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आम और उसके के फ़ायदे | Mango fruit benefits in hindi

Mango fruit benefits in hindi आम एक बीज युक्त रसदार फल होता है. आम के फल को फलों का राजा कहा गया है. इसमें भर पुर मात्रा में मिनरल्स, विटामिन और एंटीओक्सिडेंट पाए जाते है जो हमें स्वास्थ्य रखने में सहायक होते है. यह भारत का राष्ट्रीय फल भी है. इसके अलावा यह पाकिस्तान, फिल्लिप्पिनस का भी राष्ट्रीय फल है. इसके साथ ही साथ यह बांग्लादेश का भी राष्ट्रीय पेड़ है. आम का पेड़ बड़ा और फैला हुआ रहता है. इसकी ऊचाई 30 फुट से लेकर 90 फुट तक हो सकती है. इसकी पत्तियां नुकीली और लम्बी होती है. आम मूलतः एक मीठा फल होता है. यह गर्मियों में ज्यादा पाया जाता है. बिहार के दरभंगा में मुग़ल बादशाह अकबर द्वारा एक बागीचा लगवाया गया जिसमें एक लाख तक आम के पेड़ उन्होंने लगवाए, इसलिए उस बाग़ का नाम लखी बाग़ प्रचलित हो गया है. भारत में आम की पैदावार होने के साथ ही ये और भी देशों में उपजाये जाते है. यह ब्राजील, मैक्सिको, सोमालिया इत्यादि देशों में भी पाया जाता है.

mango

 

आम के फल का इतिहास (Mango fruit history)

आम की उत्पति अंग्रेजी शब्द मैगों के मैगोस शब्द से हुई हैं. हजार साल पहले से ही आम की खेती का इतिहास है. चौथी और पाचवीं शताब्दी में इसकी खेती दक्षिण एशिया से शुरू होकर 10 वी शताब्दी तक पूर्वी अफ्रीका में भी इसकी खेती शुरू हो गई, जिसकी पुष्टि के रूप में 14 वी शताब्दी में मोरक्कन यात्री इब्न बत्तुता के द्वारा इसके नाम की सुचना मोगादिशु में दी गई. 1498 में पुर्तगालीयों ने केरल के साथ मसाला व्यापार किया, इसके दौरान मलयालम के मन्ना शब्द से ये उत्त्पन्न हुआ. सन 1678 में डच के कमांडर हेन्द्ड्रिक वान रहीदे ने अपनी पुस्तक होर्रटस मलाबरिकस में आर्थिक और वैधिक मूल्य के पौधो की चर्चा की जो आम का था. फिर 17 वीं शताब्दी में अमेरिका कोलनियो में आम को एक आचार के रूप में निर्यात किया गया, और अंततः 18 वी शताब्दी में शब्द का रूपांतरण आम में हो गया. पहले यह दक्षिण एशिया में पाया गया.

बाद में आम की खेती बरमूडा, वेस्ट इंडीज, और मेक्सिको तक में भी होने लगी, क्योंकि वहा की जलवायु आम की खेती के लिए बहुत ही उपयुक्त थी. उष्णकटिबंधीय क्षेत्रोँ में इसकी खेती बड़े पैमाने पर होती है. दक्षिण एशिया के मूल निवासी द्वारा आम को मैग्फेरा इंडिका नाम द्वारा दुनियाभर भर में हर जगह वितरीत किया गया. मैग्फेरा एक बड़े बीज वाला छोटा फल था जिसमे बहुत सारे फाइबर मौजूद थे, जो अब अंग्रेजी नाम मैंगो से ज्यादा जाना जाता है. भारत के बाद चीन में आमों का स्रोत बहुत ज्यादा है. हेमलिंतन ने गोवा के आम को सबसे अच्छा बताया है. महात्मा बुद्ध ने आम के ही पेड़ के नीचे बैठकर ज्ञान की प्राप्ति की थी. आम के पेड़ को लोग भारत में कल्पवृक्ष भी कहते है, जिसका अर्थ मनोवांछित फल देने वाला पेड़ होता है. भारत में कोई भी शुभ काम जैसे पूजा, शादी सामारोह या किसी भी मंगल कार्य में आम के पत्तो और लकड़ी का उपयोग शुभ माना गया है. पुरानी कथाओं में भी इनकी चर्चा हुई है.    

आम के फल का प्रकार (Types of Mango fruit)

दुनिया में आम की लगभग चार सौ प्रजातियाँ पाई जाती है. यह नारंगी, लाल, और हरे रंगों में पाया जाता है. इसको कच्चे और मीठे दोनों रूपों में इस्तेमाल किया जाता है. आम हर मौसम में पाए जाते है. ये वार्षिक रूप, मध्य वार्षिक रूप और वर्ष के अंत में भी पाया जाता है. हर मौसम में ये विभन्न नामो से जाने जाते है. सीजन वर्ष में बम्बइया, मालदा, लंगड़ा, राजापुरी, सुंदरी नामो से जाना जाता है. अर्धवार्षिक सीजन में इन्हें अलफोंसो, दशहरी, जार्दालू, गुलाब खास, रूमानी नाम से बुलाया जाता है, तथा मौसम की समाप्ति पर फजली नाम से बुलाया जाता है. मौसम बदलने के साथ ही इनके स्वाद में भी हल्का सा परिवर्तन आने लगता है, जितना ये साल के सीजन में मिठास लिये रहते है उतना ही और भी सीजन में अपने स्वाद की वजह से इसकी मांग हमेशा बनी रहती है.

आम के फल के फ़ायदे (Mango fruit benefits in hindi)

आम को खाने के बहुत सारे फ़ायदे है. जोकि इस प्रकार हैं –

आम स्वास्थ्य के लिए लाभकारी (Mango fruit benefits for health)

  • आम में विटामिन ए और विटामिन सी प्रचूर मात्रा में पाए जाते है इसमें बहुत सारे फाइबर भी मिलते है. इसलिए आम खाना सेहत के लिए लाभदायक होता है.
  • आम को खाने से खून की कमी से भी बचा जा सकता है. इसमें साईट्रिक एसिड भी पाया जाता है जिस वजह से यह पाचन तंत्र को ठीक रखने में सहायक होता है. अगर हर दिन एक आम को खाया जाए तो यह कब्ज और पाइल्स जैसी बिमारियों को रोकने में भी मदद करता है.
  • खाद्य विज्ञान और खाद्य सुरक्षा के व्यापक समीक्षा के अध्ययन और रिसर्च में यह बात सामने आई है कि आम में मौजूद फाईबर रोगों से लड़ने वाली प्रतिरोधी क्षमता का भी विकास करती है जो हमारे शरीर को स्वास्थ्य रखने में सहायक होती है. यह कैंसर जैसी घातक बीमारियों से बचाता हैं.
  • इसके सेवन से ह्रृदय की स्थिति को भी ठीक रखने के साथ किडनी की बिमारियों को भी दूर रखने की क्षमता होती है. आम में ग्लुटामिन नामक एसिड पाया जाता है जो याद करने की क्षमता को भी बढ़ता है. आम में विटामिन ए, बी, के, इ के अलावा मैग्नेशियम भी मिलता है. आम को खाने से शरीर में रोगों से लड़ने वाले शक्ति विकसित होती है.

आम त्वचा के लिए लाभदायक (Mango fruit benefits for skin)

आम त्वचा के लिए भी बहुत लाभदायक होता है. इसको खाने के साथ साथ लगाने से भी फ़ायदा होता है.

  • यह त्वचा पर लगाने से त्वचा के बंद रोमछिद्रों को भी खोल देता है जिस वजह से त्वचा साफ़ होकर चमकने लगती है.
  • आम के सेवन से भूख भी बढती है, और आम के लगातार सेवन से त्वचा का रंग भी साफ़ होते जाता है.
  • इससे त्वचा मुलायम भी बनती है, और त्वचा पर उम्र का असर कम दिखता है.
  • आम से घर पर एक बहुत बढ़िया स्क्रब बनाया जा सकता है. इसको बनाने के लिए थोडा सा आम के पल्प को थोड़ी सी चीनी और चार चम्मच दूध के साथ मिला कर अपनी त्वचा पर इसका लेप लगाये, फिर दस मिनट बाद त्वचा को ठंडे पानी से धो ले. थोड़े ही समय में इसका असर त्वचा पर दिखने लगता है. त्वचा मुलायम और चमकदार दिखाई देने लगती है.

आम बालों के लिए लाभदायक (Mango fruit extract benefits for hair)

  • आम में विटामिन सी पाया जाता है. इसके इस्तेमाल से रूखे, बेजान और झड़ते हुए बाल को ठीक रखने में सहायता मिलती है.
  • आम की गुठलियों से बने तेल को बाल में लगाने से वो जल्दी झड़ते नहीं है और न ही जल्दी सफेद होते है.
  • इसमें विटामिन ए और सी की मात्रा होने के कारण यह बालों के बढ़ने के रफ़्तार को भी बढ़ता है और उन्हें मजबूत रखने में भी सहायक होता है.
  • आम की गुठलियों को पीसकर आंवले के साथ मिलाकर लगाने से बाल काले हो जाते हैं.

आम के जूस व पत्तों के फ़ायदे (Mango juice and leaves benefits)

  • आम का जूस पीने से कमजोरी दूर होती है.
  • जूस शरीर को ठंडक देने के साथ चेहरे पर भी ताजगी को बनाये रखता है.
  • इसका जूस पीने से गर्मियों में धूप से लगने वाले स्ट्रोक से भी बचा जा सकता है.
  • इसमें एंटीओक्सिडेंट पाया जाता है जो त्वचा को ऊम्र के प्रभाव से बचाता है.
  • आम के पत्तों को सुखा कर इसका चूर्ण मधुमेह के रोगियों को खाना चाहिए. इसको खाने से शरीर में इन्सुलिन की मात्रा भी ठीक रहती है.

आम का सेवन कैसे करें (How to eat Mango fruit)

  • आम को कच्चे और पके हुए दोनों ही रूप में खा सकते है. कच्चे आम को आचार, अमचुर बना कर लम्बे समय तक रख कर खा सकते है.
  • कच्चे या पके आमों की चटनी के अलावा जैम, जेली, स्क्वाश भी बनती है. इसको फ्रूट सलाद के भी तौर पर इस्तेमाल किया जाता है.
  • पके हुए आम को धो कर उसके उपरी भाग को चाकू से काट कर निकाल ले फिर गुठलियों के दोनों तरफ से आम को काट ले, फिर उनके गुदो को छोटे छोटे टुकडों में काट कर चम्मच से खा सकते है.
  • गर्मियों के दिनों में इसको बहुत तरह से इस्तेमाल किया जाता है जैसे आम पन्ना जोकि कच्चे आमों का बनता है, और मैंगो शेक बना के भी पीया जाता है.
  • मैंगो शेक को कच्चे या पके दोनों तरह के आमों से बना सकते है. इसके अलावा बहुत से बने बनाये पीने वाले उत्पाद भारत में लोगों द्वारा काफ़ी पसंद किये जाते है जिनमे शामिल है फ्रूटी और माजा.
  • आम के साथ साथ उसकी गुठलियों का भी इस्तेमाल होता है. इसके गुठलियों के ऊपर वाले मोटे मजबूत भाग को फोड़ कर अंदर के भाग को सुखाकर उसका अमचुर पाउडर बनता है. जिसका इस्तेमाल सब्जियों के व्यंजनों में होता है.

आम के फल में पाए जाने वाले पोषक तत्व (Mango fruit nutrition facts)

प्रति 100 ग्राम आम में

कार्बोहाइड्रेट्स 17 ग्राम
एनर्जी 70 कैलोरी
प्रोटिन 0.5 ग्राम
वसा 0 27 ग्राम
विटामिन सी 1 मिलीग्राम
विटामिन ए 765 आई यू
विटामिन ई 1.12 मिलीग्राम
विटामिन के 4.2 माइक्रोग्राम
सोडियम 2 मिलीग्राम
पोटैशियम 156 मिलीग्राम
कैल्शियम 10 मिलीग्राम
कॉपर 0.110 मिलीग्राम
आयरन 0.13 मिलीग्राम
मैग्नीशियम 9 मिलीग्राम
मैंगनीज 0.027 मिलीग्राम
जिंक 0.04 मिलीग्राम

आम के फल के नुकसान (Mango fruit side effects)

  • आम के कुछ स्थानीय फलों को चूस कर या काटकर सीधे नहीं खाया जा सकता है क्योंकि उसके उपरी भाग में एक केमिकल होता है, जो अगर त्वचा या होठों के ऊपर लग जाए तो खुजली होने लगती है.
  • संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में साल्मोनेला सीरोटाइप न्यूपोर्ट (SN) इंफेक्सन में रिपोर्ट के अनुसार खुजली होने का कारण है, समोनेलोसिज नामक केमिकल का होना.
  • आम खाने के जहा बहुत से फ़ायदे है वही इसके ज्यादा सेवन से नुकसान भी है. चुकि यह खाने में बहुत स्वादिष्ट होता है, जिससे इसका सेवन लोग ज्यादा मात्रा में कर लेते है. इसमें चीनी की मात्रा होने की वजह से यह वजन को बहुत जल्दी बढ़ा देता है इसलिए जो लोग अपना वजन कम करना चाह रहे है उन्हें इसका सेवन कम करना चाहिए.
  • इसमें फाइबर की मौजूदगी की वजह इसको बहुत ज्यादा खाने से दस्त की बीमारी भी हो सकती है. जिन लोगों को मधुमेह की बीमारी है उनको डॉ के सलाह के बिना इसका सेवन नुकसान पंहुचा सकता है. इसलिए इसके सेवन में हमे मात्रा का ध्यान रखना चाहिए अन्यथा ये फ़ायदा की जगह नुकसान भी पंहुचा सकते है.
  • विकासशील देशों में आमों के मौसम के शुरुआत में ही किसानो और फल विक्रेता द्वारा आमों को ऊचें दामों पर बेचने के लिए इनको कृत्रिम तरीके से पकाया जाता है, आमों को कृत्रिम तरीके से पकाने के लिए कैल्सियम कार्बाइड का इस्तेमाल किया जाता है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. इस तरह के केमिकल युक्त फलों के सेवन से मानसिक विकार भी हो सकते है.
  • गर्भवती महिलाओं को भी इसका सेवन हानि पंहुचा सकता है. इसके सेवन से गर्भ में पल रहे बच्चे को शारीरिक और मानसिक विकार भी हो सकता है. इस तरह से पकाया हुआ फल हमारे स्वास्थ्य पर गलत असर लम्बे समय तक डाल सकता है.

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विभूति दीपावली वेबसाइट की एक अच्छी लेखिका है| जिनकी विशेष रूचि मनोरंजन, सेहत और सुन्दरता के बारे मे लिखने मे है| परन्तु साईट के लिए वे सभी विषयों मे लिखती है|
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