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मेरी आवाज सुनो ओल्ड दूरदर्शन टीवी रियलिटी शो | Meri Awaz Suno Doordarshan old tv show in hindi

मेरी आवाज़ सुनो, यह दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाला सबसे प्रसिद्ध और पहला संगीत का रियलिटी शो था, जोकि बहुत ही लोकप्रिय था. दूरदर्शन 80 – 90 के शतक में सबसे ज्यादा चलने वाला और लोगों का पसंदीदा चैनल था. उस समय इस चैनल में बहुत से मनोरंजक शोज प्रसारित किये जाते थे जोकि उस समय के लोगों का मनोरंजन का साधन था. “मेरी आवाज़ सुनो” रियलिटी शो भी एक मनोरंजक शो था. भारतीय टेलीविजन  में पहली बार इस तरह का शो दिखाया गया, जिसके माध्यम से लोग इस शो में भाग ले कर अपनी प्रतिभा दिखा सके. यह पहला गायन प्रतिभा दिखाने वाला शो था, जोकि शुद्ध प्रतिभा पर आधारित था, एवं उस समय बिना जनता की राय के संगीत के गुरुओं द्वारा ही विजेता की घोषणा की जाती थी.

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मेरी आवाज़ सुनोशो की जानकारी

मेरी आवाज़ सुनो शो की जानकारी निम्न सूची में दर्शाई गई है-

क्र. . जानकारी बिंदु जानकारी
1. शो का नाम मेरी आवाज़ सुनो
2. प्रसारण दूरदर्शन
3. भाषा हिंदी
4. कंट्री भारत
5. विषय गायकी रियलिटी शो
6. प्रोडक्शन हाउस यश चोपड़ा जी की कम्पनी मेटाविज़न
7. निर्देशक रत्ना राजेश
8. निर्माता पामेला चोपड़ा, संजीव कोहली
9. कथा लेखक सरोश भाभा
10. तारीख अक्टूबर, सन 1996
11. सीजन 1
12. समय आधे घंटे
13. होस्ट अन्नू कपूर
14. जजेस जतिन, ललित, लता मंगेशकर, मन्ना डे, अनूप जलोटा आदि.

“मेरी आवाज़ सुनो” रियलिटी शो सन 1996 में अक्टूबर माह में दूरदर्शन चैनल पर प्रसारित हुआ था. जिसका अब तक सिर्फ एक ही सीजन आया है. इस शो के एंकर एवं होस्ट गायक अन्नू कपूर थे, एवं इस शो में जज संगीत जगत के ऐसे गायक थे, जोकि बहुत प्रतिभान थे उनमें से कुछ जज जतिन, ललित, लता मंगेशकर, मन्ना डे, अनूप जलोटा, भूपेन हज़ारिका और पंडित जसराज आदि थे. यह शो पहला गायकी रियलिटी शो था जोकि टेलीविजन पर आया इसके माध्यम से उस समय के कई प्रतिभा शाली लोग इस शो का हिस्सा बने.

वैसे आज के समय में बहुत से रियलिटी शो आते है, जिसमे लोग अपने अलग – अलग प्रकार की प्रतिभाओं को प्रदर्शित करते है. किन्तु उस समय ऐसा नहीं था उस समय लोगों को काफी संघर्ष का सामना करना पड़ता था. फिर उन्हीं के लिए इस तरह के शो की शुरुआत हुई जोकि काफी लोकप्रिय रहा. लोगों की संगीत की दुनिया में काफी दिलचस्पी होती है. इसलिए लोगों ने इस शो को पसंद भी किया. इस शो में बहुत से लोगों ने भाग लिया. उन सभी प्रतिभागियों ने अपनी गायन प्रतिभा को प्रदर्शित किया और उनमें से एक विजेता घोषित किये गए.

मेरी आवाज़ सुनो शो का फॉर्मेट

“मेरी आवाज़ सुनो” शो का फॉर्मेट, आज के समय के रियलिटी शोज से अलग था. उस समय यह बहुत कठिन था, हर एक प्रतिभागी को हर तरह के गाने गा कर अपनी गायकी की प्रतिभा को प्रदर्शित करना होता था. शो की शुरुआत अन्नू कपूर के गाने के साथ होती थी. उसके बाद वे जजेस और प्रतिभागियों को एक दुसरे से इंट्रोड्यूस कराते थे. शो में तीन चरण होते थे. वे इस प्रकार हैं-

  • पहले चरण में हर एक प्रतिभागी को मंच के बीच में आकर अपनी पसंद का गाना गाना होता था, वह गाना किसी भी प्रकार का हो सकता था जैसे –गज़ल, क्लासिक और कोई भी.
  • दुसरे चरण में गायक एक फ़िल्म क्लिप के लिए गाना गाते थे, यह चरण प्लेबैक सिंगिंग की तरह ही था. किसी भी प्रसिद्ध गाने की फ़िल्म की क्लिप दिखाई जाती थी फिर प्रतिभागी को उस क्लिप के अनुसार गाना गाना होता था. अंक इस पर निर्भर करते थे कि प्रतिभागी कैसे अपने आप को उस क्लिप में चल रहे गाने के साथ ताल मेल बैठाते हैं.
  • तीसरे और अंतिम चरण में होस्ट प्रतिभागियों को उसी समय एक टॉपिक देते है, और उनको एक के बाद एक उस पर गाना गाना होता था. जैसे यदि उन्होंने पुछा गजल तो उन्हें बिना समय लगाये गजल गानी होती थी.

इस तरह इस शो का फॉर्मेट चलता था. इस शो के हर एपिसोड में जजेस का एक पैनल होता था. हर एक में पैनल में 2 या 3 जजेस होते थे. इस शो में जनता की किसी भी प्रकार की सलाह नहीं ली जाती थी. उस समय फ़ोन, मेसेज का तो चलन ही नहीं था.

आज के रियलिटी शो की तुलना में

आज के समय में टेलीविजन पर कई रियलिटी शो का आगमन होता रहता है, किन्तु वे सभी शो “मेरी आवाज़ सुनो” शो से बिलकुल अलग है. क्यूकि इस शो का फॉर्मेट आज के समय के रियलिटी शो से बिलकुल ही अलग था, खास करके वोटिंग की प्रक्रिया. “मेरी आवाज़ सुनो” रियलिटी शो में बहुत से जजेस होते थे जिनके कई पैनल होते थे. वे पैनल के अकार्डिंग शो को जज करते थे, किन्तु आज के समय में जजेस का एक ही पैनल होता है जोकि शो की शुरुआत से अंत तक चलता है. ऐसे में जजेस प्रतिभागियों को अंक देने में भेदभाव करने लगते हैं.

आज के रियलिटी शो में जनता द्वारा वोटिंग प्रक्रिया होती है जिससे प्रतिभागी के घरवाले, रिश्तेदार और दोस्त उन्हें ज्यादा वोट देते है. किन्तु “मेरी आवाज़ सुनो” शो में सिर्फ शो में बैठी हुई जनता की उसी वक्त राय ली जाती थी, जिससे भेदभाव होने का कोई चांस नहीं रहता था. यह एक ऐसा शो था जिसमें असली प्रतिभा की खोज होती थी यानि असली प्रतिभा को देखते हुए अंक दिए जाते थे नाकि लोकप्रियता को देखते हुए. यह पहला रियलिटी शो था, जोकि सबसे बेहतर था.

मेरी आवाज़ सुनोशो के कुछ रोचक तथ्य

मेरी आवाज़ सुनो रियलिटी शो के कुछ रोचक तथ्य इस प्रकार हैं-

  • यह रियलिटी शो टेलीविजन पर आने वाला पहला गायन प्रतिभा पहचानने वाला शो था.
  • इस शो में कई जजेस थे जोकि संगीत की दुनिया के गुरु थे. उनमें से कुछ पंडित जसराज, जतिन, ललित, लता मंगेशकर, मन्ना डे, अनूप जलोटा, भूपेन हज़ारिका आदि और भी गुरु थे. इनकी पैनल होती थी जिसके अनुसार वे इस शो को जज करते थे. लता मंगेशकर की जीवनी के बारे में यहाँ पढ़ें.
  • इस शो के विजेता प्रदीप सोमा सुदाराम रहे. इसके अलावा एक और विजेता प्रतिभागी थी जोकि आज के समय की बहुत बड़ी एवं मशहूर गायिका हैं, वे हैं सुनिधि चौहान.
  • सुनिधि चौहन सिर्फ 13 साल की थी जब वे इस शो का हिस्सा बनी तथा उन्होंने अपनी गायन प्रतिभा को प्रदर्शित कर इस शो को जीता.
  • लता मंगेशकर जी ने सुनिधि चौहान को गोल्डन वोइस के नाम से पुकारा, सुनिधि आज बॉलीवुड में एक बहुत बड़ी गायिका के रूप में प्रसिद्ध हैं.
  • प्रदीप सोमासुदाराम पेशे से इंजीनियर थे एवं उन्होंने अपनी गायन प्रतिभा को ना चुनते हुए अपने इंजीनियरिंग के कैरियर को चुना.
  • इस शो के टाइटल सोंग को लता मंगेशकर जी ने गाया.
  • इस शो के एंकर एवं होस्ट अन्नू कपूर जी थे.

इस तरह यह शो दूरदर्शन चैनल पर बहुत ही प्रसिद्ध हुआ, एवं लोगों को यह पसंद भी आया.

Ankita

अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
Ankita

One comment

  1. Bahut hi achhi jankari hai. Thanks for sharing

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