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मीना कुमारी का जीवन परिचय | Meena Kumari Biography In Hindi

मीना कुमारी का जीवन परिचय | Meena Kumari Biography In Hindi

मीना कुमारी का नाम बॉलीवुड के महान कलाकारों में आज भी गिना जाता है. मीना एक अलग ही तरह की अदाकारा थीं. इनके अभिनय के कारण ही इन्हें, इनकी मृत्यु के करीब 46 सालों बाद भी याद किया जाता है. बेहद ही कम उम्र में इस दुनिया को छोड़ने वाली ये अभिनेत्री अपनी जिंदगी में जितना कामयाब थी, उतना ही इन्होंने अपनी जिंदगी में दुख भी झेला हुआ था. इनकी जिंदगी कई तरह की ट्रेजडी से भी भरी हुई थी और इसी के चलते इनको ट्रेजडी क्वीन के नाम से भी जाना जाता था. अपनी जिंदगी के ज्यादातर पल दुखों में बिताने के बाद भी इन्होंने कभी भी अपने काम के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया था और कई तरह की बेहतरीन फिल्मों में कार्य किया था.

मीना कुमारी

आज के युवा, मीना कुमारी की जिंदगी से इतना परिचित नहीं हैं और काफी कम लोगों को ही इनकी जिदंगी के बारे में जानकारी है. आज हम अपने इस लेख में आपको भारतीय सिनेमा जगत की इस महान अभिनेत्री का जीवन परिचय देने जा रहे हैं.

मीना कुमारी के जीवन से जुड़ी जानकारी

नाम (Name) मीना कुमारी
असली नाम (Real name) महजबीन बेगम
उप नाम (Nick Name) ट्रेजडी क्वीन
जन्म स्थान (Birth Place) महाराष्ट्र
जन्म तारीख (Date Of Birth) 1 अगस्त 1933
मृत्यु स्थान (Place Of Death) मुंबई
मृत्यु तारीख (Date Of Death ) 31 मार्च, 1972
किस आयु में हुई मृत्यु (Age At The Time Of Death) 38 साल की आयु में
पिता का नाम (Father Name) अली बक्श
माता का नाम (Mother Name) इकबाल बेगम
कुल भाई बहन (Sister And Brother) दो बहनें
लम्बाई (Height) 5’3
पेशा (Occupation) अभिनेत्री और गायक
पति का नाम (Husband) कमाल अमरोही
शिक्षा (College)
शौक (Hobbies) कविता लिखना
उपलब्धियां (Achievements) चार बार जीता फिल्म फेयर अवार्ड
कुल संपत्ति (Net Worth) जानकारी नहीं

मीना कुमारी का जन्म (Meena Kumari Birth Details) –

मीना कुमारी ने साल 1933 में भारत के महाराष्ट्र राज्य में जन्म लिया था. कहा जाता है कि मीना कुमारी के परिवार वाले बेहद ही गरीब हुआ करते थे. जिसके कारण जब इनका जन्म हुआ था, तो इनके परिवार वालों ने इन्हें एक अनाथालय में छोड़ दिया था. हालांकि कुछ समय के बाद इनके परिवार वालों को अपनी गलती का अहसास हुआ और वो मीना को अनाथालय से वापस अपने घर ले आए.

जब इनका जन्म हुआ था तो उस वक्त इनके परिवार वालों ने इनका नाम महजबीन बानो रखा था. लेकिन फिल्मों में आने के बाद इन्होंने अपना ये नाम बदल लिया था और अपना नाम मीना कुमारी रख लिया था. जिसके बाद से इनको इसी नाम से जाना जाने लगा.

मीना कुमारी की शिक्षा (Meena Kumari Education Details)

मीना कुमारी ने बेहद ही कम आयु में फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था. जिसके चलते इन्हें कभी भी पढ़ाई करने का मौका नहीं मिल सका. स्कूल ना जाने के कारण मीना कभी भी पढ़ नहीं सकी. लेकिन मीना ने एक निजी टीचर रख उनसे शिक्षा हासिल की.

मीना कुमारी के परिवार वालों की जानकारी (Meena Kumari Family Details) –

मीना कुमारी का नाता एक मुस्लिम परिवार से था और इनके पिता का नाम अली बक्श था. इनके पिता एक कलाकार हुआ करते थे और थियेटर में कार्य किया करते थे. इनके पिता ने ‘ईद का चंद’ नाम की एक फिल्म में भी एक छोटा सा रोल किया था. लेकिन मीना के पिता एक कामयाब अभिनेता नहीं बन पाए थे. इनके पिता ने अपने जीवन काल में कुल दो विवाह किए थे और उनकी दूसरी पत्नी का नाम इकबाल बेगम था. जो कि मीना कुमारी की मां थीं. मीना की मां का नाता बंगाल राज्य से था और वो एक क्रिश्चियन थीं. इनकी मां ने अपना धर्म बदला था और अपना नाम प्रभाति देवी से बदल कर इकबाल बेगम रख लिया था. मीना की मां भी अभिनय किया करती थी और एक स्टेज डांसर के तौर पर काफी प्रसिद्ध थी.  मीना की कुल दो बहनें थी, जिनमें से एक बहन उनसे बड़ी और दूसरी बहन उनसे आयु में छोटी थी. इन बहनों का नाता भी बॉलीवुड से था और इनकी बड़ी बहन खुर्शीद बानो भी एक कलाकार थी. वहीं इनकी छोटी बहन ने अभिनेता महबूद से निकाह किया था.

मीना कुमारी की लव लाइफ (Meena Kumari Love life)

मीना कुमारी ने लव मैरिज की थी और इनके पति का नाम कमाल अमरोही था. जो कि एक जाने- माने निर्देशक हुआ करते थे. इन दोनों की पहली मुलाकात ‘तमाशा’ नामक फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई थी. इस मुलाकात के बाद अमरोही ने मीना को अपनी फिल्म में काम करने का ऑफर दिया था और इस फिल्म का नाम ‘अनारकली’ था. मीना ने भी इस फिल्म में कार्य करने के लिए अपनी हामी भर दी थी. लेकिन इस फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले ही मीना एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई थी. जिसके चलते मीना के हाथ में चोट लग गई थी और कुछ दिनों के लिए इन्हें अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ा था. कहा जाता है कि इसी हादसे में उनके हाथ की एक छोटी उंगली कट गई थी.

वहीं जैसे ही मीना के अस्पताल में भर्ती होने वाली खबर अमरोही को पता चली, तो वो मीना से मिलने के लिए अस्पताल चले गए और यहां से ही इन दोनों के बीच में दोस्ती शुरू हो गई. कहा जाता है कि अमरोही मीना की खबर लेने के लिए अस्पताल रोजाना जाया करते थे. इस दौरान ये दोनों एक दूसरे को पत्र भी लिखा करते थे. अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद, मीना फोन के जरिए अमरोही से बात किया करती थी. जिस मूवी में अमरोही ने मीना को कार्य करने का ऑफर दिया था वो फिल्म किन्हीं कारणों के चलते बन ना सकी थी. 

साल 1952 में की शादी (Meena Kumari Marriage Life)

एक साल तक मीना और अमरोही के बीच अफेयर चला था और इस अफेयर की खबर मीना के पिता को नहीं थी. मीना ने अपने पिता से छुपकर अमरोही से 14 फरवरी के दिन निकाह किया था. इस निकाह की खबर केवल करीबी दोस्तों और मीना की बहन को ही थी. जिस समय इन दोनों ने ये निकाह किया था, उस समय मीना केवल 19 वर्ष की थी और अमरोही 34 वर्ष के थे. इन दोनों की आयु में काफी ज्यादा अंतर था.

वहीं निकाह होने के बाद मीना अपने घर चले गई थी और अमरोही अपने. दरअसल अमरोही का ये दूसरा निकाह था और पहले निकाह से इन्हें तीन बच्चे थे. जिसके चलते अमरोही भी इस निकाह को दुनिया से छुपाना चाहते थे. लेकिन कुछ समय बाद इस निकाह की खबर मीडिया तक पहुंच गई थी और जैसे ही ये खबर मीना के पिता के पास पहुंची, तो उन्होंने इस शादी का विरोध किया और मीना को आदेश दिया कि वो अमरोही से तुरंत तलाक ले लें. वहीं मीना ने अपने पिता की बात नहीं मानी. हालांकि ये खबर सामने आने के बाद भी मीना अपने पिता के साथ ही रहती थी.

साल 1953 में मीना के पति ने ‘डेरा’ नाम की एक फिल्म में मीना को लेने की इच्छा उनके सामने रखी. लेकिन जब मीना के पिता को इस बात की जानकारी मिली तो उनके पिता ने मीना को ये फिल्म करने के लिए अपनी मंजूरी नहीं दी. मीना के पिता चाहते थे कि मीना इस फिल्म की जगह ‘अमर’ फिल्म में कार्य करें. ये फिल्म महबूब खान द्वारा बनाई जा रही थी. मीना भी अपने पिता की बात मानकर अमर फिल्म में काम करने के लिए राजी हो गई. लेकिन इस फिल्म की शूटिंग के दौरन मीना की लड़ाई महबूब के साथ हो गई थी. जिसके बाद मीना ने इस फिल्म को छोड़कर डेरा फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी थी. वहीं जब ये खबर इनके पिता को मिली तो उन्होंने मीना को कहा कि वो या तो ये फिल्म को छोड़ दे या फिर इस घर को छोड़ दे. पिता की इन दोनों शर्तों में से मीना ने दूसरी शर्त को मनाते हुए अपने पिता का घर छोड़, अपने पति के घर चले गई.

शादी के बाद मीना की जिंदगी (Meena Kumari Life After Marriage)

मीना कुमारी ने शादी के बाद भी फिल्मों में कार्य करना बंद नहीं किया और धीरे-धीरे ये एक सुपरस्टार बन गई. लेकिन उनकी ये तरक्की उनकी शादीशुदा जिंदगी में दरार ला रही थी. दरअसल मीना के पति को ये बिल्कुल भी पसंद नहीं था कि मीना फिल्मों में काम कर रही हैं और तरह-तरह के लोगों से मिल रही हैं. मीना पर उनके पति द्वारा कई तरह की पांबदियां लगाई जाने लगी. उनके पति ने मीना को केवल इसी शर्त के साथ काम करने की अनुमति दी कि उन्हें अपना काम शाम तक खत्म करना होगा और 6.30 बजे तक घर वापस आना होगा. इसके अलावा फिल्म की शूटिंग के दौरान उनके मेकअप रूम में कोई भी पुरुष नहीं होना चाहिए. मीना ने अपने पति की इन शर्तों को मान लिया था. लेकिन इसके बावजूद भी वो अपनी शादी को बचा नहीं सकी.

साल 1964 में अमरोही से हुई अलग (Separation With Husband)

मीना कुमारी ने अपनी शादी को कायम रखने के लिए हर तरह की कोशिशें की, लेकिन साल 1964 में अपने पति की शर्तों से तंग आकर मीना ने उनसे अलग होने का फैसला ले लिया था. कहा जाता है कि ‘पिंजरे के पंछी’ नाम की फिल्म के मुहूर्त के दौरान जब मीना ने अपने मैकअप रूम में गुलजार को आने की अनुमति दी, तो इस बात से खफा होकर उनके पति के सहायक, बाकर अली ने मीना कुमारी को थप्पड़ मार दिया था. इस हादसे के बाद मीना ने अपने पति से अलग होने का फैसला ले लिया था और फिल्म के मुहूर्त का कार्यक्रम खत्म होते ही वो अपनी बहन के साथ उनके घर चले गई थी.

कई लोगों के साथ जुड़ा मीना कुमारी का नाम (Meena Kumari Love Affairs)

अमरोही का घर छोड़ने के बाद मीना कुमारी एकदम अकेली हो गई थी और उस समय इनकी जिंदगी में कई नए लोगों ने दस्तक दी.  कहा जाता है कि इनकी गुलजार के साथ काफी अच्छे संबंध थे, लेकिन कुछ समय के बाद इनकी ये दोस्ती टूट गई थी. जिसके बाद इनका नाम धर्मेंद्र के साथ और फिल्म निर्देशक और निर्माता सावन कुमार तक के साथ भी जोड़ा गया था.

मीना कुमारी का फिल्मी करियर (Meena Kumari Filmy Career) –

  • इस महान अदाकारा ने एक चाइल्ड आर्टिस्ट बनकर कई फिल्मों में काम किया था और छोटी सी आयु में ही मीना ने 12 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया था. मीना के पिता एक अभिनेता थे इसलिए मीना को आसानी से फिल्मों में कार्य मिल गया था.
  • साल 1946 तक मीना कुमारी को महजबीन के नाम से जाना जाता था. लेकिन इस साल आई फिल्म ‘बच्चों का खेल’ में इन्होंने अपने असली नाम के साथ काम नहीं किया था और इस फिल्म में अपना नाम बदल लिया था . इस फिल्म के के बाद से इन्हें मीना कुमारी नाम से जाना जाने लगा था.
  • जिस वक्त इन्होंने अपना असली नाम बदला था, उस वक्त इनकी आयु 13 वर्ष की थी. इस फिल्म से पहले इन्होंने अपने असली नाम ‘महजबीन’ के साथ कुल 11 फिल्में की थी.
  • बैजू बावरा फिल्म में पहली बार बतौर फीमेल लीड इन्होंने कार्य किया था. ये फिल्म साल 1952 में आई थी. इस फिल्म के बाद साल 1953 में ‘परिणीता’ नाम की फिल्म में भी इन्होंने बतौर एक लीड कलाकार कार्य किया था.
  • मीना ने चांदनी चौक, आजाद, एक ही रस्ता, शारदा, सहारा, कोहिनोर, शरारत और इत्यादि फिल्मों में काम किया था और ये फिल्में जनता द्वारा काफी पसंद की गई थी.
  • साहिब बीबी और गुलाम फिल्म इनके जीवन की सबसे कामयाब फिल्म थी. ये फिल्म इनकी शादी के बाद यानी साल 1962 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म ने मीना कुमारी को एक नए ही मुकाम तक पहुंचा दिया था. इस फिल्म के बाद मीना कुमारी को हर कोई अपनी फिल्म में लेना चाहता था. बेहद ही कम उम्र में मीना कुमारी ने बॉलीवुड में काफी बड़ा मुकाम हासिल कर लिया था.
  • वहीं मीना कुमारी द्वारा की गई कुछ अन्य फिल्मों के नाम इस प्रकार हैं- मैं भी लड़की हूं (1964), काजल (1965), फूल और पत्थर (1966), बहू बेगम (1967), जवाब (1970) और पाकीजा (1972).
  • पाकीजा फिल्म को मीना कुमारी के पति ने बनाया था और इस फिल्म में मीना कुमारी ने अहम भूमिका निभाई थी. ये फिल्म साल 1972 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म के जरिए मीना और उनके पति एक बार फिर करीब आ सके थे. कहा जाता है कि ये फिलम अमरोही का ड्रीम प्रोजेक्ट था और इस फिल्म को बनाने में मीना कुमारी ने इनकी काफी मदद की थी.
  • जब पाकीजा फिल्म की शूटिंग चल रही थी, उस वक्त मीना कुमारी बेहद ही बीमार थी. डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की हिदायत दी थी, लेकिन फिर भी उन्होंने इस फिल्म में काम किया. ये फिल्म 4 फरवरी, 1972 को रिलीज हुई थी और इस फिल्म के प्रीमियर पर मीना कुमारी अपने पति के साथ आई हुई थी.

साल 1972 में हुई मीना कुमारी की मौत (Meena kumari death )

पाकीजा फिल्म रिलीज होने के कुछ हफ्तों के अंदर ही मीना कुमारी इस दुनिया से विदा हो गई था. 38 वर्षीय ये अभिनेत्री काफी लंबे समय से बीमार चल रही थी. इस अभिनेत्री ने 31 मार्च, 1972 में अपनी अंतिम सांस ली थी. इनका निधन सेंट एलिजाबेथ नर्सिंग होम में हुआ था. वहीं इनके पति की मृत्यु साल 1993 में हुई थी और इनके पति को मीना की कबर के पास ही दफनाया गया था.   

किन कारणों से हुई थी मीना की मृत्यु (Cause Of Death )

अपने पति से अलग होने के कारण मीना कुमारी काफी दुखी  रहने लगी थी और उनको नींद ना आने की बीमारी हो गई थी. जिसके चलते इन्होंने एक डॉक्टर से संपर्क किया था. डॉक्टर ने इन्हें कुछ दवा दी और नींद ना आने पर थोड़ी सी शराब पीने को कहा. वहीं डॉक्टर की ये सलाह मीना के लिए काफी खतरनाक साबित हुई और उन्हें शराब पीने की आदत लग गई. इस आदत के कारण उनका लिवर खराब हो गया था. जिसके बाद अपनी इस बीमारी का इलाज मीना ने विदेशों से भी करवाया था. जब मीना बीमार थी उसी वक्त इनके पति ने इन्हें अपनी एक फिल्म ऑफर की थी. इस ऑफर को मीना ने मंजूर कर लिया था. पाकीजा नामक  इस फिल्म में काम करने दौरान ही मीना की तबीयत और खराब हो गई थी. जब ये फिल्म बनकर रिलीज हुई, तो उसी समय मीना की मौत हो गई थी.

मीना कुमारी को मिले पुरस्कार (Awards And Achievements) –

मीना कुमारी को कुल 12 फिल्मों के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड में नॉमिनेट किया गया था और इन 12 फिल्मों में से इन्होंने चार फिल्मों के लिए ये पुरस्कार जीता भी था. मीना ने जिन-जिन फिल्मों के लिए ये पुरस्कार जीता था, उनके फिल्मों के बारे में नीचे जानकारी दी गई है.

  • मीना कुमारी ने अपने नाम कई सारे पुरस्कारों को किया है. इन्हें साल 1952 में बैजू बावरा नाम की फिल्म के लिए अपना पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था. इस फिल्म में इन्होंने गौरी नाम की एक लड़की का किरदार निभाया था और इस किरदार के लिए इन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का इनाम दिया गया था.
  • साल 1953 में इस महान अभिनेत्री ने ‘परिणीता’ फिल्म के लिए अपना दूसरा फिल्मफेयर अवॉर्ड अपने नाम किया था. ये पुरस्कार भी इन्हें बेस्ट एक्ट्रेस की श्रेणी में मिला था. इस फिल्म के अलावा इन्हें काजल फिल्म के लिए भी ये पुरस्कार मिला था.
  • साहिब बीबी और गुलाम फिल्म में मीना कुमारी द्वारा निभाए गए किरदार की तारीफ हर किसी ने की थी और ये फिल्म इनकी जिंदगी की बेहतरीन फिल्मों में से एक थी. इस मूवी के लिए मीना ने एक ओर फिल्मफेयर अवॉर्ड अपने नाम किया था और ये पुरस्कार इन्हें एक्ट्रेस की श्रेणी में दिया गया था. इतना ही नहीं इस फिल्म को बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म समारोह के लिए भी नामांकित किया गया था.
  • भारत डाक विभाग द्वारा मीना की याद में साल 2011 में एक डाक टिकट बनाया था और इस टिकट को 13 फरवरी के दिन जारी किया गया था. इसके अलावा इन्हें बंगाल फिल्म पत्रकार एसोसिएशन अवॉर्ड्स (बीएफजेए) की और से भी कई सारे अवार्ड दिए गए थे.

मीना कुमारी से जुड़ी अन्य बातें (Interesting Facts About Meena Kumari ) –

  • मीना कुमारी को पोयम लिखना काफी पसंद था और इन्होंने कई सारी कविताएं यानी पोयम लिखी थी. वहीं काफी कम लोगों को ये पता है कि इन्होंने बतौर एक गायक भी कई सारी फिल्मों में अपनी आवाज दी थी.
  • मीना कुमारी की जिंदगी के ऊपर कई सारी किताबें लिखी गई हैं. लेकिन उनकी मृत्यु के बाद जो पहली किताब इनके जीवन के ऊपर लिखी गई थी, उसका नाम द मीना कुमारी – द क्लासिक बायोग्राफी थी. ये किताब साल 1972 में लिखी गई थी. इस किताब को विनोद मेहता द्वारा लिखा गया था. इस किताब के अलावा मीना कुमारी द्वारा लिखी गई कविताओं को भी एक किताब में प्रकाशित किया गया था.
  • मीना कुमारी ने पाकीजा फिल्म को बनाने में अपने पति की आर्थिक सहायता भी की थी. इस फिल्म को देखने के बाद मीना ने अपने दोस्त से अपने पति की तारीफ करते हुए कहा था कि वो एक उम्दा निर्देशक हैं.
  • मीना कुमारी की आखिर फिल्म का नाम गोमती के किनारे थे, जो कि इनकी मृत्यु के बाद रिलीज हुई थी. इस फिल्म में इन्होंने गंगा नाम की लड़की भूमिक निभाई थी.

मीना कुमारी की बायोपिक (Meena kumari Biopic in hindi)

मीना कुमारी के जीवन पर एक बायोपिक भी बनाई जा रही है. इस फिल्म को फिल्म निर्देशक  करण राजदान द्वारा बनाया जा रहा है. खबरों में पहले आया था कि इस फिल्म को करने के लिए एक्ट्रेस विद्या बालन ने अपनी मंजूरी दे दी थी. लेकिन विद्या बालन ने कुछ कारणों के चलते बाद में इस फिल्म में कार्य करने से मनाकर दिया था. जिसके बाद इस फिल्म में सनी लियोन के होने की खबर मीडिया में आई थी.

वहीं इस फिल्म के निर्देशक ने मीडिया में दिए गए अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने इस फिल्म की कहानी माधुरी दीक्षित को सुनाई थी. लेकिन उन्होंने इस फिल्म में कार्य करने से मनाकर दिया था. जिसके बाद विद्या को ये फिल्म मिली थी. लेकिन इस फिल्म में कार्य करने से विद्या ने भी मनाकर दिया था. सनी ने इस फिल्म में काम करने के लिए अपनी इच्छा जाहिर की थी.

मीना कुमारी के जीवन पर इससे पहले भी कई सारी फिल्में बनाने की घोषणा हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई भी फिल्म नहीं बन सकी है. वहीं हम उम्मीद करते हैं कि करण द्वार बनाई जा रही इस फिल्म का कार्य जल्द पूरा हो जाए और हम मीना कुमारी के जीवन की कहानी को बड़े पर्दे पर देख सकें.

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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