) (Integrated Scheme on Agricultural Cooperation (ISAC)

योजना का लक्ष्य (Aim)

  • इस योजना का लक्ष्य वित्तीय सहायता की मदद से कोऑपरेटिव की आर्थिक परिस्थितियों में सुधार लाना है.
  • कृषि विपणन, प्रसंस्करण, भंडारण, कम्प्यूटरीकरण में सहकारी विकास में तेजी लाना है. कपास किसानों को उनके कपास के लिए सही मूल्य दिलवाना है और डेंटरलिज़्ड वीवर्स को भी सही मुल्यों पर गुणवत्‍ता संपन्‍न रूई की आपूर्ति सुनिश्चित करना है.

योजना का बजट – कृषि सहयोग के लिए एकीकृत योजना के लिए केंद्रीय सरकार ने 1902.636 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है.

10  कृषि विपणन पर एकीकृत योजना (आईएसएएम) (Integrated Scheme on Agricultural Marketing (ISAM)

योजना का लक्ष्य

  • इस योजना का लक्ष्य एग्रीकल्चरल मार्केटिंग के इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास करना है और एग्रीकल्चरल मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में इनोवेटिव और नई प्रौद्योगिकी और विकल्‍पों को बढ़ावा देना है. ग्रेडिंग, स्टैंडर्डज़ेशन (standardization ) और कृषि उपज के गुणवत्ता प्रमाणन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधा प्रदान करवाना है.
  • इस योजना का जो अगला लक्ष्य है वो राष्ट्रस्तर पर मार्केटिंग सूचना नेटवर्क को स्थाइत्व प्रदान करना है और बाजार को एकीकृत करने के लिए ऑनलाइन बाजार को बढ़ावा देना है.

योजना का बजट – एग्रीकल्चरल मार्केटिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी इस योजना पर सरकार का कुल खर्चा 3863.93 करोड़ रुपए का आएगा.

11 राष्‍ट्रीय ई-गवर्नेंस (एनईजीपी-ए) National e-Governance Plan (NeGP-A)

योजना का लक्ष्य

  • इस योजना का लक्ष्य कई तरह के कार्यक्रमों के अंतर्गत किसानों के लिए केन्द्रीयता और सेवा अभिविन्यास (centricity & service orientation) को लाना है.
  • विस्तार सेवाओं की पहुंच और प्रभाव, किसानों की सेवाओं में सुधार, केंद्र और राज्यों की मौजूदा आईसीटी पहल को बढ़ाना और एकीकृत करना है. इसके अलावा समय समय पर कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए किसानों को जानकारी उपलब्ध करवाना भी है.

योजना का बजट- राष्‍ट्रीय ई-गवर्नेंस (एनईजीपी-ए) मिशन के लिए सरकार ने कुल 211.06 करोड़ रुपए का बजट तय किया है और ये बजट साल 2020 तक के लिए है.

मोदी गवर्नमेंट ने किसानों के विकास और उनकी इनकम को बढ़ाने का लक्ष्य रखा है और अपने इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए केंद्रीय सरकार ने किसानों से जुड़ी (ऊपर बताई गई) सभी योजनाओं की समय सीमा को भी बढ़ा दिया है. ताकि सरकार जल्द से जल्द किसानों का विकास कर सके और उनकी मदद इन स्कीम के जरिए कर सके.

अन्य पढ़े:

  1. पॉइंट नेमो क्या है 
  2. स्वच्छ भारत ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप 2018
  3. यूरिया सब्सिडी योजना 
  4. कृषि ऋण समाधान योजना मध्य प्रदेश 

One comment

  1. Sare yojnovo ko band kar kisano k utpadan ka lagat mulya se doguna rate uplabdh karaye

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